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EHTESHAM ANSARI

जेआरयू एलुमनी मो. एहतेशाम ने विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट मो. एहतेशाम अंसारी ने मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए  यूनिवर्सिटी का नाम रौशन किया है। एहतेशाम ने बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग (2014-2018 बैच ) झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची से किया है। झारखण्ड के चतरा जिले के रहमत नगर मोहल्ले के रहने वाले मो. महताब अंसारी के 22 वर्षीय बेटे रहमत ने अपनी सफलता से यूनिवर्सिटी के साथ अपने शहर का भी मान बढ़ाया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में अभय प्रसाद इंडोर स्टेडियम में 21 सितंबर को आयोजित मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उन्होंने राजस्थान के खिलाडी शिव विक्रम को हराया। एहतेशाम ने प्रतियोगिता में विजयी होने के बाद कहा की “उनका अगला पड़ाव भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खेलना है इसके लिए वे कड़ी मेहनत कर रहे है।” इससे पहले मुंबई में आयोजित एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने ख़िताब अपने नाम किया था। एहतेशाम ने अबतक 12 फाइट (मुकाबले ) में हिस्सा लिया है जिनमे से 9 में वे विजेता रहे है। अपनी सफलता के पीछे अपने दादा मो. शम्सुद्दीन अंसारी के मार्गदर्शन और प्रयास की भूमिका पर बोलते हुए एहतशाम ने कहा की ” उनके बताये हुए मार्ग पर चलने और उनके प्रसाय से मुझे ये मुकाम मिला है। कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास करते हुए मैंने अपनी मंजिल तय की है।

एहतेशाम अंसारी ने अपनी स्कूली शिक्षा राज्य सम्पोषित उच्च विद्यालय चतरा से पूरी करने के बाद रांची आकर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। बीटेक करने के दौरान(2016) ही उन्होंने पहलवानी सीखना शुरू किया। 2018 में मिक्स मार्सल आर्ट की ट्रेनिंग लेने के लिए वे दिल्ली चले गए। ट्रेनिंग के दौरान ही इस फील्ड में कैरियर बनाने की धुन सवार हुयी और सिलसिला चल पड़ा। इसके बाद कई फाइट में हिस्सा लिया और सफल भी हुए। अभी दिल्ली में रहकर प्रोफेशनल मुकाबलों में हिस्सा लेते है और प्रतियोगिता में पेड रेसलर के रूप में पार्टिसिपेट करते है। एहतेशाम की सफलता पर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और स्टॉफ ने हर्ष व्यक्त किया है।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

HARD WORK AND FOCUS : STORY OF ANKIT SINGH, B. TECH, JRU UNIVERSITY, RANCHI

Ankit Singh, BTech student of JRU, Ranchi has been selected to work as a Marketing Strategist at Jaro Toppscholars Private Limited. He believes that success is followed by sheer hard work and vice versa.

SUCCESSFUL STUDENT JRU RANCHI UNIVERSITY BTECH

Even though a young professional, he is mature about his approach towards career. He says, “Focus on what you want rather than what others are going after.”

True indeed. We decide our penchants. And what career we need to pursue according to our acumen and skills should be our decision. Taking the regular path, doing the done things does not benefit always.

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

Young Ankit further says, “Always update your skills, network, and work on your confidence and never feel defeated.”

SUCCESSFUL STUDENTS JRU RANCHI UNIVERSITY

This is what he said when asked about his experience at Jaro Toppscholars _ “The best part that distinguishes Jaro from other institutions is the time duration and its stellar panel of expert trainers. I would like to say that I made the right decision by joining Jaro.”

(Story contributed by Piyali Das.)

freshers day

जेआरयू फ्रेशर्स डे 2019 – राहुल और कनक को मिस्टर और मिस फ्रेशर का ताज

झारखण्ड राय यूनीवर्सिटी , राँची के कमड़े कैंपस में 27 सितंबर को फ्रेशर्स डे का आयोजन किया गया. यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन इलेक्ट्रिकल दीप प्रज्वलित कर किया। फ्रेशर्स का स्वागत वेलकम डांस के जरिये किया गया जिसे मयूरा ग्रुप ने परफॉर्म किया. मयूरा के ग्रुप डांस परफॉर्मेंस के बाद सोलो सिंगिंग सादाब ने द्वारा किया गया जिसके बोल धूम पिचक धूम ने फ्रेशर्स में जोश भरने का काम किया इसके बाद जोश को दुगना करने के लिए डैज़लेर्स डांस ग्रुप ने परफॉर्म किया. डैज़लेर्स ने गोरे – गोरे मुखड़े ….. देसी बीट से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। गीत और संगीत के बाद रैम्प वॉक शुरू हुआ जिसमे मिस्टर फ्रेशर्स और मिस फ्रेशर्स के लिए शामिल प्रतियोगियों के ग्रुप ने परफॉर्म किया. गर्ल्स और बॉयज के परफॉर्मेंस ने रैम्प वॉक में जलवा बिखेरा। ढलती शाम और खुशनुमा मौसम के बीच बैक टू बैक डांस का दौर शुरू हुआ जिसमे पूनम एंड ग्रुप ने और सागर ने आज की रात है जिंदगी….निंदिया उड़ा गयी न जाने कितने को डरा गयी…… आयो मोरा सईया साईकल पर…….. धमाकेदार परफॉर्मेंस किया।

कार्यक्रम के दौरान इंडोर गेम्स के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया
जिसमे कैरम के सिंगल मुकाबले (गर्ल्स) में सिविल इंजीनियरिंग की स्टूडेंट्स सुषमा कुमारी,बॉयज के सिंगल मुकाबले में आशीष कुमार ) . कैरम के डबल मुकाबले में आशीष कुमार और आयुष कुमार को जबकि गर्ल्स के ग्रुप मुकाबले में बीएससी एग्रीकल्चर की स्टूडेंट्स शशिकला और नेहा को जबकि चेस के सिंगल मुकाबले में बॉयज से माइनिंग इंजीनियरिंग के स्टूडेंट पवन कल्याण , गर्ल्स के सिंगल मुकाबले में प्रियंका मिंज । टेबल टेनिस मुकाबलों में बॉयज के ग्रुप से ह्रितिक कुमार और गर्ल्स की ओर से इसी डिपार्टमेंट की अनिशा कैरम के सिंगल मुकाबले में भी एग्रीकल्चर की नेहा को सेकंड और एकता को थर्ड घोषित किया गया जबकि बॉयज के सिंगल मुकाबले में माइनिंग इंजीनियरिंग के राजा तांती को सेकंड और मन्नवर ताज को सेकंड और थर्ड घोषित किया गया। कैरम के डबल मुकाबले में बॉयज के ग्रुप में मेकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के उदय नायक और कुंदन चौहान को उपविजेता घोषित किया गया जबकि गर्ल्स की ओर से कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट की मामोनी और अंजलि को उपविजेता चुना गया। चेस के मुकाबले में डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनजेमेंट के कुंदन कुमार को सेकंड और कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के फैज़ल रजा को थर्ड घोषित किया गया। गर्ल्स के ग्रुप मेंएग्रीकल्चर की एकता कुमारी चेस मुकाबले की उपविजेता रही। टेबल टेनिस मुकाबलों में डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनजेमेंट के सोमय बेसरा सेकंड और कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट फैज़ल राजा थर्ड रहे. इन सभी को पुरस्कृत किया गया।

विजेताओं को अलविदा करते हुए प्रोग्राम एंकर अंशिका त्रिपाठी और उत्तम ने नेक्स्ट परफॉर्मेंस के लिए मिस्टर और मिस फ्रेशर्स के दावेदारों के दूसरे ग्रुप को परफॉर्म करने के लिए इन्वाइट किया। परफॉर्मेंस के बाद जजेज ने मिस्टर फ्रेशर और मिस फ्रेशर के प्रतियोगीयों से क्वेश्चन राउंड में कई सवाल किया। जिसके बाद फाइनल मार्किंग की गयी। इसके बाद रैंप वॉक सोलो सिंगगिंग करने आयी प्रीति गुप्ता, स्किट बेस्ड डांस ( याराना ग्रुप), करसिंग डांस, सोलो सिंगगिंग अभय और डुएट डांस राजा और सौरव के द्वारा किया गया।फ्रेशर्स को हँसाने और गुदगुदाने के लिए एमबीए के स्टूडेंट जीतेन्द्र ने स्टैंड अप कॉमेडी के जरिये अपना परफॉर्मेंस दिया।

बैक टू बैक परफॉर्मेंस के सिलसिले को रोकते हुए मिस्टर और मिस फ्रेशर 19 और मिस्टर और मिस स्टाइल आइकॉन 19 के विजेताओं के नाम की घोषणा की गयी। मिस्टर फ्रेशर बने बीटेक के राहुल और मिस फ्रेशर का ताज गया डिप्लोमा इन फार्मेसी की स्टूडेंट कनक के पास। मिस्टर और मिस स्टाइल आइकॉन का ख़िताब जीता बीएससी एग्रीकल्चर के अंशुमन और एमबीए की सिमरन विश्वकर्मा ने।

इसके बाद फ्रेशर्स डे की सबसे बड़ी परफॉर्मेंस देने के लिए डीजे नितेश ने अपने म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट से सुरों का पिटारा खोला। हल्की बारिस और रफ्त्तार से भरी म्यूजिक के साथ हर कोई झूमा और दूसरों को भी झुमाया।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के कल्चरल क्लब के सहयोग से फ्रेशर्स डे का आयोजन किया गया। मिस्टर और मिस फ्रेशर्स के लिए जूरी पैनल में प्रो. अमृता मजूमदार, डॉ. श्रद्धा प्रसाद, डॉ. संजय पांडेय शामिल थे।

फ्रेशर्स डे के आयोजन में प्रो. अनुराधा, प्रो. सुमित किशोर की विशेष भूमिका रही।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में गरबा और डांडिया नाईट – गूँज 2019 का आयोजन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में गरबा -डांडिया नाईट ( गूँज 2019 ) का आयोजन शनिवार 29 सितंबर को किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ . सविता सेंगर और रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने संयुक्त रूप से किया। वाइस चांसलर डॉ. सेंगर ने दीप प्रज्वलन के बाद स्टूडेंट्स को सम्बोधित करते हुए कहा की “इस प्रकार के आयोजन से स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा बाहर लाने का अवसर मिलता है.“

गूँज के उद्घाटन अवसर पर पॉट पेंटिंग और पब जी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमे राय यूनिवर्सिटी(JRU) के अलावा उषा मार्टिन, (UMU) केजरीवाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनजेमेंट,एक्सआईएसएस,(XISS) योगदा सत्संग महाविद्यालय, रांची, एन आई एफ टी,रांची,(NIFT) आई सी एफ आई(ICFAI) के स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

Goonj 2019

Goonj 2019

दोपहर के दौरान जेआरयू स्टूडेंट्स के द्वारा कैंपस में स्टॉल का आयोजन किया गया था जिसमे स्टूडेंट्स ने लोकल- चायनीज और फ़ास्ट फ़ूड के कुजीन का स्टॉल लगाया था. इनके अलावा स्टॉल में टी -स्नैक्स, फुट वियर , गेम्स और फील्ड वॉक में एंकर की फरमाईस का भी आयोजन किया गया था। स्टॉल कार्नर में सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया था जहाँ सेल्फी लेने और उसे पोस्ट करने के लिए स्टूडेंट्स में प्रतिस्पर्धा देखी गयी.

दोपहर बाद यूनिवर्सिटी सेमिनार हॉल में एलुमनी एसोसिएशन (RETROUVAILLE) की बैठक आयोजित की गयी जिसमे पास आउट स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव साझा किये। रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने एलुमनी एसोसिएशन की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा की “किसी भी यूनिवर्सिटी का एलुमनी उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यूनिवर्सिटी अपने एलुमनी से पहचाना जाता है , इसलिए इस आयोजन को और बड़े और व्यापक रूप में आयोजित करने की जरुरत है। इस वार्षिक आयोजन का उद्देशय है अपने पास आउट स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी से जोड़े रखना। राय यूनिवर्सिटी एक परिवार की तरह है जिसमे सभी को याद रखा जाता है।“ कार्यक्रम के दौरान पास आउट स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव और यूनिवर्सिटी से जुडी पुरानी यादें ताजा की। एमबीए के पास आउट स्टूडेंट विशाल और ने अपने इनोवेटिव आईडिया शेयर किये दोनों ने जॉब की जगह स्टार्ट- अप के सेक्टर में काम करना उचित समझा और खुद की मेहनत से अपना अलग स्थान बनाया।

Port Painting

Port Painting Inter Collage Competition at JRU

शाम ढलने के साथ गूँज 19 का आगाज किया गया जिसमे सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पॉट पेंटिंग के विजेताओं की घोषणा की गयी जिनमे फल पुरस्कार जेआरयू की एकता कुमारी को मिला वहीँ दूसरे स्थान पर उषा मार्टिन युनिवर्सिटी की रिया कुमारी रही. पॉट पेंटिंग का तीसरा पुरस्कार राय युनिवर्सिटी की बीएससी. एग्रीकल्चर की स्टूडेंट को मिला। पब जी प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार योगदा सत्संग महाविद्यालय और दूसरा पुरस्कार उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी को प्राप्त हुआ। दिन भर चले प्रतियोगिता के दौरान पॉट मेकिंग में 35 प्रतियोगी, पब जी में 32 टीमों ने गरबा डांस के लिए 4 ग्रुप शामिल हुए। स्टूडेंट्स के द्वारा 14 स्टॉल लगाए गए थे।

डांडिया और गरबा के प्रतियोगियों के परफॉर्मेंस को जज करने के लिए डांसर तनिष्क सोनकर उपस्थित थे जो तनिष्क डांस कंपनी , रामगढ़ से आये थे। वहीँ मशहूर स्टैंड अप कॉमेडियन लक्ष्य निगम ने कॉमेडी का जलवा देर रात तक दिखाया। प्रो. अमृता मजूमदार ने उनको मोमेंटो देकर सम्मानित किया। “लक्ष्य निगम ने रांची, झारखण्ड और राय यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा की स्टूडेंट्स इतनी बारिस में भींगते हुए पुरे जोश के साथ टिके हुए है इससे पता चलता है की उनमे कितना उत्साह है”

Retrouvaille

Retrouvaille – Alumni Meet 2019

गूंज को सफल बनाने में प्रो. अनुराधा शर्मा, प्रो. सुमित किशोर, प्रो अमरेंद्र, प्लेसमेंट ऑफिसर पयाली दास की विशेष भूमिका रही. एलुमनी मीट में प्रो. सुप्रीति जना और लेक्चरर प्रीति गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

sagun soren - google intern

फोटोग्राफी और इवेंट मैनेजमेंट के जरिये बनायी अलग पहचान : सगुन सोरेन

सगुन सोरेन की पहचान उस आल राउंडर की तरह है जिसने मैच के दौरान सभी फील्ड में अपना बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया है. रांची में अपना फोटो स्टूडियो और प्रोफेसनल फोटोग्राफर के तौर पर काम करते हुए इन्होने अपने इरादे नहीं बदले है। ये बस एक अल्पविराम है।

सगुन सोरेन झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के बीबीए फाइनल ईयर का स्टूडेंट्स है. पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी के शिवलाल स्कूल और फिर भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टिट्यूट से अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे की पढ़ाई के लिए राय विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। । रांची और राय विश्वविद्यालय के बारे में सगुन का कहना है, ” पिताजी समाजसेवी है, शुरुवाती दौर में मैंने मेडिकल की तैयारी की और किट(KITT) कॉलेज का बायोटेक्नोलॉजी का एग्जाम पास किया,लेकिन बीच में मेडिकल की तैयारी रुक गयी और यहाँ एडमिशन ले कर बीबीए की पढ़ाई शरू किया। सगुन ने 2019 में कैट एग्जाम पास किया और आईआई एम् राँची (IIMR) की लिस्ट में नाम आने का इंतजार है.

पढ़ाई के अलावा विशवविद्यालय के सभी कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी के कारण लोकप्रिय स्टूडेंट्स है सगुन । अपने हॉबी के बारे में बताते हुए उसका कहना है ” मेरी फोटोग्राफी एजेंसी है जिसका नाम है ” द मेमोग्राफर्स” मेरी रूचि बचपन से फोटग्राफी में थी और यहाँ आकर और सिखने को मिला। सगुन राय यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स क्लब का एक्टिव मेंबर है 2018 में आयोजित फोटो कांटेस्ट में फर्स्ट प्राइज और निफ्फ़ट के वार्षिक उत्सव जिंक्स प्रणव में कॉलेज अम्बेस्डर रहने का गौरव सगुन के साथ जुड़ा हुआ है. सगुन का कहना है ” मैं फ्रीलान्स फोटोग्राफर हूँ, मेरा अपना ब्लॉग है जिसमे मैं नियमित लिखता रहता हूँ.मेरी रूचि कंप्यूटर हार्डवेयर में है और मैं इस फील्ड में भी काम कर रहा हूँ। फ्यूचर प्लानिंग के सवाल पर सगुन का कहना है ” फोटोग्राफी, मॉडलिंग, कंप्यूटर में मुझे करियर बना है लेकिन अभी मैं और पढ़ना चाहता हूँ। मेरा चयन अगर आईआईएम रांची के लिए होता है तो मैं आगे अपनी पढ़ाई जारी रखूँगा। “

सगुन का चयन गूगल में इंटर्नशिप के लिए हुआ है जिसमे डिजिटल मार्केटिंग में काम करने का मौका मिलेगा। सगुन ने बताया ” 40 घंटों के इस इंटर्नशिप में मुझे डिजिटल मार्केटिंग सेक्टर के काम को करने और अपने काम को निखारने का मौका मिलेगा। ये एक बड़ा अवसर है इससे मुझे अपने इंटरप्रोनेरशिप के लिए काफी सहायता मिलेगी।“

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

130 यूनिट ब्लड जमा कर राय युनिवर्सिटी ने इस वर्ष का दूसरा सबसे बड़ा योगदान दिया।

झारखण्ड राय युनिवर्सिटी में मंगलवार 24 सितंबर को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन रिम्स, रांची के सहयोग से आयोजित किया गया. झारखण्ड राय युनिवर्सिटी के कमड़े कैंपस में आयोजित इस कैंप में स्टूडेंट्स और स्टॉफ ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और “रक्त दान महादान” को चरितार्थ किया।

कैंप में रिम्स राँची की टीम उपस्थित थी जिसमे डॉ कविता और डॉ. चिन्मयानंद ( ब्लड बैंक रिम्स, रांची ) अपनी टीम के साथ उपस्थित थे। 1 दिन के कैंप के दौरान राय युनिवर्सिटी कैंपस से 130 यूनिट ब्लड इकठठा किया गया जो इस चालू वर्ष (सितंबर महीने तक ) का अबतक का सेकंड हाईएस्ट कंट्रीब्यूशन था।

राय युनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने व्यक्तिकक रूप से उपस्थित चिकिसकों से मुलाकात कर इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। “उन्होंने 130 यूनिट ब्लड कैंपस से एकट्ठा किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और युनिवर्सिटी के योगदान को जीवन रक्छा के लिए अमूल्य निधि बताया ”
रक्त दान शिविर के आयोजन से पहले 23 सितंबर को कैंपस में ब्लड डोनेशन अवेयरनेस और मोटिवेशनल सेशन का आयोजन किया गया था जिसमे रिम्स रांची की डॉ. उषा सरोज (असिस्टेंट प्रोफेसर ब्लड बैंक ) और डॉ. कविता देवगढ़िया (असिस्टेंट प्रोफेसर ब्लड बैंक ) ने युनिवर्सिटी के सेमिनार हॉल में अपना व्याख्यान दिया। अपने सबोधन के दौरान डॉ. उषा सरोज ने बताया की ” रक्त में उपस्थित लाल रक्त कणिकाएं 90 से 120 दिन में स्वत: ही मर जाती है इसलिए हर 3 माह में रक्तदान किया जा सकता है.

सामान्य व्यक्ति एक बार रक्तदान कर तीन जानें बचा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार अनुसार भारत में सालाना एक करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत होती है। लेकिन करीब 75 प्रतिशत रक्त ही उपलब्ध हो पाता है, जिसके कारण लगभग 25 लाख यूनिट खून के अभाव में हर साल सैकड़ों मरीज़ों की जान चली जाती है।

सवा अरब आबादी वाले भारत देश में रक्तदाताओं का आंकड़ा कुल आबादी का एक प्रतिशत भी नहीं है, जिसका एक बड़ा कारण है रक्तदान से जुड़ी जागरुकता का ना होना।

व्यक्ति जब अपनी इच्छा से बिना किसी आर्थिक लाभ के रक्त देता है तो उसे स्वैच्छिक रक्तदान कहते हैं। सामान्यतः स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त अनेक संक्रमणों जैसे हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया, सिफलिस एवं एच.आई.वी. /एड्स से मुक्त होता है। व्यवसायिक रक्तदाता जो केवल धन कमाने की इच्छा रखते हैं, यौन रोग, हेपेटाइटिस तथा एड्स जैसे संक्रामक रोगों से ग्रसित हो सकते है एवं रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकते हैं।“

डॉ. कविता देवगढ़िया (असिस्टेंट प्रोफेसर ब्लड बैंक ) ने अपने सम्बोधन में ब्लड डोनेशन और इससे जुडी भ्रांतिया और तकनिकी पहलु पर जानकारी दी उन्होंने बताया की “कृत्रिम रक्त बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं पर अभी तक इसका कोई कारगर विकल्प नहीं मिला। है। रक्तदान ही एकमात्र उपाय है।

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच हो, वज़न 45 किलोग्राम या अधिक हो तथा हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो, रक्तदान कर सकता है। मानव जीवन की रक्षा के लिए हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि उन लोगों की मदद करें, जिन्हें रक्त की आवश्यकता है। राय विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष रक्त दान शिविर का आयोजन किया जाता है जिसमे स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टॉफ बड़े जोश के साथ रक्त दान कर दूसरों के जीवन बचाने का पुनीत कार्य करते है। रक्त दान शिविर के आयोजन में प्रो. रश्मि की अहम् भूमिका रही जिनके प्रयास से जागरूकता व्याख्यान और शिविर का आयोजन हुआ।

रक्तदान करने से चार लाभ ।

  • आपको किसी का जीवन बचाने पर आत्मसंतोष होता है।
  • रक्तदान करने से आपके शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
  • शोध से पता चलता है कि रक्तदान करने से रक्तदाता के शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित होती है और ह्रदय रोग की संभावना कम हो जाती है।
  • आवश्यकता होने पर आपको स्वयं के लिए या आपके परिवार के किसी सदस्य के लिए रक्तकोष से रक्त लेने में प्राथमिकता दी जाएगी।

क्या आप जानते है ?

  • एक औसत व्यक्ति के शरीर में 10 यूनिट यानि (5-6 लीटर) रक्त होता है।
  • रक्तदान में केवल 1 यूनिट रक्त ही लिया जाता है।
  • कई बार केवल एक कार एक्सीडेंट (दुर्घटना) में ही 100 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ जाती है।
  • एक बार रक्तदान से आप 3 लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं।
  • भारत में सिर्फ 7 प्रतिशत लोगों का ब्लड ग्रुप ‘O नेगेटिव’ है।
  • ‘O नेगेटिव’ ब्लड ग्रुप यूनिवर्सल डोनर कहलाता है, इसे किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को दिया जा सकता है।
  • इमरजेंसी के समय जैसे जब किसी नवजात बालक या अन्य को खून की आवश्यकता हो और उसका ब्लड ग्रुप ना पता हो तब उसे’O नेगेटिव’ ब्लड दिया जा सकता है।
  • ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया काफी सरल होती है और रक्त दाता को इसमें कोई खास मुश्किल नहीं हैं।
  • आप 18 से 60 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं।
  • रक्त दाता का वजन, पल्स रेट, ब्लड प्रेशर, बॉडी टेम्परेचर आदि चीजों के सामान्य पाए जाने पर ही डॉक्टर्स या ब्लड डोनेशन टीम के सदस्य आपका ब्लड लेते हैं।
  • पुरुष 3 महीने और महिलाएं 4 महीने के अंतराल में नियमित रक्तदान कर सकती हैं।
  • हर कोई रक्तदान नहीं कर सकता। यदि आप स्वस्थ हैं, आपको किसी प्रकार का बुखार या बीमारी नहीं हैं, तो ही आप रक्तदान कर सकते हैं।
  • अगर कभी रक्तदान के बाद आपको चक्कर आना, पसीना आना, वजन कम होना या किसी भी अन्य प्रकार की समस्या लंबे समय तक बनी हुई हो तो आप रक्तदान ना करें।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

INDUSTRIAL VISIT SEBI MBA JR RANCHI UNIVERSITY

SEBI INDUSTRIAL VISIT – MBA, BBA STUDENTS, JHARKHAND RAI UNIVERSITY RANCHI

Industrial visit is an important part of professional programs run by the University. Recently, students of MBA and BBA first semester visited Securities and Exchange Board of India (SEBI), Ranchi local office. More than 83 students were part of this visit to experience the actual working environment and the processes. Dr. Roshan Kumar and Dr Abhishek Pratap from the University spearheaded the visit.

INDUSTRIAL VISIT SEBI MBA JRU RANCHI UNIVERSITY

 

The visit was beneficial for the students as it provided valuable insights into the functions and role of the regulatory body on the investors, exchanges, Industries etc.

INDUSTRIAL VISIT SEBI MBA JR RANCHI UNIVERSITY

Mr.Nirdosh Ranjan Minz the Deputy General Manager and Mohammad Shahid, Manager at SEBI, elucidated the working of SEBI to the students. They spoke on subjects like Investors Protection, Investment avenues and functions of SEBI.

INDUSTRIAL VISIT SEBI MBA JR RANCHI UNIVERSITY

The session highlighted various Investment avenues, its pros and cons, working of stock exchanges and various rules and regulations of SEBI.

SEBI INDUSTRIAL VISIT JR UNIVERSITY RANCHI

He also mentored on the career options in SEBI and the process of selection. He encouraged students to ask questions and answered their queries with enthusiastically.

Such visit for students are helpful as it prepares them to face the interviews in their dream organisation. Besides, it is a process of active learning both inside and outside the classroom.

क्विज ओ कोड 1.0 का समापन – झारखण्ड राय विश्वविद्यालय

झारखण्ड राय युनिवर्सिटी, रांची में डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने क्विज प्रतियोगिता क्विज ओ कोड 1.0 का आयोजन किया. प्रतियोगिता में 10टीमों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता को तीन भागों में आयोजित किया गया था जिनके नाम मेंटल हैक, एरर टेरर और अल्गो क्राफ्ट था. प्रतियोगिता में शामिल होने वाली टीमों के नाम इस प्रकार थे – विंडोस, डॉस,लिनक्स,उबंटू, मैक ,एंड्राइड ,यूनिक्स ,सोलारिस, फेडोरा और आईओएस।

क्विज ओ कोड 1.0 की विजेता रहने वाली टीम इस प्रकार रही – क्विज प्रतियोगिता मेन्टल हैक की विजेता टीम रही विंडोज जिसमे शिवानी कुमारी- सपना कुमारी -वारुणी मिश्रा और आयुष्मान शमित थे। वहीँ अलगो क्राफ्ट की विजेता टीम रही एंड्राइड जिसमे – मिथुन कुमार – फरहा अंजुम- चन्दन मोदी थे। एरर टेरर के विजेताओं के नाम इस प्रकार है- आयुष्मान – बबलू कुमार और राकेश कुमार।

प्रतियोगिता का शुभारंभ युनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने लाइटिंग कैंडल के जरिये किया यह कैंडल इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स का बना हुआ था जिसे मोबाइल के जरिये ऑपरेट किया गया. अपने संबोधन में डॉ. रंजन ने कहा की “इनोवेशन हर कही है और इसे किसी भी रूप में अपनाया जा सकता है। डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का यह प्रयास बेहद सराहनीय है इस प्रयास को इंटर यूनिवर्सिटी लेवल तक ले जाने की जरुरत है। क्विज ओ कोड १.० के जरिये कंप्यूटर साइंस और आई टी से जुड़े कॉलेज स्टूडेंट्स को एक प्लेटफार्म मिलेगा अपनी प्रतिभा को दिखाने का और कुछ नया सिखने का भी. ”

क्विज प्रतियोगिता के सफल सञ्चालन में प्रो. अनुराधा शर्मा , प्रो. अमरेंद्र की भूमिका रही। स्टूडेंट्स वॉलेंटियर्स राजेश , शयाम, नंदिता, मुस्कान, शशिकांत, दीक्छा और विनीत का सहयोग रहा।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)

YOUNG ENGINEERS PARTICIPATE IN TECH FEST 2019 JR UNIVERSITY, RANCHI

The science club of JRU organized a Tech Fest 2019 on 15 September at the University Ranchi campus to encourage young engineers to think out of the box and to honour the contributions of Mokshagundam Visvesvaraya.

India celebrates 15 September as National Engineers’ Day to appreciate the contributions of Mokshagundam Visvesvaraya.

Visvesvaraya is known for his contributions in the field of engineering. He installed an irrigation system with water floodgates at the Khadakvasla reservoir near Pune to raise the flood supply level and storage to the highest levels. Later, this system was also installed at Gwalior’s Tigra Dam and Mysuru’s Krishnaraja Sagara (KRS) dam. KRS created one of the largest reservoirs in Asia at the time.

He served as the Diwan of Mysore and was awarded the title of ‘Knight’ in 1915 as commander of the British Indian empire. He received the Bharat Ratna in 1955 and became a member of the London Institution of Civil Engineers before he was awarded a fellowship by the Indian Institute of Science (IISC) Bangalore.

The Tech Fest 2019 at JRU was inaugurated by the Vice Chancellor, Dr Savita Sengar. During her speech, Dr Sengar reminded students of the invaluable contributions made by M Visvesvaraya.

Dr Segar added, “Tech Fest is an opportunity for students to showcase their innovative ideas, besides keeping the spark of science alive. Students presenting science models also need to remember that they have to become role models for society as well. The right combination of knowledge, science, wisdom and academics are important, but so are life skills that give us the emotional quotient to make life more meaningful. You cannot progress in life or career by ignoring these soft skills. Then progress will become imbalanced.”

Later Dr Sengar spent time with the students to inspect their science/technical models and interacted with the budding engineers to understand the idea behind their models.

Students from Faculty of Science – Engineering and Faculty of Computer Science participated in this fest. Some of the models created by students groups are – smart home, highway technology, rain water harvesting, wastage collection, waste plastic road, green building, smart city Ranchi, light fidelity communication, treatment of sea water, save water in poly house, automatic human counter and light control system, service robot, and eco-friendly cycle.

Later, University faculty members, staff and students from various departments came along to view the models and encourage the participants. The entire Tech Fest 2019 was organized under the mentorship of Prof. Raghuvansh Singh.