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LOCKDOWN 5.0 INDIA RANCHI

लॉक डाउन 5.0 – अनलॉक 1 गाइड लाइन्स।

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 5.0 यानी एक जून से लेकर 30 जून तक के लिए गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। इसबार इसे अनलॉक 1 कहा जा रहा है।

इसमें सभी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. हालांकि रात नौ बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक सभी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक बानी रहेगी ।

  • पहले चरण में आठ जून के बाद से धर्मस्थलों, होटलों, रेस्त्राओं, शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति दी जाएगी ।
  • दूसरे चरण में स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से विमर्श के बाद जुलाई महीने में खोलने की अनुमति दी जाएगी।
  • तीसरे चरण में परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रा, मेट्रो सेवाओं, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल और मनोरंजन पार्क आदि को खोलने की तारीख़ों की घोषणा की जाएगी।
  • राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए ई-पास की ज़रूरत नहीं होगी।
    ज़िला प्रशासन केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए कंटेनमेंट ज़ोन निर्धारित करेंगे।
  • 1जून से 30 जून के दौरान शादियों में पचास से अधिक लोगों के जाने की अनुमति नहीं होगी.
  • इस दौरान जहां तक संभव है कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है.
  • सार्वजनिक स्थलों, यातायात के दौरान और कार्यस्थल पर चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य होगा.
  • लोगों को एक दूसरे से 2 गज़ की दूरी बनाए रखनी होगी.
  • दुकानदारों को ग्राहकों के बीच दूरी का ध्यान रखना होगा और एक बार में दुकान के भीतर 5 से अधिक ग्राहकों को नहीं आने दिया जाएगा.
  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना और सज़ा हो सकती है. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा, शराब आदि के सेवन पर रोक रहेगी।
  • कंटेनमेंट ज़ोन में 30 जून तक पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा।
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प्रवासी छात्रों ने राज्य के विश्वविद्यालयों का रुख़ किया।

“Home is the starting place of hope and dreams.” अंग्रेजी की यह कहावत चरितार्थ होती दिख रही है।

राज्य के युवा बड़ी संख्या में अपने घरों की ओर लौट रहे है।ये वही युवा है जो कल तक पढ़ाई और प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों की तरफ रुख़ करने से कतराते नहीं थे।

कोविड 19 और लंबे लॉक डाउन ने उन्हें फिर से घरों की तरफ मोड़ दिया है। अपने सपनों को आकार देने के लिए वे राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नामांकन के लिए उत्साही नजर आते है।

‘इंडिया मूविंग’ अ ‘हिस्ट्री ऑफ माइग्रेशन’ दुनिया भर में माइग्रेशन को लेकर लिखी गयी चर्चित किताबें में बेस्ट मानी जाती है। प्रवासी मजदूरों की कहानी कहती यह किताब आज के समय में प्रासंगिक है।

प्रवासी मजदूरों के झुंड में एक झुंड उन युवा मस्तिष्कों का भी था जो अपने सपने साकार करने के लिए कोटा,दिल्ली,बैंगलोर और कितने ही सुदूर दक्षिण राज्यों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने या किसी प्रतिष्ठित कॉलेज में एडमिशन की बाट जोहते ‘अपना टाइम आयेगा’ की सोच के साथ टिके हुए थे।

कोरोना वाइरस और लॉक डाउन सीरीज की आखरी कड़ी 4.0 के बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा यह कहना मुश्किल है।

स्टूडेंट्स की भीड़ और बेहतर भविष्य की तलाश के बीच कुछ सवाल खड़े है-

1. क्या घर से दूर पढ़ना मजबूरी है या फ़ैशन ?
2. राज्य बनने के 19 वर्षों के बाद भी झारखंड युवाओं के उम्मीदों पर क्यों खरा नहीं उतरा।
3. क्या झारखंड सच में तकनीकी शिक्षा के मामले में इतना पिछड़ा है?
4. नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और निजी क्षेत्र के बड़े नामी- गिरामी संस्थाओं के बावजूद बाहर जाना वाकई जरूरी है भी या नहीं।
5. गरीब और मध्यम परिवारों के छात्रों के लिए मानक संस्थानों का अभाव है?

इन सारे सवालों जवाब भले हैं तर्कों के आधार पर कसौटियों पर कसे जाये। सच्चाई की तस्वीर थोड़ी धुंधली है और काफी कुछ बाजार के उस अनजाने हाथों की कैद में है जिनके बारे में एक छात्र या एक अभिभावक काफी कुछ नहीं जानता।

पाठ्यक्रम, संस्थान, ब्रांड, कैम्पस

पाठ्यक्रम, संस्थान, ब्रांड, कैम्पस और प्रचार अच्छी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर भारी पड़ती है। जो दिखता है वही बिकता है। शिक्षा आज के समय मे इश्तेहार है,बाजार है और पढ़ने वाला छात्र मूकदर्शक है जिसके सामने मेनू में एक से बढ़कर एक ब्रोशर पेश किए जाते है।

अभी अभी 12वीं पास किया हुआ लड़का कितना परिपक्व होगा ? यह पता है इसलिए तो अभिभावक के लिए भी ऑफर है अलग से! खैर

हमारे प्रदेश में आईआईटी और आईआईएम है। एक्सएलआरआई और ज़ेवियर संस्थान है । 1केंद्रीय विश्वविद्यालय, 12 राज्य सरकार के विश्वविद्यालय और 15 निजी विश्वविद्यालयों वाला राज्य अपने छात्रों का प्रवास रोक नहीं पता है?

सरकारी संस्थानों के अलावा निजी संस्थानों ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में शिक्षा का अलख जगाने और माहौल बदलने का काम किया है। बिना सरकारी सहायता के तकनीकी और रोजगार परक शिक्षा के नए पाठ्यक्रम चलाये है।

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प्रवासी छात्रों के मन

कोविड 19 के इस लंबे समय ने एक बार फिर से बदलाव की बयार को तेज किया है, प्रवासी छात्रों के मन राज्य में रहकर पढ़ने और कुछ कर गुजरने का जज्बा देखने को मिल रहा है।

कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे सौरव 2 मई को कोटा से 1100 स्टूडेंट्स को लेकर रांची आने वाली ट्रेन में सवार थे । सौरव ने बातचीत के दौरान बताया ” अब रांची में रहकर ही परीक्षा की तैयारी करूँगा। दुबारा जाना शायद मुमकिन न हो पाये”।

दिल्ली में अपने भाई के साथ यूपीएससी की तैयारी करने वाली रुबीना भी कुछ यही ख्याल रखती है उनके अनुसार” यहाँ रहकर पहले अपने मास्टर्स करूँगी और डिजिटल मोड़ से यूपीएससी की तैयारी शुरू करूँगी लेकिन दुबारा लौटना मुमकिन नहीं लगता , काफी कुछ बदल गया है।

ऐसे कई युवा है जो अब अपना मन बना रहे है राज्य में रहने औऱ राज्य के संस्थानों में ही पढ़ने का। अब जरूरत है इन होनहारों के हाथों को थामने की और उनके संकल्प के साथ अपने संकल्प को जोड़ने की।
* तकनीकी शिक्षा के कई नए आयामों के साथ झारखंड राय विश्वविद्यालय,रांची इग्नाईटेड माइंडस को कह रहा है’ स्टार्ट इट अप’ । विशेष जानकारी के लिए लॉगइन करें –  www.jru.edu.in
कॉल कर सकते है हेल्पलाइन नंबर 18001202546

आलेख:डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन

UGC RANCHI JHARKHAND RAI UNIVERSITY

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्वयं के मूक्स कोर्सेज से जुड़े और क्रेडिट प्राप्त करें।

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन UGC ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध 82 UG और 42 PG गैर इंजीनियरिंग

MOOCS (मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) का उपयोग करने की सलाह दी है। इस का मकसद क्रेडिट ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनना है। SWAYAM बोर्ड के तरफ से मंजूर इन कोर्स को जुलाई 2020 से सुरु होने वाले सेमेस्टर में लागू किया जाना है।
मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्वीट संदेश@DrRPNishank में कहा है कि स्टूडेंट्स यूजीसी के नियमों के तहत इन कोर्स को करके क्रेडिट का लाभ ले सकते है।

मूक्स से जुड़े कोर्सेज की लिस्ट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को उपलब्ध करा दी गयी है।इन कोर्सेज को स्टूडेंट्स के अलावा वरिष्ठ नागरिक और गृहणियों के द्वारा भी किया जा सकता है।

नामांकन लेने के लिए अपने ईमेल पते के साथ स्वयं पोर्टल (ट्वीटर हैंडल@SWAYAMMHRD) पर जाकर निबंधन करके मनपसंद कोर्स का चयन किया जा सकता है।ज्यादा जानकारी के लिए https://swayam. gov.in
को क्लिक करें।

*साभार :- ugc.ac.in/ swayam.gov.in/ https://mard.gov.in

*आलेख:- डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन, झारखंड राय यूनिवर्सिटी,रांची, डिजिटल सेल ।

JOBS RANCHI UNIVERSITY

आने वाले समय में इन सेक्टर्स में मिलेंगे जॉब्स।

कोरोना वायरस (कोविड 19) और लॉक डाउन की शृंखला 1.0 से 4.0 तक ने दुनिया को बदल कर रख दिया है।

‘घर पर रहें, सुरक्षित रहें’ स्लोगल ने महामारी फैलने में रोकथाम करने का कार्य किया है। लेकिन जीवन के कई पहलुओं में बड़े बदलाव देखने को मिले है आगे और भी बड़े बदलावों से सामना होगा। एडुकेशन सेक्टर की बात करें तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतरकर काफी हद तक पारंपरिक शिक्षा कंप्यूटर औऱ मोबाइल स्क्रीन पर सिमट कर रहने को मजबूर है।

जॉब्स और न्यू जॉब्स सेक्टर की बात करें तो कुछ नए सेक्टए सामने दिखाई देते है जो आगे भी रोजगार देने वाले साबित होंगे।

जैसे :– अगर आप कानून के छात्र हैं तो साइबर लॉ का स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। अगर आप बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं तो डिजिटल मार्केटिंग और एनालिटिक्स को स्पेशलाइजेशन के तौर पर ले सकते हैं। इसी तरह अगर आप कंप्यूटर के छात्र हैं तो आप आईओटी, मशीन लर्निंग, एएसपी और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।
आने वाले समय में इन सेक्टर्स में मिलेंगे  रोजगार :–

* ऑनलाइन एजुकेशन और लर्निंग ।

आने वाले समय में  गूगल चैनल सेल्स के मि ऑनलाइन ट्यूटोरियल, ई-टेस्टिंग, वोकेशनल और प्रोफेशनल स्टडीज और स्किल डेवलपमेंट में ऑनलाइन एजुकेशन का रोल तेजी से बढ़ेगा। कंटेट प्रोजेक्ट और कंटेट राइटिंग में काफी अवसर हैं।

* वेबलपमेंट डेवलपमेंट

एप वेबलपमेंट के जानकार लोगों की मांग बढ़ने वाली है। मशीन लर्निंग पर कंटेट बना सकने वाले, प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन के लिए कोर्स चलाने वालों की मांग बढ़ेगी।

* ऑनलाइन हेल्थकेयर- मेडिसिन।

ऑनलाइन हेल्थकेयर औऱ मेडिसिन में मौजूदा समय में  हालात ज्यादा खराब नहीं हैं। पर आने वाले समय में इसमें और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।  हेल्थ और वेलनेस एप, डिजिटल हेल्थ प्रोडक्ट्स, जैसे- स्मॉर्ट थर्मामीटर और टेंपरेचर सेंसर में लॉकडाउन पीरियड के बाद भी बूम जारी रहेगा।  आने वाला समय  कंप्यूटर एडेड इन डिजाइन,  पब्लिक हेल्थ से जुड़े कोर्स, कंप्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे कोर्स अच्छे हैं।

* ई-कॉमर्स

स्टे होम इकोनॉमी के दौर में ई-कॉमर्स, डिलीवरी, लॉजिस्टिक आदि इंडस्ट्री का तेजी से विकास होगा और नौकरी की संभावनाएं बनेंगी।

* डाटा सर्विलांस और एनालिटिक्स।

कोविड 19 का दौर बीत जाने के बाद एक बार फिर से डाटा को एकत्र करना, उसका इस्तेमाल करना औऱ उसे नियंत्रित करने वालों के लिए नौकरी के अवसर बनेंगे।

ICSE ISC EXAM DATES 2020

ICSE, ISC EXAM DATES RELEASED BY CISCE: KNOW THE DATES

Council for the India School Certificate Examinations (CISCE) will hold ISC and ICSE exams for all remaining subjects from July.
The board has announced exam dates. According to an official release, the ICSE class 10 exams will be held from July 2 to July 12. The ISC exams for for Class 12 will be held from July 1 to July 14.

The revised exam time-table will be shared with the Heads of the Schools via email and through the CAREERS Portal of CISCE. It will also be published on the Council’s official website.

Once the exams are over, the Council will announce the results within a period of 6-8 weeks.

CHECK THE EXAM DATES BELOW –

ISC EXAM DATES 2020

ICSE EXAM DATES 2020

BIHAR BOARD RESULT CHECK ONLINE 2020

आज की जायेंगी बिहार बोर्ड 10वीं के परिणामों की घोषणा।

How to Check Bihar Board 10th Result 2020 Online?

बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा परिणाम के इंतजार की घड़िया समाप्त होने वाली हैं। जानकारी के अनुसार कक्षा 10 बिहार बोर्ड रिजल्ट 2020 की घोषणा आज की जाएगी। छात्र आज दोपहर बाद किसी भी समय बिहार मैट्रिक परीक्षा परिणाम 2020 देख पाएंगे। परिणाम के साथ अंक-तालिका देखने के लिए छात्रों की बिहार बोर्ड (बीएसईबी) की ऑफिशियल वेबसाइट, @biharboardonline.bihar.gov.in पर विजिट करना होगा।

All Programs STRIP

इस बाद बिहार बोर्ड को बिहार मैट्रिक रिजल्ट 2020 घोषित करने में देरी हुई है, जिसके पीछे कोविड-19 महामारी रही। बहरहाल, बिहार 10वीं रिजल्ट की घोषणा में छात्रों को बिना किसी उत्कंठा या व्यग्रता के बिहार बोर्ड नतीजों की घोषणा इंतजार करना चाहिए और रिजल्ट अंक तालिका देखने के लिए आवश्यक इंफॉर्मेशन जैसे रोल कोड एवं रोल नंबर पहले से ही लिखकर रखना चाहिए।

10वीं परीक्षा पास करने वाले छात्र 12वीं करने के अलावा डिप्लोमा कोर्सेस को भी चुन सकते है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम रोजगारपरक और लाभदायी है । अगर आप सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग,माइनिंग इंजीनियरिंग ,ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में अपना भविष्य देखते है तो डिप्लोमा सफलता की पहली सीढ़ी साबित हो सकता है।

10 वीं परीक्षा के परिणाम जानने के लिए विजिट करें:
बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट
www.biharboard.ac.in

www.biharboardonline.bihar.gov.in

www.biharboardonline.com

10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्सेज के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए लॉगिन करें – www.jru.edu.in
या हैल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्राप्त करें जानकारी – 18001202546

Check Bihar Board 10th result 2020 online in 9 easy steps?

Step-wise guide to check and access Bihar 10th Result 2020 online –

Step 1: Visit biharboardonline.bihar.gov.in
Step 2: Click on Link for BSEB Matric Result 2020
Step 3: It will get redirected to a new page
Step 4: On this page enter your exam roll number in first field
Step 5: Enter your exam roll code in the second field
Step 6: Verify and Submit the details
Step 7: Your Bihar 10th Result 2020 will be shown on the screen
Step 8: You can Download scorecard in PDF format
Step 9: You can also take printout

Quiz’O_code 2.0 – Mental Hack

General Rules :

1. Only registered candidates can participate in quiz
2. All questions are mandatory to attend
3. E-Certificate will be given to only those scoring minimum of 60% in the quiz
4. There will be time limit for each question

Date: 24 May, 2020 (SUNDAY)
Time: 12:00 pm to 10:00 pm

Register Now

Organized by Department of CS & IT, JRU

EEE 20 to 24 May

One Week Workshop on Design & Fabrication of Electronics Devices

Eligibility : Science & Engineering Students

Seats : 60 Only

Registration Fee : Nil

E-Certificate : To all Participants

Date: 20 -24 May, 2020
Time : 10:30 am – 12:30 pm
Platform : Google Meet

Register Now
Feedback Form Link

Organized by Department of Electrical Engineering, JRU

LOCKDOWN AND ONLINE EDUCATION

डिजिटल एजुकेशन और लॉक डाउन 4.0

कोरोनावायरस के कारण फिलहाल देशभर में लॉकडाउन 4.0 चल रहा है। फिलहाल सभी स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थान बंद है।

यूजीसी द्वारा जारी गाइडलाइन्स में कहा गया है कि कोरोना संकट के समाप्त होने के बाद भी अब विभिन्न विश्वविद्यालयों में 25 प्रतिशत शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूर्ण किया जाएगा. इसके अलावा सभी कॉलेजों में वायवा(viva) ऑनलाइन लेने की सिफारिश भी की गई है।

यूजीसी द्वारा गठित की गई विशेष कमेटी ने यह सिफारिश की है, जिसे स्वीकार किया जा चुका है। समिति ने अपनी सिफारिशों से मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अवगत करा दिया है।
ऑनलाइन शिक्षा आधारित इस नीति के तहत देशभर के विभिन्न कॉलेजों में फिलहाल 75 फीसदी पढ़ाई क्लासरूम में होगी, जबकि पढ़ाई का 25 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूरा किया जाएगा. Online पढ़ाई स्काइप, सहित किसी अन्य मीटिंग एप आदि के जरिए करवाई जा सकती है।

LOCKDOWN DIGITAL ONLINE CLASSES RANCHI

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने बीते बुधवार को विश्वविद्यालयों से कहा कि नए छात्रों के लिए सितंबर से तथा पहले से पंजीकृत छात्रों के लिए अगस्त से शैक्षिक सत्र शुरू किया जा सकता है।लंबित परीक्षाओं के बारे में, आयोग ने यह भी कहा है कि विश्वविद्यालय प्रक्रिया को कम समय में पूरा करने के लिए वैकल्पिक और सरलीकृत तरीके और परीक्षा के तरीके अपना सकते हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 29 अप्रैल, 2020 को परीक्षाओं और अकादमिक कैलेंडर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी विश्वविद्यालयों को इन दिशा-निर्देशों को अपनाते एवं लागू करते समय सभी हितधारकों की सुरक्षा एवं रुचि को ध्यान में रखते हुए और सभी संबंधित व्‍यक्ति‍यों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी अकादमिक गतिविधियों या कार्यकलापों की समुचित योजना बनाने की सलाह दी गई है।

विश्वविद्यालयों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे इस महामारी के मद्देनजर विद्यार्थियों की परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों या कार्यकलापों से संबंधित शिकायतों से निपटने के लिए एक विशेष प्रकोष्‍ठ बनाएं और छात्रों को इसकी सूचना दें।

इसके अलावा, यूजीसी ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थानों के संबंधित प्रश्नों, शिकायतों एवं अन्य शैक्षणिक मुद्दों पर गौर करने के लिए निम्‍नलिखित कदम उठाए हैं:

1. एक विशेष हेल्पलाइन नंबर: 011-23236374 निर्दिष्‍ट किया गया है।

2. एक ईमेल एड्रेस: covid19help.ugc@gmail.com सृजित किया गया है।

3. विद्यार्थी अपनी शिकायतों को यूजीसी के मौजूदा ऑनलाइन विद्यार्थी शिकायत निवारण पोर्टल https://www.ugc.ac.in/grievance/student_reg.aspx पर भी दर्ज करा सकते/सकती हैं।

4. विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थानों की चिंताओं/शिकायतों पर गौर करने और तदनुसार ही उनका निवारण करने के लिए यूजीसी में एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है।