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Online Biz Plan ‘21 Competition on 30 Nov 2021

Management Club in association with Institution Innovation Council Jharkhand Rai University, Ranchi organized Online Biz Plan ‘21 Competition on 30 Nov 2021. The objective of this Biz Plan Competition was to impart skills for development and enhancement of personality, communication, team building and decision-making skills of the students. The idea was also to enhance spirit of competition and promote entrepreneurial skills, reveal innovative ideas, creativity, knowledge sharing as well as learning among students. Competitions like these prepare students to participate in events at regional and national levels. Every year, the club organizes two major inter-university events – Biz Spree and Biz Plan Competition.

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This year, the Biz Plan Competition received more than 40 business plans from leading colleges and universities of different states. After thorough review, 20 business plans were shortlisted. These students were then invited for final presentation in front of the esteemed jury members today. The teams were selected on the basis of uniqueness of idea, comprehensiveness, marketability & sustainability and also financial feasibility.

At the final session 20 teams presented their business plan in front of the esteemed jury members. The jury members comprising of Dr. Chinmoy Kumar Founder “The Learning Network”, Kumar Amrendra Convener Institution’s Innovation Council, JRU, Ranchi and Dr. Supriti Jana Start Up Coordinator Institution’s Innovation Council, JRU, Ranchi encouraged each team for their brilliant presentation. Shortlisted teams from Jharkhand Raksha Shakti University, Central University of Jharkhand, Xavier Institute of Social Services, Gossner College, Ranchi Women’s College, Kejriwal Institute of Management and Development Studies, Usha Martin University, RGPV Bhopal, and Jharkhand Rai University participated in Biz Plan’21 Competition.

The final result was announced by the honourable Registrar Dr. Piyush Ranjan. He said that this type of competition creates the spirit of entrepreneurship among students. The team ’Happiness Group’ was the winning team from RGPV Bhopal. The topic of their business plan is All in One Delivery System in Local City”. The team members were Satyendra Rajak, Lakshya Patwa, Shivam Shukla and Revaram Malee.


The first runner-up was Samita and Utsav Pathak from Jharkhand Raksha Shakti University Ranchi. The topic of their Business Plan was “Agro Tourism”.


The Second Runner Up were the participants from Xavier Institute of Social Services. The topic of their Business Plan was “Ekikrit”and the team members were Divyanshu Kunwar, Daibik Mandal, Shruti Sinha, Pankhuri Priyam.

The entire session was coordinated by Prof. Rashmi, Convener Management Club. Members of the Department of Management, Dean, HoD and faculty members actively participated in this event.

बीबीए एडमिशन 2022 : सीखें स्मार्ट बिजनेस / एंटरप्रेन्योर स्किल

स्मार्ट, स्किल्ड बिजनेस / एंटरप्रेन्योर बनना चाहते है और बीबीए कोर्स के लिए अपने शहर रांची में बीबीए कोर्स (BBA admission 2022) के लिए किसी अच्छे कॉलेज की तलाश में है। जहां मिले इंडस्ट्री ओरिएंटेड करिकुलम, पढ़ाई का बेहतर माहौल ,एक्सपेरिएंस्ड फैकल्टी मेंबर्स की देख रेख में बिजनेस और इंटरप्रेनरशिप आईडिया पर काम करने का मौका। कोर्स पूरा होने पर मिलती हो जॉब की पूरी गारंटी।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए एक विश्वसनीय नाम है जिसे यूजीसी और नैक जैसी मान्यताप्राप्त संस्थाओं ने मान्यता प्रदान की है। बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य में यह एकलौता निजी विश्वविद्यालय है जिसे इन संस्थाओं ने मान्यता प्रदान किया है। इसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संचालित नेशनल इंस्टीटूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क, एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज और एसोसिएशन ऑफ़ कॉमन वेल्थ यूनिवर्सिटीज से भी मान्यता मिला हुआ है।

इंडस्ट्री फ्रेंडली और अपडेटेड करिकुलम, एक्सपेरिएंस्ड फैकल्टी मेंबर, स्किल बेस्ड एजुकेशन, लैंगवेज लैब सुविधा के साथ रेगुलर मोड पर होने वाले एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी इसे अन्य संस्थानों से अलग खड़ा करते है। स्टूडेंट सेंट्रिक कैंपस आपकी इंक्वायरी से एडमीशन तक के सफ़र को आसान बना देता है । आप अपने मोबाईल फ़ोन के जरिये ही ऑनलाइन काउन्सलिंग कर कोर्स का सेलेक्शन कर सकते है ,फॉर्म भर सकते है । 5 आसान किस्तों में फी जमा करना,लोन की सुविधा के साथ मेरिट स्कॉलरशिप की सुविधा आपको सिंगल विंडों सिस्टम के जरिये प्राप्त होती है।

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बीबीए कोर्स एक पॉपुलर बैचलर डिग्री कोर्स है। इसका पूरा नाम बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन” है। 12 वीं की एग्जाम देने वाले है या पास आउट है और एडमिशन (BBA admission 2022) को लेकर कंफ्यूज है तो बीबीए एक बेस्ट ऑप्शन है। बेहिचक इस पर अपनी मुहर लगाएं। 3 साल के इस ग्रेजुएशन प्रोग्राम के दौरान 6 सेमेस्टर होंगे। इस दौरान आप बिजनेस स्किल, कम्युनिकेशन, मैनेजेरियल, स्टार्टअप बिल्डर, एन्टेर्प्रेनॉर, डिसीजन मेकिंग स्किल सीखते है ।इसके साथ नए आइडियाज पर रियल टाइम प्रोजेक्ट पर काम करते हुए खुद को टैलेंट आर्टिस्ट के तौर पर तैयार करते है।

अगर आपकी पसंद मैनेजमेंट हो और बीबीए कोर्स करने का मन बना लिया है तो इस कोर्स और मैनेजमेंट फील्ड से जुडी पूरी जानकारी होनी जरुरी है। बीबीए कोर्स बीबीएस और बीएमएस (बैचलर ऑफ़ बिज़नस स्टडी और बैचलर ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडी) नाम से भी जाना जाता है। बीबीए कोर्स में एडमिशन लेने के लिए 50 प्रतिशत अंको के साथ 12 वीं पास होना जरुरी है। किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स यह कोर्स कर सकते है।
कोर्सेज के अलग अलग नाम और कॉलेजों की भीड़ में आपकी पसंद और सबसे बेहतर ऑप्शन का चयन करना बेहद जरुरी है क्योकि इसी डिसीजन पर आपका भविष्य निर्भर करता है।

बीबीए करने के बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब के अवसर बहुत ज्यादा हैं और ये कंपनियां मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को काफी अच्छे सैलरी पैकेज देती हैं। प्राइवेट सेक्टर की बात करें तो बीबीए के बाद मैनजमेंट, फाइनेंस, इंश्योरेंस, आईटी, मैनुफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी एडवरटाइजिंग, एविएशन,बैंकिंग, कंसल्टेंसी, डिजिटल मार्केटिंग और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जॉब मिल सकती है। गवर्नमेंट सेक्टर में ऑप्शन की बात है तो बैंकिंग सेक्टर के अलावा एकाउंटेंसी और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट में बीबीए ग्रेजुएट्स के लिए जॉब ऑप्शन हमेशा रहता है।

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कोविड मरीजों के इलाज दौरान आया बीपीटी करने का विचार : शयन हाजरा

शयन हाजरा एक प्रोफेशनल डिप्लोमा होल्डर फिजिओथेरेपिस्ट है। पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले में अपनी प्रैक्टिस करते हुए उन्होंने कोविड 19 आपदा का दौर बेहद नजदीक से देखा है। कोविड मरीजों और ह्रदय के मरीजों को उपचार के लिए फिजिओथेरेपी करते समय उन्हें यह विचार आया की इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा लेकर मरीजों का भला किया जा सकता है।

शयन के अनुसार ” कोविड के लॉक डाउन के कारण ज्यादा समय मुझे अपनी क्लिनिक और नर्सिंग होम में बिताना पड़ता था। नर्सिंग होम में ज्यादा पेसेंट कोविड पेसेंट होते थे। इसी दौरान मैंने फिजिओथेरेपी में उच्च शिक्षा लेने का मन बनाया और इंटरनेट की मदद से अच्छे कॉलेज को सर्च करने लगा। इस दौरान मुझे झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची का पता चला जो रांची शहर में है और मेरे गृह जिले के पास भी है। मैंने तुरंत फ़ोन लगाकर इस कोर्स और इसके फी स्ट्रक्चर की जानकारी प्राप्त किया। आज मैं बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी स्टूडेंट के रूप में इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा हूँ। मेरा मानना है की इसके जरिये मुझे और ज्यादा इस फील्ड की जानकारी प्राप्त होगी और मुझे और ज्यादा लोगों की सेवा करने का मौका मिलेगा।“

पेंटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई दोनों है मेरी पहली पसंद : बीबीए स्टूडेंट अंजलि।

कला और प्रबंधन का अन्योन्याश्रय संबंध वर्तमान दौर में सफलता की गारंटी है। कुछ यही फ़लसफ़ा अंजलि के साथ भी जुड़ा है। पेंटिंग के क्षेत्र में कुछ करने की ललक और मैनेजमेंट की पढ़ाई कर बड़े पद की चाहत उन्हें झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी ले आयी। अंजलि बताती है ” अपने घर से नजदीक एक बेहतर कॉलेज की तलाश रांची आकर पूरी हुयी। मोबाइल पर मैनेजमेंट की पढ़ाई केलिए किसी अच्छे कॉलेज की तलाश करते हुए मुझे यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की गतिविधियों के बारे में पता चला। इन बातों ने मुझे आकर्षित किया और मैंने यहाँ पढ़ने का मन बना लिया।“

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बीबीए में नामांकन लेने वाली अंजलि से जब यह पूछ गया की पेंटिंग को वह अपनी दिनचर्या में क्या स्थान रखता है तो उन्होंने बताया ” जब भी समय मिलता है तो मुझे चित्र बनाना अच्छा लगता है। मैंने कोई प्रशिक्षण तो नहीं प्राप्त किया है लेकिन स्कूल के समय से ही मुझे यह करना अच्छा लगता है और मैं यह नियमित करती रहती हूँ।“

अंजलि रामगढ़ जिले के भुरकुंडा की रहने वाली है। इनके पिता सीसीएल में कार्यरत है और खुद अंजलि भी अपनी पढ़ाई पूरी कर एक बड़ी कंपनी में कार्य करने का सपना रखती है। उन्हें ऐसा लगता है की बीबीए की पढ़ाई करने पर उनका यह सपना पूरा होगा।

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JAC 12वीं के संशोधित सिलेबस को मंजूरी। परीक्षा और मूल्यांकन में बदलाव

झारखंड सरकार ने 12वीं तक के संशोधित सिलेबस को मंजूरी दे दी है। सिलेबस में 40 फ़ीसदी की कटौती की गई है। इसके अलावा परीक्षा और मूल्यांकन में भी बदलाव किया गया है। प्लस टू स्कूल के सिलेबस में 40 फीसदी तक की कटौती की गई है। भाषा सब्जेक्ट में जहां चैप्टर बढ़ाये गए हैं वही गणित विज्ञान में चैप्टर हटाए गए हैं।

वेटेज ऑफ मार्क्स :
संशोधित पाठ्यक्रम के साथ विभाग मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के लिए वेटेज ऑफ मार्क्स भी जारी करेगा। सीबीएसई की तर्ज पर वेटेज ऑफ मार्क्स जारी होगा। संशोधित सिलेबस में परीक्षार्थियों को पता चल सकेगा कि किस चैप्टर और टॉपिक से कितने नंबर के प्रश्न आएंगे। इससे मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी करने में परीक्षार्थियों को सहूलियत होगी।

वेटेज ऑफ मार्क्स ( इंटरमीडिएट) :-
हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी, अंतरप्राइनियोरशिप और बिजनेस मैथमेटिक्स में प्रश्नों के प्रकार और अंक प्रणाली ।

  • ऑब्जेक्टिव या वेरी शॉर्ट आंसर : 40 प्रतिशत
  • वेरी शॉर्ट टाइप प्रश्न : 20 प्रतिशत
  • शॉर्ट आंसर : 20 प्रतिशत
  • लॉन्ग आंसर : 20 प्रतिशत

सिंगल फार्मूला विधि से गणित की परीक्षा :
संशोधित सिलेबस के आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी एक फार्मूले के आधार पर ही परीक्षा दे सकेंगे। परीक्षा में विलोपन विधि से प्रश्न पूछे जायेंगे। गणित में वैसे चैप्टर को हटाया गया है जिन्हें घर पर पढ़ना संभव नहीं है।

मॉडल पेपर होगा जारी :
मैट्रिक और इंटरमीडिएट के सिलेबस संशोधित होने के साथ ही मॉडल प्रश्न पत्र भी जारी होंगे। जैक की ओर से संशोधित सिलेबस के आधार पर मॉडल प्रश्न पत्र तैयार किया जायेगा । इसमें सभी संशोधित चैप्टर से प्रश्न पूछे जाएंगे।

टेस्ट के जरिए होगी तैयारी :
सिलेबस संशोधित होने के बाद जैक के द्वारा जारी होने वाले मॉडल प्रश्नपत्र के आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्र -छात्राओं का टेस्ट लिया जा सकेगा। उन्हें उसे बना कर शिक्षकों को दिखाने के लिए कहां जाएगा, जो भी गलती होगी उसे पकड़ा जा सके।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में 20 फीसदी बढ़ोतरी :
इंटरमीडिएट की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या 25 फ़ीसदी तक रहती है। इस आधार पर 2021 की इंटरमीडिएट में ऑब्जेक्टिव प्रश्न में 10 से 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।

राज्य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से स्कूल नहीं खुलने और पढ़ाई बाधित होने के बाद 40 फ़ीसदी सिलेबस में कटौती की थी। इसी आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट की 2021 की परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय लिया था। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि “कोविड-19 की वजह से स्कूलों में क्लास नहीं चल रहे हैं। इससे क्लास में छात्रों की उपस्थिति नहीं है। ऐसे में स्कूलों को मैट्रिक की परीक्षा में इंटरनल एसेसमेंट में उपस्थिति के आधार पर अंक देने में कठिनाई होगी। 12 वीं की परीक्षा संभवतः 2022 के मई महीने में होगी।

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8 सितंबर : विश्व फिजियोथेरेपी दिवस

लोग समझते हैं कि दवा की गोली खा लेने से दर्द छू मंतर हो जाएगा। पर ऐसा होता नहीं है। कुछ देर की राहत के बाद फिर दवा पर निर्भरता की स्थिति बन जाती है, जोकि हमारे शरीर के लिए सही नहीं है। दरअसल हमारे शरीर की क्षमता में ही शरीर का इलाज छुपा है। इसे फिजियोथेरेपी पद्धति ने पहचाना और लोगों का इलाज बिना दवा-गोली के होना शुरू हुआ। हर वर्ष 8 सितम्बर को पूरे विश्व में ‘वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे’ मनाया जाता है। इस वर्ष इसका थीम है “क्रोनिक पेन “।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची में बैचलर ऑफ़ फिजियोथेरेपी का कोर्स संचिलत है। इसकी अवधी 4 वर्ष होती है और कोई विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं पास विद्यार्थी इसमें नामांकन ले सकता है।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में फिजियोथेरेपी चिकित्सा की अपनी अलग पहचान है। मौजूदा समय में अधिकांश लोग फिजियोथेरेपी की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि यह न केवल कम खर्चीला होता है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव भी नहीं है।

फीजिओथेरेपी मेडिकल साइंस की ऐसी प्रणाली है, जिसकी सहायता से जटिल रोगों का इलाज आसानी से किया जाता है। हालांकि, भारत में बहुत कम ही लोग इसके प्रति जागरूक हैं, जिस वजह से वो इसका लाभ कम ही उठा पाते हैं। फीजिओथेरेपी के जरिए ऑस्टिओअर्थराइटिस, स्पाइनल इंजरी जैसी जटिल बीमारियों का इलाज संभव है। इसका कोई साइड एफेक्ट भी नहीं होता है।

फिजियोथेरेपी यानी शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों, हडि्डयों-नसों के दर्द या तकलीफ वाले हिस्से की वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक मशीनों, एक्सरसाइज, मोबिलाइजेशन ,टेपिंग , के माध्यम से मरीज को आराम पहुंचाना। हालांकि अधिकतर लोग मानते हैं कि केवल योगा और कुछ कसरतें ही फिजियोथैरेपी होती हैं लेकिन ऎसा नहीं है। फिजियोथैरेपी में विशेषज्ञ कई तरह के व्यायाम और नई तकनीक वाली मशीनों की मदद से इलाज करते हैं।

फिजियोथेरेपी के कुछ फायदे :

  • ये आपको चोट से बचने में मददगार साबित होता है ।
  • सदमा या घाव से उबरे में मदद करता है ।
  • स्ट्रोक और पैरालिसिस से ठीक करने में मददगार है।
  • आयु संबंधी मेडिकल समस्या होने पर बेहतर प्रबंधन में फायदेमंद है।
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NEET प्रवेश परीक्षा 2021: एडमिट कार्ड यहाँ से करें डाउनलोड

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2021 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एनटीए 12 सितंबर को नीट परीक्षा आयोजित करेगा। परीक्षार्थी एडमिट कार्ड पर अपना नाम, परीक्षा केंद्र, समय, तारीख और दिशानिर्देश अच्छे से पढ़ लें। एनटीए ने इससे पहले नीट परीक्षा की एग्जाम सिटी की लिस्ट जारी की थी। लिस्ट में उम्मीदवार द्वारा दी गई वरीयता के आधार पर परीक्षा केंद्र आबंटित किए गए हैं ।

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ऐसे करें डाउनलोड एडमिट कार्ड :
स्टेप 1: सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट पर दिए गए एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड सबमिट कर लॉग इन करें।
स्टेप 4: आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।
स्टेप 5: अब इसे डाउनलोड कर लें।

नीट एडमिट कार्ड डायरेक्ट लिंक : https://ntaneet.nic.in/ntaneet/AdmitCard/AdmitCard.html

नीट परीक्षा के जरिए छात्र देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस समेत विभिन्न कोर्सेज में एडमिशन ले सकेंगे। पिछले वर्ष राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 में संशोधन के बाद से 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पुडुचेरी में स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षाएं भी नीट से माध्यम से ली जा रही हैं। नीट परीक्षा 13 भाषाओं – अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू में होगी।

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पिछले वर्ष राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 में संशोधन के बाद से 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पुडुचेरी में स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षाएं भी नीट से माध्यम से लिया जा रहा है।

NEET Exam

12 सितंबर को होगी NEET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की छात्रों की अर्जी

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 2021 को स्थगित करने की मांग को लेकर दायर याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 12 सितंबर 2021 को ही होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों को कहा कि वे इस संबंध में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से ऑप्ट आउट विकल्प देने के संबंध में गुजारिश कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिए कि वह छात्रों की चिंता का उचित समाधान करे।

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CBSE एग्जाम में कम्पार्टमेंट लाने वाले और जिन्होंने इम्पूवमेंट के लिए अप्लाई किया हुआ था, उन छात्रों की मांग थी कि नीट परीक्षा की तारीख में बदलाव किया जाय। इस तरह सीबीएसई और नीट परीक्षाओं की तारीखों में टकराव को देखते हुए नीट एग्जाम टालने की मुहिम को सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही मिली है।

नीट एग्जाम पैटर्न :
नीट प्रवेश परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों को पूछा जाता है, इसमें कुल 180 प्रश्न होते है, बॉटनी से 45 प्रश्न, फिजिक्स से 45 प्रश्न, केमिस्ट्री से 45 प्रश्न और जूलॉजी से 45 पूछे जाते है | प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक प्रदान किये जाते है, तथा गलत उत्तर देने पर एक अंक काट लिया जाता है | इस परीक्षा की समय अवधि तीन घंटे होती है |

नीट परीक्षा में इस वर्ष 16 लाख से अधिक छात्र हिस्सा लेने वाले हैं। आपको बता दें, पहले नीट की परीक्षा का आयोजन अप्रैल महीने में किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया।

12 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर बताया था, नीट परीक्षा का आयोजन 12 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा था, कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी।

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13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी परीक्षा:
पहली बार NEET(UG) परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी ।पहली बार पंजाबी और मलयाली को परीक्षा के माध्यम के रूप में जोड़ा गया है । वहीं कुवैत में एक नया परीक्षा केंद्र बनाया गया है। नीट की परीक्षा अब हिंदी, पंजाबी, असमी, बंगाली, ओड़िया, गुजराती, मराठी, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, तमिल, उर्दू और अंग्रेजी में आयोजित होगी।

कोरोना महामारी के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म्स का पालन करने के लिए NEET परीक्षा को आयोजित करने वाले शहरों की संख्या 155 से बढ़ाकर 198 कर दी गयी है।

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बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग : हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का लिंग्विस्टिक

इन दिनों बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) भारत में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स और यंग इंजीनियर्स के बीच सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में से एक है। इसमें कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नेटवर्किंग के बेसिक एलिमेंट्स के बारे में अध्ययन किया जाता है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के संबंध में इनफॉर्मेशन सिस्टम की डिजाइनिंग, इम्प्लीमेंटेशन और मैनेजमेंट के बारे में भी पढ़ाया जाता है। उन्हें कम्प्यूटेशन और कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स के डिज़ाइन की थ्योरी के बारे में भी पढ़ाया जाता है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का संबंध इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स और लिंग्विस्टिक्स से भी है।

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कंप्यूटर इंजीनियरिंग को हम एक गठजोड़ कह सकते है। यह गठजोड़ कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल साइंस के साथ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर नॉलेज को एक साथ जोड़ते हुए कंप्यूटिंग टाइप्स पर काम करता है।

वो यह देख पाते है की कैसे माइक्रोप्रोसेसर काम करता है। कैसे उनका डिजाईन किया जाता है और कैसे डेटा ट्रांसफर होता है, कैसे सॉफ्टवेयर लिखा जाता है और किस तरह कम्पाईल्ड किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो एक कंप्यूटर इंजीनियर जिम्मेदार होता है सॉफ्टवेयर को रन करने के उन तमाम कार्यों के लिए जिसका इजाद कंप्यूटर साइंटिस्ट करते है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची में बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। चार वर्षों के इस नियमित पाठ्यक्रम में नामांकन लेने के लिए विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं पास छात्र आवेदन कर सकते है। बीटेक कंप्यूटर साइंस (इंजीनियरिंग) की पढ़ाई में आप अपने स्पेशलाइजेशन के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साईबर सिक्यूरिटी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वेब एंड मोबाईल एप्लीकेशन विषय का चयन कर सकते है।

पढ़ाई के दौरान आप इंजीनियरिंग नॉलेज,प्रॉब्लम एनालिसिस, डिजाइन एंड डेवलपमेंट ऑफ़ सलूशन, काम्प्लेक्स प्रॉब्लम सलूशन, मॉडर्न टूल यूजेज,इंजीनियरिंग सोसायटी, एन्वॉयरन्मेंट और सस्टेनब्लिटी, कम्युनिकेशन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड फाइनेंस के साथ सीखते है लाइफ लॉन्ग लर्निंग का यादगार पाठ।

पढ़ाई के बाद अपने फील्ड में सफल होने के लिए चाहिए प्रोफेशन स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स और इंटरप्रेन्योर स्किल्स और यह सब आप को सिखाते है कंप्यूटर साइंस इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल।

कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने के लिए होने चाहिए ये स्किल्स :

  1. टीम वर्क एबिलिटी
  2. प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स डेटर्मिनेशन,
  3. लॉजिकल एंड सिस्टेमेटिक माइंड सेट
  4. पेसेंस।

इस कोर्स को करने के बाद करियर ऑप्शन्स के तौर पर टीचिंग के अलावा कंप्यूटर प्रोग्रामर, सिस्टम डिज़ाइनर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर डेवलपर, सॉफ्टवेयर टेस्टर, मोबाइल ऐप डेवलपर, आईटी एडमिनिस्ट्रेटर, ई-कॉमर्स स्पेशलिस्ट, डाटा वेयरहाउस एनालिस्ट के पद देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में प्राप्त कर सकते है।