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झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में मिलेट मिशन पर व्याख्यान

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर ने शनिवार को एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया।”एक्सपेरिएंसेस ऑफ़ ओडिशा मिलेट मिशन एंड मिलेट बिज़नेस अपॉर्चुनिटीज फॉर एंटरप्रेन्योर्स” विषय पर आयोजित टॉक को ओडिशा के आत्मा प्रोजेक्ट के ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर तापस चंद्र रॉय ने संबोधित किया। सर्वप्रथम श्री राय ने मोटे अनाज (मिलेट्स) की चर्चा करते हुए कहा की “मोटे अनाज वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मिलेट क्रॉप कहा जाता है। इसे सुपर फूड भी कहते है, क्योंकि इनमें पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में होते हैं।

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संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट क्रॉप वर्ष घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह कदम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद उठाया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा है कि वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बीएससी एग्रीकल्चर में करियर कैसे बनाये?

https://www.jru.edu.in/programs/department-of-agriculture-2/b-sc-hons-agriculture/

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान ओडिशा राज्य में इस फसल को लेकर किये गए कार्यों की चर्चा करते हुए बताया की” राज्य में किसानों की शिकायत थी कि मोटे अनाजों की फसलों को सूअर सबसे अधिक बर्बाद करते हैं, किसानों की कड़ी मेहनत के बाद भी उपज घर नहीं आ पाती थी। इससे किसानों ने मोटे अनाज, खासकर बाजरे की खेती छोड़ दी। ओडिशा सरकार ने किसानों की समस्याओं पर गौर किया, बाजरे की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की उसका नतीजा अब दिखने लगा है।

मिलेट बिजनेस से कैसे जुड़ें?

https://www.jru.edu.in/blog-post/millet-business-ideas-tapas-chandra-roy-certified-farm-advisor-on-millets/

बाजरे की खेती और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा में संचालित ओडिशा मिलेट मिशन देश के एक बेहतरीन अभियानों में से एक है। इससे ओडिशा में बाजरा उत्पादन को काफी गति मिली है। पहले साल उत्पादन में 20-30 क्विंटल की बढ़ोतरी हुई । इसके बाद से सरकार ने इसकी खेती की तरफ ध्यान देना शुरू किया। मार्केटिंग पर जोर देने के लिए उत्पादन बढ़ाया गया। फिर बाजरे की खरीद पर फोकस किया गया। आज राज्य के 1.5 लाख किसान इससे जुड़े हुए हैं और दो लाख हेक्टेयर में इसकी खेती होती है।

एक्सपर्ट टॉक के समापन पर कृषि स्नातक विषय की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने सवाल पूछे जिनका जवाब तापस चंद्र रॉय ने विस्तार पूर्वक दिया। धन्यवाद् ज्ञापन विभाग समन्वयक डॉ. नीता केरकेट्टा ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. नेहा सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. राहुल कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

NCF 2023: स्कूली शिक्षा में बदलाव के लिए नई राष्ट्रीय पाठ्यचर्या का प्री-ड्राफ्ट जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसमें 12वीं की बोर्ड परीक्षा को दो टर्म में लेने का प्रस्ताव है।10वीं-12वीं के नतीजों में पिछली कक्षाओं के अंक जोड़ने की सिफारिश भी की गई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार इस फ्रेमवर्क में साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के विभाजन को भी खत्म करने का प्रस्ताव है। गुरुवार को जारी किये गए स्कूली शिक्षा के लिए एनसीएफ प्री-ड्राफ्ट पर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्वानों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। कोरोना के दौरान बोर्ड परीक्षा दो हिस्सों में ली गई थी, अब उसी व्यवस्था को स्थायी बनाया जाएगा। नया फ्रेमवर्क सत्र 2024-25 से लागू हो सकता है।

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10वीं, 12वीं के परीक्षा परिणाम में पिछली कक्षा के अंक भी जुड़ सकते हैं:

ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 10वीं और 12वीं कक्षा के अंतिम परिणाम में पिछली कक्षा के अंकों का भी मूल्यांकन जोड़ा जा सकता है। इसके आधार पर बच्चों के पास परीक्षा देने का पर्याप्त समय और मौके उपलब्ध होंगे। बच्चे जब भी खुद को तैयार पाएंगे, वे परीक्षा की मांग रख सकते हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर बोर्ड को प्रश्नों का बैंक तैयार करना होगा और परीक्षा के समय उपयुक्त सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी।

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड कोर्स का है जमाना

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विभिन्न श्रेणियों में ये विषय होंगे शामिल:

ह्यूमैनिटीज में भाषा, साहित्य व दर्शन की पढ़ाई होगी, जबकि समाज विज्ञान में इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र की और विज्ञान में भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान की पढ़ाई करनी होगी। वहीं, गणित और कंप्यूटिंग में गणित, कंप्यूटर विज्ञान, बिजनेस गणित और कला में संगीत, नृत्य, थियेटर, चित्रकला, वोकेशनल में कौशल विकास के कोर्स, स्पोर्ट्स में गेम्स, योग की जानकारी मिलेगी।

अब 12वीं नहीं 9वीं से भविष्य बनाने में मिलेगी मदद:

अब छात्र को कक्षा नौवीं से अपने भविष्य को लेकर तैयारी शुरू करनी होगी। उसे सभी विषयों के बारे में पढ़ाया जाएगा, ताकि वह 12वीं के बाद किस क्षेत्र में भविष्य बनाना है,उसमें उलझन न हो। मसौदे में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं को सेकेंडरी स्टेज में रखते हुए दो भागों में बांटा गया है। इसमें कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। कक्षा 10वीं को पूरा करने के लिए छात्रों को कक्षा नौंवी और 10वीं के दो वर्षों में कुल आठ-आठ पाठ्यचर्या क्षेत्रों में से प्रत्येक से दो आवश्यक पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। उदाहरण के तौर पर अभी 10वीं बोर्ड परीक्षा के छात्रों को कम से कम पांच विषयों की पढ़ाई करनी होती है, लेकिन नई सिफारिश में आठ विषयों को अनिवार्य किया जा सकता है।

मेडिकल क्षेत्र में जाने का सपना है तो करें बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी
https://www.jru.edu.in/programs/bpt/

11वीं में भविष्य के आधार पर तीन क्षेत्रों में से एक चुनने का विकल्प:

मेडिकल, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भविष्य बनाने को लेकर अक्सर छात्र तनाव में रहते हैं। इसी कारण महंगी कोचिंग के बाद भी छात्र असफलता के डर से अपना जीवन समाप्त कर देते हैं। इन्हीं दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए नौंवी कक्षा से 12वीं कक्षा के कोर्स को इस तरह से डिजाइन करने की सिफारिश की गयी है, दसवीं कक्षा तक विभिन्न विषयों को पढ़ने और विस्तार से जानने के बाद उसे 11वीं कक्षा में तीन विकल्प मिलेंगे। पहले विकल्प में ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस, साइंस,मैथमेटिक्स और कंप्यूटिंग विषय होंगे। दूसरे में इंटरडिसिप्लिनरी एरिया ऐसे बच्चों के लिए स्नातक के बाद रिसर्च एरिया में भविष्य बनाना चाहते होंगे। तीसरे वर्ग में ऑटर्स, स्पोर्ट्स और वोकेशनल को चुनने का विकल्प मिलेगा।

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सीबीएसई:10वीं-12वीं मूल्यांकन योजना को नया रूप। परीक्षा में ज्यादा होंगे एमसीक्यू प्रश्न

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में अब अधिक योग्यता आधारित अधिक बहुविकल्पीय (एमसीक्यू) प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, लघु व दीर्घ प्रश्नों के पूर्णांक कम होंगे। बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किए हैं।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) का प्री-ड्राफ्ट जारी किया था जिसमें 12वीं की बोर्ड परीक्षा को दो टर्म में लेने का प्रस्ताव है।10वीं-12वीं के नतीजों में पिछली कक्षाओं के अंक जोड़ने की सिफारिश भी की गई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार इस फ्रेमवर्क में साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के विभाजन को भी खत्म करने का प्रस्ताव है।

B.Sc Agriculture as a career choice?

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इसरो के पूर्व चेयरमैन के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति ने मसौदा जारी कर सभी हितधारकों के सुझाव मांगे हैं। शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह एनसीएफएसई का पूर्व मसौदा है, जिसपर अभी नेशनल स्टीयरिंग कमेटी में कई दौर का विचार विमर्श बाकी है। अलग-अलग क्षेत्रों के साझेदारों के सुझाव एनएससी को विभिन्न बदलावों और दृष्टिकोणों के बारे में समालोचनात्मक रूप से विचार करने में मदद करेंगे।

Mining Engineering: Courses, institutes and job roles

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इधर सीबीएसई ने सत्र 2023-24 के लिए मूल्यांकन योजना को नया रूप दिया है। नई व्यवस्था अगले साल से नौवीं-दसवीं व 11वीं-12वीं की परीक्षाओं पर लागू होगी।10वीं में योग्यता आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का वेटेज 50 फीसदी और बारहवीं में 40 फीसदी होगा। दसवीं में लघु और दीर्घ उत्तर प्रकार के प्रश्नों का वेटेज 30 प्रतिशत होगा।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का वेटेज 20% होगा। बारहवीं कक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न 20% वेटेज के साथ अनिवार्य रूप से एमसीक्यू में होंगे। 12वीं में लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का वेटेज 40% होगा। बोर्ड ने 2023-24 की परीक्षाओं के लिए सैंपल पेपर और प्रत्येक विषय के प्रश्न पत्रों के डिजाइन को जारी किया है।

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जेईई-मेन का एडमिट कार्ड जारी: 6 अप्रैल से शुरू होगी परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जा रही देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन (अप्रैल) के एडमिट कार्ड जारी गए हैं। जेईई मेन 2023 परीक्षा का आयोजन 6 से 12 अप्रैल, 2023 तक होना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल के जेईई मेन्स सेशन टू में करीब 9.4 लाख कैंडिडेट्स भाग ले रहे हैं। अप्रैल सेशन के लिए भारत में 315 परीक्षा शहर एवं विदेशों में 15 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

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परीक्षा की तारीख:
परीक्षा की तारीखें 6, 8, 10, 11, 12, 13 और 15 अप्रैल, 2023 हैं। NTA के आधिकारिक नोटिस में है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जेईई मेन्स 2023 सत्र 2 का आयोजन पूरे देश के विभिन्न शहरों में स्थित विभिन्न केंद्रों और भारत के बाहर 24 शहरों में 6, 8, 10, 11, 12, 13 और 15 अप्रैल 2023 को कर रही है।

बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
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दो शिफ्ट में होगी जेईई मेन्स की परीक्षा:
एनटीए जेईई मेन 2023 सत्र 2 परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। जेईई मेन 2023 शिफ्ट 1 का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक है जबकि शिफ्ट 2 का समय दोपहर 3 से शाम 6 बजे है।

माइनिंग इंजीनियरिंग : बेहतर भविष्य और जॉब की गारंटी
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    JEE Main एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप ऐसे करें डाउनलोड:

  • ऑफिशियल वेबसाइट https://jeemain.nta.nic.in/ पर जाएं।
  • होमपेज पर दिए गए जेईई मेन 2023 एग्जाम सिटी स्लिप लिंक पर क्लिक करें।
  • जेईई मेन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉग इन करें।
  • एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप डाउनलोड करें।
  • इसका एक प्रिंटआउट लेकर सेव करके रख लें।
    JEE Main सेशन 2 के लिए के लिए टिप्स:

  • पहले 5 मिनट में पूरे प्रश्न पत्र को सावधानीपूर्वक पढ़ ले ताकि पेपर के लेवल का पता चल सके।
  • छात्र उन महत्वपूर्ण विषयों की सवाल ज्यादा हल करें जो जेईई मेन परीक्षा में अक्सर पूछे जाते रहे
    हैं।
  • छात्रों को इस समय किसी भी विषय को रटने के बजाय सामग्री को दोहराने पर ध्यान देना चाहिए।
  • छात्र भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में इन तीन विषयों की के टॉपिक को अधिक दोहराएं।
  • रिवीजन करते समय छात्रों को ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए।
  • यदि आपको पेपर कठिन लगता है तो घबराएं नहीं और अपने धैर्य के साथ दिमाग से आंसर याद
    करने की कोशिश करें।
  • इसके अलावा अभी घर पर जब भी पढ़ने बैठे तो इस बात का खास ध्यान रखें कि आप अपनी सभी
    टेंशन को दूर कर पढ़ाई करें।
  • फोकस होकर पढ़ेगें तो बेहतर परिणाम आएंगे।
  • परीक्षा के लिए हर विषय महत्वपूर्ण है, ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि एक ऐसा शेड्यूल
    बनाएं जिसमें सभी टॉपिक्स को बराबर समय मिल सके।
  • अगर लगातार बैठ कर सिर्फ पढ़ते रहेंगे और ब्रेक नहीं लेंगे तो बोरियत हो जाएगी और पढ़ने में आपका मन नहीं लगेगा। यह जरूरी है कि पढ़ाई के दौरान समय- समय पर ब्रेक लेते रहें।
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झारखण्ड गवर्नमेंट टूल रूम एवं झारखण्ड राय विश्वविद्यालय ने किया एमओयू

झारखण्ड गवर्नमेंट टूल रूम, रांची एवं झारखण्ड राय विश्वविद्यालय ने कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया गया है। इस अवसर पर झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम रांची के प्राचार्य महेश कुमार गुप्ता और झारखंड राय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने एक दूसरे के साथ एमओयू के दस्तावेज साझा किया।

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झारखण्ड गवर्नमेंट टूल रूम केंद सरकार के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की केंद्रीय सहायता से स्थापित किया गया है। इसे राज्य सरकार की भी मान्यता है। गवर्नमेंट टूल रूम केंद्र के पास अलग-अलग प्रशिक्षण और उत्पादन विभाग है, जो नवीनतम मशीन टूल्स की व्यापक रेंज से सुसज्जित हैं।

बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में क्या है खास ?

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यह संस्थान टूल एंड डाई निर्माताओं के लिए उद्योग आधारित दीर्घकालिक प्रशिक्षण प्रदान करने , ज्ञान और कौशल को उन्नत करने के लिए अल्पावधि और दीर्घ अवधी का प्रशिक्षण देता है । कुशल श्रमिकों,औजार निर्माताओं,मशीन मैन आदि के लिए आवश्यकता आधारित तकनीकी प्रशिक्षण के लिए मध्यम अवधि का पाठ्यक्रम देने के अलावा उद्योग आधारित निरीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और रखरखाव के लिए भी केंद्र प्रशिक्षण प्रदान करता है।

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में जॉब की गारंटी

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एमओयू के मौके पर विचार साझा करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने बताया कि “गवर्नमेंट टूल रूम और झारखंड राय विश्वविद्यालय के बीच एमओयू कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस लाभ विद्यार्थियों के साथ अप्रशिक्षित युवाओं और अपना खुद का उद्यम प्रारंभ करने वालों को मिलेगा।“

एमओयू के अवसर पर गवर्नमेंट टूल रूम रांची के प्रशासनिक अधिकारी आशुतोष मिश्रा, आशीष कृष्णन एवं झारखण्ड राय विश्वविद्यालय की डीन (कॉमर्स एंड मैनेजमेंट) डॉ. हरमीत कौर, डॉ. श्रद्धा प्रसाद और प्रो. रश्मि उपस्थित थी।

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यूपीएससी में असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर के पद पर भर्तियां :13 अप्रैल तक करें आवेदन

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर और यूथ ऑफिसर समेत कई पदों पर भर्तियां प्रकाशित कि है। यूपीएससी द्वारा निकाली गई रिक्तियों के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट https://upsconline.nic.in/ पर जाकर नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इन पदों पर नौकरी के लिए अप्लाई करने के लिए आखिरी तारीख 13 अप्रैल है। आधिकारिक सूचना के मुताबिक के मुताबिक यूपीएससी भर्ती अभियान के जरिए अलग-अलग पोस्ट और विभाग में कुल मिलाकर 69 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

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डिप्लोमा माइनिंग इंजीनियरिंग कर संवारें भविष्य

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    यूपीएससी के लिए कैसे अप्लाई करें?

  • नौकरी के लिए अप्लाई करने के लिए यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर OTR लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रोफाइल को तैयार करें।
  • योग्यता के अनुसार पोस्ट के लिए अप्लाई करें और जानकारी को भरें।
  • डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करें। एप्लिकेशन फीस भरें और फॉर्म सब्मिट कर दें।
  • भविष्य में इस्तेमाल के लिए एप्लिकेशन फॉर्म का प्रिंट अवश्य निकाल लें।

बीटेक माइनिंग इंजीनियरिंग : माइनिंग इंजीनियरिंग बनने का अवसर

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    किन पदों पर होगी नियुक्ति?

  • असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर: 34
  • यूथ ऑफिसर: 7
  • असिस्टेंट मिनरल इकोनॉमिस्ट (इंटेलिजेंस): 4
  • असिस्टेंट ओरे ड्रेसिंग ऑफिसर: 22
  • रीजनल डायरेक्टर: 1
  • असिस्टेंट कमिश्नर: 1
  • परीक्षा शुल्क: उम्मीदवारों को एप्लिकेशन फीस के तौर पर 25 रुपये देने होंगे। एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और महिला उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं है।
MILLET BUSINESS IDEAS BOOK

MILLET BUSINESS IDEAS – Tapas Chandra Roy, Author & Certified Farm Advisor on Millets

EMPOWERING MILLET STARTUPS

Have you ever heard of edible cutlery made from millets? Or millet milk, as an alternative to dairy milk? Well, these and many interesting business ideas are a part of the book called MILLET BUSINESS IDEAS. Written by Tapas Chandra Roy, a Certified Millet Advisor and the winner of ‘Global Sustainability Award 2022’ by GCPIT, the book is a goldmine for those startup founders who are exploring the millet business space and want to have a 360 degrees idea about this superfood before jumping into this sector.

MILLET BUSINESS IDEAS - AUTHOR Tapas Chandra Roy

This book is packed with information about the unique businesses several startup founders are running, the policy support given by Government of India, the exceptional opportunities in this sector, the challenges & how to overcome them and the nutritional values of millets.

In the initial chapter, by raising the curtain on the types of millets available in India, the author walks the reader through the nutritional values they pack. An interesting topic is covered in Part 1- Chapter 4, which lists the myths and beliefs about millets. It helps the reader to take a fresh look at this super grain.

TAPAS CHANDRA ROY millet business idea author

Part 2 of the book scans the current millet trends, starting with value chain analysis of millets to consumption trends and institutional initiatives.

Did you know that there is a whole millet-based hotel industry and cloud kitchens? Yes, there is! In Part 3 of the book Roy mentions the story of young-agri-entrepreneur Chittem Sudheer, who founded ‘Vasena Poli’. Sudheer’s nutrition packed conical millet idlis were tweeted by Vice President M Venkaiah Naidu when he tasted them during his visit to Vishakhapatnam. Part 3 of the books is particularly relevant for entrepreneurs who want to establish themselves in millet business. It gives a list of new ideas that some of the startup founders are already working on, along with their success stories.

Chapter 6 in Part 3 focuses on processing units of millets. Here the author makes keen observations, suggesting why/how a millet processing unit should focus on retaining the bran, while removing the husk.

MILLET BUSINESS IDEAS BOOK

The author writes – “The more the husked grains are rubbed or impacted against the metal surfaces of the machines, the brand gets more damaged. So, it is important to design our millet processing machines in such a way that the bran layer gets less damaged.

Roy’s book sets the blueprint for an entrepreneur, giving every detail of this millet superfood industry.

Part 4 of the book details on how to grow your millet business digitally. It discusses the tools needed and the various social platform to be used for leveraging the business. After all, having an online presence to build a brand is requisite for entrepreneurs.

Tapas Chandra Roy, Author -MILLET BUSINESS IDEAS

Various government initiatives to support the growth of this sector is mentioned in Part 5. And lastly Part 6 walk you through the challenges of this sector, and how one can overcome them.

Roy’s book is easy to navigate with concise, well laid out information. There is something for everyone in this useful millet guide book. This is a must have book for all those who are health conscious and want to include this ancient superfood in their daily meals. For those B. Sc Agriculture students who want to get into agri-entrepreneurship after the completion of their course, this is a good book to possess.

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MILLET BUSINESS IDEAS – ABOUT THE AUTHOR

Tapas Chandra Roy is a Certified Farm Advisor on Millets and has been recognized by the National Institute of Agricultural Extension Management (MANAGE) and Indian Institute of Millets Research (IIMR), Hyderabad.

Currently, he is working as Block Agriculture Officer-cum-Deputy Project Director, ATMA in the Department of Agriculture and Farmers’ Empowerment, Government of Odisha.

Roy is an agriculture graduate and did his MBA (Agri-Business Management) from Vaikunth Mehta National Institute of Co-operative Management (VAMNICOM), Pune.

He is promoting Millets from ‘Farm to Plate’ so that this nutrition loaded superfood reaches across the country. Therefore, his mission is to take the millets to millions. With a vision to reach millions, Roy is looking after the implementation of Odisha Millet Mission at the ground level. To achieve the  ‘Millet Mission’ target, he is helping farmers from sowing to harvesting by imparting training and providing advisory services.

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JSSC: झारखंड में 11 हजार पदों पर होगी नियुक्ति

प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर । राज्य में 12 नियुक्ति परीक्षाओं के लिए झारखंड सरकार जल्द झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजने वाली है। कार्मिक विभाग ने संशोधित नियमावली तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही जारी किया जायेगा। इसके बाद राज्य के अलग-अलग विभागों में 11 हजार पदों पर नियुक्तियों का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा।

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राज्य सरकार द्वारा JSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन नियमावली में बदलाव के बाद विभागीय स्तर पर बनायी गयी नियमावली से झारखंड से मैट्रिक-इंटर की परीक्षा पास होने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है और अब जिस विभाग से जुड़ी नियुक्ति को हाईकोर्ट के आदेश के बाद रद्द कर दिया गया था, उसके लिए फिर से अधियाचना भेजी जायेगी। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए जिन कैंडिडेट ने पूर्व में आवेदन जमा किया था, उन्हें फिर से परीक्षा शुल्क जमा नहीं करना होगा. इस को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा।

MBA के बाद सरकारी क्षेत्र की नियुक्तियों में मिलेगा अवसर:

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शिक्षा विभाग द्वारा प्लस टू विद्यालय में 3120 व 690 प्रयोगशाला सहायक की नियुक्ति, एवं प्राथमिक व मध्य विद्यालय में सहायक आचार्य के 50 हजार पद सृजित किये गये हैं तथा इन पदों पर दो चरण में नियुक्ति करने की तैयारी है। इसके अलावा झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग प्रतियोगिता परीक्षा के जरिये 914 पद,तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 594 पद,झारखंड इंटरमीडिएट स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 991 पद, झारखंड सचिवालय आशुलिपिक सेवा संवर्ग प्रतियोगिता परीक्षा से 452 पद,झारखंड मैट्रिक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 455 पद,झारखंड औद्योगिक प्रशिक्षण अधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा से 737 पद, झारखंड डिप्लोमा स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 176 पद, झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 956 पद

झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग परीक्षा में कृषि स्नातकों को मिलेगा मौका:

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झारखंड डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के द्वारा 1285 पद,झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा से 583 पद,झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग प्रतियोगिता परीक्षा से 914 पद, तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 594 पद, झारखंड इंटरमीडिएट स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से 991 पद, झारखंड सचिवालय आशुलिपिक सेवा संवर्ग प्रतियोगिता परीक्षा से 452 पदों पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया है। जिन अभ्यर्थियों का आवेदन जमा हैं, उनसे नहीं शुल्क नहीं लिया जायेगा।इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा।

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झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के 174 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, करियर मैनेजमेंट सेल के द्वारा वर्ष 2021- 22 बैच के 174 विद्यार्थियों का चयन देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों में करवाया है। प्लेसमेंट अफसर प्याली सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 174 विद्यार्थियों का सफलतापूर्वक प्लेसमेंट कराया जा चूका है। ये सभी विद्यार्थी 2021-22 बैच के है। इनके चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंपनियों में विप्रो, इनफ़ोसिस , एस्सेंचर, कैपजेमिनी, बाई जू ,जिंदल स्टील, आई डी बी आई बैंक ,आईआई बी एंड आई टी, सुजुकी मोटर गुजरात, मरेली मदरसंस, भारत फाइनांस इन्क्लूजन लिमिटेड, कन्सेन्ट्रिक्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनांस, बैंक, निंबस (बीपीओ), मीनाक्षी नेत्रालय , रांची ग्रीन सिटी मॉल, रेडग्रिट , शॉपर्स स्टोर , ओसम डेयरी , कॉग्निजेंट सॉलूशन , क्यू स्पाइडर्स बजाज मोटर्स ,वर्क एक्स, जय श्री महाकाल कोल, श्याम स्टील, सर्व एजुकेशन, कुक वेल , कशिश डेवलपर्स, ब्राइट होप स्कूल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां और संस्थान शामिल है।

100 से ज्यादा कंपनियों में होता है प्रतिवर्ष विद्यार्थियों का चयन:

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नौकरी प्राप्त करने वाले विद्यार्थी बीबीए, एमबीए, बीसीए, एमसीए,बीटेक कंप्यूटर साइंस,बीटेक और डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बीटेक और डिप्लोमा सिविल इंजीनियरिंग एवं बीएससी एग्रीकल्चर के है।

देश के प्रतिष्ठित कंपनियों में काम कर रहे विद्यार्थियों की कहानी :

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विद्यार्थियों के चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने बताया कि ” वर्ष 2021-22 के दौरान रिकॉर्ड प्लेसमेंट विद्यार्थियों को मिला है। इस वर्ष विप्रो, इनफ़ोसिस , एस्सेंचर , कैपजेमिनी, बाई जू ,जिंदल स्टील, आईडीबीआई बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हमारे छात्रों का चयन होना गौरव की बात है। विश्वविद्यालय में करियर एंड प्लेसमेंट सेल के द्वारा नियमित कार्य किया जा रहा है जिससे कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विद्यार्थियों का चयन हुआ है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि निजी क्षेत्र में नौकरी प्राप्त करने के साथ साथ पिछले कुछ वर्षों में सरकारी क्षेत्र की नियुक्तियों में भी सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया है।

Systematic Interpretation of X Ray for Physical Therapist

रिम्स रांची और झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन

रिम्स रांची और झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार ” सिस्टेमेटिक इंटरप्रिटेशन ऑफ़ एक्स रे फॉर फिजिकल थेरेपिस्ट ” का आयोजन रिम्स ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर व्याख्यान देने के लिए डॉ. अमर सुरेश (सीनियर फिजिओथेरेपिस्ट, पं दीनदयाल उपाध्याय नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर पर्सन विथ फिजिकल डीसब्लिटीज़) उपस्थित थे।

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सेमिनार का उद्घाटन झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. पीयूष रंजन, रिम्स के डॉ. अमर सुरेश और डॉ. के. संध्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। सेमिनार के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए डॉ. अमर सुरेश ने प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “भौतिक चिकित्सक एक्स-रे के जरिये टूटी हुई हड्डियों या ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया की तीव्रता की समीक्षा करते हैं। आपके एक्स-रे परिणाम आपके चिकित्सक को आपके ऊतकों की वर्तमान स्थिति निर्धारित करने और आपके शरीर की बेहतर समझ विकसित करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, चिकित्सक असामान्यताओं की जांच करने के लिए रोगियों के साथ पहले नैदानिक परीक्षण करते हैं।

बैचलर इन फिजियोथेरेपी: डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस करने का सुनहरा अवसर
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इसके उपरांत डॉ. के. संध्या ने भौतिक चिकित्सा और फिजिकल थेरेपिस्ट पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि फिजिओथेरेपी में मरीज के शरीर में किन कारणों से वह समस्या हुई है और उसके प्रभाव क्या है पहले इसका पता लगाया जाता है। इस बात का पता लगाने में एक्स रे रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण है। डायग्नोस्टिक इमेजिंग डॉक्टरों की सहायता के लिए जानी जाती है, वे समस्या का निर्धारण करते हैं और अपने रोगियों के लिए उपचार प्रक्रिया का निर्णय लेते हैं।

फिजियोथेरेपी: संभावनाओं से भरी चिकित्सा पद्धति
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झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. पियूष रंजन ने आपने सम्बोधन के दौरान रिम्स रांची के फिजिओथेरेपी विभाग और विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ़ फिजिओथेरेपी के संयुक्त प्रयास से आयोजित सेमिनार के आयोजन के लिए दोनों ही विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा की इस प्रकार के विषयों पर सेमिनार और कार्यशाला का आयोजन छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण और ज्ञान वर्धन के लिए आवशयक शर्त है।

सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ.एएमआर सुरेश ने सेमिनार के प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों को विस्तार पूर्वक फिजिओथेरेपी विषय और एक्स रे रिपोर्ट की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस क्षेत्र में होने वाले बदलावों की भी चर्चा की।