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बीबीए इन लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट: बने सप्लाई के एक्सपर्ट

Q. लॉजिस्टिक्स किसे कहते है। इस शब्द की उत्पति कैसे हुई ?
Ans. लॉजिस्टिक्स शब्द की उत्पत्ति सेना में हुई थी। लॉजिस्टिक्स शब्द का उपयोग सैनिकों को उपकरण और आपूर्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया के लिए किया जाता था। 1950 के दशक तक, जब व्यवसायों के लिए शिपिंग सामग्री की जटिलता बढ़ गई थी, तब तक यह ‘रसद’ व्यावसायिक कार्यों के लिए संदर्भित नहीं था। अब, रसद एक उद्योग है और किसी भी व्यवसाय मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है; यह किसी व्यवसाय में माल के प्रवाह और भंडारण का नियंत्रण है।अर्थात ग्राहकों को माल परिवहन की आर्थिक गतिविधि या कहें सैनिकों के लिए रसद समार्गी अभियान, उपकरण और आवास की व्यवस्था करने का विज्ञान।

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Q. लॉजिस्टिक्स में होता क्या है ?
Ans. लॉजिस्टिक्स एक कंपनी या प्रोडक्ट डिलीवरी से जुड़े भीतर की गतिविधियों को करता है। इसमें ओपनिंग प्रोडक्शन से फाइनल डिलीवरी तक शामिल है। दूसरी भाषा में कहें तो लॉजिस्टिक्स प्रोडूसर को संतुस्ट करती है की उसके द्वारा मंगाया गया सामान काम समय और उचित खर्चे में उसके पास पहुंचेगा। लॉजिस्टिक्स प्रबंधन प्रक्रिया कच्चे माल के संचय से शुरू होती है जो गंतव्य तक माल पहुंचाने के अंतिम चरण में होती है। ग्राहकों की जरूरतों और उद्योग मानकों का पालन करके, रसद प्रबंधन प्रक्रिया की रणनीति, योजना और कार्यान्वयन की सुविधा प्रदान करता है।

Q. लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कैसे अलग हैं?
Ans. लॉजिस्टिक्स का तात्पर्य किसी कंपनी के भीतर के कार्यों से है। जैसे : डिस्ट्रीब्यूटर को कच्चे माल की खरीद और डिलीवरी। पैकेजिंग , शिपमेंट। परिवहन इत्यादि। जबकि सप्लाई चेन मैनेजमेंट में बाहरी संगठनों का नेटवर्क है जिसमें वेंडर, ट्रंसपोटशन प्रोवाइडर, वेयरहाउस प्रोवाइडर, कॉल सेंटर और प्रोडक्ट डिलीवरी देने वाले वाले कार्य एक साथ किये जाते है।

Q. लॉजिस्टिक्स क्यों महत्वपूर्ण है ?
Ans. छोटे वयवसाय और ग्राहकों की जरुरत को पूरा करने के लिए। उत्पाद अगर समय पर ग्राहक तक नहीं पहुंचा तो व्यापार विफल हो जायेगा। लॉजिस्टिक्स में कुशलता के साथ कच्चे माल खरीदना उपयोग किये जाने तक स्टोर करके रखना और अधिक समय तक लाभदायक बनाकर रखना होता है।

Q.बीबीए इन लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट कोर्स क्या है ?
Ans. बीबीए इन लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट 3 वर्षीय कोर्स है जिसे उद्योग जगत की आवशयकता को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जा रहा है। यह कोर्स उनकी जरूरतों को पूरा करते हुए स्किल्ड फोर्स उपलब्ध करता है। बीबीए इन लॉजिस्टिक पाठ्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार किया जाता है जिनमें स्किल और ऐटिट्यूड, लाइफ स्किल, क्लास रूम लर्निंग, इंटर्नशिप के साथ 18 महीने का इंडस्ट्री एक्सपीरिएंस/ ऑन जॉब ट्रेनिंग, स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट शामिल है।

Q. लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट क्यों इम्पोर्टेन्ट है ?
Ans. लॉजिस्टिक का क्षेत्र काफी विस्तृत है। वेयर हाउसिंग सिस्टम, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम भी इसके हिस्से हैं। यहां काम करने वाले प्रोफेशनल को इन सारे कार्यों की जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा लेबर मैनेजमेंट, कस्टमर को-ऑर्डिनेशन, पर्चेजिंग जैसे क्षेत्र भी लॉजिस्टिक के अंतर्गत आते हैं। लॉजिस्टिक मैनेजमेंट किसी भी कारोबार, संगठन या व्यक्ति विशेष के लिए आवश्यक सामग्री या कच्चे माल की आपूर्ति करता है । कोई भी उत्पाद या सेवा या कच्चे माल की मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे यह देखना और उपभोक्ता की संतुष्टि भी देखना उसका काम होता है। माल की सही डिलीवरी उसे सुनिश्चित करना होता है। उदाहरण के लिए भारत के आम, चीन के इलेक्ट्रिक सामान, इटली के ऑलिव ऑयल, अमेरिकन चॉकलेट, अरब के खजूर, जर्मनी की कारें या फिर अलग-अलग जगहों के स्पेशल आइटम्स अगर आज सरलता से हमारे स्टोर्स में उपलब्ध हैं तो इसके पीछे सबसे अहम रोल लॉजिस्टिक का ही होता है।

Q. बीबीए इन लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट क्यों करें ?
Ans. ई-कॉमर्स कंपनियों के बढ़ते कारोबार के चलते लॉजिस्टिक्स में कॅरियर के नए-नए ऑप्शन सामने आ रहे हैं। विगत कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स कंपनियां भरपूर बिजनेस कर रही हैं। इस बिजनेस में लॉजिस्टिक कंपनियों की भूमिका नजरअंदाज नहीं की जा सकती। जबसे इंटरनेट के संसार में ई-कॉमर्स कंपनियों ने लोगों के बीच पैठ बनाई है, कई अन्य क्षेत्र भी रोजगार के लिए खुल गए हैं। इनमें लॉजिस्टिक और डिलीवरी का क्षेत्र सबसे अहम है। भारत की विशाल आबादी और ई-कॉमर्स कंपनियों के तेज विकास के कारण यह क्षेत्र तीव्र विकास कर रहा है। अभी भारत में लॉजिस्टिक इंडस्ट्री 130 अरब से ज्यादा की आंकी गई है। इसमें ग्रोथ भी जबर्दस्त है। कोई भी व्यक्ति, जो कम्युनिकेशन स्किल और मेहनत करने में यकीन रखता है, थोड़े प्रयासों से इस क्षेत्र में रोजगार हासिल कर सकता है। एक कस्बाई इलाके से लेकर दुनिया भर के मेटेपॉलिटन शहरों में भी काम के अवसर हैं। देश-विदेश में इसके प्रोफेशनल्स की डिमांड है।

एक लॉजिस्टिक मैनेजर की सैलरी कंपनी के आकार पर काफी निर्भर करती है। शुरुआत में 10 से 15 हजार सैलरी आसानी से मिल जाती है। कुछ अनुभव के बाद ही 20 से 50 हजार सैलरी हो जाती है, जो आगे चलकर एक लाख प्रतिमाह तक हो सकती है।

Q. कहाँ से करें यह कोर्स ?
Ans. झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल कौंसिल(एलएसएससी) से एमओयू करते हुए 3 वर्षीय बीबीए इन लॉजिस्टिक्स पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्क्रम पूर्णकालिक रोजगारपरक कार्यक्रम है जिसे केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्रालय (एमएचआरडी) और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम उद्योग जगत की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रारंभ किया गया है।

    हाई लाइट्स ऑफ़ द कोर्स

  • सरकार के उच्च शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित।
  • इंडस्ट्रियल सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने वाला।
  • स्किल्ड और इंडस्ट्री रेडी बनाने में मददगार ।
  • लाइफ स्किल्स और पर्सनालिटी डेवलपमेंट ।
  • पढ़ाई के दौरान 18 महीने का औद्योगिक प्रशिक्षण।
  • प्रत्येक प्रशिक्षण समाप्त होने पर सरकार द्वारा प्रमाणपत्र।
  • औद्योगिक प्रशिक्षण के कार्य अनुभव को मान्यता।
  • औद्योगिक प्रशिक्षण के दौरान 9000-15000 छात्रवृति सुविधा।
  • ग्रामीण छात्रों के लिए रोजगार प्राप्त करने का सुनहरा अवसर।
  • लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल कौंसिल द्वारा नौकरी की सुविधा।
  • स्टार्टअप्स और इंटरप्रेन्योर बनने का अवसर।
Idea-Pitching-IIC-02

Call for Proposals for Idea Pitching Contest

Theme: To Promote Entrepreneurship Amongst Tribal Women of Nation

  • Choose any of the area mentioned below : –
    • Tribal Healing
    • Forest Products
    • Tribal Art and Craft
    • Tribal traditional Process or Indigenous Practises
  • Background of any new idea you want to propose or the solution to the existing problem you want to suggest (1000 words)
  • State its Objectives (Only 2-3 focused objective that can be observed, measured or clearly assessable):
  • Describe the Methodology (1000 words):
    (Describe how your idea or plan will leverage livelihood/economic opportunities and solve societal challenges in a sustainable way. Support with defined steps/relevant process details, e.g., flow chart, model, survey procedures, – as applicable to achieve the stated objectives)
  • Suggest a viable solution to make the proposed idea scalable
  • Submit your Big Idea Via the link below: –

Register Now Link

    Rules:

  • Students all across India can register for the Idea Pitching individually or in teams.
  • There can be no more than 4 members in a team (1 Female and 1 Tribal representation is mandatory in team)
  • Selected ideas on the criteria mentioned below will be asked to give presentation for 15-20 minutes (max 10 power point slides) defining a specific solution to a local problem in front of the Jury. The date and time of presentation which will be informed to the selected participants.
  • The idea must be original.
  • No team/contestant can take part in more than one category.
  • Few Selected ideas will be incubated by the University and mentored by WICCI- Tribal Welfare and Entrepreneurship council.
  • Jury reserves the right of admittance for all contestants and can eliminate contestants without disclosing any reason.
    Selection Criteria
    The new ideas or the solution to the problems identified by the participants will be judged on the following criteria:

    1. Quality of the proposal: 25%

    2. Has any research into the idea been done?
    3. How complete is the idea?
    1. Impact: 25%

    2. Does it solve a problem that exists?
    3. What is the potential market? How many people could it potentially benefit? Is the plan scalable?
    4. Is it in line with the pitching theme and the objective of promoting sustainable livelihood and self-reliance amongst Tribal Women.
    1. Innovation: 25%

    2. Is this a new solution to the problem or completely new idea? Does a similar product/solution exist? Does it have any unique features to distinguish it?
    3. Is there a new approach to an old solution (within the product) that already exists?
    1. Sustainability: 25%

    2. Is there a long-term vision for the idea and product?
    3. Is there a team behind this idea?
    4. How will this drive forwards after the start, until completion?
    5. Is there a possibility for funding of the project? Has this been identified and clearly described?

For more details contact:
Kumar Amrendra
Convener, Jharkhand Rai University, Ranchi
Contact: 7368000411

Rashmi Raj
Convener, WICCI
Contact: 7903881604 / 9431579389

Idea-Pitching-IIC-02

आईडिया पिचिंग प्रतियोगिता के प्रस्ताव के लिए आवेदन प्रारूप

थीम : देश की आदिवासी महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा।

    दिए गए विषयों में से किसी एक का चुनाव करें।

  • आदिवासी चिकित्सा
  • वन उत्पाद
  • आदिवासी कला और शिल्प
  • जनजातीय पारंपरिक प्रक्रिया और स्वदेशी प्रथाएँ।
  • किसी भी नए विचार की पृष्ठ्भूमि जिसे आप प्रस्तावित करना चाहें या मौजूदा समस्या का समाधान उपलब्ध करना चाहें ( 1000 शब्दों में )
  • उद्देश्यों का परिचय : ( 2 या 3 महत्वपूर्ण उद्देश्यों का परिचय दें जिन्हें स्पष्ट रूम में मापा या मूल्यांकित करने योग्य हो)
  • कार्यप्रणाली का विवरण ( 1000 शब्द में ):
    (आपके दिए गए विचार किस प्रकार आजीविका /आर्थिक विकास सामाजिक चुनौतियों को बदलने में लाभ दायक साबित हो सकते है। निम्नलिखित प्रक्रिया एवं विवरण में प्रस्तुत करें जैसे :फ्लो चार्ट,मॉडल, सर्वे प्रक्रिया इत्यादि। जिनके माध्यम से उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।)
  • प्रस्तावित विचार को मापने योग्य बनाने के लिए वयवहारिक समाधान का सुझाव दें।
  • अपने मौलिक विचार को निचे दिए गए लिंक के जरिये भेजें।

Register Now Link

    नियम :

  • देश भर के स्टूडेंट्स आईडिया पिचिंग कांटेस्ट में निबंधित होकर एकल या टीम के तौर पर भाग ले सकते है।
  • एक टीम में 4 से अधिक सदस्य नहीं हो सकते हैं (टीम में 1 महिला और 1 आदिवासी प्रतिनिधित्व अनिवार्य है)
  • मानदंडों के आधार पर चयनित विचारों को 15-20 मिनट का मौका ( अधिकतम स्लाइड में ) प्रतुतीकरण के लिए दिया जायेगा। स्थानीय समस्या का विसिष्ट समाधान प्रतियोगिया के जजों के समक्ष करना होगा। चयनित प्रतिभागियों को प्रतुतीकरण से जुड़ी जानकारी (समय और तारीख़ ) की जानकारी समय पर दे दी जाएगी।
  • विचार मौलिक होने चाहिए।
  • प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली टीम या प्रतिभागी एक से ज्यादा वर्ग में हिस्सा नहीं ले सकते है।
  • चुनिंदा मौलिक विचारों को यूनिवर्सिटी और विक्की – ट्राईबल वेलफेयर एंड इंटरप्रेनरशिप कौंसिल द्वारा संरक्षित कर आगे बढ़ाया जायेगा।
  • जूरी सभी प्रतियोगियों के प्रवेश का अधिकार सुरक्षित रखता है और किसी भी कारण का खुलासा किए बिना प्रतियोगियों को समाप्त कर सकता है।

चयन प्रक्रिया :
नए विचारों या प्रतिभागियों द्वारा पहचानी गई समस्याओं के समाधान को निम्न मानदंडों पर आंका जाएगा:

1. प्रस्ताव की गुणवत्ता: (25 % )

  1. क्या विचार में कोई शोध किया गया है?
  2. विचार पूर्ण कैसे हुआ है ?

2. प्रभाव: (25 %)

  1. क्या यह मौजूद किसी समस्या का हल है?
  2. संभावित बाजार क्या है? संभावित रूप से कितने लोगों को इसका लाभ मिल सकता है? क्या योजना मापनीय है?
  3. क्या यह दिए गए (पिचिंग) विषय और आदिवासी महिलाओं के बीच स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य के अनुरूप है।

3. नवोन्मेष : ( 25 %)

  1. क्या यह समस्या का एक नया समाधान है या पूरी तरह से नया विचार है? क्या एक समान उत्पाद / समाधान मौजूद है? क्या इसे भेद करने के लिए कोई अनोखी विशेषताएं हैं?
  2. क्या एक पुराने समाधान (उत्पाद के भीतर) के लिए एक नया दृष्टिकोण है जो पहले से मौजूद है?

4. स्थिरता : ( 25 %)

  1. क्या यह विचार और उत्पाद के लिए दीर्घकालिक दृष्टि है?
  2. क्या इस विचार के पीछे कोई टीम है?
  3. यह ड्राइव शुरू होने के बाद, पूर्ण होने तक कैसे चलेगी?
  4. क्या परियोजना के वित्तपोषण के लिए कोई संभावना है? क्या इसकी पहचान और स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है?

For more details contact:
Kumar Amrendra
Convener, Jharkhand Rai University, Ranchi
Contact: 7368000411

Rashmi Raj
Convener, WICCI
Contact: 7903881604 / 9431579389

NCC exam

राज्य के पुलिस फोर्सेज परीक्षा में एनसीसी सर्टिफिकेट धारकों को मिलेगी वरीयता

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) में भारत के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एनसीसी सर्टिफिकेट धारकों को बोनस अंक देने का निर्णय लिया है. अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), राज्य सशस्त्र बलों की परीक्षाओं में एनसीसी कैडेट को अलग से अंक दिए जाएंगे।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में एनसीसी कैडेट होने का फायदा :

  • एनसीसी ‘C’ सर्टिफिकेट धारकों को परीक्षा के अधिकतम अंकों का 5% बोनस अंकों के रूप में दिया जाएगा।
  • एनसीसी ‘B’ सर्टिफिकेट धारकों को परीक्षा के अधिकतम अंकों का 3% बोनस अंकों के रूप में दिया जाएगा।
  • एनसीसी ‘A’ सर्टिफिकेट प्राप्त करने वालों को परीक्षा के अधिकतम अंकों का 2% बोनस अंकों के रूप में दिया जाएगा।

ऑनलाइन एक्सिबिशन ऑफ माइन आर्ट 2020 की झलकियां।

सीएपीएफ भर्ती में एनसीसी ‘ए’ प्रमाण पत्र धारकों को बोनस अंक देने की ये योजना उप निरीक्षक और कांस्टेबल (जीडी) के पदों के लिए आगामी सीधी भर्ती परीक्षा में लागू होगी। भारत सरकार सभी राज्य सरकारों से अपने संबंधित पुलिस बलों के लिए सीधी भर्ती परीक्षा में समान प्रावधान करने का भी आग्रह करेगी ताकि एनसीसी प्रमाणपत्र धारकों को उनके साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके । केंद्रीय गृहमंत्री ने इस बारे में कहा कि ये निर्णय न केवल युवाओं को एनसीसी में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि सीएपीएफ को प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगा ।

भारत को क्यों कहा जाता था विश्व गुरु ? एजुकेशन सेक्टर में कैसे बनेगें हम लोकल, वोकल- ग्लोबल ।

राष्ट्रीय कैडेट कोर का परिचय:

एनसीसी एक त्रिकोणीय सेवा संगठन है जिसमें सेना के तीनों विंग शामिल है- थल सेना नौसेना और वायु सेना। संगठन का आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ है, जिसके पालन से यह युवाओं को अनुशासित और देशभक्त नागरिकों के रूप में तैयार करता है। इसका गठन राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम, 1948 के तहत किया गया था. गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने युवाओं को एनसीसी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने और देश की भलाई के लिए समर्पित तरीके से काम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. सशस्त्र बलों के अधिकारियों की सेवा करके कैडेटों को एनसीसी में बुनियादी सैन्य और हथियार प्रशिक्षण दिया जाता है. उनकी प्रवीणता और निपुणता का समय-समय पर परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद ही उन्हें प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाता है ।

इंडस्ट्री रेडी कोर्स – बीबीए इन लॉजिस्टिक : स्टार्टअप्स और उद्यमिता का अवसर।

एनसीसी सर्टिफिकेट:

एनसीसी में प्रथम स्तर से उत्तीर्ण होने पर कैडेट को ‘A’ प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाता है. वहीं दूसरे स्तर को उत्तीर्ण करने पर ‘B’ प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है. केवल वे कैडेट जिनके पास ‘बी’ प्रमाण पत्र है, वे ‘सी’ प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पात्र होते है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची की ऑफिसियल वेबसाइट www.jru.edu.in के अलावा ब्लॉग के जरिये जानकारी प्राप्त करने के लिए लॉग इन करें https://www.jru.edu.in/my-campus-life/

JRU Convocation 2020 (11)

2nd Convocation 2020

2nd Convocation 2020

Webinar on: “Covid 19 : Challenges and Economic change Management”

Speaker: Capt. Kumar Devashish, Founder & CEO – 3S Consultants, ISDG Research Foundation

Ex Chief Minister Fellow (Chhattisgarh), Ex Master Mariner

Date: May 16, 2020 / Time : 12.00 pm – 1:00 pm

Platform: Webex Meeting

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Organized by Department of Management, JRU

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के विशेष दीक्षांत समारोह में चर्चित हस्तियों को मिली मानद उपाधि

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची द्वारा नई दिल्ली में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह में देश विदेश की कई चर्चित हस्तियों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस दौरान कला, संगीत उद्योग, फिल्म, सैन्य और उद्यमिता क्षेत्र की जानी मानी हस्तियां उपस्थित रही। राय विश्वविद्यालय, रांची द्वारा आयोजित यह दूसरा विशेष दीक्षांत समारोह था। डॉ. की मानद उपाधि प्राप्त करने वालों में देश विदेश की कई चर्चित हस्तियां शामिल रही जिन्होंने अपने- अपने क्षेत्र में लिक से हटकर कार्य किया और अपनी अलग पहचान बनायीं है। दीक्षांत समारोह के दौरान राय यूनिवर्सिटी की चेयरपर्सन,वीमेन इकोनॉमिक फोरम और ऑल लेडीज लीग की ग्लोबल चेयरपर्सन डॉ. हार्बिन अरोड़ा एवं झारखण्ड राय युनिवर्सिटी, रांची की वॉइस चांसलर डॉ. सविता सेंगर उपस्थित थी ।डॉ. अरोड़ा विमेंस इंडियन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की संथापक एवं बायोआयुर्वेदा लिमिटेड की संस्थापक रही है। रेपुटेशन पोल 2019 के अनुसार इन्हें अर्थ की महत्वपूर्ण 100 शख्सियतों में शामिल किया गया है।

विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान उपाधि प्राप्त करने वाले विभूतियों का संछिप्त परिचय :

वनेसा सेरानो: दसामी और जेरतु जैसे ब्रांड की संस्थापक और ग्रूपो टीएमएम की पहली वाइस प्रेजिडेंट वनेसा सेरानो शामिल थी. वनेसा सेरानो मैक्ससिको की रहने वाली है. ग्रूपो टीएमएम कंपनी मैक्सिको की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक और ट्रांसपोटिंग कंपनी है.

आशीष भसीन: डेन्ट्सू एजिस नेटवर्क साउथ एशिया के चैयरमैन और सीईओ आशीष भसीन एशिया पैसिफिक में विज्ञापन और मिडिया उद्योग का पिछले 30 वर्षों से जाना पहचाना नाम है । वर्ष 2018 के मीडिया हेड अवार्ड के लिए भी इन्हे चयनित किया गया है।

कुलमीत बावा: सीओओ और जपैक रसूलट्रिक्स के प्रेजिडेंट कुलमीत बावा इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस और इंडियन डिफेन्स अकादमी से स्नातक कुलमीत बावा है। 12 वर्षो तक भारतीय सेना में अपनी सेवा देने के बाद कॉर्पोरेट वर्ल्ड में डेटा ड्राइव के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए अलग पहचान बनायीं है। कुलमीत बावा एडोब साउथ एशिया के वॉइस प्रेजिडेंट भी रह चुके है।

भुवन लाल: फिल्म प्रोडूसर, लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर भुवन लाल सुभाष चंद्र बोस पर लिखी किताब ” दी मैन इंडिया मिस्ड द मोस्ट” के लेखक होने के साथ अवार्ड विनिंग फिल्म मेकर, इंटरनेशनल एंटरप्रेनर और फिल्म जर्नलिस्ट रहे है। ड्रीम फैक्ट्री कंपनी के संस्थापक और इंडियन ब्राडकास्टिंग फाउंडेशन के डायरेक्टर रह चुके भुवन लाल वर्तमान में लाल एंटरटेनमेंट के चैयरमैन है। इस कंपनी ने कान फिल्म फेस्टिवल २००३ का आयोजन किया था।

एस. पी गणेशन: क्लीन इफ़इंटेक प्राइवेट लिमिटेड और सीईएफ ग्रुप कंपनीज के बोर्ड मेंबर और डायरेक्टर है। ये कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, परंपरागत ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत है. अपने ३४ वर्षो के अनुभव के साथ एस. पी गणेशन नवीकरणीय ऊर्जा, परंपरागत ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे है।

मीनू बक्शी: कविता, संगीत, भाषा विज्ञान के अलावा लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।जेएनयू दिल्ली में स्पेनिश भाषा की प्रोफेसर होने के साथ ही हिंदुस्तानी क्लासिक म्यूजिक में भी इनकी पहचान है. प्रो. मीनू बक्शी भारत सरकार के लिए स्पेनिश भाषा में दुभाषिया के तौर पर भी कार्य करती है इसके साथ सामाजिक कार्यो के लिए कई सारे एनजीओ से जुडी है। यूके फिल्म फेस्टिवल लंदन का चेयरपर्सन रहने का गौरव भी इन्हें प्राप्त है।

कमांडर अभिलाष टोमी: भारतीय नौ सेना में कमांडर टोमी पहले भारतीय है जिन्होंने बिना रुके संसार जलयात्रा को पूरा किया है। इन्होने अबतक 52 हजार माइल्स की जल यात्रा की है। 2018 में आयोजित गोल्डन ग्लोब प्रतियोगिता के दौरान विषम परिस्थियों में इन्होने अपनी क्षमता साबित किया। कृति चक्र, तेनजिंग नोर्गे और मैक ग्रेगोर पुरस्कार भी इनकी बहादुरी और साहस भरे कार्यों चलते दिया जा चूका है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, नामकुम कैंपस में मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, नामकुम कैंपस में मतदाता जागरूकता पर व्यख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर व्यख्यान देने के लिए नामकुम प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) देवदत्त पाठक उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन विधान सभा चुनावों में युवा मदताताओं और पहली बार अपने मत का प्रयोग करने वालों को मतदान प्रक्रिया से अवगत करना था। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया की कोई भी मतदाता मतदान की प्रक्रिया से वंचित न रहें।

श्री पाठक ने अपने संबोधन में कहा की “इसमें कोई दो राय नहीं है कि हम एक लोकतांत्रिक देश के स्वतंत्र नागरिक है। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जितने अधिकार नागरिकों को मिलते हैं, उनमें सबसे बड़ा अधिकार है वोट देने का अधिकार। 2011 में भारत सरकार ने चुनावों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने व जागरूकता लाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के गठन दिवस को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस घोषित करने का निर्णय लेते हुए इस दिवस को प्रतिवर्ष मनाने का ऐलान किया।भारत जैसा युवा देश जिसकी 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम है। उस देश के युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो अशिक्षित लोगों को वोट का महत्व बताकर उनको वोट देने के लिए बाध्य करे। लेकिन यह विडंबना है कि हमारे देश में वोट देने के दिन लोगों को जरूरी काम याद आने लग जाते हैं।“इस दौरान स्टूडेंट्स को चुनाव प्रक्रिया, वीवीपैड, मतदान प्रक्रिया और भागीदारी, जागरूकता कार्यक्रम और युवाओं की भूमिका से भी परिचित करवाया गया।

मतदान जागरूकता में अपनी भागीदारी सुनिचत करते हुए राय यूनिवर्सिटी नामकुम कैंपस के स्टूडेंट्स ने बुधवार कोस्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत मददाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली का आयोजन किया। जागरूकता रैली नामकुम कैंपस ने निकलकर जोड़ा मंदिर मोड़ तक आयोजित की गयी. इस दौरान आस पास के गांव के ग्रामीणों को मतदान के प्रति जागरूक करने और मतदान के दिन सभी कामों को छोड़कर मतदान करने के लिए स्टूडेंट्स ने उन्हें जागरूक किया। रैली में स्टूडेंट्स ने “एक वोट भी कीमती है” और “मतदान जरुरी है” जैसे नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।

जागरूकता रैली के दौरान स्टूडेंट्स ग्रुप का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर के प्रोफेसर डॉ. अलोक कुमार, डॉ. धनंजय और प्रो. वकील कुमार ने किया। इस दौरान एलइओ रेनू कुमारी, राधेश्याम, गंशु मुंज, जेएसएस अमर सिंह भी उपस्थित थे।