Tag Archives: SUCCESSFUL STUDENTS FROM RANCHI

Poly House

विश्वस्तरीय हाईड्रो फोनिक्स में प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट के साथ बीएससी इन एग्रीकल्चर की डिग्री

बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स) 4 वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम के लिए झारखण्ड राय विश्व विद्यालय,राँची एक विश्वसनीय नाम है । यहाँ कृषि स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलता है विश्व स्तरीय हाइड्रो फोनिक्स तकनीक में प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र के साथ 4वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स की डिग्री। झारखंड राय विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित हाइड्रो फोनिक्स पोली हाउस उत्तर भारत का एकलौता, उन्नत पोली हाउस है। यह पूरी तरह ऑटोमेटिक तकनीक से संचालित है जिसमें बिना मिट्टी के पानी और सूर्य की रोशनी की सहायता से पौधों का नैसर्गिक वृद्धि कराया जाता है।

विश्वविद्यालय के नामकुम स्थित स्थायी कैंपस में 20 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य किया जाता है जिसमें छात्रों की सीधी भागीदारी होती है । कैंपस में औषधीय पौधों के साथ फूलों की खेती कों बढ़ावा दिया जाता है। सीनियर फेकल्टी के नेतृत्व में फार्म मैनेजर के द्वारा नियमित छात्रों को पेड़- पौधों और फसलों में होने वाले बदलावों से अवगत कराने का कार्य किया जाता है।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय में सैधांतिक समझ के साथ साथ प्रैक्टिकल एडुकेशन पर ज्यादा जोर दिया जाता है। पढाई के 4 वर्षों के दौरान छात्रों कों मेंटरशीप प्रोग्राम से जोड़ कर इन्डस्ट्रीयल टूर, रूरल एग्रीकल्चर एक्सटेंशन वर्क एक्सपीरिएंस, एडुकेशनल टूर, फार्म विजिट, सेमिनार, वर्कशॉप, गेस्ट लेक्चर, ऑफ लाइन और ऑनलाइन शिक्षा, लाइफ स्किल ट्रेनिंग देकर इंडस्ट्री रेडी बनाया जाता है । सफलतापूर्वक पढाई पुरी करने पर यूनिवर्सिटीप्लेसमेंट सेल इन्हें नौकरी प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करता है।यूनिवर्सिटी ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कैम्पस में इनोवेशन सेल और लैब भी स्थापित किया है।यूनिवर्सिटी के कई छात्र कृषि क्षेत्र में खुद का उद्यम स्थापित करके अपने और दूसरों की आजीविका का प्रबंध कर रहे हैं।

ABC of artificial intelligence

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की ABCD

बच्चों को A फॉर एप्पल और B फॉर बॉय सिखाने के दिन पुराने पड़ चुके है। आज बच्चे A फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, B फॉर बिग डेटा, R फॉर रोबोटिक्स और M फॉर मशीन लर्निंग जैसे शब्दों से परिचित है । यह सब उनके सिलेबस का हिस्सा है। मशीनों ने दुनिया को बदल कर रख दिया है इस कारण बच्चों की दुनिया बदली है इससे कोई भी अछूता नहीं रह सकता है।

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की ABCD :

A : आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस
इंसानों ने तकनीक का इजाद किया। लेकिन बुद्धिमान मशीनों से इंसान को पीछे छोड़ दिया है।

B: बायस
मशीनें भेद भाव कर सकती है यह सुन कर विश्वास नहीं होता लेकिन यह भेदभाव कई अर्थों में सामने आया है जो मानव को सोचने पर मजबूर करता है। मशीनों में जो डेटा फीड होता है वह एल्गोरिदम की बुनियाद पर काम करता है। बनाने वालों ने इनके साथ भी भेदभाव किया। मर्दों और औरतों के बीच भेद भाव और गोरे और काले रंग वालों के बीच भेद भाव करना बड़ी समस्या बनकर उभरा है।

C: चैटबॉट
मशीनें इंसानों की तरह बातें करती हैं ।यह संभव हो पाता है नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और नैचुरल लैंग्वेज जेनरेशन भाषा के जरिये।। इसे ही चैटबॉट मशीनें कहते हैं।

D : डिज़ाइन
डिज़ाइनिंग एक चुनौती भरा और समयसाध्य कार्य है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने इस काम को ज़्यादा तेज़ी और बेहतर तरीक़े से करना शुरू किया है। बड़ी कंपनियाँ तो नए डिज़ाइन और पार्ट्स बनाने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का ही इस्तेमाल कर रही हैं।

E: इमरजेंसी
आपात स्थिति से निपटने और चेतावनी देने में इसकी भूमिका प्रमुख है। ये मशीनें न्यूज़ रिपोर्ट का आकलन करके ये बता सकेंगी की किस इलाक़े में तनाव पैदा होने वाला है।

F: फ़ुटबॉल
खेल के मैदान में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमालकरने का प्रयास जारी है। इसके ज़रिए यह आकलन संभव हो सकेगा कि कौन सा ख़िलाड़ी खेल के मैदान में कौन सा अगला दांव चलने वाला है।

G: जेनेरेटिव एडवर्सरियल नेटवर्क
पिक्चर के साथ किये जाने वाले छेड़छाड़ को लेकर अक्सर शिकायत मिलती रहती है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से इसे रोका जा सकता है।जेनेरेटिव एडवरसरियल नेटवर्क के ज़रिए नई तस्वीरें बनाई जा सकेगी ।

H: हैलुसिनेशन
इंसानी दिमाग अक्सर मतिभ्रम या ग़लतफ़हमी के शिकार होता है। मशीनें भी इससे अछूती नहीं है। मशीनों की यह गलती बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रित करती है। एआई के सहयोग से इन्हें रोका जा सकता है।

I: इमैजिनेशन
कल्पना मनुष्य का स्वाभाविक गुण है। कल्पना का सहारा लेकर किसी भी कार्य को मूर्त रूप देने का प्रयास किया जाता है। किसी भी चीज़ को देखने का मशीन का नज़रिया इंसान से अलग होता है वो कई मायनों में हम से बेहतर भी। फाइन आर्ट्स के सेक्टर में मशीनों का सहयोग हैरान करने वाला साबित होगा।

J: जाम
ट्रैफ़िक जाम से निपटने के लिए AI का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस इसके इस्तेमाल से पता लगाया जा सकता है कि कहाँ जाम लग सकता है और उसे कंट्रोल कैसे किया जा सकता है।

K: निटिंग
फैशन और टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी AI से अछूती नहीं है। कढ़ाई बुनाई के कामों में भी इसका बखूबी इस्तेमाल किया जा रहा है। स्काईनिट की मदद से बुनाई के ऐसे पैटर्न तैयार किए गए हैं, जो अपने आप में अद्भुत हैं।

L : लैंग्वेज
भाषा संचार का सर्वोत्तम साधन है। अंग्रेजी भाषा के वैश्विक पहचान के पीछे व्यापक स्वीकार्यता शामिल है। अक़्लमंद मशीनों की अपनी ज़बान होती है । मशीनी भाषा ने कंप्यूटर को एक अलग पहचान दिलायी।

M : मशीन लर्निंग
मशीन को एक छोटी सी चीज़ सिखाने के लिए ढेर सारा डेटा फीड करना पड़ता है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस वाली मशीनों की डिज़ाइनिंग ऐसी हैं कि वो इंसान की तरह जानकारियां इकट्ठा करें।

O: ओरेकल
इंसान की नज़र से तेज़ काम मशीनें करती हैं। आर्टिफ़िशयल इंटेलिजेंस की मदद से आंखों की बीमारियां और कैंसर जैसी बीमारियों के लक्षण उसके पनपने के पहले ही भांप लिए जाते हैं। अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी की भविष्यवाणी संभव हो पाया है।

P: पुलिसिंग
चोर पुलिस के खेल में अपराधी अक्सर सबूतों और पहचान के आभाव में बरी हो जाते है। दुनिया भर में अपराधियों को पकड़ने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है। अपराधियों के चेहरे के किसी हिस्से की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयोग किया जा रहा है। न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने बेहतर बनाने में भी इसका बेहतर इस्तेमाल हो रहा है।

Q: क्वेक
भूकंप प्राकृतिक आपदा है जिसकी भविष्यवाणी असंभव है। अब ऐसी मशीनें बनाई जा रही हैं जो भूकंप के बाद आने वाले झटकों की जगह बता सकती हैं । इससे बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।

R: रैप
विदेशों में संगीत की दुनिया में अजीब चलन है। गानों के बीच में तेज़ गति से डायलॉग बोले जाते हैं। इसे सरल भाषा में रैप कहते हैं। रैप इतनी तेज़ी से बोला जाता है कि इसके बोल आसानी से पकड़ में नहीं आते लेकिन आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से इस काम को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।

S: स्मार्ट होम
जो देश तकनीकी रूप से ज़्यादा एडवांस हैं, वहां घर के बहुत से काम मशीन की मदद से होते है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से उन मशीन को ऑन-ऑफ़ किया जा सकता है, जिनके इस्तेमाल की ज़रूरत नहीं है। बिजली की खपत को रोकने में यह कारगर उपाय है।

T: टुरिंग टेस्ट
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का दायरा मापने के लिए टुरिंग टेस्ट सबसे विश्वसनीय माना जाता है. इस टेस्ट के मुताबिक़ मशीन की क़ाबिलियत की बुनियाद है कि वो किस हद तक बातों के ज़रिए इंसान को बेवकूफ़ बना सकती हैं.

V: वाइनयार्ड
यूरोप और अमरीका में किसानों की मदद के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंगूर की खेती में इसका ख़ूब इस्तेमाल हो रहा है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का दायरा मापने के लिए टुरिंग टेस्ट सबसे विश्वसनीय माना जाता है. इस टेस्ट के मुताबिक़ मशीन की क़ाबिलियत की बुनियाद है कि वो किस हद तक बातों के ज़रिए इंसान को बेवकूफ़ बना सकती हैं ।

W: वाइल्डलाइफ
जंगलों में भारी मात्रा में क़ीमती संपदा मौजूद है, जिसकी बड़े पैमाने पर चोरी और तस्करी होती है। दुर्लभ जाति के जानवरों का शिकार भी ख़ूब होता है। हालांकि इस पर नज़र रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल काफ़ी समय से हो रहा है ।

X: एक्स-रेटेड
इंसान की जिस्मानी ज़रूरतें पूरा करने में भी मशीनें अहम किरदार निभा रही हैं और सेक्स इंडस्ट्री में इनका बड़ा रोल है। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से अब इस पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

Y: यमी
अगर रसोई में खाना बनाने का मन ना हो तो इसके लिए भी अब आपके पास विकल्प हैं। आप आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए खाना बना सकते हैं। बुद्धिमान मशीनें आपके दिए गए कमांड के अनुसार आपके पसंद का खाना बनाकर तैयार कर देगीं।

Z : यानी ज़ू
सर्दी के मौसम में चिड़ियाघरों में सेंसर वाले हीटर लगाए जाते हैं जो जानवर के शरीर की ज़रूरत के मुताबिक़ उसके लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देते हैं।

Placement at JRU

झारखंड राय यूनिवर्सिटी के 11 डिप्लोमा स्टूडेंट्स का चयन

झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची के 11 स्टूडेंट्स का चयन मरेली मदर संस ऑटोमेटिव लाइटिंग इंडिया कंपनी के लिए हुआ है। मरेली मदरसंस ऑटोमेटिव सेक्टर की लीडिंग कंपनी है । यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ मेकेनिकल इंजीनियरिंग और डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा पास स्टूडेंट्स का चयन विभिन्न पदों के लिए कंपनी द्वारा किया गया है। कोरोना काल और लॉक डाउन को देखते हुए कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन टेलीफोनिक इंटरव्यू के जरिये किया गया जिसमें 12 स्टूडेंट्स शामिल हुए और फाइनल राउंड के बाद 11 का चयन किया गया।

चयनित होने वाले स्टूडेंट्स में प्रद्युम्न कुमार, दीपू कुमार, दीपक कुमार, राजीव सिन्हा, अपूर्व सिन्हा, लक्श्चमी मिंज, राजकुमार गोप, रोहित उरांव,अरबाज़ खान, अनीश शर्मा और सुमित कुमार का नाम शामिल है।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने 11 स्टूडेंट्स के एक ही कंपनी में चयनित होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा की “यूनिवर्सिटी का कैरियर मैनेजमेंट सेल स्टूडेंट्स को बेहतर अवसर देने के किये कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में डिप्लोमा के स्टूडेंट्स का चयन हुआ है। चयनित स्टूडेंट्स को उनके बेहतर जीवन और नई शुरुवात के लिए उन्होंने पुनः अपनी शुभकामनाएं दी। “

झारखंड राय यूनिवर्सिटी, कमड़े के करियर मैनेजमेंट सेल ने ऑनलाइन प्लेसमेंट दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट सेल के प्लेसमेंट अधिकारी प्याली दास, प्रो. गौरव, प्रो. राजीव नयन ने भी स्टूडेंट्स के फाइनल चयन के बाद अपनी शुभकामनाएं दी।

कैंपस चयन के संबंध में जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन ने उपलब्ध कराई।।

ICSE ISC EXAM DATES 2020

ICSE, ISC EXAM DATES RELEASED BY CISCE: KNOW THE DATES

Council for the India School Certificate Examinations (CISCE) will hold ISC and ICSE exams for all remaining subjects from July.
The board has announced exam dates. According to an official release, the ICSE class 10 exams will be held from July 2 to July 12. The ISC exams for for Class 12 will be held from July 1 to July 14.

The revised exam time-table will be shared with the Heads of the Schools via email and through the CAREERS Portal of CISCE. It will also be published on the Council’s official website.

Once the exams are over, the Council will announce the results within a period of 6-8 weeks.

CHECK THE EXAM DATES BELOW –

ISC EXAM DATES 2020

ICSE EXAM DATES 2020

BIHAR BOARD RESULT CHECK ONLINE 2020

आज की जायेंगी बिहार बोर्ड 10वीं के परिणामों की घोषणा।

How to Check Bihar Board 10th Result 2020 Online?

बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा परिणाम के इंतजार की घड़िया समाप्त होने वाली हैं। जानकारी के अनुसार कक्षा 10 बिहार बोर्ड रिजल्ट 2020 की घोषणा आज की जाएगी। छात्र आज दोपहर बाद किसी भी समय बिहार मैट्रिक परीक्षा परिणाम 2020 देख पाएंगे। परिणाम के साथ अंक-तालिका देखने के लिए छात्रों की बिहार बोर्ड (बीएसईबी) की ऑफिशियल वेबसाइट, @biharboardonline.bihar.gov.in पर विजिट करना होगा।

इस बाद बिहार बोर्ड को बिहार मैट्रिक रिजल्ट 2020 घोषित करने में देरी हुई है, जिसके पीछे कोविड-19 महामारी रही। बहरहाल, बिहार 10वीं रिजल्ट की घोषणा में छात्रों को बिना किसी उत्कंठा या व्यग्रता के बिहार बोर्ड नतीजों की घोषणा इंतजार करना चाहिए और रिजल्ट अंक तालिका देखने के लिए आवश्यक इंफॉर्मेशन जैसे रोल कोड एवं रोल नंबर पहले से ही लिखकर रखना चाहिए।

10वीं परीक्षा पास करने वाले छात्र 12वीं करने के अलावा डिप्लोमा कोर्सेस को भी चुन सकते है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम रोजगारपरक और लाभदायी है । अगर आप सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग,माइनिंग इंजीनियरिंग ,ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में अपना भविष्य देखते है तो डिप्लोमा सफलता की पहली सीढ़ी साबित हो सकता है।

10 वीं परीक्षा के परिणाम जानने के लिए विजिट करें:
बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट
www.biharboard.ac.in

www.biharboardonline.bihar.gov.in

www.biharboardonline.com

10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्सेज के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए लॉगिन करें – www.jru.edu.in
या हैल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्राप्त करें जानकारी – 18001202546

Check Bihar Board 10th result 2020 online in 9 easy steps?

Step-wise guide to check and access Bihar 10th Result 2020 online –

Step 1: Visit biharboardonline.bihar.gov.in
Step 2: Click on Link for BSEB Matric Result 2020
Step 3: It will get redirected to a new page
Step 4: On this page enter your exam roll number in first field
Step 5: Enter your exam roll code in the second field
Step 6: Verify and Submit the details
Step 7: Your Bihar 10th Result 2020 will be shown on the screen
Step 8: You can Download scorecard in PDF format
Step 9: You can also take printout

Webinar Lets Talk-min

Webinar on : Let’s Talk Future – ” Entrepreneurship Skill Development “

Speaker:

Mr. Varun Duggal, Industry Expert and Faculty, School of New Age Business, Pearl Academy

Ms. Falguni Shah, Industry Expert and Faculty, School of New Age Business, Pearl Academy

Date: May 16, 2020 / Time : 4:30 pm – 6:30 pm

Platform: Blackboard

Register Now

Feedback form link

Organized by Institution Innovation Council, JRU , Ranchi in Association with Pearl Academy

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

HARD WORK AND FOCUS : STORY OF ANKIT SINGH, B. TECH, JRU UNIVERSITY, RANCHI

Ankit Singh, BTech student of JRU, Ranchi has been selected to work as a Marketing Strategist at Jaro Toppscholars Private Limited. He believes that success is followed by sheer hard work and vice versa.

SUCCESSFUL STUDENT JRU RANCHI UNIVERSITY BTECH

Even though a young professional, he is mature about his approach towards career. He says, “Focus on what you want rather than what others are going after.”

True indeed. We decide our penchants. And what career we need to pursue according to our acumen and skills should be our decision. Taking the regular path, doing the done things does not benefit always.

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

Young Ankit further says, “Always update your skills, network, and work on your confidence and never feel defeated.”

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

This is what he said when asked about his experience at Jaro Toppscholars _ “The best part that distinguishes Jaro from other institutions is the time duration and its stellar panel of expert trainers. I would like to say that I made the right decision by joining Jaro.”

(Story contributed by Piyali Das.)

क्विज ओ कोड 1.0 का समापन – झारखण्ड राय विश्वविद्यालय

झारखण्ड राय युनिवर्सिटी, रांची में डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने क्विज प्रतियोगिता क्विज ओ कोड 1.0 का आयोजन किया. प्रतियोगिता में 10टीमों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता को तीन भागों में आयोजित किया गया था जिनके नाम मेंटल हैक, एरर टेरर और अल्गो क्राफ्ट था. प्रतियोगिता में शामिल होने वाली टीमों के नाम इस प्रकार थे – विंडोस, डॉस,लिनक्स,उबंटू, मैक ,एंड्राइड ,यूनिक्स ,सोलारिस, फेडोरा और आईओएस।

क्विज ओ कोड 1.0 की विजेता रहने वाली टीम इस प्रकार रही – क्विज प्रतियोगिता मेन्टल हैक की विजेता टीम रही विंडोज जिसमे शिवानी कुमारी- सपना कुमारी -वारुणी मिश्रा और आयुष्मान शमित थे। वहीँ अलगो क्राफ्ट की विजेता टीम रही एंड्राइड जिसमे – मिथुन कुमार – फरहा अंजुम- चन्दन मोदी थे। एरर टेरर के विजेताओं के नाम इस प्रकार है- आयुष्मान – बबलू कुमार और राकेश कुमार।

प्रतियोगिता का शुभारंभ युनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने लाइटिंग कैंडल के जरिये किया यह कैंडल इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स का बना हुआ था जिसे मोबाइल के जरिये ऑपरेट किया गया. अपने संबोधन में डॉ. रंजन ने कहा की “इनोवेशन हर कही है और इसे किसी भी रूप में अपनाया जा सकता है। डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का यह प्रयास बेहद सराहनीय है इस प्रयास को इंटर यूनिवर्सिटी लेवल तक ले जाने की जरुरत है। क्विज ओ कोड १.० के जरिये कंप्यूटर साइंस और आई टी से जुड़े कॉलेज स्टूडेंट्स को एक प्लेटफार्म मिलेगा अपनी प्रतिभा को दिखाने का और कुछ नया सिखने का भी. ”

क्विज प्रतियोगिता के सफल सञ्चालन में प्रो. अनुराधा शर्मा , प्रो. अमरेंद्र की भूमिका रही। स्टूडेंट्स वॉलेंटियर्स राजेश , शयाम, नंदिता, मुस्कान, शशिकांत, दीक्छा और विनीत का सहयोग रहा।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

YOUNG ENGINEERS PARTICIPATE IN TECH FEST 2019 JR UNIVERSITY, RANCHI

The science club of JRU organized a Tech Fest 2019 on 15 September at the University Ranchi campus to encourage young engineers to think out of the box and to honour the contributions of Mokshagundam Visvesvaraya.

India celebrates 15 September as National Engineers’ Day to appreciate the contributions of Mokshagundam Visvesvaraya.

Visvesvaraya is known for his contributions in the field of engineering. He installed an irrigation system with water floodgates at the Khadakvasla reservoir near Pune to raise the flood supply level and storage to the highest levels. Later, this system was also installed at Gwalior’s Tigra Dam and Mysuru’s Krishnaraja Sagara (KRS) dam. KRS created one of the largest reservoirs in Asia at the time.

He served as the Diwan of Mysore and was awarded the title of ‘Knight’ in 1915 as commander of the British Indian empire. He received the Bharat Ratna in 1955 and became a member of the London Institution of Civil Engineers before he was awarded a fellowship by the Indian Institute of Science (IISC) Bangalore.

The Tech Fest 2019 at JRU was inaugurated by the Vice Chancellor, Dr Savita Sengar. During her speech, Dr Sengar reminded students of the invaluable contributions made by M Visvesvaraya.

Dr Segar added, “Tech Fest is an opportunity for students to showcase their innovative ideas, besides keeping the spark of science alive. Students presenting science models also need to remember that they have to become role models for society as well. The right combination of knowledge, science, wisdom and academics are important, but so are life skills that give us the emotional quotient to make life more meaningful. You cannot progress in life or career by ignoring these soft skills. Then progress will become imbalanced.”

Later Dr Sengar spent time with the students to inspect their science/technical models and interacted with the budding engineers to understand the idea behind their models.

Students from Faculty of Science – Engineering and Faculty of Computer Science participated in this fest. Some of the models created by students groups are – smart home, highway technology, rain water harvesting, wastage collection, waste plastic road, green building, smart city Ranchi, light fidelity communication, treatment of sea water, save water in poly house, automatic human counter and light control system, service robot, and eco-friendly cycle.

Later, University faculty members, staff and students from various departments came along to view the models and encourage the participants. The entire Tech Fest 2019 was organized under the mentorship of Prof. Raghuvansh Singh.