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बीओपीटी के रीजनल अप्रेंटिस डे ’22 को कुलपति डॉ. सविता सेंगर ने किया संबोधित ।

बीओपीटी (व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड (पूर्वी क्षेत्र)),के रीजनल अप्रेंटिस डे (क्षेत्रीय प्रशिक्षुता दिवस ’22) के अवसर पर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची की कुलपति डॉ. सविता सेंगर सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रही । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की “बीओपीटी न केवल अप्रेंटिसशिप के अवसर प्रदान करने बल्कि अप्रेंटिसशिप के बाद स्थायी रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। कुलपति डॉ. सेंगर ने अप्रेंटिसशिप के बाद बीओपीटी के सहयोग से 80℅ छात्रों के सफल प्लेसमेंट रिकॉर्ड की भी सराहना किया।“

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड नए उत्तीर्ण स्नातक इंजीनियरों, डिप्लोमा धारकों को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और उद्योगों के लिए मानव संसाधन विकसित करने के लिए उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच संपर्क स्थापित करना, तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए दोनों निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के विभिन्न स्थापनाओं में प्रशिक्षण हेतु सुविधाओं को संरक्षित करना,शिक्षओं, उद्योगों और अन्य संबंधित एजेंसियों से परामर्श कर उनके लिए प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रम तैयार करना,प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके उचित उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र जारी करना , योग्य युवाओं के आत्मविश्वास के स्तर को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी दक्षता को बढ़ाने के लिए कार्य करना बीओपीटी के प्रमुख कार्य हैं ।

मूट कोर्ट प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के बीए एलएलबी के छात्रों को तीसरा स्थान

अधिवक्ता परिषद्, झारखण्ड के सौजन्य से राज्य स्तरीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता एनयूएसआर, रांची में आयोजित है। प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ के बीए एलएलबी के छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 14 टीमों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है ।

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 27 नवम्बर को झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी बीए एलएलबी फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हुए और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

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विधि की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मूट कोर्ट गतिविधि में शामिल होना एक उपयोगी कार्य है। देश भर में संचालित विधि महाविद्यालयों और विश्विद्यालयों में मूट कोर्ट गतिविधि विधि शिक्षा के दौरान अनिवार्य प्रायोगिक कार्य के तौर पर शामिल है।

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मूट कोर्ट एक वास्तविक अदालत का अनुकरण करने जैसा ही होता है, जहां विधि के छात्रों को वास्तविक अदालत में होने वाली कार्यवाही को उसी रूप में एक मॉडल की तरह समझाया जाता है, इसमें विधि के छात्र भाग लेते हैं, और वास्तविक अदालत की प्रक्रिया और उसकी गतिविधियों को सीखते हैं। इसमें पार्टियों के बीच एक काल्पनिक विवाद पर काल्पनिक सुनवाई और सबूत पेश किये जाते हैं, जिससे छात्रों को अदालतों की प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके से समझ में आ सके।

https://www.jru.edu.in/blog-post/moot-court-at-jharkhand-rai-university-ranchi-2022/

मूट कोर्ट एक तरह से एक छात्र को एक उचित वकील के रूप में तैयार करता जाता है। यह विधि के छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देने के आधुनिक तरीकों में से एक है, जो उन्हें एक वास्तविक अदालत के समान काल्पनिक स्थिति में डालते हैं, और फिर इसमें एक तरफ की दो पक्ष काल्पनिक मामलों पर बहस करती हैं, और उचित काल्पनिक सबूत और गवाहों को पेश करती हैं। मूट कोर्ट, अब एक सबसे बड़ा और कुशल स्रोत है, जहाँ से विधि के छात्र प्रयोगात्मक रूप में शिक्षा प्राप्त करते हैं, और उन सभी गुणों और कौशलों को आत्मसात करते हैं, जो एक वकील की सर्वोच्च आवश्यकता होती है।

पूर्व गणतंत्र दिवस परेड चयन शिविर में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रियंका मिश्रा का चयन ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी बी.टेक माइनिंग इंजीनियरिंग की छात्रा प्रियंका मिश्रा का चयन पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर के लिए हुआ है। मध्य क्षेत्र के अन्तर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल द्वारा 12 नवंबर से 21 नवंबर 2022 तक गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर छत्तीसगढ़ में पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर 2022 के लिए राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया का आयोजन विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग़ में 13 ऑक्टूबर 2022 को आयोजित किया गया। इस शिविर में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी एनएसएस सेल के चार स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन स्वयंसेवकों का चयन विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया के तहत किया गया था।

पूरे देश में प्रत्येक वर्ष 05 स्थानों पर पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर का आयोजन होता है जिसमें एनएसएस के कुल 1000 स्वयंसेवक (500 पुरुष एवं 500 महिला) शामिल होते हैं एवं इन शिविरों के माध्यम से कुल 200 स्वयंसेवकों (100 पुरुष एवं 100 महिला) का चयन “गणतंत्र दिवस परेड शिविर” नई दिल्ली के लिए किया जाता है। इस वर्ष मध्य क्षेत्र के राज्यों का चयन शिविर छत्तीसगढ में आयोजित किया जा रहा है।

मध्य क्षेत्र झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सेवा योजना के स्वयंसेवकों के लिए आयोजित शिविर में चयन प्रक्रिया के अंतर्गत रोजाना सुबह के सत्र में परेड, दोपहर में बौद्धिक सत्र और शाम को राज्यवार स्वयंसेवक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगें। इनमें से प्रतिभाशाली स्वयंसेवक अंतिम रूप से गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयनित होंगे।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक किया आयोजित

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में रांची के नामकुम प्रखंड के चार गांव में नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया। “क़ानूनी जागरूकता और भारत में महिला अधिकार ” विषय पर आयोजित नुक्कड़ नाटक का उद्देशय ग्रामीण महिलाओं को महिला अधिकार एवं विधि जागरूकता के प्रति जागरूक करना था। नुक्कड़ नाटक नामकुम ब्लॉक के राजा उलातू , महिलौंग, सिदरौल और प्लांडू में आयोजित किये गए। नाटक के मंचन में एनएसएस सेल के स्वयंसेवक और बीए एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/ba-llb/

के विद्यार्थियों ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई।

क़ानूनी जागरूकता और भारत में महिला अधिकार विषय को लेकर मंचित नाटक में दहेज़ प्रथा, नारी असमानता, स्त्री पुरुष भेद, घर और कार्यस्थल पर होने वाले भेद भाव और क़ानूनी अधिकार से जुड़े प्रावधानों के विषय में जानकारी प्रदान की गयी।

किसी समसामयिक समस्या या सामाजिक प्रश्न पर लोगों के बीच आम जागरूकता को जन्म देने के लिए नुक्कड़ नाटक एक बेहतरीन माध्यम हैं। नाट्य प्रस्तुती के द्वारा लोगों का ध्यान आकर्षित करना इसका मुख्य उद्देश्य होता हैं ताकि इच्छित सुधार और बदलाव की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया जाए। नुक्कड़ नाटक मनोरजन के साथ सामाजिक संदेश लोगों तक पहुचाने का माध्यम है।

नाटक के मंचन के दौरान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और समन्वय स्थापित करने में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ओम प्रकाश सत्यम ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई। लीगल स्टडीज विभाग https://www.jru.edu.in/educational-edge/facultyjru/faculty-of-law/ की तरफ से डॉ. प्रशांत जयवर्धन, प्रो. प्रेरणा तिवारी और प्रो. रूचि कुमारी उपस्थित रही।

फ्रेशर्स डे : झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के शिवम् मिस्टर फ्रेशर्स और आस्था कुमारी मिस फ्रेशर्स चुनी गयी।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी कल्चरल क्लब https://www.jru.edu.in/cultural-club/ का दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव अभिवादन और गूँज का आयोजन 25 और 26 नवंबर को किया गया। अभिवादन (फ्रेशर्स डे) और गूँज (सांस्कृतिक ) आयोजन के तौर पर अपनी पहचान रखता है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कुलपति डॉ. सविता सेंगर और रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया। गणेश वंदना के साथ दो दिवसीय महोत्सव का आगाज किया गया।

इस वर्ष का मिस्टर फ्रेशर्स एमबीए के शिवम् कुमार और मिस फ्रेशर्स बीसीए की आस्था कुमारी चुनी गयी है। वहीं मिस वर्सटाइल एमबीए की बबली कुमारी जबकि मिस्टर वर्सेटाइल एमबीए के आशीष कुमार है।

अभिवादन, फ्रेशर्स डे नए छात्रों का कैंपस में वेलकम करने के लिए किये जाने जाने वाला रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन है। नए छात्रों के द्वारा गीत- संगीत और कला प्रदर्शन के आधार पर उनमें से मिस्टर फ्रेशर्स और मिस फ्रेशर्स का चुनाव होता है।

गूँज इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित होने वाला गीत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ा आयोजन है। इसमें दिन भर ललित कला से जुड़े प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। अलग अलग कॉलेजों से आये विद्यार्थी इस आयोजन में अपना हुनर दिखाते है फिर देर शाम तक नाच गान के साथ सांस्कृतिक कार्यकर्मों का आयोजन होता है।

क्लब के वार्षिक आयोजन गूँज में इस बार पॉट डेकोरेशन कॉम्पिटिशन,सोलो डांस कॉम्पिटिशन, ग्रुप डांस कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया। इस बार पॉट डेकोरेशन कॉम्पिटिशन का विजेता केजरीवाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के विद्यार्थी रहे। वहीँ रनर अप एक्सआईएसएस, रांची की टीम रही।

रंगोली प्रतियोगिता में विजेता एक्सआईएसएस, रांची और रनर अप झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी चुने गए।

एबीसीडी सोलो डांस प्रतियोगिता में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की छात्रा आरोही पांडे जबकि रनर अप सुलेन्द्र कुमार चुने गए। एबीसीडी ग्रुप डांस प्रतिगोतीता में यूनिवर्सिटी के छात्रों का ग्रुप टीम सरफराज को रनर अप चुना गया।

गूँज का एक अनोखा आयोजन रहा “हंगरिटो ” जिसमें यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के द्वारा अलग अलग स्टाल लगाकर फ़ूड आईटम बेचे गए। स्टॉल के सेल के आधार पर विजेता का चयन किया गया। इस बार बीबीए फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों के द्वारा लगाया गया स्टॉल मॉकटेल डोज़ को विजेता जबकि बी फार्मा के स्टूडेंट्स का स्टॉल डीआरएक्स फ़ूड हब को रनर अप चुना गया।

दो दिवसीय महोत्सव के समापन अवसर पर सभी विजेताओं को यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ.पियूष रंजन ने प्रमाण पत्र और मोमेंटों देकर पुरस्कृत किया। आयोजन को सफल बनाने में कल्चरल क्लब की समन्वयक प्रो. अनुराधा शर्मा, सह समन्वयक प्रो. सुमीत किशोर, प्रो. कुमार अमरेंद्र और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

NUSR ranchi visit

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थी राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी https://www.jru.edu.in/ फैकल्टी ऑफ़ लीगल स्टडीज के विद्यार्थी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। ” वूमेन इन पार्लियामेंट फोर्सेज : अचीविंग जेंडर इक्वलिटी थ्रू जेंडर सेंसिटीसेशन विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मलित होने वाले विद्यार्थियों में बीए.एलएलबी https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/ba-llb/ फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर और एलएलबी https://www.jru.edu.in/programs/department-of-law/bachelor-of-laws-llb/ फर्स्ट सेमेस्ट के 32 छात्र शामिल हुए ।

एनयूएसआरएल,रांची के ‘सेंटर ऑफ़ ह्यूमन राइट्स एंड सबाल्टर्न स्टडीज और नेशनल कमीशन ऑफ़ विमेंस, नई दिल्ली’ के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देशय विधि के छात्रों को राजनीती में महिला शक्ति और महत्व से परिचित करवाते हुए लैंगिक असमानता से जुड़े मुद्दों से भी अवगत करना था। संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया ।

एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभागाध्यक्ष डॉ. खालिदा रहमान विभाग समन्वयक प्रो. कुशाग्र विक्रम और प्रो. प्रेरणा तिवारी उपस्थित रही ।

MOU

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी और आईआईटी (आई एस एम) धनबाद के बीच एमओयू

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची www.jru.edu.in और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर, आईआईटी (आई एस एम), धनबाद के बीच बुधवार को एमओयू किया गया। इस दौरान झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अमृता मजूमदार, आईइसी कन्वेनर प्रो. कुमार अमरेंद्र उपस्थित थे।

Admission Open 2022-JRU

भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग के कार्यक्रम अटल नवाचार मिशन के तहत अटल समुदाय नवाचार केन्द्र (Atal Community Innovation Centre- ACIC) कार्यक्रम की शुरुआत हुई है।
यह कार्यक्रम विभिन्न समुदायों में उपलब्ध ज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी पारितंत्र के बीच एक सेतु का कार्य करेगा, साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए नवाचार के प्रयोग पर पर भी जोर देता है ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी द्वारा वर्ष 2019 में स्टार्टअप्स से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से संचालित और संचारित करने के लिए इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल Institution’s Innovation Council (IIC) की स्थापना की गयी थी।

आईइसी अपनी गतिविधियों के जरिये युवाओं में साहस भरने, नए विचारों के साथ कार्य करते हुए मूल विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। स्थानीय स्तर पर इनोवेशन इको सिस्टम की स्थापना करना, स्टार्टअप्स मैकेनिज़्म का निर्माण, संज्ञानात्मक योग्यता का विकास करना भी इसके कार्य है। आईडिया जेनेरेशन,प्री इन्क्यूबेशन,इन्क्यूबेशन और इन्क्यूबेटर को सफल स्टार्टअप्स में बदलने के लिए प्रेरित करना इसके मुख्य कार्य है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा यूनिवर्सिटी के इनोवेशन सेल ने वर्ष 2019-2020 के दौरान वर्ष भर नवोन्मेष और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित टू स्टार रेटिंग का प्रमाणपत्र प्रदान किया है।

एआईसीसी Atal Community Innovation Centre कार्यक्रम को पंचायती राज के सभी संस्थानों के साथ जोड़ा जाएगा ताकि ज़मीनी स्तर की रचनात्मकता से उत्पादों/सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। यह कार्यक्रम देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा। इससे भारत की वैश्विक नवाचार सूचकांक में स्थिति और बेहतर होगी।

झारखंड राय युनिवर्सिटी, एनएसएस सेल ने चलाया सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के आदेशानुसार सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में राष्ट्रीय सेवा योजना, एनएसएस के तहत 1 अक्टूबर से 31अक्टूबर 2022 तक स्वच्छ भारत 2.0 अभियान चलाया जा रहा है।

झारखंड राय युनिवर्सिटी, https://www.jru.edu.in/ एनएसएस सेल के द्वारा बुधवार को नामकुम प्रखंड के राजा उलातू पंचायत में स्वक्षता और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुवात यूनिवर्सिटी कैम्पस और आस पास के इलाकों की सफाई और प्लास्टिक को डस्टबिन में जमा कर किया गया। अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने ‘प्लास्टिक हटाओ, बीमारी भगाओ’ और एक ही संकल्प हमारा , प्लास्टिक हटाना लक्ष्य हमारा ‘ नारे लगाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य भी किया।

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अभियान के समापन पर नामकुम प्रखंड के राजा उलातू पंचायत भवन में मुखिया रंजीत लकड़ा से मिलकर अभियान संचालक प्रो. ओमप्रकाश सत्यम ने संगृहीत किया गया सिंगल यूज प्लास्टिक और सफाई अभियान के बाद एकत्रित निपटान को पंचायत के सुपुर्द कर मुखिया से प्रमाणपत्र प्राप्त किया।

दीपोत्सव :पंचतत्वों का प्रतीक मिट्टी का दीया , रंगोली से मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न

रोशनी, उमंग का त्योहार दिपावली हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजा की जाती है। इस बार दीपोत्सव यानी दीपावली 24 अक्टूबर 2022 को है । दीपो का यह पर्व हर साल हमारे देश में धूमधाम सा मनाया जाता है। दीपावली पर मिट्टी के दीपक जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक रहता है, उत्सव मनाने का उत्साह बढ़ता है, दीपों से घर में उत्सव का वातावरण बन जाता है। मिट्टी के दीपक पंचतत्वों के प्रतीक होते हैं। दीपक बनाने में पृथ्वी, आकाश, वायु, जल और अग्नि, इन पांचों तत्वों का इस्तेमाल होता है। इन पंच तत्वों से ही हमारा शरीर और पूरी प्रकृति बनी है। जलते हुए दीपक हमें संदेश देते हैं कि इन पांच तत्वों से ही अंधकार दूर होता है, हमें इन पंच तत्वों का अनादर नहीं करना चाहिए।

इस दिन लोग कई तरह से अपने घर को सजाते हैं। सजावट के समय लोग अपने घरों में कई तरह से रंगोली भी बनाते हैं। रंगोली बनाने की परंपरा हमारे देश में बहुत पुरानी है। इस परंपरा को हमेशा से शुभ माना जाता है। रंगोली’ दो शब्दों से मिलकर बना है पहला ‘रंग’ और दूसरा ‘अवल्ली’ जिसका अर्थ रंगों की पंक्ति होता है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी कल्चरल क्लब ने भी 22 अक्टूबर को कैम्पस में दीपोत्सव का आयोजन किया है। दीपोत्सव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है। रंगोली से कैम्पस को सजाया जा रहा है। 22 अक्टूबर से दीपोत्सव शुरू हो रहा है और शाम को विद्यार्थियों के द्वारा दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा ।

शिक्षा का लक्ष्य चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास है: देश राज शर्मा

शिक्षा का लक्ष्य चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास है। शिक्षा किसी देश की भाषा, सभ्यता, संस्कृति और जीवन आचरण से जुड़ा विषय है। इसका मुख्य अंग चरित्र निर्माण और सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण कर समाज के लिए आदर्श नागरिक तैयार करना है। उक्त बातें चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय संयोजक देश राज शर्मा ने झारखण्ड राय विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि न्यास द्वारा 16 विषयों पर कार्य किया जा रहा है जिनमें से चरित्र निर्माण एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल है। उन्होंने पंचकोश अवधारणा से भी संछिप्त परिचय कराया। झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त प्रयास से रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला ” चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास आयोजन विश्वविद्यालय कैम्पस में किया गया।

JRU STRIP ALL PROGRAM

कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके उपरांत न्यास के संयोजक अमरकांत झा से उपस्थित अतिथयों का सभी से परिचय करवाया और कार्यशाला के विषय पर अपनी बातें रखी।

स्वागत भाषण करते हुए झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची की कुलपति एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखण्ड की अध्यक्ष प्रो. सविता सेंगर ने सर्वप्रथम कार्यशाला के विषय और न्यास द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की ” शिक्षा का स्वरुप ऐसा होना चाहिए जो समाज और संस्कृति से जुड़ा हो। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यावसायिक दक्षता प्राप्त युवा शक्ति का निर्माण करना नहीं है युवाओं के अंदर चरित्र निर्माण का विकास करते हुए उन्हें एक आदर्श नागरिक के तौर पर समाज के लिए तैयार भी करना होता है।

एमिटी यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति डॉ. रमन झा ने अपने संछिप्त भाषण में शिक्षा , शिक्षक और वर्तमान मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ” चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व का विकास मूलतः तीन बातों पर केंद्रित है। इन तीन के जरिये शिक्षक, विद्यार्थी और आदर्श समाज की कल्पना को साकार किया जा सकता है ये हैं – सुविधा, सम्बन्ध और समझ। ये तीनों ही चरित्र निर्माण का आधार स्तम्भ है और उनके व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास तभी संभव है।

सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के कुल सचिव डॉ. विजय सिंह ने अपने सम्बोधन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अब तक किये गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा की नई शिक्षा नीति 2020 के निर्माण में न्यास की महत्वपूर्ण भूमिका है। आगामी वर्षों में नीति के क्रियान्वयन से अहम् बदलाव देखने को मिलेगें। देश की शिक्षा नीति भारतीय परम्पराओं और इतिहास के सही रूप को प्रदर्शित करने का कार्य करेगी।

कार्यशाला के दौरान समूह चर्चा और सामूहिक गतिविधि कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। गतिविधि कार्यों के जरिये प्रतिभागियों को विषय की समझ और उससे जुड़े कार्यों से अवगत करने का कार्य किया गया।

कार्यशाला के समापन अवसर पर झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची के कुलसचिव डॉ. पियूष रंजन ने उपस्थित अतिथियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों और न्यास से जुड़े अधिकारयों का भी धन्यवाद दिया जिन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यशाला में महेंद्र सिंह,डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. रामकेश पांडेय, डॉ. बालेश्वर नाथ, डॉ. देवधन सिंह, प्रो. श्रीधर बी. दंडीन , प्रो. अमित गुप्ता, डॉ. भारद्वाज शुक्ल,डॉ. सुशील शुक्ल, प्रो. भूपेंद्र उपाध्याय,डॉ. बालेश्वर नाथ पाठक, डॉ. ब्रज कुमार विश्वकर्मा आदि उपस्थित।