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SEMINAR RANCHI UNIVERSITY

Webinar : “Island Protection of Distributed Generation System”

Webinar on: “Island Protection of Distributed Generation System”

Speaker:  Dr. Sanjay Agrawal, MNNIT Allahabad (Ph.D) Research Expert of Signal Processing Application in Power System at Dublin Institute of Technology, Ireland. Faculty at Rajkiya Engineering College, Ambedkar Nagar, U.P.

Date: May 14, 2020 / Time : 11.00 am

Register now : https://tinyurl.com/yc2vskv4

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Organized by Department of Electrical Engineering, JRU

DOS AND DON'TS OF SOCIAL MEDIA

सोशल मीडिया और नैतिकता का सवाल।

यू.जी.सी. ने युवाओं को सोशल मीडिया की नैतिकता और शिष्टाचार सिखाने के लिए इसे स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया है।

सोशल मीडिया के दुरूपयोग को देखते हुए उसके बारे में युवाओं को जागरूक करने के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम की आवश्यकता बड़ी शिद्दत से महसूस की जा रही थी। युवाओं में सोशल मीडिया का क्रेज देखते बनाता है लेकिन इसके पीछे की नैतिकता औऱ जिम्मेदारी से अधिकांश अनभिज्ञ है।

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सोशल मीडिया साइट्स का इस्तेमाल करते समय हमारे मन मे कभी भी किसी अनहोनी या नकारात्मक सोच हावी नहीं रहती।

क्या कारण है कि युवा मन को आपराधिक सोच विकसित करने में यह एक प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है? कोरोना काल मे फेसबुक औऱ इंस्टाग्राम पर चलने वाले ग्रुप्स की चर्चा बेमानी है। क्योंकि हमारे घरों से ही संस्कार ग़ायब होते जा रहे है।

नई पीढ़ी नातेदारी और रिश्तों की चादर में लपेटी हुई संबंधों की गर्मी को महसूश नहीं करता है। युवा मन की सोच और सोशल मीडिया के प्रति उसके जुड़ाव को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह माध्यम सोशल डिस्टेंसिंग को बढ़ावा देता है, मोरल और इथिकल वैल्यूज यहाँ नदारत है।

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युवा मन चंचल होता है इसलिए उसे चाहिए एक अनुभवी साथी जो अपने अनुभव की पोटली से निकाल कर उसके लिए आदर्श विचार औऱ संचार देने का कार्य करें। सोशल मीडिया का प्रयोग करें लेकिन समझदारी के साथ नादानी आपको खतरे में डाल सकती है।

दैनिक जीवन में सोशल मीडिया का प्रभाव :–

• यह बहुत तेज गति से होने वाला संचार का माध्यम है
• यह जानकारी को एक ही जगह इकट्ठा करता है ।
• सरलता से समाचार प्रदान करता है
• सभी वर्गों के लिए है, जैसे कि शिक्षित वर्ग हो या अशिक्षित वर्ग
• यहां किसी प्रकार से कोई भी व्यक्ति किसी भी कंटेंट का मालिक नहीं होता है।
• फोटो, वीडियो, सूचना, डॉक्यूमेंटस आदि को आसानी से शेयर किया जा सकता है

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सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव :–

• यह बहुत सारी जानकारी प्रदान करता है जिनमें से बहुत सी जानकारी भ्रामक भी होती है।
• जानकारी को किसी भी प्रकार से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सकता है।
• किसी भी जानकारी का स्वरूप बदलकर वह उकसावे वाली बनाई जा सकती है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता।
• यहां कंटेंट का कोई मालिक न होने से मूल स्रोत का अभाव होना।
• प्राइवेसी पूर्णत: भंग हो जाती है।
• फोटो या वीडियो की एडिटिंग करके भ्रम फैला सकते हैं जिनके द्वारा कभी-कभी दंगे जैसी आशंका भी उत्पन्न हो जाती है।
• सायबर अपराध सोशल मीडिया से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है।

इन आदतों को घर नहीं बनाने दें:-

1. इंटरनेट की लत ।
2.आत्म नियंत्रण खोना।
3.नींद नहीं आना।
4. तनाव का शिकार होना।
5.बार बार मोबाईल चेक करना।
6. हमेशा ऑनलाइन रहने की लत
7. अकेलापन महसूस करना
8. सोशल मीडिया पर सभी को व्यक्तिगत जानकारी देना।
9. हर समय अपने काम को मीडिया के जरिये प्रदर्शित करना।
10. अनजान लोगों को दोस्त बनाना।

सोशल मीडिया के अपने सिद्धांत है, अपनी नियंत्रण प्रणाली है। संयम, आत्ममुग्धता, आकर्षण और गोपनीयता का पालन करते हुए सामाजिक संबंधों की गांठो को खोलना होता है। आभासी संसार में सबकुछ पारदर्शी नहीं होता। सावधानी ही सुरक्षा का प्रथम चरण है।

(आलेख: डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन,झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची, डिजिटल सेल ।)

IIT JEE NEET EXAM DATES 2020

IIT JEE परीक्षा 18 से NEET 26 जुलाई से शुरू।

इंजीनियरिंग की आईआईटी-जेईई (मेंस) की परीक्षा तिथि घोषित कर दी गयी है। यह परीक्षा 18,20,21,22 और 23 जुलाई को होगी ।आईआईटी-जेईई एडवांस की परीक्षा अगस्त माह में आयोजित की जायेगी, हालांकि अभी तिथि की घोषणा नहीं की गयी है.

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट( NEET) 26 जुलाई को आयोजित की जाएगी।

JEE मेन में झारखंड से 2800 स्टूडेंट्स जबकि NEET में 2500 शामिल होंगे। JEE के लिए रांची के अलावा हजारीबाग, बोकारो, जमशेदपुर और धनबाद को केंद्र बनाया जायेगा। लॉ की प्रतिष्ठित परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट CLAT का आयोजन 20 जून को होगा।

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NTA UGC नेट परीक्षा की तारीखें अभी घोषित नही की गई हैं ,16 मई तक फॉर्म भरे जा सकते है। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए आयोजित CSIR UGC NET का आयोजन 21 जून को संभावित है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल ने वेबिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को सूचित किया उन्होंने कहा की ” इन परीक्षाओं के अलावा जो परीक्षा स्थगित की गयी थी उसपर जल्द विचार होगा। जल्दी ही परीक्षा आयोजित भी की जायेगी। उच्च शिक्षा के नए एकेडेमिक कैलेंडर का निर्माण कर लिया गया है। देश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से चर्चा के बाद नए सत्र की शुरुवात जुलाई महीने से और पहले से नामांकित स्टूडेंट्स का सितंबर माह से प्रारंभ होगा।

ज्ञात हो कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई-मेंस का आयोजन देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए होता है जबकि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के जरिये देशभर के मेडिकल काॅलेजों में दाखिला होता है. क्लेट विधि के लिए वहीं यूजीसी और सीएसआईआर नेट परीक्षा लेक्चरशीप के लिए आयोजित होती है।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अप्रैल में आयोजित होने वाली जेईई मेंस की परीक्षा और बाद में नीट परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया था. इसके बाद छात्रों को परीक्षा केंद्र बदलने का मौका दिया गया, ताकि जो जहां हैं वो वहीं के आसपास के केंद्र में परीक्षा दे सकें.

HRD मंत्रालय ने मई के आखिरी सप्ताह में परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की थी, लेकिन लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ने के कारण मई के आखिरी हफ्ते में भी परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं था, इसलिए सरकार ने नयी परीक्षा तिथि घोषित की है।

DIY OIL LAMP AT HOME

DIY LOCKDOWN ACTIVITY FOR STUDENTS – MAKE YOUR OWN OIL LAMP

BOREDOM BUSTING ACTIVITY FOR STUDENTS –

Don’t use candles anymore.

Instead, use water to make this interesting easy-to-make lamp at home.

Materials needed for this are easily available at home.

What do you need?

A glass, water, some oil and a wick.

DIY LOCKDOWN ACTIVITY RANCHI

How to make?

Pour upto ¾ quantity water in a glass.

Then pour 4 tablespoons of oil on water.

Oil will float, since oil and water do not mix.

Now set the wick in the middle of the glass.

Since oil and water do not mix, it will keep the wick dry.

Now, light the lamp and place it somewhere nice.

BEST UNIVERSITY RANCHI

पसंदीदा यूनिवर्सिटी की सोशल मीडिया पेज पर मिलेगी पूरी जानकारी।

आजकल सोशल मीडिया कॉलेज लर्निंग के लिए एक बेहतरीन एजुकेशनल इंस्ट्रूमेंट के तौर पर साबित हो रहा है।
स्टूडेंट्स इंटरनेट और सोशल मीडिया से काफी अच्छी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही कॉलेज में आते हैं।

वेबिनार्स, ऑनलाइन चर्चा फोरम्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चर्चा और सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं, अर्थपूर्ण बातचीत कर सकते हैं, विचारों का आदान-प्रदान करने में मदद कर सकते हैं, और सीखने के अनुभव को बढ़ावा दे सकते हैं ।

लॉक डाउन के समय डिजिटल वर्ल्ड ने जीवन की हर उस कमी को भरने की कोशिश की है जो कोरोना वायरस महामारी के कारण हमारे जीवन से गायब हो रही थी।

मई महीना बीत रहा है। यह समय है अपने पसंदीदा कॉलेज और सब्जेक्ट को सेलेक्ट करके उसे लॉक करने का। लॉक डाउन के कारण कैम्प्स विजिट करना और काउंसेलिंग पॉसिबल नहीं तो क्या हुआ ।
सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सब कुछ मौजूद है। यूनिवर्सिटी और कॉलेज के सोशल मीडिया पेज पर जाकर आप वो सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है जो आपको चाहिए। कॉलेज की वेबसाइट, फेसबुक पेज, ट्विटर,इंस्टाग्राम को फॉलो करें और यूनिवर्सिटी और कॉलेज की एकेडेमिक और एक्सट्रा करिकुलम एक्टिविटी को जानें।

झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा में एक जाना माना नाम है जिसने अपने अनूठे पाठ्यक्रम, एकेडेमिक कल्चर, बियोंड द क्लास रूम स्टडी और प्लेसमेंट सेल के जरिये स्टूडेंट्स को जॉब दिलाकर अपना अलग स्थान बनाया है।

  1. झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची झारखंड, बिहार,और वेस्ट बंगाल में इकलौता निजी संस्थान है जिसे UGC और NAAC की मान्यता प्राप्त है।
  2. यूनिवर्सिटी के नामकुम कैम्पस में स्थापित है इंटरनेशनल ग्रीन हाउस रिसर्च सेन्टर जो बीएससी एग्रीकल्चर के स्टूडेंट्स को देता है अंतराष्ट्रीय स्तर का रिसर्च लैब।
  3. यूनिवर्सिटी क्लब,एलुमनाई यूनियन,डिजिटल लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, मेंटरशिप प्रोग्राम के साथ मौजूद है स्टूडेंट्स सेंट्रिक 10 एकड़ फार्म लैंड प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए।
  4. अपने पसंदीदा कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए विजिट करें www.jru.edu.in
  5. किसी भी जानकारी के किये कॉल करें हैल्पलाईन नंबर 18001202546 पर।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करें और जाने यूनिवर्सिटी की परफॉर्मेंस।यहाँ मिलेगा आपको कोर्सेज की पूरी जानकारी, सब्जेक्ट, सेमेस्टर फ़ी, फैकल्टी डिटेल्स, सिलेबस,स्कॉलरशिप और एक्स्ट्रा एक्टिविटी से जुड़ कर खुद को साबित करने का अवसर।

IMMUNITY BOOSTING SHAKES RECIPE

3 IMMUNITY BOOSTING SMOOTHIE RECIPES FOR STUDENTS

They’re oh-so-easy to make. Learn nutritious yet yummy ways to enjoy summer fruits in a glass.

Seasonal fruits are nature’s way of providing us with necessary immune boosting vitamins. These summer fresh smoothies are packed with vitamins, minerals and helps you build immunity. Just blend and pour in a glass, to enjoy.

Mango-Flax seed Smoothie

Mangoes are loaded with antioxidants that help to enhance immune system. Mangoes also help to counter bacteria and toxins. Flax seed contains essential omega-3 fatty acids.

IMMUNITY BOOSTING RECIPEIngredients

1 ripe medium sized mango
1 tablespoon ground flax seed, 2 soaked almonds
½ cup low-fat milk or milk of your choice (soy, almond, light coconut milk)
½ cup crushed ice (if you want it chilled)
1 tsp of brown-sugar or natural mineral sugar

Method – Combine ingredients in blender and process until smooth.
If the mixture is too thick, add milk to your liking.
Serve in a glass and enjoy.

Green Lemon Melon Smoothie

In terms of packing a nutrient punch, mint (pudina) is a standout among superfoods during summer. Additionally, lemon helps in giving you the necessary vitamin c. Watermelons add natural sweetness, are full of nutrients/minerals. Moreover, watermelons contain good amount of vitamin C that helps in building immunity. Besides, watermelons give a nice red colour to your drink.

IMMUNITY BOOSTING RECIPE

Ingredients

6 mint leaves
1 cup full of chopped watermelon
Half a lemon, juiced
A very small piece of ginger, peeled
½ to 1 cup water
½ cup crushed ice (if you want it chilled)

Method – Combine ingredients in blender. Add more water if too thick and puree until smooth. Pour and enjoy this fresh drink.

Power Banana Smoothie

Bananas are a premium source of potassium. This shake is a sweet way to enjoy a heaping spoon of protein powder.

IMMUNITY BOOSTING RECIPE

Ingredients

1 ripe banana
1 heaped tablespoon of protein powder
1 glass milk, 2 soaked almonds

Method – Combine ingredients in blender and puree until smooth.
Pour and enjoy this energy drink.

best law college ranchi

WHY STUDY LAW AT JRU, RANCHI?

You have reached the right place if you want to pursue a career in Law – Jharkhand Rai University (JRU). We are the only Private University in Jharkhand, Bihar and West Bengal which is approved by UGC and Accredited by NAAC.

Here are 10 reasons to pursue a career in Law at JRU – 

  • Law course at JRU is approved by Bar Council of India
  • We undertake one to One Mentorship Program
  • We emphasize on Case Law Technique
  • 20+ weeks of Legal Internship
  • Students will get access to 24×7 Digital Library
  • Language Lab facility for students
  • Learning beyond Classroom is our hallmark
  • Moot Court Competition to simulate court room.
  • Legal Aid Clinic
  • AIBE & Judicial examination preparation classes.

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BEST AGRICULTURE COURSE RANCHI

WHERE IS THE FIRST INTERNATIONAL GREEN HOUSE RESEARCH CENTER LOCATED IN RANCHI?

The international standard Agriculture Research Center can be found at Namkum, Ranchi. Equipped with hydroponic systems, it is located at Namkum Campus of Jharkhand Rai University, Ranchi.

Click here for Fee details B.Sc (Hons.) Agriculture

Click here for Fee details M.Sc Agriculture

BEST AGRICULTURE COURSE RANCHI

The University has a setup of 1600 sq. m. of fully automatic state-of-art green house as agriculture research center. It is the first of its kind in the State. Moreover, this facility embraces latest technology available internationally. This green house is completely automated with internal and external shading provision. Besides, it has different types of hydroponic systems with fully automated fertigation equipment and water filtration plant.

Such a facility will provide exposure to the students, researchers and the local community in advance soilless technology.

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As an extension to the existing research unit, the University will also start a fully automated state-of-art Mushroom Unit to further strengthen the agricultural research.

CAREER OPPORTUNITIES AFTER B.Sc AGRICULTURE

The demand for trained professional in Agriculture is very high. Graduates have career prospects in both public and private sectors.
You could pursue a career in research and communication as an agricultural researcher or a journalist.

BEST AGRICULTURE COURSE RANCHIAs an expert you can drive innovation for improving agricultural yields and sustainable production.
State Department of Agriculture recruits graduates to fill up officer level posts. Private sector multinational companies have established their presence in commercial farming as well as farmer-led production initiatives. So they are on the lookout for young executives to handle extension services.
Nationalized Banks also recruit agriculture graduates to fill the posts of Agriculture Officers/Rural Development Officers.

CAREER OPPORTUNITIES AFTER M.Sc AGRICULTURE

A large number of both government and private jobs are available to the students completing M. Sc. (Agriculture).
Students would get recruited as assistant professor in government and private universities.
Officer level posts are offered by the nationalized banks to the students from M. Sc. Agriculture.
After M. Sc. (Agriculture), one may work as an independent consultant in their domain of study.
Entrepreneurship is one of the important prospective career for the postgraduates in Agriculture.
Career in research sector through Ph. D. gets open after completion of M.Sc. in Agriculture.

WHY STUDY AGRICULTURE?

Agricultural movements like farm to table, organic foods, going vegan and a focus on natural high fiber food has turned agriculture into a sophisticated industry.

Get ready to be part of the new wave of agriculture industry with the Bachelor of Science in Agricultural programme at Jharkhand Rai University (JRU).

In current times it is the ideal Bachelor’s course to pursue since global demand for agricultural food and fibre is high. Therefore, clearly the industry needs professionals who are ready to rise to the various job opportunities arising out of it. Especially when our course is designed with significant input from major employers in the industry.

EMERGING OPPORTUNITIES – New markets, emerging technologies, globalisation of trade, climate change, sustainability – are increasingly creating needs for agriculture experts.

The food industry and the world need passionate professionals like you. This programme in agriculture from JRU will equip you with a solid scientific foundation to develop new ideas and technologies, implement new agricultural practices and devise innovative ways to produce food and fibre.

WHAT WILL YOU LEARN – The course curriculum consists of topics such as agriculture science, use of modern scientific equipments, farming systems and sustainable agriculture, cultivation of fruits, vegetables, spices and flowers, land surveying, soil science, water resource management, dry land agriculture, integrated nutrient management, integrated pest management and animal and poultry management. The University is well equipped with Hi-Tech Agri Research Lab for training the students. The curriculum also provides knowledge of basics of Plant Biotechnology.

BEST BSC AGRICULTUERE COLLEGE RANCHI

(स्टार्ट  इट अप )  स्टार्ट योर ओन  माइक्रोग्रीन फार्मिंग बिज़नेस।

लॉकडाउन के दौरान बैठे-बैठे आपको भी लग रहा है कि क्या करें ? ऐसे में आप माइक्रोग्रीन्स उगा सकते हैं जो आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए उपयोगी हैं। माइक्रोग्रीन्स उगाना आसान है, इन्हे लगाने से काटने तक एक से दो सप्ताह का समय चाहिए और इस बीच में लॉकडाउन की अवधि पूरी कर सकते हैं। माइक्रोग्रीन्स आपके भोजन को स्वादिष्ट और पोष्टिक बना सकते हैं।इन्हें स्वयं उगाना रोमांचक अनुभव  है।BEST AGRICULTURE COLLEGE RANCHI

माइक्रोग्रीन्स का उत्पादन

माइक्रोग्रीन्स को थोड़े दिन के अंतराल पर कई बार  उगाया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि आपके किचन में पूरे साल माइक्रोग्रीन्स का उत्पादन किया जा सकता है, बशर्ते वहां सूर्य की रोशनी आती हो। विटामिन, पोषक तत्वों और बायोएक्टिव कंपाउंड्स के खजाने के रूप मे जाना जाता है। इस कारण माइक्रोग्रीन्स को सुपर फूड भी कहा जाता है। चना, मूंग, मसूर को अंकुरित करके खाना भारतीयों की आदत में शुमार है।  इन्हें अंकुरित बीज या स्प्राउट भी कहते हैं। माइक्रोग्रीन्स इन से कुछ अलग है क्योंकि अंकुरित बीजों या स्प्राउट्स में हम जड़, तना एवं बीज-पत्र को खाने में प्रयोग में लाते हैं।

पौष्टिक और स्वादिष्ट

लेकिन माइक्रोग्रीन्स में तने, पत्तियों और बीज-पत्र का उपयोग किया जाता है और जड़ो को नहीं खाते हैं। आमतौर पर माइक्रोग्रीन्स को मिट्टी या उससे मिलते जुलते मीडिया पर उगाया जाता है। माइक्रोग्रीन्स को विकास के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। मूली और सरसों जैसी सामान्य सब्जियों के बीज का उपयोग इसके लिए किया जाता है। कोरोना लॉक डाउन के दौरान माइक्रोग्रीन्स के लिए पौधों के बीज मिलने आसान नहीं है परंतु घर में उपलब्ध मेथी, मटर, मसूर दाल, मसूर, मूंग, चने की दाल को स्प्राउट्स के जगह माइक्रोग्रीन्स से रूप में उगा कर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।

हफ्ते के भीतर ही तैयार

लॉक डाउन के दौरान घर में ही उपलब्ध सामग्री का प्रयोग करके माइक्रोग्रीन्स को उगाना संभव है। इसके लिए 3 से 4 इंच मिट्टी की परत वाले किसी भी डब्बे को लिया जा सकता है और यदि ट्रे उपलब्ध है तो और  भी अच्छा। मिट्टी की सतह पर बीज को फैला कर   और उसके ऊपर मिट्टी की एक पतली परत डालकर  यह सुनिश्चित कर  लें कि मिट्टी कंटेनर में अच्छी तरह से बैठ गई है। मिट्टी के ऊपर सावधानीपूर्वक पानी डालकर नमी बनाकर रखने से दो से तीन दिन में ही बीज अंकुरित हो जाते हैं। इन अंकुरित बीजों को थोड़ी धूप वाली जगह में रखकर उन पर दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव किया जाता है। 1

हफ्ते के भीतर ही माइक्रोग्रीन्स तैयार हो जाते हैं। यदि आप चाहें तो इन्हें 2 से 3 इंच से अधिक उचाई तक बढ़ने दे सकते हैं। यह विभिन्न व्यंजनों के अलावा सलाद और सैंडविच में भी उपयोग में लाया जा सकता  हैं। इनकी कटाई केंची के द्वारा आसानी से की जाती है।  फ्रिज में रखने से लगभग 10 दिन तक इसका उपयोग किया जा सकता है।

शहरों में जहां घरों में सीमित स्थान है , माइक्रोग्रीन्स का उत्पादन एक अच्छा विकल्प है। खासतौर पर कोरोना त्रासदी के समय जब आपके पास समय की कोई कमी नहीं है और जल्दी तैयार होने वाली फसल का उत्पादन मुख्य उद्देश्य है, माइक्रोग्रीन उत्पादन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। माइक्रोग्रीन्स उगाना वयस्कों के लिए ही सुखद नहीं बल्कि  कॉलेज स्टूडेंट्स के  लिए रुचिकर खेल है। तो सोच क्या रहें हैं आज ही घर की छत या बॉलकोनी में गमले,बेकार पड़े पॉट का इस्तेमाल करें और घर पर ही करें खेती किसानी।।

 

BEST PHARMA COURSE RANCHI

दवाओं में है इंट्रेस्ट तो ये कोर्स हैं आपके लिए बेस्ट

इस समय तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर्स में हेल्थ का नाम सबसे ऊपर है। इसमें मेडिकल, पैरामेडिकल और इस सेक्टर से जुड़े कारोबारों का तेजी से विकास हो रहा है। मेडिकल (medical) के क्षेत्र में फार्मेसी का अहम स्थान है. फार्मेसी का क्षेत्र जॉब के लिए बहुत ही शानदार फिल्ड हैं।

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फार्मेसी

इस फिल्ड में अनेक प्रकार की जॉब मिल जाती है. फार्मेसी का क्षेत्र दवाइयों से जुड़ा हुआ है. जिसमें आपको करियर के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी मिलता है. वैसे तो आजकल करियर बनाने के लिए छात्रों को बहुत सारे ऑप्शन मिल जाते हैं. मगर मेडिकल लाइन ऐसी है जहा पर हमेशा जॉब के बहुत सारे स्कोप मिल जाते हैं. फार्मेसी में दो प्रकार के कोर्स होते है बी फार्मा और डी फार्मा. इन कोर्सेस को करने के बाद स्टूडेंट्स अपना फ्यूचर आसानी से सिक्योर कर सकते हैं. यदि आपको साइंस और लाइफ साइंस तथा दवाइयों के प्रति दिलचस्पी है तो आप आसानी से फार्मेसी के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं.

फार्मेसी से सम्बंधित कोर्स :

फार्मेसी करने के लिए अनेक कोर्स हैं. फार्मेसी कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स को साइंस विषय (subject) के साथ बारहवीं (12th) परीक्षा उत्तीर्ण (pass) करनी अनिवार्य होती है. इसके बाद स्टूडेंट्स दो साल के डी फार्मा कोर्स या चार साल के बी फार्मा कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं.

फार्मेसी कोर्स करने के बाद छात्रों को इस फिल्ड में जॉब के लिए काफी सारे ऑप्शन मिल जाते हैं. जिसमें अच्छी जॉब के साथ-साथ सैलरी भी मिल जाती है.

रोजगार के अवसर:

  • मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव
  • क्लीनिकल रेसेअर्चेर
  • मार्किट रिसर्च एनालिस्ट
  • मेडिकल राइटर
  • एनालिटिकल केमिस्ट
  • फार्मासिस्ट
  • मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव
  • क्लीनिकल रेसेअर्चेर
  • ऑन्कोलॉजिस्ट
  • एनालिटिकल केमिस्ट
  • रेगुलेटरी मेनेजर
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फार्मासूटिकल्स फील्ड आपको उचाईयों तक ले जा सकते है

इसके अलावा भी कई ऑप्शन उपलब्ध है जो फार्मासूटिकल्स फील्ड में आपको उचाईयों तक ले जा सकते है ।
रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट: फार्मासूटिकल्स के क्षेत्र का दायरा भी काफी व्यापक है। यहां नई-नई दवाइयों की खोज व विकास संबंधी कार्य किया जा सकता है। आरऐंडडी क्षेत्र को जेनेरिक उत्पादों के विकास, ऐनालिटिकल आरऐंडडी, एपीआई (ऐक्टिव फार्मासूटिकल इन्ग्रेडिएंट्स) या बल्क ड्रग आरऐंडडी जैसी श्रेणियों में बांटा जा सकता हैं। इन सबका अपना सुपर-स्पेशलाइजेशन है।

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ड्रग मैन्युफैक्चरिंग: यह इस फील्ड की अहम शाखा है। इस क्षेत्र में मॉलिक्युलर बायॉलजिस्ट, फार्मेकॉलजिस्ट, टॉक्सिकॉलजिस्ट या मेडिकल इंवेस्टिगेटर बन सकते हैं। मॉलिक्युलर बायॉलजिस्ट जीन संरचना और मेडिकल व ड्रग रिसर्च में प्रोटीन के इस्तेमाल का अध्ययन करता है। फार्मेकॉलजिस्ट इंसान के अंगों व ऊतकों पर दवाइयों के प्रभाव का अध्ययन करता है। टॉक्सिकॉलजिस्ट दवाओं के नेगेटिव इफेक्ट को मापने के लिए टेस्टिंग करता है।

फार्मासिस्ट: हॉस्पिटल फार्मासिस्ट्स पर दवाइयों और चिकित्सा संबंधी अन्य सहायक सामग्रियों के भंडारण, स्टॉकिंग और वितरण का जिम्मा होता है, जबकि रिटेल सेक्टर में फार्मासिस्ट को एक बिजनेस मैनेजर की तरह काम करते हुए दवा संबंधी कारोबार चलाने में समर्थ होना चाहिए।

क्लिनिकल रिसर्च: इसके तहत नई लॉन्च मेडिसिन के बारे में रिसर्च होती है कि वह कितनी सुरक्षित और असरदार है। इसके लिए क्लिनिकल ट्रॉयल होता है। देश में कई विदेशी कंपनियां क्लिनिकल रिसर्च के लिए आ रही हैं। दवाइयों की स्क्रीनिंग संबंधी काम में नई दवाओं या फॉर्मुलेशन का पशु मॉडलों पर परीक्षण करना या क्लिनिकल रिसर्च करना शामिल है।

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क्वॉलिटी कंट्रोल: फार्मासूटिकल इंडस्ट्री का यह एक अहम कार्य है। नई दवाओं के संबंध में अनुसंधान व विकास के अलावा यह सुनिश्चित करने की भी जरूरत होती है कि इन दवाइयों के जो नतीजे बताए जा रहे हैं, वे सुरक्षित, स्थायी और आशा के अनुरूप हैं।

ब्रैंडिंग ऐंड सेल्स: फार्मेसी की डिग्री के बाद स्टुडेंट ड्रग्स व मेडिसिन के सेल्स ऐंड मार्केटिंग में करियर बना सकता है। मार्केटिंग प्रफेशनल्स उत्पाद की बिक्री के अलावा बाजार की प्रतिस्पर्धा पर भी नजर रखते हैं कि किस प्रॉडक्ट के लिए बाजार में ज्यादा संभावनाएं हैं, जिसके मुताबिक प्लानिंग की जाती है।

मेडिकल इन्वेस्टिगेटर: यह नई दवाइयों के टेस्टिंग व डिवेलपमेंट की प्रक्रिया से रिलेटिड है। हॉस्पिटल फार्मासिस्ट पर मेडिसिन व अन्य मेडिकल रिलेटिड सामग्रियों के स्टॉकिंग और डिस्ट्रिब्यूशन का जिम्मा होता है। रिटेल सेक्टर में फार्मासिस्ट को बिजनस मैनेजर की तरह काम करते हुए दवा संबंधी कारोबार करना होता है।