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संयमित जीवन कला और प्राथमिक उपचार की जानकरी सभी को होनी चाहिए : डॉ. अनंत सिन्हा

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi हेल्थ क्लब ने मंगलवार को लाइफ स्टाइल मैनेजमेंट और प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर व्याख्यान देने के लिए देवकमल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रांची के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनंत सिन्हा उपस्थित थे।

डॉ. सिन्हा ने कार्यक्रम के प्रारम्भ में दैनिक जीवनचर्या और खानपान विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिविर में उपस्थित विद्यार्थियों को फर्स्ट ऐड उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि “प्राथमिक उपचार और उपचार प्रदान करने की व्यवहारिक जानकारी सभी को पता होनी चाहिए।“ Bachelor of Physiotherapy (BPT) – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)
सम्बोधन के पश्चात डॉ. अनंत सिन्हा ने देवकमल हॉस्पिटल द्वारा दी जा रही सुविधाओं और चिकित्सीय उपकरणों से भी विद्यार्थियों को परिचित करवाने का कार्य किया। उन्होंने वीडियो प्रस्तुति के जरिये प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से जुड़े विभिन्न उपचार और उपकरणों की जानकारी भी प्रदान करने का कार्य किया। शिविर के दौरान हॉस्पिटल से आये स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा फर्स्ट ऐड उपचार का प्रयोगित प्रदर्शन भी किया। Diploma in Pharmacy (D.Pharm) – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)
कार्यक्रम के प्रारंभ अवसर पर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने डॉ. अनंत सिन्हा एवं देवकमल हॉस्पिटल से आये स्वास्थ्य कर्मियों को पौधा देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन डिपार्टमेंट ऑफ़ फिजिओथेरेपी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एंथोनी येशुदास ने किया।
जागरूकता शिविर में विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित थे। देवकमल हॉस्पिटल से अस्पताल व्यवस्थापक विकास सिंह और मनोज कुमार उपस्थित थे।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी और ब्राइट कोड सॉफ्टवेयर कंपनी के बीच एमओयू

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi और ब्राइट कोड सॉफ्टवेयर कंपनी के बीच एमओयू किया गया है। यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के बीच हुए इस करार में इंटर्नशिप प्रोग्राम, लाइव प्रोजेक्ट,एफडीपी पर सहमति हुई है। झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के
रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन और ब्राइट कोड सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ धनेश महतो ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया।

डॉ. पियूष रंजन ने एमओयू पर जानकारी देते हुए बताया कि इस करार से छात्रों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, इंडस्ट्रियल विजिट फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम,और एफडीपी से जुड़ने का मौका मिलेगा। इसका सीधा लाभ उन्हें पढ़ाई के अलावा नौकरी प्राप्त करने में मिलेगा। B. Tech Computer Science Engineering – Jharkhand Rai University (jru.edu.in)

ब्राइट कोड के सीईओ धनेश महतो ने एमओयू के बारे में बताते हुए कहा कि
कंपनी का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध करते हुए नौकरी से जोड़ना है। Master of Computer Application (MCA) – Jharkhand Rai University (jru.edu.in) एमओयू के मौके पर डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की कोर्डिनेटर प्रो. अनुराधा शर्मा, विभाग के शिक्षक प्रो. कुमार अमरेंद्र मौजूद थे।

शिक्षा मंत्रालय ने झारखंड राय विश्वविद्यालय को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले संस्थान के तौर पर किया चिन्हित

झारखंड राय विश्वविद्यालय, Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi रांची इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल " (IIC) Institution’s Innovation Council (IIC) – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi को उच्च शिक्षा में पूरे भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले संस्थान के तौर पर चिन्हित किया है। आईआईसी सेल को वर्ष भर नवाचारी कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम चलाने एवं नियत कार्यक्रमों में प्रगतिशील भागीदारी निभाने के लिए टू स्टार रेटिंग प्रदान किया गया है।
आईआईसी सेल को कुल 50 अंको में से 49.99 अंक प्राप्त हुआ है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के तहत देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार परिषद "इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल " (IIC) की स्थापना हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों को नए विचारों के साथ काम करने और नए विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना, प्रेरित करना और उनका पोषण करना है।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नवाचार और स्टार्ट-अप की संस्कृति को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने के लिए इनोवेशन कौंसिल को स्थापित करने पर जोर दिया गया है। कौंसिल की मुख्य भूमिका बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, छात्रों और कर्मचारियों को नवाचार और उद्यमिता से संबंधित गतिविधियों में संलग्न करना है। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षण संस्थानों में मौजूदा चुनौतियों/मुद्दों सामयिक और अनियोजित नवाचार को संबोधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। https://www.facebook.com/JRU-Innovation-Cell-112831420185862 इससे पूर्व भी 4 स्टार रेटिंग के साथ झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी ‘इंस्टीटूशन इनोवेशन कौंसिल’ (IIC) को देश शीर्ष संस्थानों में शामिल किया गया
था।

JAC-12th-Result

दसवीं, इंटर साइंस के परीक्षा परिणाम घोषित, इंटर साइंस में 92. 25% पास

झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC),रांची ने मंगलवार को मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के परिणाम जारी कर दिया । राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जैक बोर्ड के रिजल्ट जारी किया। रिजल्ट जैक बोर्ड के नामकुम स्थित कार्यालय से जारी किया गया ।

Admission Open 2022-JRU

झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से इस साल ली गयी परीक्षा में लगभग सात लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे । इसमें मैट्रिक की परीक्षा में 3,99,010 और इंटर साइंस की परीक्षा में करीब सवा लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

मैट्रिक परीक्षा में 95.60 % विद्यार्थी पास हुए, जबकि इंटर साइंस में 92.19 % विद्यार्थी पास हुए हैं। मैट्रिक में 2,25,854 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 1,24,514 द्वितीय श्रेणी और 23,524 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी से पास हुए हैं। इंटर साइंस में 54,769 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 5,117 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी, 13 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी एवं 03 विद्यार्थी पास हुए हैं। Diploma in Mining Engineering – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा के लिए 1256 और इंटर के लिए 680 केंद्र बनाये गये थे। इस तरह से देखा जाए, तो 10वीं बोर्ड और इंटर साइंस में करीब पांच लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। BBA Logistics – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

मैट्रिक और इंटर की परीक्षा मार्च से अप्रैल के बीच ली गयी वहीं 24 मार्च से 20 अप्रैल, 2022 तक 10वीं बोर्ड की परीक्षा आयोजित हुई थी। वहीं इंटर की परीक्षा का आयोजन 24 मार्च से 25 मार्च, 2022 के बीच हुई थी।

माइनिंग इंजीनियरिंग : 2025 तक देश में 60 लाख रोजग़ार के नए अवसर

अगर आपकी माइनिंग में दिलचस्पी है तो आप भारत में एक माइनिंग इंजीनियर के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं । देश में मेटल और नॉन-मेटल मिनरल्स की कोई कमी नहीं है । भारत की माइनिंग इंडस्ट्री 7 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मुहैया करवाती है और देश के जीडीपी में माइनिंग इंडस्ट्री का कुल योगदान लगभग 2.5 फीसदी है । भारत में कॉपर, गोल्ड, डायमंड, आयरन लीड, टंगस्टन, डोलोमाइट, कोयला, पेट्रोलियम और जिप्सम जैसे तकरीबन 90 किस्म के मिनरल्स पाए जाते हैं । ऐसे में आप खुद ही भारत में एक माइनिंग इंजीनियर के पेशे के महत्त्व और करियर ग्रोथ/ स्कोप का अंदाज़ा लगा सकते हैं ।

STRIP Mining

‘न्यू इंडिया @ 75’ मिशन के तहत नीति आयोग ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए “एक्स्प्लोर इन इंडिया” मिशन के तहत मिनरल्स एक्सप्लोरेशन और लाइसेंसिंग पॉलिसी को शामिल किया है ।

माइनिंग इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है जिसके तहत धरती से प्राकृतिक परिवेश में पर्यावरण के अनुकूल टेक्निक्स अपनाकर विभिन्न मेटल और नॉन मेटल मिनरल्स की तलाश और खनन (माइनिंग) किया जाता है । Diploma in Mining Engineering – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

माइनिंग इंजीनियर्स देश-दुनिया की विभिन्न माइनिंग कंपनियों और संबद्ध इंस्टीट्यूशन्स के लिए काम करते हैं और इन कंपनियों और इंस्टीट्यूशन्स को माइनिंग से जुड़े सारे कामकाज के लिए अपनी टेक्निकल सपोर्ट और एक्सपर्ट ओपिनियन/ सर्विसेज प्रदान करते हैं । B. Tech Mining Engineering – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

नई खनन नीति (खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2015) से उम्मीद की जा रही है कि 2025 तक देश में कम से कम 60 लाख रोजग़ार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्येक खान में सैंकड़ों या हजारों की संख्या में कुशल एवं अकुशल लोगों की भर्ती की जाती है। किसी खान के 50-100 किलोमीटर के दायरे में, स्थानीय रोजग़ार सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलता है और यह देखा गया है कि गरीबों के पोषण स्तर में काफी सुधार होता है। खनिजों की खोज और बड़े पैमाने पर उनके खनन से निश्चित रूप से खनन प्रसंस्करण और उपयोग में भी रोजग़ार के लाखों अवसर पैदा होंगे।

खनन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। प्रति व्यक्ति खनिज एवं ऊर्जा की खपत समृद्धि के महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक है। अभी तक हम कोयला और लौह अयस्क जैसे बुनियादी खनिजों का आयात करते रहे हैं, हालांकि हमारे यहां इन खनिजों के कुछ सबसे बड़े ज्ञात भंडार हैं। नई खनन और खनिज नीति इस क्षेत्र में बदलाव लाने का प्रयास करेगी।

बीबीए इन लॉजिस्टिक्स : 2022 में इस कोर्स को कैसे करे

लॉजिस्टिक्स एक आकर्षक सेक्टर है जो सड़कमार्ग, रेलमार्ग, वायुमार्ग और जलमार्ग जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। भारत में करियर का चयन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है इसमें किसी विशेष क्षेत्र में ग्रोथ के विकल्पों के साथ ही नौकरी की सुरक्षा आदि कई चीजें शामिल हैं, जिनके बारे में हमें काफी सोचना पड़ता है। ऐसे में अभी हम किसी ऐसे क्षेत्र की बात करें जो तेजी से उभर रहा है, तो वह लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट है। हाल के दिनों में इस सेक्टर में काफी तेज तरक्की देखी गई है। दुनिया भर में करीब 4 करोड़ लोग इस सेक्टर में कार्यरत हैं। आर्थिक सर्वे के मुताबिक, 2021 तक यह सेक्टर 215 बिलियन डॉलर यानी करीब 15 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा।

भारत में भी यह उद्योग काफी तेजी से आगे बढ़ा है और इसने हजारों लोगों को रोजगार मुहैया कराया है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस की तेज वृद्धि के साथ ही इस सेक्टर की काफी तरक्की हुई है। किसी कंपनी के सुचारू ढंग से काम करने के लिए लॉजिस्टिक्स उसकी प्राथमिक आवश्यकता है और जितना ज्यादा से ज्यादा लोग हर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट के महत्व को महसूस कर रहे हैं, उतना ही यह लोगों के लिए करियर का महत्वपूर्ण विकल्प बनता जा रहा है।

क्यों फायदेमंद है?

यह ऐसा सेक्टर है जिस पर मंदी का कोई असर नहीं होता है। चाहे कैसी भी आर्थिक स्थिति हो, लॉजिस्टिक्स की जरूरत बनी ही रहेगी। ग्लोबल कंपनियां जैसे फेडेक्स, डीएचए, फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन हमेशा इस सेक्टर के स्पेशलिस्ट की तलाश में रहती हैं जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर काफी होते हैं। इस क्षेत्र में नौकरी काफी सुरक्षित है। अगर आपकी दिलचस्पी लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में है और आप इस सेक्टर में कोई ऐसा कोर्स करना चहाते हैं जिससे आपका करियर सुनहरा हो तो आप झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi से बीबीए इन लॉजिस्टिक्स कोर्स करने पर गौर कर सकते हैं। यह इस क्षेत्र का एक अग्रणी संस्थान है। जो बीबीए लॉजिस्टिक्स में फुल टाइम कोर्स ऑफर कर रहा है।इंडस्ट्री रेडी कोर्स : बीबीए इन लॉजिस्टिक – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

कहाँ से करें यह कोर्स :

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल कौंसिल(एलएसएससी) से एमओयू करते हुए 3 वर्षीय बीबीए इन लॉजिस्टिक्स BBA Logistics – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्क्रम पूर्णकालिक रोजगारपरक कार्यक्रम है जिसे केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्रालय (एमएचआरडी) और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम उद्योग जगत की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रारंभ किया गया है।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले लोगो को काफी बढ़िया सैलरी पैकेज दिया जाता है। इस क्षेत्र में शुरुआत में तीन-साढ़े तीन लाख से पांच लाख सालाना सैलरी आसानी से मिल जाती है। वहीं, एक लॉजिस्टिक्स मैनेजर को शुरुआत में पांच लाख रुपये तक का सालाना सैलरी दिया जाता है जो की समय और अनुभव के साथ बढ़ता जाता है।

UGC-NET-June-2022

यूजीसी नेट परीक्षा : प्रिपरेशन टिप्स 2022

UGC NTA NET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसका आयोजन विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से कराया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को भारत में विश्विद्यालय स्तर पर शिक्षक की नौकरी के लिए और पीएचडी (Ph.D) Ph.D Notification – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi स्तर के कार्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने में किया जाता है। यह परीक्षा अभ्यर्थी की शिक्षण व्यवसाय और अनुसंधान की योग्यता की जाँच करती है। यह परीक्षा परास्नातक (MA) Master of Business Administration (MBA) – Jharkhand Rai University (jru.edu.in) में सम्मिलित किये गए सभी विषयों के लिए आयोजित की जाती है, आप अपने विषय के अनुसार इसकी तैयारी कर सकते है।

Admission Open 2022-JRU

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी रांची में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अलग से विभाग संचालित है जिसमें विद्यार्थियों को यूजीसी नेट और गेट परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों हो तरीके से करवाई जाती है। Guidance for Competitive Exam – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

    यूजीसी नेट परीक्षा फाइट करने के टिप्स :

  • परीक्षा की तैयारी के लिए आपको सभी विषों के अनुसार एक समय सरणी बनानी होगी।
  • जिन विषयों में आप काफी वीक है, उन विषयों में अधिक गहराई से अध्ययन करना होगा।
  • पढ़ाई करते समय आप स्वयं अपनें नोटस बनाये ताकि परीक्षा समय में आसानी से रिविजन कर सके।
  • वर्तमान समय में इंटरनेट पर लगभग सभी जानकारी उपलब्ध है, जिसकी सहायता से आप परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकते है।
  • पिछले वर्षो के प्रश्न पत्रों का भी अध्ययन करे इससे आपको परीक्षा प्रारूप कि जानकारी होगी।

परीक्षा में सफल होने के लिए आपको समय का बहुत ख्याल रखना होगा इसके लिए आप मॉक टेस्ट अवश्य दे।

आयु सीमा :
इस परीक्षा में जूनियर रिसर्च फैलोशिप के लिए आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है और सहायक प्रोफेसर के लिए आयु सीमा निर्धारित नहीं की गयी है।

शैक्षिक योग्यता :
अभ्यर्थी के परास्नातक (MA/MCA/MSC) Master of Computer Application (MCA) – Jharkhand Rai University (jru.edu.in) में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गयी है।

यूजीसी परीक्षा का आयोजन :
यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है, जिसकी अधिसूचना मार्च और सितम्बर में जारी की जाती है और परीक्षा का आयोजन क्रमशः जून और दिसम्बर में किया जाता है।

परीक्षा पैटर्न :
नेट परीक्षा में दो पेपर निर्धारित किये गए है, यह दोनों पेपर कम्प्यूटर बेस्ड आधारित होंगे और दोनों पेपर में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाते है, प्रथम पेपर में 50 प्रश्न पूछे जायेंगे, जिनके लिए 100 अंक निर्धारित होते है और समयावधि एक घंटे की है। दूसरे पेपर में कुल 100 प्रश्न पूछे जाते है जिसके लिए 200 अंक निर्धारित किये गए गए है और इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित है। नेट परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जायेंगे जिसके लिए 300 अंक निर्धारित है और समय 3 घंटे है।

पारी पेपर प्रश्नो की संख्या अंक अवधि
प्रथम I I 50 100 1 घंटा
द्वितीय II 100 200 2 घंटा
कुल 150 350 3 घंटे

इम्प्रेसिव रिज़ूम : इम्प्लॉयर की पहली पसंद

प्रभावशाली रिज़ूम :

जॉब प्रोवाइडर की पहली पसंद बनने के लिए आपका फर्स्ट इम्प्रैशन सबसे महत्वपूर्ण है। फ्यूचर इम्प्लॉयर पर आपकी प्रभावशाली छाप तभी बनती है जब आपका रेज़्युमे सटीक, जानकारी से भरी हुई और आपके व्यक्तित्व का आईना बनकर सामने वाले को प्रभावित करे।

सामान्यत: पहला प्रभाव आपके ज्ञान या अनुभव से नहीं बनता बल्कि यह नौकरी के लिए अपनी उम्मीदवारी को सामने रखने के आपके तरीके से बनता है। इसका पहला चरण आपका रिज़ूम होता है। यह नौकरी चाहने वाले से बहुत पहले नियोक्ता के कार्यालय में पहुंच जाता है । नौकरी के आकांक्षी की क्षमताओं के बारे में नियोक्ता की राय इसी से बनती है।

Admission Open 2022-JRU

रिज़ूम : परिभाषा और महत्व

रिज़ूम फ्रेंच शब्दसे निकला है, जिसका अर्थ है सारांश। वास्तव में अतीत में किए गए आपके कार्यों का सारांश है आपका रिज़ूम,जो भावी नियोक्ता को आपकी यात्रा और कॅरिअर में अब तक की उपलब्धियों का विवरण देता है। रिज़ूम को आपकी उम्मीदवारी के एक ऐसे उत्पाद के रूप में प्रस्तुत करने के एक उपकरण के रूप में तैयार किया जाना चाहिए जो किसी विशिष्ट नौकरी की सभी आवश्यकताओं को पूरा कर सके।

About Placement Cell – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

वास्तव में यह नियोक्ता का ध्यान आकर्षित करने के लिए आपके द्वारा स्वयं का बनाया हुआ एक विज्ञापन है। यह संभावित नियोक्ता को आपके उस कौशल को बेचता है जो आपने अपने पूरे कॅरिअर में हासिल किया है। यह न केवल आपके अतीत और वर्तमान को प्रदर्शित करता है बल्कि आपकी भविष्य की परिकल्पनाओं और आकांक्षाओं के बारे में भी बताता है। एक अच्छा रिज़ूम साक्षात्कार के लिए आपका चुना जाना सुनिश्चित कर सकता है।

Management Club – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi

रिज़ूम के प्रकार :

रिज़ूम विभिन्न प्रकार के हैं जिनका उपयोग नौकरी के लिए आवेदन के वास्ते किया जाता है। उपयोग के आधार पर इसके बुनियादी प्रारूप हैं :-

क्रोनोलॉजिकल रिज़ूम :

यह सबसे सामान्य प्रकार का रिज़ूम है जो कार्य अनुभव पर जोर देता है। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, यह रिज़ूम आपके कॅरिअर में अब तक की विभिन्न नौकरियों के बारे में प्रकाश डालता है। यह उन्हें उलटे कालानुक्रमिक क्रम में दिखाता है, जिसमें सबसे हाल की नौकरी को शीर्ष पर दिखाया जाता है। इस प्रकार के रिज़ूम को नियोक्ता पसंद करते हैं क्योंकि यह उन्हें आपके द्वारा अतीत में की गई विभिन्न नौकरियों की जिम्मेदारियों के बारे में त्वरित जानकारी देता है। हालांकि, जो लोग अपना कॅरिअर शुरू कर रहे हैं, या अपना कॅरिअर बदल रहे हैं, या उनके कॅरिअर में अंतराल है, उन्हें इस प्रकार के रिज़ूम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस प्रकार के रिज़ूम के मुख्य घटक इस प्रकार हैं:

a) नौकरी का उद्देश्य

b) नौकरी के बारे में संक्षिप्त सारांश

c) प्रशिक्षण/इंटर्नशिप

d) शैक्षिक योग्यता

e) नौकरी के लिए प्रासंगिक विशेष कौशल, यदि कोई हो।

फंक्शनल रिज़ूम :

इस प्रकार के रिज़ूम में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के कौशल पर जोर दिया जाता है, न कि अतीत की नौकरी के पद पर। रिज़ूम के शीर्ष पर व्यावसायिक कौशल और उपलब्धियां, कार्य इतिहास को प्रतिस्थापित करती हैं. फंक्शनल रिज़ूम आमतौर पर एक शीर्षक या रिज़ूम सारांश के साथ शुरू होता है।

वर्क हिस्ट्री को या तो छोड़ दिया जाता है या संक्षिप्त रूप से रिज़ूम के नीचे दिया जाता है। यह रिज़ूम उन लोगों के लिए सबसे अच्छा होता है जो पहली नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं और उनके पास दिखाने के लिए ज्यादा अनुभव नहीं है। उनका स्किल किसी नौकरी विशेष के लिए सबसे बड़ी ताकत हैं। यह रिज़ूम उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जो एक कॅरिअर से दूसरे कॅरिअर में जाना चाह रहे हैं। फंक्शनल रिज़ूम बनाते समय नौकरी से जुड़े स्किल पर ध्यान दें और उसके अनुसार अपने कौशल को रिज़ूम में स्थान दें।

BBA Logistics – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

कंबीनेशन रिज़ूम :

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह अपने में क्रोनोलॉजिकल और फंक्शनल दोनों प्रकार के रिज़ूम की बेस्ट क्वालिटीज़ को समाहित करता है। इसे हाइब्रिड रिज़ूम भी कहा जाता है। कंबीनेशन रिज़ूम का उपयोग तब किया जाता है जब नौकरी के इच्छुक व्यक्ति को लगता है कि उसका कौशल और पेशेवर विशेषज्ञता उसके कार्य इतिहास की तरह ही प्रभावशाली हैं और वह इनमें से किसी को भी नहीं छोड़ सकता। यह रिज़ूम कौशल और पेशेवर योग्यता के विवरण के साथ शुरू होता है और उसके बाद एक रिवर्स कालानुक्रमिक कार्य इतिहास होता है। यह कौशल आवश्यकताओं और नौकरी के अनुभव दोनों के संदर्भ में भर्ती करने वालों का ध्यान खींचता है। यदि आप पहली नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं या नौकरी के अनुभव के साथ नए स्नातक हैं, तो इस प्रकार का रिज़ूम आपके लिए सबसे उपयुक्त है। क्रोनोलॉजिकल और फंक्शनल रिज़ूम के विपरीत, कॉम्बिनेशन रिज़ूम लेस स्ट्रक्चर्ड और मोर फ्लेक्सिबल होता है।

इन्फोग्राफिक रिज़ूम :

इन्फो-ग्राफिक रिज़ूम एक नॉन ट्रैडिशनल रिज़ूम है जिसमें ग्राफिक डिज़ाइन के घटकों जैसे ग्राफ, आइकन या बार-चार्ट का उपयोग किया जाता है। यह नौकरी चाहने वाले के कौशल और अनुभव को विजुअल रूप में प्रदर्शित करता है।

इन्फोग्राफिक तरीके से टेक्स्ट या न्यूमेरिकल रूप में बड़ी मात्रा में जानकारी को फोटोग्राफ, आईकॉन और टेक्स्ट के संयोजन से शार्ट फॉर्म में प्रस्तुत किया जाता है। जिससे इसे देखने वाला व्यक्ति डेटा में निहित आवश्यक अंतर्दृष्टि को जल्दी से समझ सकता है।

नौकरी की अत्यधिक मांग वाले बाजार में,इन्फो-ग्राफिक रिज़ूम आपको अलग और विशेष दिखाता है. यह आपको रचनात्मक होने और भर्ती करने वालों के सामने अलग तरह से प्रस्तुत करता है. ग्राफिक के साथ रिज़ूम अधिक आकर्षक हो जाता है और संभावित नियोक्ता इसे कम समय में अच्छी तरह से देख सकता है नॉन ट्रैडिशनल रिज़ूम प्रारूपों की तरह, इन्फोग्राफिक रिज्यूमे में परिचय, शैक्षिक पृष्ठभूमि, कार्य अनुभव, शैक्षिक पृष्ठभूमि, कौशल आदि शामिल हैं हालांकि, इस रिज़ूम की यूएसपी, इसके दृश्य घटकों के प्रभावी उपयोग में निहित है.

ऑनलाइन रिज़ूम

यह रिज़ूम का एक और नॉन ट्रडिशनल फॉर्मेट है, जहां आप अपने पेशेवर पोर्टफोलियो एकाउंट को व्यक्तिगत वेबसाइट या ब्लॉग या प्रोफाइल के रूप में फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रखते हैं। आजकल एम्प्लॉयर आपके बारे में जानने के लिए आपके सोशल मीडिया अकाउंट पर जाते हैं और इसलिए आपके लिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप स्वयं को एक पेशेवर ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए एक माध्यम के रूप में इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें।

इसके अलावा, यहां लिंक्डइन के बारे में उल्लेख करना भी प्रासंगिक होगा। यह एक समर्पित रोज़गारोन्मुख ऑनलाइन प्लेटफार्म है जहां नौकरी चाहने वाले अपने सीवी पोस्ट करते हैं और नियोक्ता अपनी नौकरी पोस्ट करते हैं। लिंक्डइन रिज़ूम को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड किया जा सकता है और इसे नियोक्ताओं को मेल भी किया जा सकता है।

वीडियो रिज़ूम

कोविड-19 महामारी के कारण पेशेवर दुनिया में कई प्रकार के परिवर्तन आए हैं। पेशेवर घर से काम कर रहे हैं और गूगल मीट या जूम के माध्यम से ऑफिस मीटिंग कर रहे हैं। नौकरियों के लिए इंटरव्यू स्काइप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित किए जा रहे हैं। तेजी से बदलते परिदृश्य में, ऑडियो-विजुअल ब्रांडिंग का अच्छा प्रभाव पड़ता है। वीडियो रिज़ूम एक ऐसा प्रारूप है जिसमें नौकरी तलाशने वाला अपनी पेशेवर योग्यता, कौशल और कार्य अनुभव दिखाने के लिए एक छोटा वीडियो बनाता है. वीडियो रिज़ूम में इंफ्रोग्राफिक्स, विजुअल और बैकग्राउंड में वॉयस-ओवर या कमेंट्री शामिल है। वीडियो रिज्यूमे की अवधि पांच मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

फ्रेशर्स के लिए रिज़ूम राइटिंग :

रिज़ूम लेखन वैसे फ्रेशर्स के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है जिन्होंने हाल में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से स्नातक किया है और अपने कॅरिअर में नई यात्रा शुरू करने वाले हैं. उनके पास अपने रिज़ूम में प्रमुखता से दिखाने के लिए कोई पूर्व कार्य अनुभव या पेशेवर उपलब्धियां नहीं हैं, इसलिए कार्यात्मक रिज़ूम वह प्रारूप हो सकता है जिसका उपयोग वे शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ अपने पेशेवर कौशल और गुणों को प्रमुखता देने के लिए कर सकते हैं। एक फ्रेशर के रिज़ूम का संक्षिप्त उद्देश्य होना चाहिए जिसमें पेशेवर लक्ष्यों और आकांक्षाओं को बताया जाए जिन्हें वह अपने कॅरिअर में हासिल करना चाहता है।

Idea Pitching.30 Maypdf

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी आईडिया पिचिंग कांटेस्ट : एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम को पहला पुरस्कार

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची, Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi नेशनल ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट रांची चैप्टर और इंस्टीटूशन इन्नोवशन कौंसिल के संयुक्त तत्वावधान में आईडिया पिचिंग कांटेस्ट का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में बेहतर आइडियाज के जरिए बेहतर करियर व स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना था। Institution’s Innovation Council (IIC) – Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi आज की पीढ़ी अलग सोच रखती है तथा इनोवेटिव आइडिया पेश करती रहती है। ऐसी सोच व आइडियाज प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत है, जिससे नई पीढ़ी मार्केट को भी समझें और वर्तमान के हालातों को भी। अगर किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी प्लानिंग अच्छे से की जाए तो बेहतर करियर की ख्वाइशों को भी पूरा किया जा सकता है। B. Tech Computer Science Engineering – Jharkhand Rai University (jru.edu.in)

प्रतियोगिता में अपने नवीन विचारों को साझा करने के लिए 60 टीमों ने आवेदन किया था। इनमें से 25 टीमों को शार्ट लिस्ट कर आईडिया पिचिंग के लिए आमंत्रित किया गया।

प्रतियोगिता में देश के कई नामी गिरामी कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया इनमें आईडिया पिचिंग के लिए शॉर्टलिस्ट होने वाले देश के कुछ प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में एनआईटी भोपाल, सिंबायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज, पुणे , एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम , सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू , झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्विद्यालय, बीआईटी सिंदरी, जनरल शिवदेव सिंह खालसा कॉलेज, निर्मला कॉलेज, आरटीसी रांची, केजरीवाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज शामिल थे।

प्रतियोगिता का पहला पुरस्कार एमईआईए इनोवेशन पर अपने नविन आईडिया के साथ प्रस्तुति देने वाले एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम के जतिन शर्मा को मिला।

जूरी ने बेहतरीन प्रस्तुति और आईडिया की महत्ता को देखते हुए एनआईटी भोपाल के उतरन नायक के आईडिया एन क्रिप्टो और झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्विद्यालय के ओमकार नाथ चौबे और टीम के आईडिया डिफेन्स टू ग्रीन को प्रतियोगिता के फर्स्ट रनर अप के लिए चयनित किया।

सेकंड रनर अप चुने गए सिंबायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज, पुणे के विनीत देशवाल जिन्होंने ‘ एग्रीकल्चर फ्रॉम कोऑपरेशन टू कन्टेनमेंट आईडिया पर अपने विचार जूरी के सामने रखा। B.Sc Agriculture – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

कांटेस्ट के जूरी मेंबर आईआईएम रांची (इंट्रीगेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) के चेयरपर्सन डॉ. विराज आनंद वर्मा, टाटा बिजनेस हब के एडवाइजर अंजनी कुमार, झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के डीन (फैकल्टी ऑफ़ एग्रीकल्चर) डॉ.आर.पी.सिंह रतन एवं मेकन के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर तेज प्रताप चोपड़ा शामिल थे।

प्रतियोगिता को सफल बनाने में डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट की प्रो. सिंधु चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।