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LLB करने वालों के लिए सुनहरा अवसर: झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी दे रहा 100 % छात्रवृति पाने का मौका

LLB का अंग्रेजी में नाम बैचलर ऑफ लॉ है तथा लैटिन भाषा में “लेगम बेकालयुरेस” एलएलबी का संक्षिप्त नाम है। जो छात्र LLB पूरा कर लेते हैं वह बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया (BCI) में स्वयं को पंजीकृत करने के बाद कानून का अभ्यास कर सकते हैं। एलएलबी एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री है जिसे कानून नियमों और विनियमों का एक समूह है जिसके अंदर कोई भी समाज या देश चलता है यानी कि संचालित होता है। LLB कोर्स 3 साल का होता है तथा इसे 6 सेमेस्टर में बांटा गया है। किसी भी संकाय में स्नातक डिग्री लेने के बाद एलएलबी 3 साल का कोर्स किया जा सकता है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के डिपार्टमेंट ऑफ़ लीगल स्टडीज में 3 वर्षीय एलएलबी और 5 वर्षीय BA LLB पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है । LLB कानून के पढ़ाई की पहली सीढ़ी है, जहाँ से आप कानून सीखना शुरू कर सकते हैं। LLB एक अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है। इस कोर्स में लॉ एंड आर्डर की छोटी-बड़ी सभी जानकारियों को सिखाया जाता है।

LLB पाठ्यक्रम:
एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम है । किसी भी संकाय में स्नातक किया हुआ छात्र इसे कर सकता है । एलएलबी करने के लिए बीए में न्यूनतम 45 % मार्क्स होना आवश्यक है ।

छात्रवृत्ति का लाभ किन विद्यार्थियों को मिलेगा :
झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची ने LLB कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृति योजना प्रारंभ किया है । अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के वैसे छात्र जिन्होंने बीए (ग्रेजुएशन) की परीक्षा पास कर ली हो और वे LLB पाठ्यक्रम में नामांकन लेना कहते है लाभ उठा सकते है।

योग्यता :
अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के वैसे छात्र जिन्होंने बीए (ग्रेजुएशन) की परीक्षा पास कर ली है और उन्हें न्यूनतम 45 % प्राप्त हुआ है वह एलएलबी कोर्स कर सकते है और छात्रवृति भी प्राप्त कर सकते है ।

छात्रवृत्ति कैसे प्राप्त करें :
छात्रवृति का लाभ प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के कामड़े कैम्पस या www.jru.edu.in पर लॉग इन कर नामांकन फॉर्म को भरें । ज्यादा जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800 120 2546 पर कॉल करें ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी एनएसएस सेल ने किया सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भारत सरकार, युवा मामले और खेल मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे औपचारिक रूप से 24 सितंबर, 1969 को शुरू किया गया था। योजना से जुड़कर छात्र स्वयंसेवकों के पास एक कुशल सामाजिक नेता, एक कुशल प्रशासक और मानव स्वभाव को समझने वाले व्यक्ति होने का अनुभव प्राप्त होता है ।

सात दिवसीय विशेष शिविर :
झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची के एनएसएस सेल के द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन रांची के नामकुम प्रखंड के राजाउलातु पंचायत में आयोजित किया गया। विशेष शिविर का प्रारंभ 21 सितंबर से हुआ। विशेष शिविर के दौरान हरित भारत अभियान, स्वक्षता अभियान, पोषण आहार कार्यशाला, मिट्टी जल संरक्षण सेमिनार, मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण, निः शुल्क चिकित्सा शिविर और रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया।

विशेष शिविर प्रथम दिन :
प्रथम दिन हरित भारत अभियान चलाया गया। यह अभियान पंचायत के डाबर टोली और उलातू ग्राम में चलाया गया। हरित भारत अभियान के तहत पौधा रोपण और जनजागरूकता अभियान एनएसएस सवयंसेवको के द्वारा चलाया गया।

विशेष शिविर दूसरे दिन :
शिविर के दूसरे दिन राजाउलातु पंचायत के राज्य सम्पोषित मध्य विद्यालय में एनएसएस सवयंसेवको के द्वारा स्वक्षता अभियान चलाया गया जिसमें विद्यालय की सफाई की गयी। इसके अलावा विद्यालय से सटे आस पास के टोलों में रैली निकाल कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

विशेष शिविर तीसरे दिन :
विशेष शिविर के तीसरे दिन पोषण आहार विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया इस अवसर पर राजाउलातु पंचायत के मुखिया, ग्राम प्रधान उपस्थित थे। पोषण आहार कार्यशाला का आयोजन पंचायत भवन में किया गया।

विशेष शिविर चौथे दिन :
विशेष शिविर के चौथे दिन मिट्टी जल संरक्षण पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची के कृषि संकाय के शिक्षक डॉ. अंजनी कुमार और प्रो. पूजा सिंह ने मिट्टी जल संरक्षण पर किसानों का ज्ञानवर्धन किया। कार्यशाला के उपरांत झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के कृषि संकाय की अंतिम वर्ष की दो छात्राओं काव्या सीधी कुजूर और मैविश ने पंचायत की 20 महिला किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया । कार्यशाला के दौरान छात्राओं द्वारा मशरूम उत्पादन से जुडी पूरी जानकारी और उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्री और खर्चों से भी किसानों को अवगत कराया ।

विशेष शिविर पांचवे और छठे दिन :
विशेष शिविर के पांचवे और छठे दिन आलम हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से निः शुल्क चिकित्सा शिविर और रिम्स ब्लड बैंक सेंटर के द्वारा रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया । पांचवे दिन आलम हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से निः शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया वहीँ शिविर के छठे दिन रक्त दान शिविर का आयोजन हुआ जिसमें स्वयंसेवकों के अलावा विश्वविद्यालय के कर्मियों और छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और कुल 87 यूनिट रक्त संग्रह किया । पांचवे और छठे दिन नामकुम के राजाउलातु पंचायत और सिदरौल, रामपुर, पलांडू में एनएसएस स्वयंसेवकों के द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया . नुक्कड़ नाटक स्वक्षता, माहवारी और जागरूकता को लेकर आयोजित किया गया ।

विशेष शिविर सातवें दिन :
एनएसएस के विशेष शिविर के अंतिम दिन डिजिटल जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला को विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट के प्रो. अशफाक आलम ने संबोधित किया । कार्यशाला में 20 से ज्यादा किसानों को डिजिटल धोखाधडी और फ्रॉड कॉल से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई ।
एनएसएस विशेष शिविर का आयोजन कार्यक्रम समन्वयक प्रो. ओम प्रकाश सत्यम के नेतृत्व में हुआ ।

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नीट यूजी परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित, जमशेदपुर के आयुष झा स्टेट टॉपर

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NEET) नीट (UG)2022 परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं । राजस्थान की तनिष्का 99.99 प्रतिशत अंको के साथ नेशनल टॉपर है । झारखण्ड के जमशेदपुर के रहने वाले आयुष कुमार झा स्टेट टॉपर घोषित हुए है । आयुष ने देश भर में 133 वां स्थान हासिल किया है । इस वर्ष झारखण्ड से 5154 परीक्षार्थी सफल हुए है । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट परीक्षा का परिणाम बुधवार की देर रात जारी किया । परीक्षा में दिल्ली के वत्स आशीष बत्रा को दूसरा और कर्नाटक के ऋषिकेश नागभूषण को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है ।

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नीट यूजी 2022 परीक्षा में इस वर्ष 18,72,343 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था जिनमें से परीक्षा में 17,64,571 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इस वर्ष 9,93,069 परीक्षार्थी सफल हुए है। एनटीए ने नीट यूजी का फाइनल आंसर – की भी जारी कर दिया है ।

एनटीए के अधिकारीयों के अनुसार इस वर्ष चार अभ्यर्थियों को 720 में से 715 अंक प्राप्त हुए है।नेशनल टॉपर तनिष्का को पहला स्थान देने के लिए टाई ब्रेकर नीति का इस्तेमाल किया गया है। टाई ब्रेकर नीति से रैंक तय करने के लिए पूर्व- निर्धारित क्रम में नौ कारकों का उपयोग किया गया है ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में वर्चुअल लैब पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से बुधवार को वर्चुअल लैब पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

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यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। स्वागत भाषण करते हुए रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने सर्वप्रथम आईआईटी दिल्ली, वर्चुअल लैब के रिसोर्स पर्सन और उपस्थित सभी प्रतिभागियों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि कोविड -19 ने शिक्षक केंद्रित पढ़ाई को विद्यार्थी केंद्रित कर दिया है। इस बदलाव को ऑनलाइन शिक्षा ने और मजबूती प्रदान किया । एक शिक्षक होने के नाते हमारा दायित्व है कि हम और अभिनव तरीके से छात्रों को क्लासरूम में ज्ञान के नए तरीकों से अवगत करायें। केस स्टडी,इंडक्शन, लाइव डिमॉन्ट्रेशन,सिमुलेशन ये सब छात्र केंद्रित शिक्षा के प्रचलित रूप हो चुके है। उन्होंने वर्चुअल लैब परियोजना और उनके लाभों पर भी प्रकाश डाला।

सीनियर फील्ड इंजीनियर प्रतिक शर्मा ने वर्चुअल लैब के कार्य, महत्व, तकनिकी पक्ष और लाभों से अवगत करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि “वर्चुअल लैब शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार का एक महत्वकांक्षी कार्यक्रम है जिसे नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन आईसीटी के तहत संचालित किया जा रहा है। यह परियोजना देश के बारह प्रतिभागी संस्थानों की एक संयुक्त गतिविधि है जिसमें आईआईटी, दिल्ली समन्वय की भूमिका में है। पहली बार रिमोट एक्सपेरिमेंट में इस तरह की पहल की गई है। वर्चुअल लैब्स परियोजना के तहत, लगभग 700+ वेब-सक्षम प्रयोगों से युक्त 100 से अधिक वर्चुअल लैब्स को रिमोट-ऑपरेशन और देखने के लिए डिज़ाइन किया गया । आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित की गई वर्चुअल लैब का फायदा टेक्निकल के अलावा साइंस इंस्टीट्यूट भी ले सकते हैं। इसका नोडल सेंटर बनने के लिए किसी भी तरह की कोई फीस नहीं है। वर्चुअल लैब के प्रैक्टिकल विद्यार्थी मोबाइल के जरिए भी कर सकते हैं।

कार्यशाला में झारखंड के11शैक्षणिक संस्थानों से 40 से ज्यादा प्रतिभागी शमिल हुए।कार्यक्रम में वर्चुअल लैब के फील्ड इंजीनियर चंदन कुमार और फील्ड इंजीनियर चिराग दे भी उपस्थित थे जिन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के पहले सत्र में पीपीटी प्रेजेंटेशन के जरिए वर्चुअल लैब की जानकारी दी गई। दूसरे सत्र में युनिवर्सिटी के कंप्यूटर लैब में सभी प्रतिभागियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

कार्यशाला में मंच संचालन प्रो. अनुराधा शर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वर्चुअल लैब के नोडल कॉर्डिनेटर प्रो. ओमप्रकाश सत्यम ने किया

झारखंड राय विश्वविद्यालय के 166 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट, BYJU’S में दो को 10 लाख का पैकेज

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi के 166 विद्यार्थियों का देश के नामचीन कंपनियों में प्लेसमेंट हुआ है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने बताया कि “ सत्र 2021-2022 में छात्रों का शत प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुका है। इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ कैम्पस प्लेसमेंट बाईजू कंपनी में हुआ है। विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों को बाईजू ने 10 लाख का पैकेज दिया है।“Placement Highlights – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल छात्रों के अधिकतम नियोजन के लिए कार्य कर रहा है। बायजू,टीसीएस,विप्रो,इनफ़ोसिस,टाटा स्टील,सीसीएल,इसीएल,सिफ़ी टेक्नोलॉजी लिमिटेड,क्यू स्पाइडर,एगनिटोटेक्नोलॉजीज, इमेज इन्फ़ोसिस्टम,फ़ास्ट इन्फो लीगल सर्विसेज,टेकफोकस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में विश्वविद्यालय के छात्रों का चयन हुआ है।“ Our Recruiters – Jharkhand Rai University (JRU),Ranchi

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डॉ. पियूष रंजन ने बताया कि प्लेसमेंट के अलावा विश्वविद्यालय के छात्र बिजनेस को भी करियर ऑप्शन के तौर पर अपना रहे है। वर्तमान में 6 छात्रों ने बिजनेस के क्षेत्र में अपना करियर बना रहे हैं। विश्वविद्यालय ने नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट ऑफिसर प्याली सरकार के अनुसार छात्रों की योग्यता और प्रतिभा को देखते हुए कंपनियों को कैंपस में आमंत्रित किया जाता है। प्लेसमेंट की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड में आयोजित होती है। About Placement Cell – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi ऑफ कैंपस, इन कैंपस,पूल कैंपस के जरिये स्टूडेंट्स को बेहतर कंपनी में जॉब दिलाना विभाग का कार्य है। आगामी दिनों में बहुत सारी नामचीन कंपनियां(अपग्रैड,बंधनबैंक,बजाजफाइनेंस, इंडिकोमोटर, कोटक लाइफ, उज्जीवन फाइनेंस) प्लेसमेंट में शामिल होंगी।

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MAKING AN IMPACT THROUGH PHYSIOTHERAPY – MEET MUSKAAN

Choosing a career like health care so that one can be at the service of people is a noble dream for anyone to pursue. For young Muskaan Sethi, originally from Chandigarh, her dream to be in the healthcare sector encouraged her to pursue Bachelor of Physiotherapy course from Jharkhand Rai University, Ranchi.

“I have always been clear about what I want to do in life. After completing my class 12th exams, I knew that being in the medical field will resonate with me. I have nurtured my dream of becoming a health care professional since school days,” Muskaan says.

BPT COURSE RANCHI

To fulfil her dream, Muskaan travelled from Chandigarh to Ranchi, a distance of 1400 kms to take admissions at Jharkhand Rai University. The BPT course at the University is one of the best options for students who want to be in the medical field.
“Being at JRU Ranchi was one of the best decisions of my career. Here the faculties act as mentors to guide you at every step. Besides friendly atmosphere, the University provides a well-equipped lab and a well stacked library. ”

In the lab, students learn application of their classroom learning for real through activities like therapy practical, electrotherapy practical, looking at human anatomy and more.

Physiotherapy has gained huge significance in recovery and rehabilitation of our body for a permanent cure – increasing the need for trained physiotherapists both in India and abroad.

Muskaan says that the method of teaching at the University is comprehensive. “By the end of the course I’m sure I will gain understanding of therapeutic skills using clinical reasoning, diagnostic methods and standardized assessment procedures.”

“There is a huge demand for trained professionals in this category. Placement will never be a hurdle if a student sincerely learns the integrated knowledge of the application and methods of physiotherapy assessment techniques, diagnosis and therapeutic treatments,” says Muskaan confidently. She cannot wait to go out to the world and through her health care services make an impact to people’s lives.

टाटा स्टील में चयनित हुआ झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी का माइनिंग इंजीनियरिंग स्टूडेंट आदित्य प्रताप

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi के माइनिंग इंजीनियरिंग का स्टूडेंट आदित्य प्रताप सिंह का चयन टाटा स्टील लिमिटेड में माइनिंग फोरमैन के पद पर हुआ है। इन्हें टाटा स्टील कलिंगा नगर प्रोजेक्ट के जोड़ा नामक स्थान पर पदस्थापित किया गया है। आदित्य प्रताप ने झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग की Diploma in Mining Engineering – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सीसीएल के फुसरो (बोकारो ) स्थित परियोजना में इंटर्नशिप भी पूरा किया है।

मूलतः बिहार के बिहार शरीफ जिले के रहने वाला आदित्य बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। डिप्लोमा की पढ़ाई के दौरान भी ये सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया करते थे। दोहे और छंद लिख कर उसे अपनी आवाज देना इनका पसंदीदा काम है। इन्होने पिछले ही दिनों अपने गृह जिले के युवा कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए ” पहली उड़ान “नामक संस्था बनाई है। संस्था ओपन माईक प्रस्तुति के जरिये युवा कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करता है। Department of Mining Engineering – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

आदित्य के अनुसार “यूनिवर्सिटी के कल्चरल क्लब में आयोजित कार्यक्रमों में मैं भी शामिल होता था। इंटर्नशिप के दौरान सीसीएल के कर्मियों के लिए आयोजित कल्चरल इवेंट में मुझे परफॉर्म करने का मौका मिला। परफॉर्म करने के बाद मुझे काफी सराहना मिली। इसके बाद उड़ान संस्था चलाने का विचार आया। सोशल मीडिया के जरिये मैंने ओपन माईक प्रस्तुति को लोगों तक पहुँचाने का काम किया है। इससे मुझे काफी जगहों से परफॉर्म करने के लिए बुलाया जाने लगा, मेरी हॉबी आज मेरे लिए करियर का सेकंड ऑप्शन बन चुकी है। “

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से एमसीए करने वाले मयंक और विकास इंफोसिस में चयनित

भारत की टॉप 4 आईटी कंपनियों ने 2021-22 के लिए अपने हायरिंग टारगेट को दोगुना कर 1.6 लाख फ्रेशर्स प्रतिवर्ष कर दिया है। इन चार कंपनियों (TCS/Infosys/Wipro/HCLTech.) ने FY21 में 82,000 फ्रेशर्स को हायर किया था। रिसर्च फर्म गार्टनर का कहना है कि अब अगले तीन सालों में इसके 9% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

BTech CSE

कोरोना महामारी की वजह से दुनिया भर की कंपनियों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में तेजी देखी जा रही है। B. Tech Computer Science Engineering – Jharkhand Rai University (jru.edu.in) टेक्नोलॉजी अब केवल कॉस्ट-एफिशिएंसी को ड्राइव करने के लिए जरूरी नहीं रही गई है, बल्कि बिजनेस को ड्राइव करने के लिए भी जरूरी बन गई है। स्किल की बढ़ती डिमांड बढ़ ने साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग जैसे स्किल की डिमांड को बढ़ा दिया है।

हजारीबाग के रहने वाले मयंक मौर्य का चयन इनफ़ोसिस में सिस्टम इंजीनियर के पद पर हुआ है। मयंक ने झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi से एमसीए की पढ़ाई किया है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्किल की बढ़ती डिमांड ने मयंक जैसे फ्रेशर्स को प्लेटफॉर्म देने का कार्य किया है।

अपनी चयन को लेकर मयंक का कहना है ‘आईटी कंपनियां क्वालिटी टैलेंट को बनाए रखने के लिए स्किल्ड फ्रेशर्स को मौका देने से नहीं चुकती है। मेरा चयन इनफ़ोसिस जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में सिस्टम इंजीनियर के पद पर हुआ है। एमसीए Master of Computer Application (MCA) – Jharkhand Rai University (jru.edu.in) करते हुए मैंने लाइव प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप को काफी इम्पोटेंस दिया और हमेशा अपने मेंटर के संपर्क में रहा। ‘

मयंक की तरह ही झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से एमसीए करने वाले विकास कुमार का भी चयन इनफ़ोसिस में हुआ है। वह मूलतः बिहार के रोहतास के रहने वाले है। विकास के अनुसार “एमसीए करने के दौरान मुझे Computer Laboratory – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग के बारे में काफी कुछ सिखने को मिला। मैंने इंटर्नशिप के अलावा डेटा साइंस के एक प्रोजेकट से जुड़कर काम करने का अनुभव भी हासिल किया। इसका लाभ मुझे ऑफ कैंपस प्लेसमेंट में मिला।“

12वीं के बाद, बिना नीट के कर सकते हैं ये मेडिकल कोर्स

हर साल लाखों छात्र मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए नीट परीक्षा देते हैं। लेकिन बिना नीट परीक्षा के भी मेडिकल फील्ड में करियर बनाया जा सकता है। नीट परीक्षा 17 जुलाई 2022 को आयोजित की हुई है जिसमें करीब 18 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। लेकिन क्या आप जानते हैं मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) एग्जाम पास होना जरूरी नहीं। बिना नीट एग्जाम क्वालीफाई किए भी आप मेडिकल फील्ड में अपना अच्छा करियर बना सकते हैं।

अगर आप फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स (PCB/PCM) विषयों के साथ 12वीं पास हैं तो आप बिना नीट एग्जाम के कई मेडिकल कोर्सेज में अपना करियर बना सकते हैं।

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बीएससी एग्रीकल्चर साइंस

BSc एग्रीकल्चर B.Sc Agriculture – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) 4 साल का अंडर ग्रेजुएट बैचलर डिग्री का कोर्स है।इस कोर्स के बाद आप एग्रोनॉमिस्ट, एग्रीकल्चर साइंटिस्ट और एग्रीबिजनेस जैसे पदों पर काम कर सकते हैं।

फार्मेसी

फार्मेसी में दवा विज्ञान के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विषयों का अध्ययन किया जाता है। ड्रग सेफ्टी, रिसर्च, मेडिकल केमिस्ट्री,इंडस्ट्रियल फार्मेसी और कई अन्य का अध्ययन फार्मेसी कोर्स में होता है। जो फार्मासिस्ट बनना चाहते हैं, वे 12वीं के बाद D.PHARMACY Diploma in Pharmacy (D.Pharm) – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) का विकल्प चुन सकते हैं।
B.Pharm के लिए भी अहर्ता 12वीं पास है लेकिन यह 4 वर्षीय कोर्स है। इसके लिए उम्मीदवारों को नीट में उपस्थित होना और अर्हता पाना अनिवार्य नहीं होता है। B.Pharm एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है जहां छात्रों को फार्मेसी की मूल बातें सिखाई जाती हैं। B.Pharm Bachelor in Pharmacy (B.Pharm) – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) करने के बाद छात्रों के लिए कॅरियर के कई अवसर हैं, सरकारी से लेकर निजी क्षेत्र तक या फिर खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं। उम्मीदवार केमिकल टेक्नीशियन, ड्रग इंस्पेक्टर, हेल्थ इंस्पेक्टर, फार्मासिस्ट आदि बनने के विकल्प को भी चुन सकते हैं।

फिजियोथेरेपी

फिजियोथेरेपी Bachelor of Physiotherapy (BPT) – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) में भौतिक बलों जैसे कि ऊष्मा, बिजली, यांत्रिक दबाव और यांत्रिक बलों के माध्यम से उपचार किया जाता है। फिजियोथेरेपी को नीट के बिना किए जा सकने वाले चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र का संतोषजनक और लाभदायक कॅरियर माना जाता है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी एक स्नातक कार्यक्रम है। BPT Physiotherapy Lab. – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi में स्नातक करने के बाद, उम्मीदवार के पास कई कॅरियर विकल्प होंगे जैसे कि स्वास्थ्य और फिटनेस क्लिनिक, विशेष स्कूल, औद्योगिक स्वास्थ्य के लिए उद्योग, फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में सेवा देना।

आईआईसी सम्मलेन में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची को बेस्ट क्रिएटिव पोस्टर प्रस्तुति में प्रथम स्थान प्राप्त

इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल पूर्वी क्षेत्र सम्मलेन में बेस्ट क्रिएटिव पोस्टर प्रस्तुति के लिए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi रांची को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कोलकाता के पानीहाटी में स्थित गुरुनानक इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में आयोजित एक दिवसीय इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल पूर्वी क्षेत्र सम्मलेन का आयोजन 2 अगस्त को किया गया। सम्मलेन में पूर्वी भारत के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में संचालित आईआईसी कौंसिल के सदस्य और समन्वयक उपस्थित थे।

प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने कहा कि” इन्नोवशन सेल निरंतर नई उचाइयां प्राप्त कर रहा है। पूर्व में भी सेल को टू स्टार और फोर स्टार रेटिंग मिल चूका है। विश्वविद्यालय के छात्र अब स्टार्टअप और बिजनेस को भी अपना कैरियर बना रहे है। हमारे द्वारा इनोवेटिव आईडिया को मंच प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष आईडिया पिचिंग कांटेस्ट आयोजित किया जाता है।“

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आईआईसी पूर्वी क्षेत्र सम्मलेन के दौरान उपस्थित सदस्यों को अपने सेल की यात्रा वृतांत और उपलब्धियों को पोस्टर के जरिये प्रस्तुत करना था। आईआईसी शिक्षा मंत्रालय, कोलकाता के मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मलेन में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी को बेस्ट क्रिएटिव पोस्टर प्रस्तुत करने के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ वहीं आईएसएम धनबाद को दूसरा और बीआईटी मेसरा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ ।

यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल सम्मलेन में शामिल हुआ। इसमें यूनिवर्सिटी आईआईसी सेल के कन्वेनर प्रो. कुमार अमरेंद्र, सेल की अध्यक्ष डॉ. श्रद्धा प्रसाद और असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. अमृता मजूमदार शामिल थी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के तहत झारखंड राय विश्वविद्यालय में नवाचार परिषद “इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल” Institution’s Innovation Council (IIC) – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi स्थापित है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों को नए विचारों के साथ काम करने और इन विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना, प्रेरित करना और उनका पोषण करना है। पूर्व में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी को उच्च शिक्षा क्षेत्र में पूरे भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले संस्थान के तौर पर चिन्हित किया गया है। आईआईसी सेल को वर्ष भर नवाचारी कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम संचालित करने एवं नियत कार्यक्रमों में प्रगतिशील भागीदारी निभाने के लिए फोर स्टार रेटिंग प्रदान किया गया है।