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CORONA VIRUS COVID SYMPTOMPS RANCHI

WHAT’S THE NEW CORONA VIRUS VARIANT?

After genome sequencing, researchers have discovered a new variant with two new mutations. These are now known as the E484Q and L452R mutations.

According to the data shared by India to the global repository Global Initiative on Sharing All Influenza Data (GISAID) the double mutation coronavirus found in Maharashtra may be becoming the most prevalent among all mutant variants in India.

NEW STUDIES ON COVID 19

A new assessment recently published in The Lancet journal states that there is consistent, strong evidence to prove that the SARS-CoV-2 virus, behind the COVID-19 pandemic, is predominantly transmitted through the air. The analysis by six experts from the UK, the US and Canada says public health measures fail to treat the virus as predominantly spreading through the airborne route. Hence, leaving people unprotected and allowing the virus to spread.

WHAT ARE THE SYMPTOMS OF THE NEW VIRUS?

As per the latest report by the National Institute of Health, about half of the patients have new symptoms.

One of them is dry mouth, also known as Xerostomia. This happens when the virus attacks the oral linings and muscle fibers. Patients may develop this condition even a few days ahead of fever, sore throat, or other known or associated symptoms. People who have developed dry mouth or dry tongue may also find it difficult to chew food and speak.

CORONA VIRUS COVID SYMPTOMPS RANCHI 2

While the most common symptoms remain – dry cough, fever, loss of taste, and smell – there has been evidence of the mutated forms of the virus producing different symptoms. The new virus is reportedly more transmissible.

Some studies have established that the virus can quickly escape immune defences present along some vital organs, and unleash an attack in more impactful ways.

Fever is not predominantly seen with all cases carrying the original strain. While it is considered to be a more severely seen symptom in cases tested positive for the new mutation.

Reports have also stated that certain other symptoms such as hearing loss, muscle pain, skin infections and distorted vision, stomach upset and conjunctivitis, which are otherwise scarcely observed, may be more common with the newer strains.

Despite the intensity of the new strain, people also need to exercise continued caution by following the successful protocols of hand sanitization, masking, and social distancing as a means to curtail the second wave of the virus.

WHAT MAKES THE VARIANT DIFFERENT?

The genetic material of SARS-CoV-2, the coronavirus that causes COVID-19, is called ribonucleic acid (RNA). To spread infection, SARS-CoV-2 RNA must hijack a host cell. The spike glycoprotein enables the virus entry into the host cell via binding to cell receptor and membrane fusion.

CORONA VIRUS COVID SYMPTOMPS RANCHI 2

Once the virus is inside a host, it uses the cell’s machinery to duplicate itself.

During the duplicating process of viral RNA, errors often occur. As a result, new viruses are produced that are not exact copies of the original virus.

These errors in the viral RNA are called mutations.

And viruses with these mutations are called variants.

Variants could differ by a single or many mutations.

This can be better comprehended by understanding what genetic codes are. The genetic code is the code our body uses to convert the instructions contained in our DNA the essential materials of life.

In other words, genetic codes are like blueprint on which all organisms are built.

For humans it is DNA and for SARS-CoV-2 it is RNA.

When these single mutations occur in a part of the virus RNA, it causes a change in a particular building block. In some cases, there could be many mutations that together alter the building block.

Hence a variant shows distinct physical properties and is referred to as a strain. This strain, because it is built differently, also behaves differently compared to its parent virus.

The virus uses its spike protein to penetrate human cells. Spike proteins attach via a “receptor binding domain”- meaning that the virus can attach to receptors in our cells.

Both these mutations are located in a key portion of the virus — the spike protein. Hence, the new variant is a “better fit” for human cells. In other words, it can gain entry more easily and multiply faster.

What’s worrisome is that it might make it harder for our immune system to recognise the virus due to its slightly different shape. This means our immune system may not be able to recognise the virus as something it has to produce antibodies against.

WHAT CAN I DO TO PROTECT MYSELF AND OTHERS FROM COVID-19?

The following actions help prevent the spread of COVID-19:

Wear a face mask.

Maintain at least six feet of distance between yourself and others.

Avoid large gatherings.

When you step outside for work, carry a hand sanitizer to use whenever possible.

If you have to, then socialize outdoors.

Avoid close contact with people who are sick.

Minimize touching your eyes, nose, and mouth.

Stay home when you are sick.

Cover your cough or sneeze with a tissue, then throw the tissue in the trash.

Sanitize and clean frequently touched objects and surfaces regularly.

Wash your hands often with soap and water.

Get vaccinated as soon as you are eligible.

Disclaimer – All data and statistics are based on publicly available data at the time of publication. For latest information on covid19 pandemic, visit – https://www.mohfw.gov.in/  (Ministry of Health and Family Welfare, Government of India) or Global Initiative on Sharing All Influenza Data (GISAID).

Covid -19 की दूसरी लहर को हराना है: जागरूक बनें, लक्षण पहचाने और तुरंत करवा लें जाँच

देश में कोरोना की दूसरी लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना नए मामलों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को एक्टिव मामलों की संख्या 12 लाख के पार हो गई। कई राज्यों ने कोरोना को बढ़ने से रोकने के लिए पाबंदियां लगाई हैं। केंद्र और राज्य सरकार हालात से निपटने के लिए नई रणनीति बना रही हैं। कई राज्यों ने आंशिक प्रतिबंध और नाइट कर्फ्यू का सहारा लिया है, तो कई जगह पर टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर कई गंभीर सवाल लोगों के मन में हैं।

  • कैसे भारत में आई कोरोना वायरस की दूसरी लहर?
    कोरोना के नए स्ट्रेन की खोज और लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही ने देश में इस महामारी के प्रसार को बढ़ाने का काम किया है. स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार, नया वायरस काफी तेजी से फैल रहा है और इस लिहाज से अगले चार सप्ताह काफी महत्वपूर्ण हैं.
  • क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं मामले?
    लोगों की लापरवाही, प्रशासन की ढील और नए वायरस का उभरना कोरोना फैलने की प्रमुख वजहें हैं. डॉक्टर लगातार संक्रमण फैलने के रुझानों की बात करते रहे हैं। इनकी अनदेखी करना महंगा पड़ रहा है ।
  • क्या तेज है कोरोना की रफ्तार?
    देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की दर तेजी से बढ़ी है. गुजरात जैसे राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर सबसे अधिक तबाही मचा रही है, जो दर्शाता है कि यह पहली लहर से काफी अधिक खतरनाक है।
  • क्या हैं नए संक्रमण के लक्षण?
    कोरोना वायरस के नए संक्रमण के लक्षण पुराने से अधिक गंभीर हैं। पुराने लक्ष्ण जैसे खांसी, बुखार, गले में तकलीफ के साथ नया वायरस अन्य लक्षण भी लेकर आया है । अस्पतालों में भर्ती हो रहे मरीजों के पड़ताल से इसकी जानकारी मिली है। नए लक्षण में वायरल बुखार के साथ पेट में दर्द, उल्टी व दस्त, घबराहट, सर्दी-जुकाम आदि शामिल हैं। कई मरीजों को बदन में दर्द, गैस, भूख न लगना, मांसपेशियों में अकड़न जैसी शिकायतें भी हैं। हालांकि, अब भी ऐसे मरीजों की तादाद कम नहीं हैं, जिनमें कोई लक्ष्ण नजर नहीं आ रहे हैं।
  • संक्रमण क्या तेजी से फैल रहा है?
    नया संक्रमण कोरोना के ज्यादातर मामलों में अब भी न के बराबर या काफी हल्के लक्ष्ण नजर आ रहे हैं. मगर समय के साथ-साथ वायरस ने अपना रूप बदल लिया है। यह अधिक घातक हो गया है। जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है, उन पर इसका कहर अधिक है। इसलिए अधिक लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ रहा है।
  • गैस को न करें नजरअंदाज कोरोना वायरस के नए मामलों में पेट में एसिडिटी या गैस की शिकायत काफी आम है. शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था, मगर अब डॉक्टर इस बात को लेकर काफी चिंतित है. कई डॉक्टर्स का मानना है कि अपच, डायरिया, पेट में दर्द और उल्टी आदि के चलते मरीजों में गैस की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा नया वायरस अहम अंगों को भी क्षतिग्रस्त कर रहा है। ऐसे में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • किन चीज़ो का पालन करके आप अपने आप को सुरक्षित रख सकते है ?

हालांकि, आज तक कोई भी वैक्सीन या दवाई नहीं बन सकी है कोरोना वायरस के इलाज के लिए | WHO और CDC के अनुसार निम्नलिखित चीज़ो का पालन करके इन्फेक्शन की रिस्क को कम किया जा सकता है –

  • अपने हाथों को कुछ समय के अंतर नियमित साफ करें। साबुन और पानी का उपयोग करें, या अल्कोहॉल आधारित सैनीटाइज़र से हाथ रगड़ें।
  • खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को अपनी मुड़ी हुई कोहनी या एक टिश्यू से ढक लें।
  • COVID-19 से पीडित लोग से या खांसी या छींकने वाले किसी से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • अपनी आँखें, नाक या मुंह को बार बार न छुएं।
  • यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो घर पर रहें। अपने बर्तन, गिलास और बीएड किसी से शेयर ना करे
  • यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो इलाज कराएं।
  • ज़्यादा इस्तेमाल करने वाले जगहों को नियमित तरीके से डिसइंफेक्टेंट से साफ़ करते रहे |
  • अगर आप बीमार है, तोह पब्लिक जगहों से दूर रहे जैसे कि स्कूल, ऑफिस आदि।
  • अपने स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करें।

डॉक्टर से संपर्क कब करना हैं?
कोविड – 19 के संक्रमण गंभीर होने से मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम संक्रमण हो सकता है । COVID-19 के लक्षण होने पर बहार निकलने का सलाह नहीं देतें यहाँ तक की मेडिकल क्लिनिक या अस्पताल भी ना जाएं। यह वायरस को फैलने से बचाने में मदद करता है। यदि आपके परिवार के किसी सदस्य में संक्रमण के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करे। यदि आपके परिवार के किसी सदस्य में संक्रमण के लक्षण दिखने पर नज़दीकी डॉक्टर से फ़ोन पर संपर्क करे, या राज्य के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गेट परीक्षा में प्राप्त की सफलता

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के दो मेधावी छात्र ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (GATE) 2020 परीक्षा में सफल घोषित हुए है। सफल होने वाले छात्रों में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के जीतेन्द्र कुशवाहा और बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सेमेस्टर आठ के शशिकांत प्रसाद शामिल है। शशिकांत आसनसोल के रहने वाले है और वर्तमान में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची से बीटेक इन कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे है। अपनी सफलता की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की ” झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए मैंने सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन की प्रिपरेशन शुरू की। क्लास और प्रिपरेशन के बीच तालमेल बैठना मुश्किल था पर मैंने इसे मैनेज किया। लॉक डाउन को लेकर जब यूनिवर्सिटी और कॉलेज बंद हो गए तो इसका असर मेरी तैयारी पर भी पड़ा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारते हुए गेट एग्जाम पास करना अपना पहला लक्ष्य बनाया और घर से ही तैयारी शुरू किया।“

दूसरे सफल छात्र सिविल इंजीनियरिंग विभाग के जीतेन्द्र रहे है। मूलतः हजारीबाग के रहने वाले जीतेन्द्र ने बीटेक इन सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से पूरी की है। वर्तमान में बोकारो में साईट इंजीनियर के तौर पर कार्यरत जीतेन्द्र अपनी सफलता का श्रेय माता पिता का आशीर्वाद,कड़ी मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन को देते है।

जीतेन्द्र बताते है सेमेस्टर के पूरा होने तक मुझे साईट इंजीनियर के पद पर एक निजी कंपनी में काम करने का मौका भी मिल चूका था। यह अनुभव प्राप्त करने के लिए बेहद सही अवसर था जिसे मैं हाथ से जाने नहीं देना चाहता था। गेट एग्जामिनेशन की तैयारी तो मैंने बीटेक के आखिरी वर्षों में ही शुरू कर दी थी , फिर नौकरी और तैयारी को लेकर एक जद्दोजहद भी सामने कड़ी थी लेकिन आखिरकार मुझे सफलता मिली। ”
गेट परीक्षा में दोनों सफल छात्रों की सफलता पर विभाग के शिक्षक प्रो. विनोद महतो प्रो. राजीव नयन प्रो. कुमार अमरेंद्र प्रो. अनुराधा शर्मा ने अपनी प्रशन्नता व्यक्त करते हुए दोनों छात्रों के सफल भविष्य की कामना की है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ) पियूष रंजन ने हर्ष व्यक्त हुए कहा है की ” गेट परीक्षा अभियंत्रण और विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए देश की कठिनतम परीक्षा में एक है। गेट की परीक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इसके द्वारा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित कॉलेज और कंपनियों में जाने का अवसर मिलता है।

इसके महत्व का पता इस बात से चलता है की आज 80% इंजीनियरिंग छात्र गेट की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि गेट की परीक्षा के द्वारा देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिलता है और देश की सबसे बड़ी बड़ी कंपनियों में जॉब मिलने के अवसर बढ़ जाते है । इसके अलावा आपको विदेश की यूनिवर्सिटी में अच्छे छात्रवृत्ति के साथ दाखिला भी मिल सकता है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के माइनिंग इंजीनियरिंग स्टूडेंट दीपक सिंह ड्रीम बिग सीजन वन फोटोशूट में चयनित

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ़ माइनिंग इंजीनियरिंग के सेमेस्टर चार के स्टूडेंट दीपक किशोर सिंह का चयन “ड्रीम बिग सीजन वन फोटोशूट” के लिए किया गया है। आसनसोल के रहने वाले दीपक डिप्लोमा माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीआईटी नागपुर से पूरी की है और बीटेक माइनिंग इंजीनियरिंग के लिए उनकी पसंद झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची थी। अपनी सफलता को लॉक डाउन और कोरोना पैंडेमिक से जोड़ते हुए इन्होंने बताया ” उस दौरान मैं भी सभी स्टूडेंट्स की तरह ऑनलाइन अच्छे कॉलेज में एडमिशन सर्च कर रहा था और खली समय में नेट सर्फिंग किया करता था। इस दौरान मैंने एक ब्लॉग बनाया और कुछ लिखने के साथ वीडियो ब्लॉगिंग की शुरुवात अपने गृह नगर आसनसोल से किया। इसका नाम ‘फैसनेबल आसनसोल’ रखा था। सोशल मीडिया सर्च के दौरान मुझे प्रिंस नरूला के द्वारा लॉक डाउन के दौरान आयोजित होने वाले टैलेंट हंट कार्यक्रम की जानकारी मिली। प्रिंस नरूला एक जाने माने मॉडल और एमटीवी रोडीज़ 12 के विजेता रह चुके हैं। उन्होंने कई टीवी धारावाहिकों में भी काम किया है जिनमे रियलिटी शो बिग बॉस खासा चर्चित रहा। बिग बॉस 9 को उन्होंने जीता भी है। बस यही मुझे आकर्षित करने के लिए काफी था और मैंने फिर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया। ”

दीपक के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए मैंने अपना फोटो और एक शार्ट वीडियो प्रोफाइल बनाकर भेजा। प्रतियोगिता में 40 बेहतरीन चेहरों का चयन किया गया जिनका पोर्टफोलियो शूट प्रिंस नरूला के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

ड्रीम बिग सीजन एक में चयनित होने के बाद दीपक के पास मॉडलिंग से जुड़े तीन ऑफर भी है जिस पर वह काम चल रहा है। दीपक ने अपने हॉबी और अकादमिक करियर पर बात करते हुए बताया की ” मुझे क्रिकेट खेलना पसंद है और मैंने डिप्लोमा की पढ़ाई के दौरान अपने यूनिवर्सिटी को रिप्रजेंट भी किया। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं माइनिंग इंजीनियरिंग में ही एमटेक करना चाहता हूँ। आने वाले समय में मुझे रणविजय सांगा के साथ काम करने का मौका मिलने वाला है जो मुझे इस फील्ड में एक नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगा।“

विभाग के छात्र दीपक की सफलता पर विभाग समन्वयक प्रो. सुमित किशोर सहित अन्य शिक्षकों ने हर्ष वयक्त किया है।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ) पियूष रंजन ने दीपक सिंह के उज्वल भविष्य की कामना करते हुए पढ़ाई के साथ मॉडलिंग को करियर के तौर पर अपनाने पर हर्ष जताया है। उन्होंने अपने संदेश में माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों का भी धन्यवाद किया है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के तीन छात्रों का विप्रो में चयन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (सीएस एंड आईटी ) के बीसीए सेमेस्टर सिक्स्थ के तीन छात्रों का चयन विप्रो कंपनी में हुआ है। चयनित छात्र रजनीकांत सिंह, सौरभ कुमार और आशीष कुमार विप्रो में स्कॉलर ट्रैनी पद पर कार्य करेंगे। इस दौरान उन्हें सम्मानजनक वेतन के साथ एमटेक करने मौका भी प्राप्त होगा। कंपनी इन्हें बीट्स पिलानी और वीआईटी वेल्लोर इन दो प्रतिष्ठित संस्थानों में से किसी एक संस्थान से यह डिग्री प्राप्त करने का अवसर देगी।

अपनी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए आशीष कुमार ने इसे गुरु जनों और माता पिता का आशीर्वाद और मार्गदर्शन बताया। सौरभ ने कहा की “लॉक डाउन के दौरान उन्हें विभाग के शिक्षक प्रो. कुमार अमरेंद्र से इस पद पर नियुक्ति संबंधी जानकारी मिली।। उनका मार्गदर्शन और मेरी मेहनत का नतीजा सबके सामने है। ”

चयनित छात्र रजनीकांत ने अपनी सफलता के बारे में बताते हुए कहा की ” स्कॉलर ट्रेनी पद पर चयन तीन चरणों में संपन्न हुआ। ऑनलाइन माध्यम से तीनों चरणों को मैंने सफलतापूर्वक पूरा किया जिसके बाद विप्रो के कार्मिक विभाग से मुझे चयनित होने की सूचना मिली।“

सफल छात्र सौरभ ने भी मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत के साथ विभाग के शिक्षको से प्राप्त मार्दर्शन को दिया।

सीएस आईटी विभाग से बीसीए कर रहे तीनों छात्रों के चयन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो.( डॉ.) पियूष रंजन ने सफल छात्रों के उज्जवल भविष्य की कल्पना करते हुए कहा की ” विभाग के तीनों मेधावी छात्रों का विप्रो जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में चयन गौरव की बात है। इससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे इससे भी बेहतर संस्थानों में चयनित होने के लिए खुद को तैयार करेंगे। ”

विभागीय छात्रों की सफलता पर विभाग समन्वयक प्रो. अनुराधा शर्मा और अन्य शिक्षको ने अपनी शुभकामनायें व्यक्त व्यक्त की है।

TWO DREAMS AND A BOY: ASHISH KUMAR

Growing up in Bokaro, Ashish had two dreams. One – to work for a software company and actively learn on the job. Second, to become an entrepreneur in the IT sector.

His dream led him to study BCA at Department of Computer Science and Information Technology, Jharkhand Rai University, Ranchi.

Thanks to the job offer from Wipro, his first dream has come true. Recently, Ashish attended placement facilitated by his Department mentor. Several interviews round later, he was one of the finalists.

“I’m excited to be a part of Wipro. Thanks to my University, I have got this opportunity to work for a leading IT company,” he says.

His clarity about what he wants from this work experience is worth noting. He says, “Know where you want to be in life after 4 years and start doing jobs that will help you get there.”

Ashish’s strong foundation of confidence comes from his mother.

“My mother constantly inspires me to follow my heart. She keeps insisting that I should listen to my inner voice,” he shares.

His career decisions align with this principle from his mother. During his 10+2 years at Bokaro Public School, he was particularly keen on learning computer skills. Apart from school studies, he actively read technology related materials and fortified his interests.

Right after school, BCA was his first choice. “My mother supported my decision and encouraged me to follow my dream.”

Thanking his mentors at college, he says ‘the years spent on JRU campus have been influential in shaping who I am today’.

“With learnings from Wipro, I look forward to make my second dream come true. Soon!” says Ashish with optimism.

As Ashish lives his first dream, JRU wishes him ‘All the Best’ for his future dreams.

mechanical Quiz 2021-02-02

Mechanical QUIZZARD

Date: 20 March, 2021
Time: 11.00 am – 12.00 pm

Objective: To get students accustomed with competitive exam pattern.
Students will learn the time management by attempting the questions within the given time frame.

General Rules :

  1. All questions to be from mechanical domain only.
  2. The Quiz consists of 60 questions.
  3. Duration of Ouiz is 30 minutes.
  4. To participate in the quiz registration is must.
  5. Time limit to answer each question is 30 sec.

e-Certificate will be provided to all participants.

Registration link for Quiz:
https://forms.gle/ZMpaZqDHCYqwQQ8Z9

Organized by Department of Mechanical Engineering, Jharkhand Rai University, Ranchi

MSME RANCHI

एमएसएमई टूल रूम रांची एवं कृषि उत्पादन बाजार समिति, पंडरा में निः शुल्क क्वाथ टैबलेट्स का वितरण।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत स्थानीय स्तर पर स्वाथ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का वितरण किया जा रहा है।

निः शुल्क वितरण कार्यक्रम एनएसएस के तहत गोद लिए गए गाँव राजा उलातू , सिदरौल, पलांडू, रामपुर एवं महिलौंग के अलावा विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस नामकुम के आस पास किसानों, कर्मियों, बाजारों, कॉर्पोरेट कार्यालय एवं सरकारी कार्यालयों में सेवा देने वाले कार्मियों के बीच चलाया जा रहा है। इसमें स्वाथ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित करके का कार्य किया जाता है। इसके साथ निः शुल्क क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का वितरण किया जाता है।

पिछले दिनों इस अभियान के तहत झारखण्ड सरकार एमएसएमई टूल रूम टाटीसिलवे रांची में कर्मियों एवं अधिकारीयों के बीच क्वाथ टैबलेट्स का वितरण किया गया। इस अवसर पर एमएसएमई रूल रूम रांची के सीनियर मैनजेर मंगल टोप्पो को क्वाथ टैबलेट्स का पैकेट भेंट किया गया।
एक अन्य अभियान के दौरान कृषि उत्पादन बाजार समिति पंडरा, रांची में किये जा रहे निः दवा वितरण कार्यक्रम के दौरान समिति के वरीय अधिकारी (मार्केट सुपरवाईज़र ) विपुल सिंह, श्रीमती वंदना लाल, एम.एस. महतो, अनुपम टोप्पो एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।

अभियान के तहत दो दिनों तक यहाँ निः शुल्क क्वाथ टैबलेट्स का वितरण किया गया जिसका लाभ समिति से जुड़े सुरक्षा कर्मी, दुकानदार, मजदूरों को मिला।

क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स निः शुल्क वितरण कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवक सोनू कुमार और आनंद कुमार का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के एनएसएस अधिकारी प्रो. रघुवंश सिंह की उपस्थिति में यह अभियान संपन्न हुआ।

kwath distribution at Pandra from Jharkhand Rai University

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी एनएसएस सेल के सहयोग से साप्ताहिक हाट बाजारों में क्वाथ टैबलेट्स का निःशुल्क वितरण

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस सेल ) के जरिये स्थानीय स्तर पर स्वाथ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का वितरण किया जा रहा है। इस अभियान तहत ग्रामीण बाजारों,किसानों, मजदूरों के बीच निः शुल्क रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाने में सहयोगी क्वाथ टैबलेट्स का वितरण किया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना एवं विश्वविद्यालय के एक्सटेंशन एंड आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह कार्यक्रम रांची जिले के कई प्रखंडों, प्रखंड कार्यालयों एवं सप्ताहिक हाट बाजारों में चलाया जा रहा है। इसमें अब तक नामकुम प्रखंड के रामपुर बाजार, पलांडू, नामकुम प्रखंड सह अंचल कार्यालय, नामकुम बाजार में सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। इसके अलावा रातू प्रखंड के दलादली साप्ताहिक हाट एवं कांके प्रखंड के कांके बाजार और कांके प्रखंड कार्यालय में क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का सफलतापूर्वक निः वितरण किया गया है।

kwath distribution at Pandra from Jharkhand Rai University

इस अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवी छात्र एवं छात्राएं आस्था स्पृहा, काव्या सीधी कुजूर, तनु खलखो, अरविन्द कुमार, सन्नो रानी, लोकेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

इस अवसर पर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची के डॉ. अशफाक आलम ( डीन एक्सटेंशन रिलेशन ) एवं प्रो. रघुवंश सिंह (यूनिवर्सिटी एनएसएस अधिकारी ) उपस्थित थे।

usha martin kwath distribution

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के द्वारा सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के तहत क्वाथ इम्युनिटी बूस्टर टैबलेट्स का निःशुल्क वितरण।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची द्वारा सामाजिक दायित्व कर्तव्य के तहत स्थानीय स्तर पर स्वाथ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का वितरण किया जा रहा है।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस ) एवं यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन एंड आउटरीच प्रोग्राम के संयुक्त प्रसाय से संचालित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस नामकुम प्रखंड के राजा उलातू एवं एनएसएस के तहत गोद लिए पांच गांव राजा उलातू , सिदरौल, पलांडू, रामपुर एवं महिलौंग में चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण किसानों, कर्मियों, बाजारों, कॉर्पोरेट कार्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कार्मियों को पर स्वाथ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करके का कार्य किया जाता है। इसके साथ उनके बिच निः शुल्क क्वाथ (इम्युनिटी बूस्टर) टैबलेट्स का वितरण किया जाता है।

usha martin kwath

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. पियूष रंजन ने यूनिवर्सिटी के एक्सटेंशन एक्टिविटी पर जानकारी देते हुए बताया की ” विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक दायित्व भूमिका के तहत क्वाथ टैबलेट्स का निः शुल्क वितरण किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के एनएसएस इकाई से जुड़े कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवकों की सहायता ली जा रही है। क्वाथ इम्युनिटी बूस्टर टैबलेट्स पूरी तरह आयुर्वेदिक तरीके से बने है जिन्हें भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाये गए क्वाथ (काढा ) के नियमों के तहत बनाया गया है। इसके निर्माण में सभी जरुरी प्रक्रियाओं एवं नियमों का पालन किया गया है। यह पूरी तरह निः शुल्क और किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स से मुक्त है। इसका प्रयोग किसी भी उम्र के लोगों के द्वारा किया जा सकता है।”

usha martin

इस कड़ी में पिछले दिनों रांची के टाटीसिलवे में उषा मार्टिन लिमिटेड एवं उषा बेल्ट्रॉन में कार्य करने वाले कर्मियों के बिच क्वाथ इम्युनिटी टैबलेट्स का निः शुल्क वितरण किया गया। इस अवसर पर उषा मार्टिन फाउंडेशन के सचिव डॉ. मयंक मुरारी, उषा मार्टिन डिस्पेंसरी के इन चार्ज डॉ. संजय कुमार समाज सहयोगी भुवनेश्वर के साथ कंपनी के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के डॉ. अशफाक आलम, यूनिवर्सिटी एनएसएस अधिकारी प्रो. रघुवंश सिंह एवं डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन ने सक्रिय भूमिका निभाई।