Webinar :  “Industrial Applications of Operational Amplifiers”

Webinar on :  “Industrial Applications of Operational Amplifiers”

Speaker: Ms. Nusrat Jahan, Faculty of Engineering, Department of Electronics & Communication Engineering, Jamia Millia Islamia University, New Delhi.

The Speaker is Alumni, Jharkhand Rai University Ranchi, Department of Electrical Engineering.

Date : May 15, 2020 / Time : 08.00 pm

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Organized by Department of Electrical Engineering, JRU


Webinar : “Island Protection of Distributed Generation System”

Webinar on: “Island Protection of Distributed Generation System”

Speaker:  Dr. Sanjay Agrawal, MNNIT Allahabad (Ph.D) Research Expert of Signal Processing Application in Power System at Dublin Institute of Technology, Ireland. Faculty at Rajkiya Engineering College, Ambedkar Nagar, U.P.

Date: May 14, 2020 / Time : 11.00 am

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Organized by Department of Electrical Engineering, JRU



The international standard Agriculture Research Center can be found at Namkum, Ranchi. Equipped with hydroponic systems, it is located at Namkum Campus of Jharkhand Rai University, Ranchi.

Click here for Fee details B.Sc (Hons.) Agriculture

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The University has a setup of 1600 sq. m. of fully automatic state-of-art green house as agriculture research center. It is the first of its kind in the State. Moreover, this facility embraces latest technology available internationally. This green house is completely automated with internal and external shading provision. Besides, it has different types of hydroponic systems with fully automated fertigation equipment and water filtration plant.

Such a facility will provide exposure to the students, researchers and the local community in advance soilless technology.


As an extension to the existing research unit, the University will also start a fully automated state-of-art Mushroom Unit to further strengthen the agricultural research.


The demand for trained professional in Agriculture is very high. Graduates have career prospects in both public and private sectors.
You could pursue a career in research and communication as an agricultural researcher or a journalist.

BEST AGRICULTURE COURSE RANCHIAs an expert you can drive innovation for improving agricultural yields and sustainable production.
State Department of Agriculture recruits graduates to fill up officer level posts. Private sector multinational companies have established their presence in commercial farming as well as farmer-led production initiatives. So they are on the lookout for young executives to handle extension services.
Nationalized Banks also recruit agriculture graduates to fill the posts of Agriculture Officers/Rural Development Officers.


A large number of both government and private jobs are available to the students completing M. Sc. (Agriculture).
Students would get recruited as assistant professor in government and private universities.
Officer level posts are offered by the nationalized banks to the students from M. Sc. Agriculture.
After M. Sc. (Agriculture), one may work as an independent consultant in their domain of study.
Entrepreneurship is one of the important prospective career for the postgraduates in Agriculture.
Career in research sector through Ph. D. gets open after completion of M.Sc. in Agriculture.


Agricultural movements like farm to table, organic foods, going vegan and a focus on natural high fiber food has turned agriculture into a sophisticated industry.

Get ready to be part of the new wave of agriculture industry with the Bachelor of Science in Agricultural programme at Jharkhand Rai University (JRU).

In current times it is the ideal Bachelor’s course to pursue since global demand for agricultural food and fibre is high. Therefore, clearly the industry needs professionals who are ready to rise to the various job opportunities arising out of it. Especially when our course is designed with significant input from major employers in the industry.

EMERGING OPPORTUNITIES – New markets, emerging technologies, globalisation of trade, climate change, sustainability – are increasingly creating needs for agriculture experts.

The food industry and the world need passionate professionals like you. This programme in agriculture from JRU will equip you with a solid scientific foundation to develop new ideas and technologies, implement new agricultural practices and devise innovative ways to produce food and fibre.

WHAT WILL YOU LEARN – The course curriculum consists of topics such as agriculture science, use of modern scientific equipments, farming systems and sustainable agriculture, cultivation of fruits, vegetables, spices and flowers, land surveying, soil science, water resource management, dry land agriculture, integrated nutrient management, integrated pest management and animal and poultry management. The University is well equipped with Hi-Tech Agri Research Lab for training the students. The curriculum also provides knowledge of basics of Plant Biotechnology.

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कोरोना नहीं रोक सकता पढ़ाई

“डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जाकर  कोविड -19 को हराना है “-डॉ. पीयूष रंजन।

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए देश भर में 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। इससे विश्वविद्यालय और कॉलेजों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी ब्रेक लग गया है। ऐसे में किसी की पढ़ाई प्रभावित हो इसके लिए यूजीसी के निदेशों के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए कई  संस्थानों ने घर बैठे ज्ञान बटोरने की व्यवस्था की है। राँची स्थित झारखंड राय विश्वविद्यालय, कमड़े ने कोविड 19 के खिलाफ डिजिटल मोड एजुकेशन को अपना कर स्टूडेंट्स को किसी भी एकेडेमिक लॉस से बचाने का संकल्प दोहराया है।


विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने सभी फैकल्टी मेंबर्स को डिजिटल मोड के साथ वन टू वन कांटेक्ट थ्योरी अपनाने को कहा है। डॉ. रंजन ने ऑफिस ऑर्डर में स्पष्ट निर्देश दिया है कि ”  आपदा के इस समय पर स्टूडेंट्सफैकल्टी इंटरेक्शन में कोई कोताही नहीं बरती जाए। एकेडेमिक लॉस को डिजिटल मोड एजुकेशन के जरिये पूरा किया जाय। विश्वविद्यालय डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए एकेडेमिक कैलेंडर को पूरा करते हुए समय पर एग्जामिनेशन लेगा।


विश्वविद्यालय के फैकल्टी स्टॉफ भी अपने स्तर से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए स्टूडेंट्स को ज्यादा सरल और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाने में पीछे नही है।इसमें ऑडियो,वीडियो लेक्चर्स के अलावा पीपीटी,ग्राफ,चार्ट और टेक्स्ट मोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। डिजिटल एजुकेशन मोड में सबसे कारगर साबित होने वाला प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप साबित हुआ है जिसने वन टू वन कॉन्टैक्ट  को सफल साबित किया है।


डिजिटल एजुकेशन को अपनाने और एकेडेमिक कंटेंट को सभी तक पहुंचाने में यूजीसी ने फैकल्टी और स्टूडेंट्स के लिए कई एजुकेशन प्लेटफॉर्म बनाए है जिनका इस्तेमाल इस समय किया जा सकता है यूजीसी के इन प्लेटफार्म का प्रचार प्रसार झारखण्ड राय विश्वविद्यालय,रांची द्वारा स्टूडेंट्स के बीच किया गया है। मूक्स और स्वयं पोर्टल में स्टूडेंट्स की भागीदारी सत प्रतिशत सुनिश्चित करने में भी विश्वविद्यालय राज्य में अग्रणी स्थान रखता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इंफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) का प्रयोग करते हुए ऑडियोवीडियो और टेक्स्ट कंटेट हासिल करने के लिए दस लिंक बताए हैं। शिक्षकों के लिए भी पोर्टल पर रिसर्च जर्नल पढ़ने की सुविधा है। स्टूडेंट ऑनलाइन ही नए कोर्स में प्रवेश भी ले सकते हैं।


यूजीसी सेक्रेटरी प्रो. रजनीश जैन ने शिक्षक और छात्रों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में दस महत्वपूर्ण लिंक का भी उल्लेख है, जिसमें यूजी और पीजी स्तर पर जारी समस्त विषयों से लेकर रिसर्च के लिए कंटेंट मौजूद हैं। वहीं, झारखंड राय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने यूनिवर्सिटी के  शिक्षकों को निर्देश दिया है कि छात्रों को ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट फॉर्मेट में  कंटेंट उपलब्ध कराएं ताकि  सत्र को समय पर पूरा किया जा सके और परीक्षाएं निर्धारित समय पर कराई जा सकें। उन्होंने मूक्स और स्वयं पोर्टल के इस्तेमाल पर जोर दिया है और इनमें रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की   क्लासेज नियमित चलती रहे यह सुनिश्चित करने की बात कही है।

वेब लिंक जहां मिलेगा पूरा कंटेंट।।

स्वयं ऑनलाइन कोर्स
पर जाते हुए स्टूडेंट यूजीपीजी स्तर पर विभिन्न प्रोग्राम की पढ़ाई कर सकते हैं। इस पोर्टल पर स्कूल एजुकेशन, आउट ऑफ स्कूल एजुकेशन, अंडर ग्रेजुएट एजुकेशन और पोस्ट ग्रेजुएट श्रेणी में कोर्स उपलब्ध हैं।

यूजीपीजी मूक्स:
छात्र http://ugcmoocs.inflibnet.ac.in/ugcmoocs/moocs_courses.php पर पीजी के 86 और यूजी के 222 कोर्स की ऑनलाइन स्टडी कर सकते हैं। 

पीजी पाठशाला
वेबसाइट पर स्टूडेंट पीजी स्तर पर 40 डिसिप्लिन में 23 हजार से अधिक मॉड्यूल के जरिए पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यहां 20 हजार से अधिक टेक्स्ट और 19 हजार से अधिक वीडियो कंटेट उपलब्ध हैं।

कंटेंट कोर्सवेयर फॉर यूजी
वेबसाइट पर 87 यूजी कोर्स
वेबसाइट पर 32 डीटीएच चैनल के जरिए यूजीपीजी स्तर के सभी डिसिप्लिन में पढ़ाई कराई जा रही है।

सीईसीयूजीसी यूट्यूब चैनल
से आप यूट्यूब के जरिए अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।

नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी
इस वेबसाइट के जरिए स्टूडेंट सभी भाषाओं में देशभर के लाइब्रेरी में उपलब्ध कंटेंट को ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

शोध गंगा
वेबसाइट पर दो लाख 60 हजार से अधिक थीसिस मौजूद हैं।

शोध सिंधु विद्वान
यह वेबसाइट फैकल्टी के लिए है। इस वेबसाइट पर 49,652 विशेषज्ञ, 5,786 ऑर्गेनाइजेशन और सात लाख 55 हजार 195 साइटेशन मौजूद हैं। वेबसाइट पर फंडिंग को लेकर भी सूचनाएं हैं।
विश्वविद्यालय और कॉलेजों ने कोविड 19 से लड़ने के लिए स्टडी मैटेरियल की कमी नहीं होने देने का संकल्प लिया है। वहीं स्टूडेंट्स को भी ऑनलाइन स्टडी का नया स्टाइल पारंपरिक पढ़ने के तरीके से कुछ अलग हटकर लग रहा है और मजेदार भी है। ऑनलाइन मोड़ का सबसे फायदेमंद कारक है फीडबैक सेशन। स्टूडेन्ट अपने मेंटर को व्हाट्सएप या कॉल करके नोट्स या लेक्चर का वह पार्ट बिना झिझक पूछ ओर दूबारा समझ सकता है जो वह क्लास में सबके सामने पूछने में शर्माता या झिझकता था। एजुकेशन का यह ऑनलाइन तरीका बेहद सटीक और कंटेंट पार्ट ( पीपीटी, एक्सेल,चार्ट,ऑडियो,वीडियो ) के कारण रोचकता को बढ़ाता है।इसकी बड़ी विशेषता इसे बार बार  सुनने और देखने की है जो आप को हमेशा प्रसंगिक  बनाये रखती है।

(आलेख: डॉ. प्रशांत जयवर्द्धन,  जेआरयू  डिजिटल सेल ।)