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CBSE-Term-2-Exam-Date-Sheet-2022-min

सीबीएसई 12वीं की टर्म-2 परीक्षा की तारीख घोषित , परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू होंगी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने 10वीं और 12वीं की टर्म-2 परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है, परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू होंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन मोड में कराए जाएंगे. छात्रों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा के लिये एग्‍जाम सेंटर पर उपस्थित होना होगा। सीबीएसई द्वारा ये भी कहा गया है कि जल्द ही बोर्ड परीक्षा की डेट शीट ऑफिशियल वेबसाइट https://www.cbse.gov.in पर जारी की जाएगी। परीक्षा का पैटर्न ठीक वैसा ही रहेगा, जैसा कि सैम्‍पल पेपर में दिया गया है।

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https://www.jru.edu.in/programs/faculty-of-commerce-management/bba/

कोरोना के खतरे को देखते हुए सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं टर्म 1 और 2 में करने का फैसला किया गया था। जिसके अनुसार क्लास 10 टर्म-1 परीक्षाएं 17 नवंबर से 11 दिसंबर तक कराई गई थीं और 12वीं क्लास की परीक्षाएं 16 नवंबर से 22 दिसंबर 2021 के बीच आयोजित हुई थी।

https://www.jru.edu.in/programs/department-of-agriculture-2/b-sc-hons-agriculture/

10वीं और 12वीं की टर्म-1 परीक्षा परिणाम की राह देख रहे छात्र-छात्राओं का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बोर्ड ने अपने सर्कुलर में 10वीं और 12वीं की टर्म-2 परीक्षा की तारीख घोषित करते हुए कहा है की अब जल्दी ही टर्म-1 के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे। हालांकि बोर्ड ने आधिकारिक रूप से रिजल्ट की तारीख और समय जारी नहीं किया है।

https://jru.edu.in/OnlineApplicationForm/

सीबीएसई ने सत्र 2021-22 के एकेडमिक सेशन के लिए 10वीं और 12वीं के सिलेबस में बड़े बदलाव किया है. जिसके अनुसार 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी। हर टर्म में 50 प्रतिशत सिलेबस कवर किया जाएगा। टर्म एग्जाम 90 मिनट के होंगे।

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इंडियन आर्मी में लॉ ग्रेजुएट्स के लिए विशेष अवसर

भारतीय सेना में सेवा देना प्रतिष्ठा और गौरव की बात ही नहीं इससे भी कुछ बढ़ कर है। यहाँ सेवा देना केवल जॉब करना नहीं है बल्कि रॉयल लाइफ को सर्विस के साथ एन्जॉय करना है। हर युवा का सपना होता है की उसे भी सेना की वर्दी और उस डिसिप्लिन लाइफ को एक बार जीने का मौका मिले इस सेवा के लिए चयन प्रक्रिया बेहद बेहद कठिन है और स्मार्ट और टैलेंटेड माइंड्स ही अंतिम तौर पर चयनित हो पाते है।

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https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/bachelor-of-laws-llb/

भारतीय सेना ऐसे ही स्मार्ट और टैलेंटेड युवा -युवतियों को जिन्होंने लॉ की डिग्री प्राप्त की है उनके लिए समय समय पर आवेदन निकाला करती है। 3 वर्षीय लॉ ग्रेजुएट कोर्स और इंटीग्रेटेड ( 5 इयर्स ) लॉ कोर्स कर रहे स्टूडेंट्स इस सेवा के लिए पात्र है। भारतीय सेना में जज एडवोकेट जनरल एंट्री स्कीम ( JAG) के तहत कानून में स्नातक स्टूडेंट्स के लिए नियुक्तियाँ प्रकाशित होती रहती है।
https://www.jru.edu.in/blog-post/study-law-at-ranchi/

शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी ) के तहत इक्छुक युवा जिन्होंने 55 प्रतिशत अंको के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की है या फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स है आवेदन कर सकते है। इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया/स्टेट के साथ एडवोकेट के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र होना आवश्यक शर्त है। आवेदक की उम्र 21 से 27 साल के बीच होनी चाहिए। चयन के लिए अभियर्थियों को एसएसबी इंटरव्यू से गुजरना होता है।
https://www.jru.edu.in/blog-post/career-in-llb-course/

चयनित उम्मीदवारों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई में 49 हफ्तों का प्रशिक्षण होता है। कमिशन मिलने की तारीख से उम्मीदवार को 6 माह के प्रोबेशन पीडियड से गुजरना होता है। प्रोबेशन पीरियड पूरा होने पर चयनित जेंटल मैन कैडेट के रूप में ट्रेनिंग अकादमी से बाहर निकलते है और लेफ्टिनेंट के पद पर कार्य करते है।

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इएलपी : क्रिटिकल थिंकिंग और मैनेजेरियल स्किल्स का विकास

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Admission Open for session 2022

स्टूडेंट्स को अच्छी एजुकेशन देने का सबसे बढ़िया तरीका है कि उसको कमरे की चारदीवारी से बाहर निकाल कर वास्तविक चीजों से प्रयोग करके सिखाया जाए। इससे उनमें क्रिटिकल थिंकिंग और खुद ही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। यह सब होता है – एक्स्पेरीएन्शल लर्निंग से। एक्स्पेरीएन्शल लर्निंग यानी प्रयोग करके सीखना पढ़ाने का बहुत सरल तरीका है। कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में शामिल छात्रों के लिए अंतिम वर्ष के दो सेमेस्टर में एक्स्पेरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम (ELP ) चलाये जाते है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, राँची द्वारा संचालित कृषि स्नातक प्रतिष्ठा 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है। 12 वीं के बाद इंजीनियरिंग और मेडिकल में नहीं जाने वाले छात्रों में यह पसंदीदा कोर्स है। फिफ्थ डीन कमिटी की अनुशंसाओं के तहत इस पाठ्यक्रम को प्रायोगिक, गुणवत्तापूर्ण और नेशनल एग्रो इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप तैयार किया है। नियमित कक्षा, सेमेस्टर सिस्टम, समय पर परीक्षा और परिणाम का प्रकाशन के साथ अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए एक्स्पेरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम और रूरल एग्रीकल्चर वर्क एक्सपीरियंस नियमित तौर पर करवाए जाते है। पढ़ाई के दौरान सेमिनार, वर्कशॉप, एजुकेशनल टूर के अलावा प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप भी आयोजित करवाया जाता है।

एक्स्पेरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम (ELP) :
इएलपी फाइनल ईयर के विद्यार्थियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। यह 6 महीनों तक चलता है और इस दौरान उन्हें खेती बारी से जुड़े कार्य सफलतापूर्वक पुरे करने होते है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रांची, नामकुम प्रखंड स्थित स्थायी कैम्पस में बीएससी एग्रीकल्च ऑनर्स पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। 20 एकड़ का विस्तृत भू-भाग में विद्यार्थियों को इएलपी से जुड़े कार्य करने के लिए आवंटित है। इससे जुड़े कार्यों में मार्गदर्शन देने के लिए विशेष शिक्षक नियुक्त होते है जो मार्गदर्शन देने का कार्य करते है। विभाग में सभी शिक्षकों का पदस्थापन स्थायी रूप से किया गया है जो कृषि विषय में डॉक्टरेट कि डिग्री प्राप्त है। पाठ्यक्रम का निर्माण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) एवं पांचवीं डीन रिपोर्ट कि अनुसंशाओं के अनुसार किया गया है।

इएलपी के लिए यूनिवर्सिटी से मिलने वाली सुविधाएँ :

  • प्रत्येक विद्यार्थी को स्पष्ट निर्देशित भू भाग
  • कृषि कार्य हेतु खाद- बीज की उपलब्धता
  • सिंचाई की सुविधा
  • कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर की सुविधा
  • खरपतवार / निराई गुड़ाई के लिए संकल्पित कार्यबल
  • विषय और कार्य पर जानकारी देने के लिए अनुभवी शिक्षक का मार्गदर्शन
  • प्राप्त उपज को बाजार तक ले जाने की सुविधा
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बैचलर इन फिजिओथेरेपी: डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस करने का सुनहरा अवसर

फिजियोथेरेपी मेडिकल साइंस की एक ब्रांच है। इसे साधारण अर्थों में बाहरी हिस्से का इलाज करना अथवा रोगी के शारीरिक इलाज के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी बीमारियों से लड़ने के लिए उसे मज़बूत बनाता है। एक फिजियोथेरेपिस्ट का कार्य प्रोफ़ाइल निवारक, नवनिर्माण और पुनर्वास होता है। आज के संदर्भ में एक फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए इस कैरियर को बनाने की एक अच्छी गुंजाइश है न केवल मौद्रिक भाग्य में अच्छा है बल्कि समाज में उच्च सम्मान प्राप्त करने के लिए भी बहुत अच्छा है।

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अगर आप ने किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं की पढ़ाई पूरी की है तो आप इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं । इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आप फिजिओथेरेपिस्ट, रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट एडवाइजर स्पोर्ट्स फिजिओथेरेपिस्ट भी बन सकते हैं । सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों जगहों पर अवसर मौजूद हैं ।

बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी https://www.jru.edu.in/programs/bpt/ की पढ़ाई के लिए रांची में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी एक विश्वसनीय नाम है। यूजीसी और नैक की मान्यता प्राप्त यह यूनिवर्सिटी बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल का एकलौता प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जिसके बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री फ्रेंडली करिकुलम, अनुभवी शिक्षकों स्किल बेस्ड एजुकेशन, लैंगवेज लैब सुविधा और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी के कारण मान्यता मिला है।

फिजियोथेरेपी एक चिकित्सा उपचार है जो चोट की रोकथाम, पुनर्वास, समग्र फिटनेस और स्थायी चिकित्सा का एक संयोजन है। फिजियो ज्यादातर अंगों की गतिविधियों पर केंद्रित होता है और वह विज्ञान है जो इस मुद्दे के चारों ओर घूमता है कि किसी अंग को विकलांगता की अवस्था से कैसे निकाला जाय या उसका कम काम करने वाला अंग कैसे फिर से ठीक से काम करने लगे; फिजियोथेरेपी से रोगियों को अधिकतम शक्ति (किसी भी आगे की चोट से पहले) को बहाल करने में मदद कर सकती है।

हम बात कर रहे है फिजिओथेरेपी कोर्स https://www.jru.edu.in/blog-post/be-a-doctor-without-passing-neet-exam-with-bpt/ के बारे में जिसे करने के बाद आप किसी प्रशिक्षित डॉक्टर की तरह एडवाइस देना, मेडिटेशन और एक्सरसाइज सजेस्ट करना, थेरेपी और ट्रीटमेंट के जरिये मरीज को ठीक करने का काम कर सकते है। फिजिओथेरेपी कोर्स कई मायनों में काफी अलग और महत्वपूर्ण है। सर्जरी, क्रोनिक के अलावा न्यूरोलॉजिकल बिमारियों में भी यह मददगार साबित हुआ है।

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यह एकलौता ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद आप अपने नाम के साथ साथ डॉक्टर भी लिख सकते है और प्रैक्टिस शुरू कर सकते है। किसी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम के साथ जुड़ कर काम कर सकते है या खुद की क्लिनिक खोल कर प्रैक्टिस शुरू कर सकते है। फिजियोथेरेपी मेडिकल साइंस का पॉपुलर ब्रांच है। फिजियोथेरेपी में डिग्री और डिप्लोमा के साथ मास्टर डिग्री और पीएचडी तक किया जा सकता है।

करियर के लिहाज से बैचलर इन फिजिओथेरेपी https://www.jru.edu.in/physiotherapy-lab/आप के लिए बेस्ट है। यह चार वर्षीय डिग्री कोर्स है, इसके बाद 6 माह की इंटर्नशिप भी पूरी करनी होती है। इंटर्न बनाकर काम करने और सिखने का मौका मिलता है।

माइनिंग इंजीनियरिंग : बेहतर भविष्य और जॉब की गारंटी

झारखंड की पहचान प्राकृतिक सौंदर्य के साथ प्रचुर खनिज संपदा से भी है। खनिज संपदा और खनन का महत्व इससे ही स्पष्ट होता है की भारत सरकार के उद्यम और मिनीरत्न कंपनियों सीसीएल, बीसीसीएल, मेकॉन, सीएमपीडीआई का मुख्यालय रांची में स्थित हैं।

खनिज देश के विकास में मेरुदंड है और इसे निकालने के लिए कुशल कारीगर और इंजीनियर चाहिए। राज्य में आईआईटी धनबाद और बीआईटी सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी स्थापित हैं। इन प्रतिष्ठित संस्थाओं में एक नाम झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची भी है। मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों की बात करें तो बेहद कम समय में अपनी विशिष्ट पहचान के कारण यहाँ बिहार, बंगाल, ओडिशा ,तेलंगाना जैसे राज्यों के मेधावी विद्यार्थी माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते है । इंडस्ट्री की मांग को ध्यान में रखते हुए नवीनतम पाठ्यक्रम, अनुभवी शिक्षकों और छात्र केंद्रित गतिविधियों ने इसे अलग पहचान दिलाई है। (MINING ENGINEERING ADMISSION FORM 2022)

राज्य में माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कुछ चुनिंदा संस्थानों में होती है सरकारी संस्थानों में आईआईटी धनबाद, बीआईटी सिंदरी, सीआईएमएफआर धनबाद और गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक निरसा के अलावा छात्रों की पहली पसंद झारखंड राय यूनिवर्सिटी है।

राजधानी रांची में स्थित होने के कारण राज्य के अन्य जिलों से छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं क्योंकि धनबाद के अलावा अन्य किसी जिले में माइनिंग की पढ़ाई नहीं होती है। यूनिवर्सिटी का डिपार्टमेंट ऑफ़ माइनिंग इंजीनियरिंग दो कोर्स का संचालन करता है। दोनों ही रेगुलर कोर्स है ।

यहाँ से माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री सेंट्रिक सिलेबस के साथ इस फील्ड के अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन समय समय पर मिलता रहता है। इसके अलावा प्रैक्टिकल एजुकेशन की जरुरत को पूरा करने के लिए इंडस्ट्री विजिट,इंटर्नशिप,वर्कशॉप,गेस्ट लेक्चर, माइंस विजिट भी नियमित तौर पर करवाई जाती है।

सीसीएल, मेकॉन, सीएमपीडीआई, एचईसी, सेल जैसे बड़े उद्यमों का मुख्यालय रांची में होने के कारण छात्रों को एक्सपोजर के साथ अवसर भी मिलता है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें इस क्षेत्र में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।

अगर आप भी माइनिंग इंजीनियर बनने का सपना रखते है तो यह एक बेहतरीन कोर्स है जिसमें शामिल होकर आप देश और विदेश ने नामी गिरामी कंपनियों में अपनी सेवा दे सकते है। माइनिंग इंजीनियर में डिप्लोमा कोर्स 3 वर्षीय पाठ्यक्रम है। प्राइमरी लेवल इंट्री के लिए बेस्ट ऑप्शन है जिसे करने के बाद आप माइनिंग सरदार जैसे पद पर कार्य कर सकते है। बीटेक इंजीनियरिंग 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है जिसे पूरा करने के बाद आप जूनियर इंजीनियर के तौर पर माइनिंग इंडस्ट्री ज्वाइन कर सकते है और मेहनत और लगन के साथ काम करते हुए कुछ ही वर्षों में उच्चतम वेतनमान प्राप्त करसकते है। Mining Engineering 2022

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी द्वारा स्टूडेंट को बेहतर माइनिंग इंजीनियर के तौर पर तैयार होने के लिए निम्नलिखित सुविधाएं दी जाती हैं :-

  • 100 प्रतिशत पीडीपीटी (पोस्ट डिप्लोमा प्रैक्टिकल ) ट्रेनिंग। यह ट्रेनिंग संपन्न होती है सीसीएल,एसीएल और बीसीसीएल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में।
  • कोर्स के दौरान व्यावहारिक (वोकेशनल ) प्रशिक्षण की सुविधा।
  • पढ़ाई के दौरान इंडस्ट्रियल विजिट की सुविधा जिनमें सीएमपीडीआई, सीआईएमएफआर, जीएसआई जैसे संस्थान शामिल है ।
  • गैस टेस्टिंग एग्जामिनेशन और लैंप हैंडलिंग सर्टिफिकेट प्राप्त करने में सहयोग।
  • ओवरमैन एग्जामिनेशन पास करने के लिए कैंपस में फ्री प्रतियोगिता परीक्षा तैयारी की सुविधा।
  • डायरेक्टर जेनेरल ऑफ़ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस ) द्वारा दी जाने वाली योग्यता जाँच प्रमाणपत्र को प्राप्त करने में सहयोग।
  • बोर्ड ऑफ़ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (बीओपीटी ) कोलकाता द्वारा मान्यता प्राप्त।
  • योग्य और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन।
  • इन हाउस मॉडर्न माइनिंग लेबोरेटरी की सुविधा ।
  • बीटेक माइनिंग इंजीनियरिंग कर रहे स्टूडेंट्स को गेट परीक्षा की निः शुल्क तैयारी है।

NEET परीक्षा में नहीं हुआ चयन तो न हो निराश, BPT कोर्स देता है डॉक्टर बनने और प्रैक्टिस करने का मौका

देश में 550 मेडिकल कॉलेज है और इनमें 80 हजार सीटों पर हर वर्ष एडमिशन हुआ करता है। लेकिन आप जानते है यूजी नीट(NEET) परीक्षा में हर साल 10 से 15 लाख स्टूडेंट बैठते है और 10 प्रतिशत से भी कम स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए चुने जाते है। कई स्टूडेंट्स रिपीटर बनकर फिर एक उम्मीद के साथ अगले एक साल के लिए अपने को झोंक देते है की अगली बार उनका नंबर आएगा। लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं की अगली बार भी सफलता मिलेगी। अब क्या करें? मेडिकल प्रोफेशनल और डॉक्टर बनने के सपने को अधूरा छोड़ दें?

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हम आपको बताने वाले है एक ऐसे कोर्स के बारे में जिसे करने के बाद आप अपने नाम के साथ डॉक्टर भी लिख सकते है और यह आपके मेडिकल फील्ड से जुड़ा हुआ भी है। हम बात कर रहे है फिजिओथेरेपी कोर्स के बारे में जिसे करने के बाद आप किसी प्रशिक्षित डॉक्टर की तरह एडवाइस देना, मेडिटेशन और एक्सरसाइज सजेस्ट करना, थेरेपी और ट्रीटमेंट के जरिये मरीज को ठीक करने का काम कर सकते है। फिजिओथेरेपी कोर्स कई मायनों में काफी अलग और महत्वपूर्ण है। सर्जरी ,क्रोनिक के अलावा न्यूरोलॉजिकल बिमारियों में भी यह मददगार साबित हुआ है।

यह मेडिकल फील्ड का ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद आप अपने नाम के साथ डॉक्टर लिख कर प्रैक्टिस शुरू कर सकते है। किसी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम के साथ जुड़ कर काम कर सकते है या खुद की क्लिनिक खोल कर प्रैक्टिस शुरू कर सकते है। फिजियोथेरेपी मेडिकल साइंस का पॉपुलर ब्रांच है। फिजियोथेरेपी में डिग्री और डिप्लोमा के साथ मास्टर डिग्री और पीएचडी तक किया जा सकता हैं। करियर के लिहाज से बैचलर इन फिजिओथेरेपी आप के लिए बेस्ट है।

बीपीटी का पूरा नाम बैचलर इन फिजियोथेरेपी (BPT) है। यह चार वर्षीय डिग्री कोर्स होता है। इसके बाद 6 माह की इंटर्नशिप भी पूरी करनी होती है। इंटर्न बनाकर काम करने और सिखने का मौका मिलता है।

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बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी की पढ़ाई के लिए रांची में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के विश्वसनीय नाम है। यूजीसी और नैक की मान्यता प्राप्त यह यूनिवर्सिटी बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल का एकलौता प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जिसके बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री फ्रेंडली करिकुलम, एक्सपेरिएंस्ड फैकल्टी मेंबर, स्किल बेस्ड एजुकेशन, लैंगवेज लैब सुविधा और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी को देखते हुए यह मान्यता मिला है।

अगर आप ने किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं की पढ़ाई पूरी की है तो आप इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आप फिजिओथेरेपिस्ट,रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट एडवाइजर स्पोर्ट्स फिजिओथेरेपिस्ट भी बन सकते है। सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों जगहों पर अवसर मौजूद है।

Online Biz Plan ‘21 Competition on 30 Nov 2021

Management Club in association with Institution Innovation Council Jharkhand Rai University, Ranchi organized Online Biz Plan ‘21 Competition on 30 Nov 2021. The objective of this Biz Plan Competition was to impart skills for development and enhancement of personality, communication, team building and decision-making skills of the students. The idea was also to enhance spirit of competition and promote entrepreneurial skills, reveal innovative ideas, creativity, knowledge sharing as well as learning among students. Competitions like these prepare students to participate in events at regional and national levels. Every year, the club organizes two major inter-university events – Biz Spree and Biz Plan Competition.

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This year, the Biz Plan Competition received more than 40 business plans from leading colleges and universities of different states. After thorough review, 20 business plans were shortlisted. These students were then invited for final presentation in front of the esteemed jury members today. The teams were selected on the basis of uniqueness of idea, comprehensiveness, marketability & sustainability and also financial feasibility.

At the final session 20 teams presented their business plan in front of the esteemed jury members. The jury members comprising of Dr. Chinmoy Kumar Founder “The Learning Network”, Kumar Amrendra Convener Institution’s Innovation Council, JRU, Ranchi and Dr. Supriti Jana Start Up Coordinator Institution’s Innovation Council, JRU, Ranchi encouraged each team for their brilliant presentation. Shortlisted teams from Jharkhand Raksha Shakti University, Central University of Jharkhand, Xavier Institute of Social Services, Gossner College, Ranchi Women’s College, Kejriwal Institute of Management and Development Studies, Usha Martin University, RGPV Bhopal, and Jharkhand Rai University participated in Biz Plan’21 Competition.

The final result was announced by the honourable Registrar Dr. Piyush Ranjan. He said that this type of competition creates the spirit of entrepreneurship among students. The team ’Happiness Group’ was the winning team from RGPV Bhopal. The topic of their business plan is All in One Delivery System in Local City”. The team members were Satyendra Rajak, Lakshya Patwa, Shivam Shukla and Revaram Malee.


The first runner-up was Samita and Utsav Pathak from Jharkhand Raksha Shakti University Ranchi. The topic of their Business Plan was “Agro Tourism”.


The Second Runner Up were the participants from Xavier Institute of Social Services. The topic of their Business Plan was “Ekikrit”and the team members were Divyanshu Kunwar, Daibik Mandal, Shruti Sinha, Pankhuri Priyam.

The entire session was coordinated by Prof. Rashmi, Convener Management Club. Members of the Department of Management, Dean, HoD and faculty members actively participated in this event.

बीबीए एडमिशन 2022 : सीखें स्मार्ट बिजनेस / एंटरप्रेन्योर स्किल

स्मार्ट, स्किल्ड बिजनेस / एंटरप्रेन्योर बनना चाहते है और बीबीए कोर्स के लिए अपने शहर रांची में बीबीए कोर्स (BBA admission 2022) के लिए किसी अच्छे कॉलेज की तलाश में है। जहां मिले इंडस्ट्री ओरिएंटेड करिकुलम, पढ़ाई का बेहतर माहौल ,एक्सपेरिएंस्ड फैकल्टी मेंबर्स की देख रेख में बिजनेस और इंटरप्रेनरशिप आईडिया पर काम करने का मौका। कोर्स पूरा होने पर मिलती हो जॉब की पूरी गारंटी।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए एक विश्वसनीय नाम है जिसे यूजीसी और नैक जैसी मान्यताप्राप्त संस्थाओं ने मान्यता प्रदान की है। बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य में यह एकलौता निजी विश्वविद्यालय है जिसे इन संस्थाओं ने मान्यता प्रदान किया है। इसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संचालित नेशनल इंस्टीटूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क, एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज और एसोसिएशन ऑफ़ कॉमन वेल्थ यूनिवर्सिटीज से भी मान्यता मिला हुआ है।

इंडस्ट्री फ्रेंडली और अपडेटेड करिकुलम, एक्सपेरिएंस्ड फैकल्टी मेंबर, स्किल बेस्ड एजुकेशन, लैंगवेज लैब सुविधा के साथ रेगुलर मोड पर होने वाले एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी इसे अन्य संस्थानों से अलग खड़ा करते है। स्टूडेंट सेंट्रिक कैंपस आपकी इंक्वायरी से एडमीशन तक के सफ़र को आसान बना देता है । आप अपने मोबाईल फ़ोन के जरिये ही ऑनलाइन काउन्सलिंग कर कोर्स का सेलेक्शन कर सकते है ,फॉर्म भर सकते है । 5 आसान किस्तों में फी जमा करना,लोन की सुविधा के साथ मेरिट स्कॉलरशिप की सुविधा आपको सिंगल विंडों सिस्टम के जरिये प्राप्त होती है।

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बीबीए कोर्स एक पॉपुलर बैचलर डिग्री कोर्स है। इसका पूरा नाम बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन” है। 12 वीं की एग्जाम देने वाले है या पास आउट है और एडमिशन (BBA admission 2022) को लेकर कंफ्यूज है तो बीबीए एक बेस्ट ऑप्शन है। बेहिचक इस पर अपनी मुहर लगाएं। 3 साल के इस ग्रेजुएशन प्रोग्राम के दौरान 6 सेमेस्टर होंगे। इस दौरान आप बिजनेस स्किल, कम्युनिकेशन, मैनेजेरियल, स्टार्टअप बिल्डर, एन्टेर्प्रेनॉर, डिसीजन मेकिंग स्किल सीखते है ।इसके साथ नए आइडियाज पर रियल टाइम प्रोजेक्ट पर काम करते हुए खुद को टैलेंट आर्टिस्ट के तौर पर तैयार करते है।

अगर आपकी पसंद मैनेजमेंट हो और बीबीए कोर्स करने का मन बना लिया है तो इस कोर्स और मैनेजमेंट फील्ड से जुडी पूरी जानकारी होनी जरुरी है। बीबीए कोर्स बीबीएस और बीएमएस (बैचलर ऑफ़ बिज़नस स्टडी और बैचलर ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडी) नाम से भी जाना जाता है। बीबीए कोर्स में एडमिशन लेने के लिए 50 प्रतिशत अंको के साथ 12 वीं पास होना जरुरी है। किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स यह कोर्स कर सकते है।
कोर्सेज के अलग अलग नाम और कॉलेजों की भीड़ में आपकी पसंद और सबसे बेहतर ऑप्शन का चयन करना बेहद जरुरी है क्योकि इसी डिसीजन पर आपका भविष्य निर्भर करता है।

बीबीए करने के बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब के अवसर बहुत ज्यादा हैं और ये कंपनियां मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को काफी अच्छे सैलरी पैकेज देती हैं। प्राइवेट सेक्टर की बात करें तो बीबीए के बाद मैनजमेंट, फाइनेंस, इंश्योरेंस, आईटी, मैनुफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी एडवरटाइजिंग, एविएशन,बैंकिंग, कंसल्टेंसी, डिजिटल मार्केटिंग और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जॉब मिल सकती है। गवर्नमेंट सेक्टर में ऑप्शन की बात है तो बैंकिंग सेक्टर के अलावा एकाउंटेंसी और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट में बीबीए ग्रेजुएट्स के लिए जॉब ऑप्शन हमेशा रहता है।

प्रॉस्पेक्ट्स ऑफ कोल् एंड मेटल माइनिंग इन झारखंड” विषय पर वेबिनार का आयोजन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के डिपार्टमेंट ऑफ़ माइनिंग इंजीनियरिंग और इंस्टीटूशनस इनोवेशन कॉउन्सिल के संयुक्त तत्वावधान में वेबिनार का आयोजन किया गया । ” प्रॉस्पेक्ट ऑफ़ कोल एंड मेटल माइनिंग इन झारखण्ड ” विषय पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर सीसीएल के सीएमडी पी.एम.प्रसाद, महानदी कोलफील्ड लिमिटेड के पूर्व सीएमडी ए.एन. सहाय और एचइसी के पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष शामिल हुए। वेबिनार का विधिवत शुरुवात दीप प्रज्वलीत कर सरस्वती वंदना के साथ किया गया।


वेबिनार को सर्वप्रथम एमसीएल ( महानदी कोल् लिमिटेड) के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ( सीएमडी) ए. एन सहाय ने सम्बोधित किया उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा की ” इंजीनियरिंग का सबसे महत्वपूर्ण ब्रांच माइनिंग इंजीनियरिंग है। मेरे 45 वर्ष के अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि आने वाले समय में भी इस क्षेत्र की भूमिका इसी प्रकार बनी रहेगी। झारखण्ड में कोल् माइनिंग की चर्चा करते हुए उन्होंने विस्तार पूर्वक बताया की ‘ भारत में विश्व का 4.7 प्रतिशत कोयला उत्पादन होता है। वर्तमान में भारत लगभग 72.9 करोड़ टन कोयले का उत्पादन कर रहा है। हालांकि, वास्तविकता यही है कि घरेलू उत्पादन देश में कोयले की घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। भारत ने बीते साल 24.7 करोड़ टन कोयले का आयात किया था और इस पर 1.58 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च हुई थी। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा कोयला उत्पादक है और कोयला भंडार के मामले में 5वां बड़ा देश है। ये भंडार 100 साल या उससे ज्यादा वक्त तक बने रह सकते हैं। कोयला उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है और भारत के तीन शीर्ष कोयला उत्पादक राज्यों में झारखण्ड का स्थान पहला है।“

विद्यार्थियों को दिए अपने सन्देश में उन्होंनेकहा कि ” इस क्षेत्र में शुरुवाती 10 वर्ष संघर्ष के होते है और इन्हीं वर्षों में आप जितना सीखना चाहते है सीखें । माइनिंग रोजगार प्रदान करने वाला एक बड़ा क्षेत्र है जिसमें आने वाले भविष्य में भी बेहतर संभावनाएं हैं।सही प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण प्रमाणनन कोल् इंडस्ट्री की जरुरत और अनिवार्यता है। अच्छे अवसर को प्राप्त करने के लिए मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र बेहद सहयोगी है।“


सीसीएल के सीएमडी पी एम. प्रसाद ने संबोधन के दौरान प्रतिभागियों को बताया की ” भारत सरकार का लक्ष्य देश के उभरते हुए क्षेत्रों में आर्थिक विकास में तेजी लाना है। चूंकि, ये राज्य संसाधनों के लिहाज से संपन्न हैं, इसलिए इन राज्यों के विकास में इन संसाधनों का उपयोग करना काफी अहम है। मंत्रालय पारिस्थितिकीय रूप से अनुकूल, सतत तथा लागत सापेक्ष तरीके से अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के लिए कोयला उपलब्ध करने को प्रतिबद्ध है।

उत्पादकता, सुरक्षा, गुणवत्ता और पारिस्थितिकी में सुधार लाने के उद्देश्य से अत्याधुनिक एवं स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों को अपनाकर सरकारी कंपनियों के साथ-साथ केप्टिव खनन कार्य के माध्यम से उत्पादन में बढ़ोतरी हमारा लक्ष्य है।

झारखण्ड में सीसीएल के कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया की “ नार्थ कर्णपुरा में और नए माईन्स खोले जाने है। धनबाद का मुनीडीह कोल् माईन्स को आज भी एक बेहतर माईन्स माना जाता है। इसके अलावा आने वाले समय में चतरा कथारा, गिरिडीह जैसे जिलों में में भी संभावनाएं छुपी हुये है।“

पी.एम. प्रसाद ने कोल क्षेत्रों में विकास के लिए दिए जाने वाले डिस्ट्रिक रूरल फण्ड की चर्चा करते हुए बताया की इसके जरिये ग्रामीण विकास के कार्यों को गति प्रदान किया जा रहा है।

अक्षय ऊर्जा और भविष्य में कोयला उत्पादन और प्रबंधन पर विचार देते हुए उन्होंने कहा की सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने और कोयले के विकल्प के तौर पर इसे खड़ा करने की कोशिशें की जा रही है लेकिन अभी भी 2070 तक कोयले का भंडार देश के औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सहायक रहेगा।

जमींन अधिग्रहण करने और वन भूमि कानूनों के कारण झारखण्ड में नई परियोजनाओं को प्रारंभ करने में देर हो रही है कही कहीं रेलवे सुविधा का नहीं होना भी बाधक बन रहा है।

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एचइसी के एक्स सीएमडी प्रो. अभिजीत घोष ने अपने अभिभाषण की शुरुवात झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी को गणतंत्र दिवस समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा आमंत्रित किये जाने से करते हुए कहा की यूनिवर्सिटी का चयन प्राइमिनिस्टर बॉक्स में बैठने के लिए किया गया है जिसमे यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व यहाँ के दो मेधावी छात्र करेंगे। देश के 50 यूनिवर्सिटी में झारखण्ड से दो यूनिवर्सिटी का चयन किया गया है। झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के अलावा आईएसएम धनबाद को यह मौका मिला है।

प्रो. घोष ने मेटल माइनिंग पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की “भारत सरकार द्वारा किए गए पारदर्शी उपायों के साथ कोयला खदानों की वाणिज्यिक नीलामी से देश में कोयले की मांग और आपूर्ति में अंतर को पाटने का उपयुक्त समय आ गया है। इससे न सिर्फ पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक की विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।“
उन्होंने केंद्र सर्कार के पहल की चर्चा करते हुए बताया कि ‘सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) ने पारदर्शिता को बनाए रखते हुए कोयला क्षेत्र को उदार बना दिया है। कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करने, अतिरिक्त प्रावधानों को खत्म करने और आवंटन में लचीलापन लाने के उद्देश्य से खनिज कानून अधिनियम, 2020 के माध्यम से सीएमएसपी अधिनियम और एमएमडीआर अधिनियम के उपयुक्त प्रावधानों में संशोधन किया गया है। कानून में बदलाव के अलावा, 2020 में नीलामी की प्रक्रिया और क्रियाविधि को सरल बना दिया गया है। कोयला खदानों की नीलामी में राजस्व साझेदारी व्यवस्था की पेशकश के साथ एक अन्य बड़ा बदलाव किया गया, जिससे नीलामी को ज्यादा बाजार अनुकूल बना दिया गया है। नई व्यावसायिक खनन व्यवस्था में कोयले के गैसीकरण को प्रोत्साहन दिया गया है। 2020 में पहली किस्त में 38 ब्लॉकों के साथ व्यावसायिक खनन के लिए कोयला ब्लॉकों की नीलामी की शुरुआत की गई है।

उन्होंने माइनिंग क्षेत्र में झाखंड का महत्व बताते हुए कहा की नोवामुंडी माईन्स आज भी एक आदर्श उदहारण है और माइनिंग के छात्रों के लिए सिखने की उत्तम जगह है। सौ साल पुराना यह माईन्स पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है।


वेबिनार के समापन पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. पियूष रंजन ने धन्यवाद् ज्ञापन करते हुए कहा की “माइनिंग इंडस्ट्री के तीन बड़े आईकॉन का एक मंच पर आकर विद्यार्थियों संबोधित करना विभाग के साथ विश्वविद्यालय के लिए भी एक नया अनुभव है। इसका सीधा लाभ माइनिंग इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को मिलेगा जो क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है। विषय की प्रासंगिकता को देखते हुए 11 राज्यों से विद्यार्थी शामिल हुए।“ उन्होंने पुनः सभी अतिथियों और वेबिनार के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों का धन्यवाद किया।

ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी कर सवारें भविष्य

LLB का फुल फॉर्म Bachelor of Laws होता है। अगर कोई व्यक्ति कानून की पढ़ाई करने में इच्छुक है तो उन्हें LLB करना चाहिए। इसके अंदर आपको कानून की असली परिभाषा बताई जाती है जिसे पढ़ने के बाद आप वकील जैसे प्रोफेशन में जा सकते है। एलएलबी करने के बाद आप सरकारी वकील बन सकते हो और सेंट्रल, स्टेट या लोकल अथॉरिटीज के लिए काम कर सकते है। आप लोगो को उनकी कानूनी समस्या का समाधान बता सकते हो जिन्हें कानून की जानकारी नहीं होती।

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जब आप इसकी पढ़ाई पूरी कर लेते है तब आप एक फ्रेशेर होते हो आपके पास अनुभव की कमी होती है इसलिए शुरुवात में आपको किसी लीगल फार्म या एडवोकेट के अंदर काम करना पड़ता है और चीजो को समझना होता है। भारत जैसे अत्यधिक आबादी वाले देश में वकील की काफी डिमांड है लेकिन अफ़सोस की बात है बहुत ही कम वकील ऐसे होते है जिन्हें इस प्रोफेशन की समझ होती है।

एलएलबी तीन साल का एक बैचलर डिग्री कोर्स है, जो कि ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद किया जाता है। भारत के कई प्रसिद्ध लॉ कॉलेजों में एलएलबी कोर्स की पेशकश बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) द्वारा अनिवार्य दिशा निर्देशों के अनुसार की जाती है। बीसीआई भारत में कानूनी शिक्षा और कानूनी पेशे को नियंत्रित करता है। इसी के चलते हर साल कई सारे छात्र लॉ की पढ़ाई शुरू करते है और बहुत से छात्र अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के कारण एक अच्छा वकील बन पाते है।

आप भी एलएलबी के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। बस आपको सही मार्गदर्शन और मेहनत करने की जरुरत है। अगर आप समाज की सेवा करना चाहते है तो यह कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। वकील बनने पर हमें सम्मान भी मिलता है और हम किसी निर्दोष के पक्ष में लड़कर उसे भी बचा सकते है।

एलएलबी का कोर्स 3 सालों का होता है और इस लॉ प्रोग्राम को इस प्रकार बनाया गया है कि इसमें पूरे कोर्स को 6 सेमेस्टर में बांट दिया गया है। किसी भी उम्मीदवार को एलएलबी की डिग्री तभी दी जाती है जब वह 6 सेमेस्टर यानी कि 3 सालों के कोर्स को सफलता के साथ पूरा कर लेता है।

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जब कोई उम्मीदवार एलएलबी का कोर्स करता है चाहे वह किसी भी कॉलेज से करें उसे अपना थ्योरी क्लास , मूट कोर्ट्स, इंटर्नशिप और ट्यूटोरियल वर्क, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेना जरूरी होता है।

    एलएलबी कोर्स के फायदे :

  1. एलएलबी का कोर्स करने के बाद आप एक कानून अच्छे जानकार हो जाते हैं, और उस क्षेत्र में एक्सपर्ट बन जाते हैं।
  2. बैचलर ऑफ लॉ का कोर्स करने के बाद आप ग्रेजुएट इस कहलाते हैं।
  3. यह एक प्रकार की वकालत गुरुचरण डिग्री है, और इस डिग्री को करने के बाद आप वकील बन सकते हैं।
  4. एलएलबी का कोर्स करने के बाद आप किसी भी प्रकार का केस लड़ सकते हैं।

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    कैरियर ऑप्शन :
    एल.एल.बी के अध्ययन के बाद आप इन कैरियर ऑप्शन का का चयन कर सकते हैं :

  • कनिष्ठ न्यायिक सहायक
  • सहायक न्यायालय सचिव
  • सहायक अभियोजन
  • क्लर्क
  • अन्य लॉ संबंधित पद
  • उप विधिक प्रबंधक
  • कानूनी सलाहकार
  • बोर्ड में विधिक अधिकारी
  • वरिष्ठ विधि अधिकारी
  • लीगल जनरल मैनेजर
  • लीगल एडवाइजर
  • लीगल चीफ जनरल मैनेजर
  • वरिष्ठ कानूनी अधिकारी
  • लीगल अफसर
  • सपथ आयुक्त
  • फौजदारी अधिवक्ता
  • सिविल अधिवक्ता
  • पारिवारिक अधिवक्ता
  • बीमा अधिवक्ता
  • बैंक अधिवक्ता
  • लॉ डिपार्टमेंट
  • ऑफिस क्लर्क
  • लेक्चरर
  • क्लेम मैनेजर