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केवीएस भर्ती 2022: आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर

केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने 13 हजार 404 पदों पर वैकेंसी निकाली हैं, इनमें टीचिंग, नॉन-टीचिंग, सेक्शन ऑफिसर, प्रिंसिपल, वाइस-प्रिंसिपल, फाइनेंस ऑफिसर, ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर के पदों पर भर्ती की जाएगी। KVS भर्ती 2022 के पदों पर आवेदन करने के लिए 40 साल की उम्र तक के उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं, ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in/ पर जाकर 26 दिसंबर तक अप्लाई कर सकते है।

KVS भर्ती 2022 आवेदन शुल्क:
KVS भर्ती प्रक्रिया 2022 के लिए सामान्य, ओबीसी और EWS वर्ग के उम्मीदवारों को 1000 रुपए का आवेदन शुल्क जमा करना होगा । आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन कर सकते हैं।

KVS भर्ती प्रक्रिया 2022 आयु सीमा:
KVS भर्ती प्रक्रिया 2022 में प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आयु सीमा तय की गई है । साथ ही कुछ वर्गों के लिए आयु सीमा में छूट भी दी गई है।

KVS भर्ती प्रक्रिया एप्लीकेशन फीस:
KVS भर्ती प्रक्रिया 2022 में सामान्य वर्ग, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस: 1000 रुपये
एससी, एसटी और दिव्यांग : कोई शुल्क नहीं

KVS भर्ती 2022: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें:

  1. KVS की ऑफिशियल वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in/ पर जाकर उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करें।
  2. KVS टीचिंग एंड नॉन-टीचिंग 2022 वैकेंसी लिंक पर क्लिक करें।
  3. KVS रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें। इसके तहत फोटोग्राफ, सिग्नेचर और डाक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  4. KVS ऑनलाइन आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं क्रियान्वयन विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची एवं झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ,रांची के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं क्रियान्वयन ” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने सभी विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को गंभीरता पूर्वक लागू करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल ने कहा की शिक्षा का शाब्दिक अर्थ सीखना और सिखाना है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को स्थानीय भाषा या हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर देने को कहा।

Admission Open 2022-JRU

संबोधन पूर्व महामहिम राज्यपाल, विशेष अतिथि डॉ.अतुल कोठारी, ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. विष्णु प्रिये जेयूटी के कुलपति प्रो. विजय कुमार पांडे, झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. सविता सेंगर, प्रो.विजय कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का उद्घाटन किया।

https://www.youtube.com/shorts/WYRAIQumj0Q?feature=share

Press Coverage NEP Seminar

संगोष्ठी के उपरांत राज्यपाल सह कुलाधिपति ने कुलपतियों के साथ बैठक कर एनईपी की कार्यान्वयन की दिशा में हो रही प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा एनईपी के प्रावधानों के क्रियान्वयन में यदि कोई कठिनाई होती है तो बिना संकोच उनसे संपर्क करें।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल भाई कोठारी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत की यह पहली भारत केंद्रित शिक्षा नीति है। अब हमें यह विचार त्याग देने चाहिए कि अंग्रेजी के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा की एनईपी भारत केंद्रित शिक्षा नीति है जो देश की प्रकृति, परिवेश और संस्कृति को दिशा देगी।

संगोष्ठी स्थल पर विभिन्न विश्विद्यालयों के द्वारा स्टॉल भी लगाया गया था जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े कार्यों का प्रदर्शन किया गया था। महामहिम राज्यपाल ने निरीक्षण के दौरान झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ के स्टॉल पर शिक्षा, सामुदायिक विकास और सामाजिक भागीदारी के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों का जायजा लेते हुए विद्यार्थियों के द्वारा किये गए कार्यों की सराहना की।


Low cost cold storage by students of B.Sc Agriculture at Jharkhand Rai University

संगोष्ठी के दूसरे सत्र में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जुड़े किये गए कार्यों और विभिन्न विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों पर सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रतिनिधियों के द्वारा पीपीटी प्रस्तुति दी गयी।

संगोष्ठी का संचालन झारखंड राय यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. पीयूष रंजन ने किया।

केंचुआ पालन व्यवसाय से हर महीने करें 25 से 30 हजार रुपए की कमाई

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की पढाई कर रहे विशाल कुमार ने अपनी पहचान खुद गढ़ी है । उनके गाँव वाले उन्हें कृषि उद्यमी के तौर पर पहचानने लगे है। बिहार के गया के टेकारी गांव के रहने वाले विशाल फ़िलहाल रांची में रहकर पढाई करते है। बीएससी एग्रीकल्चर फाइनल ईयर के इस स्टूडेंट ने केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) का प्रशिक्षण लेने के बाद उद्यमशील बनकर कार्य करने का फैसला लिया।

Agriculture Strip-Admission Open 2024

विशाल बताते है ” साल 2021 में कृषि विज्ञान केंद्र, जहानाबाद में आयोजित चार दिवसीय केंचुआ खाद प्रशिक्षण में मुझे शामिल होने का मौका मिला । प्रशिक्षण के बाद केंद्र के वैज्ञानिकों ने मुझे इसके आर्थिक लाभ और बाजार के बारे में अवगत कराया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मैं इसमें जुट गया । पहले मैंने 1 बेड (एक क्यारी) से काम शुरू किया और आज 26 बेड से वर्मी कंपोस्ट उत्पादन कर रहा हूँ। ”

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वर्मी कंपोस्ट एक उत्तम जैव उर्वरक है। इसे केंचुआ खाद भी कहा जाता है। यह खाद केंचुआ और गोबर की मदद से बनाई जाती है। इसे लगभग डेढ़ महीने में आसानी से तैयार किया जा सकता है। यह खाद वातावरण को प्रदूषित नहीं होने देती है। इस खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जो फसलों को तेजी से विकास में मदद करता है और मिट्टी को बेकार नहीं होने देता है। वर्मी कंपोस्ट बनाने की मुख्य तीन विधियां हैं – प्लास्टिक या टटिया विधि ,पिट विधि और बेड विधि।

खेतिहर किसानों के बीच बेड विधि ज्यादा लोकप्रिय है। इस विधि में कई बेड बनाकर वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है। शुरुआत में पहले बेड में ही केंचुए डालने की आवश्यकता होती है। एक बेड का खाद बन जाने के बाद केंचुए स्वतः ही दूसरे बेड में पहुंच जाते हैं। इसके बाद पहले बेड से वर्मी कम्पोस्ट अलग करके छानकर भंडारित कर लिया जाता है।

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https://www.jru.edu.in/fully-automated-polyhouse/

काम शुरू किये हुए दो वर्ष हो चुके हैं और अब उनके पास केंचुआ खाद को खरीदने वाले 20 गांव के किसान है जो उनकी बनाई कंपनी “फेटिडा आर्गेनिक” से खाद खरीदते है।

केंचुआ खाद और इसके प्रयोग करने से मिट्टी को पहुँचने वाले लाभ से अवगत कराने में मुझे शुरुवाती दिनों में थोड़ी दिक्कत हुई लेकिन फिर मेरे द्वारा बनाये गए किसानों के विडियो क्लिप्स जिसमें किसानों ने इसके प्रयोग को लेकर अपनी सकारात्मक राय दी थी वह बेहद उपयोगी साबित हुई । इसके बाद मेरे पास खाद के आर्डर भी ज्यादा आने लगे और मैंने फेटिडा आर्गेनिक नाम से अपनी एक कंपनी भी बना ली ।

केंचुआ खाद उत्पादन में लागत और बिक्री के बारे में पूछने पर बोलते हुए विशाल कहते है “एक बेड तैयार करने में 2200 से 2300 रुपए की लागत आती है। और लाभ प्रति बेड 2000 रूपए हो जाता है।

https://www.jru.edu.in/programs/department-of-agriculture-2/m-sc-agriculture/

भविष्य से जुड़े गए सवालों पर जवाब देते हुए विशाल कहते है ” अगले कुछ महीनों में मेरी पढाई पूरी हो जायेगी फिर मैं पूरा ध्यान अपने स्टार्टअप पर दूंगा। केंचुआ खाद की बिक्री मुझे उत्साहित करती है अब मैंने अपना ध्यान पपीते की खेती की तरफ डाला है। रेड लेडी पपीते की नस्ल 786 के 400 पौधे मैंने खेतों में लगाया हैं । किसानों को साल भर नियमित आय प्राप्त हो इसके लिए एक मॉडल खेती तकनीक को तैयार करने पर काम कर रहा हूँ । मैं अपने स्टार्टअप , खाद की बिक्री और बाजार खोजने की जगह ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुँच कर इसके बदलावों से अवगत करने का काम करता रहता हूँ। इससे मुझे नया बाजार भी मिलता है और किसानों के पास तकनीक और जानकारी भी पहुँचती है।जैविक खेती को बढ़ावा देना और मिट्टी संरक्षण मेरा लक्ष्य है”

बीओपीटी के रीजनल अप्रेंटिस डे ’22 को कुलपति डॉ. सविता सेंगर ने किया संबोधित ।

बीओपीटी (व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड (पूर्वी क्षेत्र)),के रीजनल अप्रेंटिस डे (क्षेत्रीय प्रशिक्षुता दिवस ’22) के अवसर पर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची की कुलपति डॉ. सविता सेंगर सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रही । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की “बीओपीटी न केवल अप्रेंटिसशिप के अवसर प्रदान करने बल्कि अप्रेंटिसशिप के बाद स्थायी रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। कुलपति डॉ. सेंगर ने अप्रेंटिसशिप के बाद बीओपीटी के सहयोग से 80℅ छात्रों के सफल प्लेसमेंट रिकॉर्ड की भी सराहना किया।“

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड नए उत्तीर्ण स्नातक इंजीनियरों, डिप्लोमा धारकों को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और उद्योगों के लिए मानव संसाधन विकसित करने के लिए उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच संपर्क स्थापित करना, तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए दोनों निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के विभिन्न स्थापनाओं में प्रशिक्षण हेतु सुविधाओं को संरक्षित करना,शिक्षओं, उद्योगों और अन्य संबंधित एजेंसियों से परामर्श कर उनके लिए प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रम तैयार करना,प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके उचित उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र जारी करना , योग्य युवाओं के आत्मविश्वास के स्तर को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी दक्षता को बढ़ाने के लिए कार्य करना बीओपीटी के प्रमुख कार्य हैं ।

मूट कोर्ट प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के बीए एलएलबी के छात्रों को तीसरा स्थान

अधिवक्ता परिषद्, झारखण्ड के सौजन्य से राज्य स्तरीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता एनयूएसआर, रांची में आयोजित है। प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ के बीए एलएलबी के छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 14 टीमों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है ।

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 27 नवम्बर को झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी बीए एलएलबी फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हुए और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/ba-llb/

विधि की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मूट कोर्ट गतिविधि में शामिल होना एक उपयोगी कार्य है। देश भर में संचालित विधि महाविद्यालयों और विश्विद्यालयों में मूट कोर्ट गतिविधि विधि शिक्षा के दौरान अनिवार्य प्रायोगिक कार्य के तौर पर शामिल है।

https://www.jru.edu.in/law-moot-court/

मूट कोर्ट एक वास्तविक अदालत का अनुकरण करने जैसा ही होता है, जहां विधि के छात्रों को वास्तविक अदालत में होने वाली कार्यवाही को उसी रूप में एक मॉडल की तरह समझाया जाता है, इसमें विधि के छात्र भाग लेते हैं, और वास्तविक अदालत की प्रक्रिया और उसकी गतिविधियों को सीखते हैं। इसमें पार्टियों के बीच एक काल्पनिक विवाद पर काल्पनिक सुनवाई और सबूत पेश किये जाते हैं, जिससे छात्रों को अदालतों की प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके से समझ में आ सके।

https://www.jru.edu.in/blog-post/moot-court-at-jharkhand-rai-university-ranchi-2022/

मूट कोर्ट एक तरह से एक छात्र को एक उचित वकील के रूप में तैयार करता जाता है। यह विधि के छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देने के आधुनिक तरीकों में से एक है, जो उन्हें एक वास्तविक अदालत के समान काल्पनिक स्थिति में डालते हैं, और फिर इसमें एक तरफ की दो पक्ष काल्पनिक मामलों पर बहस करती हैं, और उचित काल्पनिक सबूत और गवाहों को पेश करती हैं। मूट कोर्ट, अब एक सबसे बड़ा और कुशल स्रोत है, जहाँ से विधि के छात्र प्रयोगात्मक रूप में शिक्षा प्राप्त करते हैं, और उन सभी गुणों और कौशलों को आत्मसात करते हैं, जो एक वकील की सर्वोच्च आवश्यकता होती है।

पूर्व गणतंत्र दिवस परेड चयन शिविर में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रियंका मिश्रा का चयन ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी बी.टेक माइनिंग इंजीनियरिंग की छात्रा प्रियंका मिश्रा का चयन पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर के लिए हुआ है। मध्य क्षेत्र के अन्तर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल द्वारा 12 नवंबर से 21 नवंबर 2022 तक गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर छत्तीसगढ़ में पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर 2022 के लिए राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया का आयोजन विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग़ में 13 ऑक्टूबर 2022 को आयोजित किया गया। इस शिविर में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी एनएसएस सेल के चार स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन स्वयंसेवकों का चयन विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया के तहत किया गया था।

पूरे देश में प्रत्येक वर्ष 05 स्थानों पर पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर का आयोजन होता है जिसमें एनएसएस के कुल 1000 स्वयंसेवक (500 पुरुष एवं 500 महिला) शामिल होते हैं एवं इन शिविरों के माध्यम से कुल 200 स्वयंसेवकों (100 पुरुष एवं 100 महिला) का चयन “गणतंत्र दिवस परेड शिविर” नई दिल्ली के लिए किया जाता है। इस वर्ष मध्य क्षेत्र के राज्यों का चयन शिविर छत्तीसगढ में आयोजित किया जा रहा है।

मध्य क्षेत्र झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सेवा योजना के स्वयंसेवकों के लिए आयोजित शिविर में चयन प्रक्रिया के अंतर्गत रोजाना सुबह के सत्र में परेड, दोपहर में बौद्धिक सत्र और शाम को राज्यवार स्वयंसेवक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगें। इनमें से प्रतिभाशाली स्वयंसेवक अंतिम रूप से गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयनित होंगे।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक किया आयोजित

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में रांची के नामकुम प्रखंड के चार गांव में नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया। “क़ानूनी जागरूकता और भारत में महिला अधिकार ” विषय पर आयोजित नुक्कड़ नाटक का उद्देशय ग्रामीण महिलाओं को महिला अधिकार एवं विधि जागरूकता के प्रति जागरूक करना था। नुक्कड़ नाटक नामकुम ब्लॉक के राजा उलातू , महिलौंग, सिदरौल और प्लांडू में आयोजित किये गए। नाटक के मंचन में एनएसएस सेल के स्वयंसेवक और बीए एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/ba-llb/

के विद्यार्थियों ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई।

क़ानूनी जागरूकता और भारत में महिला अधिकार विषय को लेकर मंचित नाटक में दहेज़ प्रथा, नारी असमानता, स्त्री पुरुष भेद, घर और कार्यस्थल पर होने वाले भेद भाव और क़ानूनी अधिकार से जुड़े प्रावधानों के विषय में जानकारी प्रदान की गयी।

किसी समसामयिक समस्या या सामाजिक प्रश्न पर लोगों के बीच आम जागरूकता को जन्म देने के लिए नुक्कड़ नाटक एक बेहतरीन माध्यम हैं। नाट्य प्रस्तुती के द्वारा लोगों का ध्यान आकर्षित करना इसका मुख्य उद्देश्य होता हैं ताकि इच्छित सुधार और बदलाव की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया जाए। नुक्कड़ नाटक मनोरजन के साथ सामाजिक संदेश लोगों तक पहुचाने का माध्यम है।

नाटक के मंचन के दौरान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और समन्वय स्थापित करने में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ओम प्रकाश सत्यम ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई। लीगल स्टडीज विभाग https://www.jru.edu.in/educational-edge/facultyjru/faculty-of-law/ की तरफ से डॉ. प्रशांत जयवर्धन, प्रो. प्रेरणा तिवारी और प्रो. रूचि कुमारी उपस्थित रही।

फ्रेशर्स डे : झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के शिवम् मिस्टर फ्रेशर्स और आस्था कुमारी मिस फ्रेशर्स चुनी गयी।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी कल्चरल क्लब https://www.jru.edu.in/cultural-club/ का दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव अभिवादन और गूँज का आयोजन 25 और 26 नवंबर को किया गया। अभिवादन (फ्रेशर्स डे) और गूँज (सांस्कृतिक ) आयोजन के तौर पर अपनी पहचान रखता है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कुलपति डॉ. सविता सेंगर और रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया। गणेश वंदना के साथ दो दिवसीय महोत्सव का आगाज किया गया।

इस वर्ष का मिस्टर फ्रेशर्स एमबीए के शिवम् कुमार और मिस फ्रेशर्स बीसीए की आस्था कुमारी चुनी गयी है। वहीं मिस वर्सटाइल एमबीए की बबली कुमारी जबकि मिस्टर वर्सेटाइल एमबीए के आशीष कुमार है।

अभिवादन, फ्रेशर्स डे नए छात्रों का कैंपस में वेलकम करने के लिए किये जाने जाने वाला रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन है। नए छात्रों के द्वारा गीत- संगीत और कला प्रदर्शन के आधार पर उनमें से मिस्टर फ्रेशर्स और मिस फ्रेशर्स का चुनाव होता है।

गूँज इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित होने वाला गीत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ा आयोजन है। इसमें दिन भर ललित कला से जुड़े प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। अलग अलग कॉलेजों से आये विद्यार्थी इस आयोजन में अपना हुनर दिखाते है फिर देर शाम तक नाच गान के साथ सांस्कृतिक कार्यकर्मों का आयोजन होता है।

क्लब के वार्षिक आयोजन गूँज में इस बार पॉट डेकोरेशन कॉम्पिटिशन,सोलो डांस कॉम्पिटिशन, ग्रुप डांस कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया। इस बार पॉट डेकोरेशन कॉम्पिटिशन का विजेता केजरीवाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के विद्यार्थी रहे। वहीँ रनर अप एक्सआईएसएस, रांची की टीम रही।

रंगोली प्रतियोगिता में विजेता एक्सआईएसएस, रांची और रनर अप झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी चुने गए।

एबीसीडी सोलो डांस प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की छात्रा आरोही पांडे जबकि रनर अप सुलेन्द्र कुमार चुने गए। एबीसीडी ग्रुप डांस प्रतिगोतीता में यूनिवर्सिटी के छात्रों का ग्रुप टीम सरफराज को रनर अप चुना गया।

गूँज का एक अनोखा आयोजन रहा “हंगरिटो ” जिसमें यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के द्वारा अलग अलग स्टाल लगाकर फ़ूड आईटम बेचे गए। स्टॉल के सेल के आधार पर विजेता का चयन किया गया। इस बार बीबीए फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों के द्वारा लगाया गया स्टॉल मॉकटेल डोज़ को विजेता जबकि बी फार्मा के स्टूडेंट्स का स्टॉल डीआरएक्स फ़ूड हब को रनर अप चुना गया।

दो दिवसीय महोत्सव के समापन अवसर पर सभी विजेताओं को यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ.पियूष रंजन ने प्रमाण पत्र और मोमेंटों देकर पुरस्कृत किया। आयोजन को सफल बनाने में कल्चरल क्लब की समन्वयक प्रो. अनुराधा शर्मा, सह समन्वयक प्रो. सुमीत किशोर, प्रो. कुमार अमरेंद्र और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

NUSR ranchi visit

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थी राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। ” वूमेन इन पार्लियामेंट फोर्सेज : अचीविंग जेंडर इक्वलिटी थ्रू जेंडर सेंसिटीसेशन विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मलित होने वाले विद्यार्थियों में बीए.एलएलबी https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/ba-llb/ फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर और एलएलबी https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/bachelor-of-laws-llb/ फर्स्ट सेमेस्ट के 32 छात्र शामिल हुए ।

एनयूएसआरएल,रांची के ‘सेंटर ऑफ़ ह्यूमन राइट्स एंड सबाल्टर्न स्टडीज और नेशनल कमीशन ऑफ़ विमेंस, नई दिल्ली’ के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देशय विधि के छात्रों को राजनीती में महिला शक्ति और महत्व से परिचित करवाते हुए लैंगिक असमानता से जुड़े मुद्दों से भी अवगत करना था। संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया ।

एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभागाध्यक्ष डॉ. खालिदा रहमान विभाग समन्वयक प्रो. कुशाग्र विक्रम और प्रो. प्रेरणा तिवारी उपस्थित रही ।

MOU

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी और आईआईटी (आई एस एम) धनबाद के बीच एमओयू

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची www.jru.edu.in और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर, आईआईटी (आई एस एम), धनबाद के बीच बुधवार को एमओयू किया गया। इस दौरान झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अमृता मजूमदार, आईइसी कन्वेनर प्रो. कुमार अमरेंद्र उपस्थित थे।

Admission Open 2022-JRU

भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग के कार्यक्रम अटल नवाचार मिशन के तहत अटल समुदाय नवाचार केन्द्र (Atal Community Innovation Centre- ACIC) कार्यक्रम की शुरुआत हुई है।
यह कार्यक्रम विभिन्न समुदायों में उपलब्ध ज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी पारितंत्र के बीच एक सेतु का कार्य करेगा, साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए नवाचार के प्रयोग पर पर भी जोर देता है ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी द्वारा वर्ष 2019 में स्टार्टअप्स से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से संचालित और संचारित करने के लिए इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल Institution’s Innovation Council (IIC) की स्थापना की गयी थी।

आईइसी अपनी गतिविधियों के जरिये युवाओं में साहस भरने, नए विचारों के साथ कार्य करते हुए मूल विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। स्थानीय स्तर पर इनोवेशन इको सिस्टम की स्थापना करना, स्टार्टअप्स मैकेनिज़्म का निर्माण, संज्ञानात्मक योग्यता का विकास करना भी इसके कार्य है। आईडिया जेनेरेशन,प्री इन्क्यूबेशन,इन्क्यूबेशन और इन्क्यूबेटर को सफल स्टार्टअप्स में बदलने के लिए प्रेरित करना इसके मुख्य कार्य है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा यूनिवर्सिटी के इनोवेशन सेल ने वर्ष 2019-2020 के दौरान वर्ष भर नवोन्मेष और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित टू स्टार रेटिंग का प्रमाणपत्र प्रदान किया है।

एआईसीसी Atal Community Innovation Centre कार्यक्रम को पंचायती राज के सभी संस्थानों के साथ जोड़ा जाएगा ताकि ज़मीनी स्तर की रचनात्मकता से उत्पादों/सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। यह कार्यक्रम देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा। इससे भारत की वैश्विक नवाचार सूचकांक में स्थिति और बेहतर होगी।