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JRU RANCHI REVIEWS 2022 AND RANKINGS

Jharkhand Rai University (JRU Ranchi) Reviews & Rankings

JHARKHAND RAI UNIVERSITY (JRU RANCHI) AWARDS – RANKINGS – RECOGNITIONS – REVIEWS

1. Jharkhand Rai University (JRU) is the only private University in the state of Jharkhand to be accredited by NAAC and approved by UGC, both.

STRIP ALL COURSES

2. JRU Ranchi is amongst the 3 Universities in Jharkhand to receive the 4 Star rating in the Annual performance of Institution Innovation Council 3.0 (2020 -21) by Ministry of Education, Govt. of India

3. JRU Ranchi Ranchi is amongst the few Universities in India selected to conduct Impact Lecture Series by the Ministry of Education Innovation Cell (MIC), Govt. of India

4. In 2021, Ministry of Education, Govt. of India in Atal Ranking of Institutions on Innovation Achievement (ARIIA) 2021 program has recognised Jharkhand Rai University as “PROMISING” university.

5. JRU Ranchi has been selected to establish the incubation centre under the mentorship of IIT Dhanbad by IIC, Ministry of Education, Govt. of India

6. JRU Ranchi has received the approval for two funded Research Project from the Jharkhand state Horticulture Mission (National Horticulture Mission GoI) & Dr. Ram Dayal Munda Tribal Welfare Research Institute (TRI), Ranchi

7. Jharkhand Rai University has secured 12th position in NPTEL ALL INDIA RANKING of Active Local Chapters for SWAYAM with SEVEN GOLD MEDALS and SEVENTY-SIX SILVER MEDALS.

JRU RANCHI REVIEWS RANKING

8. Jharkhand Rai University has received the ranking for “Best Private University” award for its outstanding contribution in the field of education by ASSOCHAM

9. JRU ranked as the “Best Private University with Academic Excellence in Jharkhand” by Worldwide Achievers and India Today Group in the year 2017.

10. Jharkhand Rai University ranking – Best Private University for Industry Interface 2017” by News India Group

11. CEGR has ranked JRU Ranchi as the – Best Private University with Academic Excellence in Jharkhand for Industry Interface

12. Jharkhand Rai University has received the award for “The Best Private University of the Year (East) by ASSOCHAM in the “National Summit on Excellence in Education 2017”.

13. Jharkhand Rai University has its own campus spread in an area of approximately 20 acres at Raja Ulatu, Namkum, Ranchi.

NSS: राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के तीन विद्यार्थियों का चयन

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) कार्यक्रम के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में शामिल होने के लिए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi से तीन विद्यार्थियों का चयन किया गया है। कैंप का आयोजन हसन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज हसन, कर्नाटक और सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज बागपत,उत्तर प्रदेश में 21 मई से 27 मई तक आयोजित किया जाना है। Fees Structure & Courses 2022, Jharkhand Rai University (jru.edu.in)

चयनित होने वाले तीनों स्वयंसेवक झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के बीएससी एग्रीकल्चर B.Sc Agriculture – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) के विद्यार्थी है जिनके नाम – अभिषेक राज, सौम्या कृति, मनीषा कुमारी है।

अभिषेक राज और सौम्या कृति को सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज, बागपत में चलने वाले राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में शामिल होना है वहीं मनीषा कुमारी को हसन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज हसन , कर्नाटक में आयोजित होने वाले कैंप का हिस्सा होंगी। इएलपी : क्रिटिकल थिंकिंग और मैनेजेरियल स्किल्स का विकास

राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने और लोगों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का प्रचार करने के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए प्रति वर्ष यह शिविर आयोजित किया जाता है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में से एक राष्ट्रीय एकता और एकीकरण को बढ़ावा देना है। शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षिक कार्यक्रम ,भाषण एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। Learning by Doing – RAWE Experience at Godda, JRU Agriculture Science Students

कैंप के लिए चयनित स्वयंसेवकों को निर्दिष्ट किया जाता है कि शिविर में चयनित स्वयंसेवक अपने साथ विश्वविद्यालय / महाविद्यालय के एनएसएस इकाई से सम्बंधित एक्शन फोटोग्राफ,अपने क्षेत्र के पारंपरिक वेशभूषा, एनएसएस बैच, डायरी, पहचान पत्र, बैनर, पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ, अपना आधार कार्ड एवं विश्वविद्यालय / महाविद्यालय से सत्यापित स्वयंसेवक प्रमाणपत्र, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, इंडेमनिटी (क्षतिपूर्ति)बांड, बायोडेटा लेकर ही कैंप में शामिल हो।

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झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi,राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई(NSS Cell) द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजाउलातु, नामकुम में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का प्रारम्भ करते हुए स्वयंसेवकों ने सर्वप्रथम प्रभातफेरी निकाल कर ग्रामीणों को “स्वच्छता का अर्थ साफ़ – सफाई केवल घर कि नहीं बल्कि अपने आस पड़ोस की भी” से अवगत कराया गया । प्रभातफेरी के दौरान ” स्वच्छता को अपनाना है, गंदगी दूर भागना है” और “सभी रोगों की एक दवाई, गली गली में हो सफाई” जैसे नारे लगाए गए”। अभियान के तहत विद्यालय परिसर की साफ़ सफाई करते हुए विद्यालय भवन और परिसर में फैली गंदगी को साफ़ किया गया।

NSS camp jru (2)

स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा आरम्भ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा आधारभूत संरचना कि साफ़ सफाई एवं कूड़े का निपटारा करना शामिल है। यह अभियान 2 अक्टूबर, 2014 को आरंभ किया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने सम्बन्धी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट सन्देश दिया था।

स्वच्छता अभियान में बीएससी एग्रीकल्चर B.Sc Agriculture – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) पाठ्यक्रम के 50 से ज्यादा स्वयंसेवक शामिल हुए। अभियान का नेतृत्व एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रघुवंश सिंह ने किया।

रांची : उच्च शिक्षा के लिए एक पसंदीदा गंतव्य

रांची, ने पूर्वी भारत के शिक्षा केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बनायी है। IIM, ISM, XLRI, CUJ, NUSRL, JRSU और कई निजी विश्वविद्यालय बाहर के छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। COVID-19 के बदले हुए परिदृश्य में अब छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने की जगह अपने होम टाउन में पढ़ना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अगर पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाले तो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है, इसमें वैसे छात्रों की संख्या काफी ज्यादा है जिनकी पहली पसंद दिल्ली या दक्षिण भारत के राज्य हुआ करते थे। रांची में काम कर रहे एडमिशन कंसल्टेंट का मानना है कि “उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले छात्रों की प्राथमिकता बदली है। कोविड-19 के बाद अपने राज्य के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन लेने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गयी है, रांची,सबसे पसंदीदा स्थान है। कुछ निजी विश्वविद्यालयों ने पिछले कुछ वर्षों में जॉब ओरिएंटेड कोर्स के साथ अपनी अलग पहचान बना ली है। मेडीकल साइंस से जुड़े कोर्स अभी सबसे ज्यादा डिमांड में है।

बड़ी संख्या में छात्रों के रांची के प्रति आकर्षित होने का मुख्य कारण यहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे है । शहर में 8 निजी विश्वविद्यालय, 4 राज्य विश्वविद्यालय,1 केंद्रीय विश्वविद्यालय,1 विधि विश्वविद्यालय के अलावा केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (CIP), झारखण्ड टेक्निकल यूनिवर्सिटी(JTU), ट्रिपल आईटी हैं जो सामान्य, पेशेवर और तकनीकी धाराओं में व्यापक पाठ्यक्रम प्रदान करते है।

राँची को झरनों का शहर भी कहा जाता है। गर्मियों में अपने ठंडे मौसम के कारण इसे बिहार राज्य कि शीतकालीन राजधानी कहा जाता था। प्राकृतिक सुंदरता के दम पर रांची ने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के रूप में देश-विदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

राँची एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र भी है। यहाँ मुख्य रूप से HEC,SAIL, MECON, UshaMartin, Hindalco जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं।

राँची को स्मार्ट सिटीज मिशन के अन्तर्गत विकसित किये जाने वाले सौ भारतीय शहरों में चुना गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का होमटाउन होने के कारण देश में रांची की अपनी अलग पहचान है।

मेजबान के रूप में रांची अतुलनीय हैं। नेशनल गेम्स, इंटरनेशनल क्रिकेट मैच, कब्बड्डी प्रो लीग और हॉकी के अंतराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की बात करें तो इसकी सराहना दूसरे राज्यों से आये खिलाडियों और दर्शकों ने किया है।

झारखण्ड में ISM Dhanbad, BIT Sindri, NIFT, XLRI, BIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान वर्षों से संचालित है जो देश भर के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करते है। AIIMS, IIM, XISS, JSRU, Jharkhand Rai University (JRU), Ranchi जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शैक्षणिक परिसर शिक्षा और अनुसंधान के अवसर, वैश्विक संकायों एवं आकर्षक बुनियादी ढांचे के साथ देश भर के छात्रों को आकर्षित कर रहे है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से Diploma in Pharmacy (D.Pharm)Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in) पढ़ाई कर रही मेघालय की सलमा लेपचा कहती है “कॉलेजों का भव्य परिवेश, खूबसूरत इमारतें, फेस्टिवल और ट्रडिशनल कुजीन छात्रों को रांची में पढ़ाई करने के लिए आकर्षित करता है।“

JRU Third Convocation 2022 (19)

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को पीएचडी की मानद उपाधि।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय,रांची के तृतीय दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सहित आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट की फाउंडर और चेयरपर्सन नीरजा बिड़ला, इजराईल- इंडिया चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की को- फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अनट बर्नस्टीन रिच एवं ऑन्ट्रप्रेन्योर एच. के तलवार को महामहिम राज्यपाल के हाथों पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान कि गयी।

समारोह की अध्यक्षता विजिटर महामहिम राज्यपाल रमेश बैस ने किया जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय मंत्री जनजातीय कल्याण अर्जुन मुंडा थे।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. हरबिन अरोड़ा राय ने स्वागत भाषण किया। वहीं यूनिवर्सिटी का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. सविता सेंगर ने यूनिवर्सिटी के द्वारा अर्जित उपलब्धियों और प्रयत्नों से सभी को अवगत कराया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि “आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष पर देश भर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। देश को आजाद हुए 75 वर्ष पुरे हो चुके है और देश अब अपनी आजादी के स्वर्ण जयंती की तरफ बढ़ रहा है। यह दीक्षांत समारोह और भी खास हो जाता है क्योकि जो विद्यार्थी आज अपनी पढ़ाई पूरी कर दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त कर रहे है वह अगले 25 वर्षो में देश की प्रगति और उन्नति के प्रमुख स्तंभ होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है हम सब को इस संकल्प को और आगे ले जाना है ताकि हमारी ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके।“

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय की चांसलर ड़ॉ. हरबीन अरोड़ा राय ने स्वागत संबोधन देते हुए कहा कि “कोविड के विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बिना हिम्मत हारे मिलजुलकर ऑनलाइन माध्यम के द्वारा, मेंटरिंग के द्वारा और हेल्पलाइन सेवा के जरिये कार्य किया है।

उन्होंने मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के कार्यों से सभी को अवगत कराया जो शिक्षा, उद्यमिता और वाणिज्य प्रबंधन के क्षेत्र में उनके द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि आत्म निर्भर भारत के सपने को पूरा करना हमारा भी सपना है और इसके लिए हम सब प्रयास कर रहें है।

महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा की मुझसे विश्व के कई देशों में जाने पर यह सवाल पूछ जाता है कि महिला सशक्तिकरण आप किस देश को सबसे अच्छा उदाहरण मानती है तो मेरा जवाब यही होता है भारत कोई नहीं। और यह बात मैं अपने अंतर्मन से कहती हूँ क्योंकि अर्धनारीश्वर का सबसे बड़ा प्रतिक हमारा देश ही है जो इसके जरिये गरिमा और आध्यात्मिकता का सन्देश देता है। उन्होंने कहा की मेरा विश्ववास है कि झारखण्ड राय एक परिवार की तरह है जहां विद्यार्थी और शिक्षक एक परिवार की तरह रहते है और उसका परिणाम है कि आज यहाँ दीक्षांत समारोह में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित है।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह : बेटियों का जलवा,2 चांसलर मेडल और 13 गोल्ड मेडल किए अपने नाम

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय,रांची के तृतीय दीक्षांत समारोह में बेटियों ने अपनी मेधा का प्रदर्शन करते हुए 2 चांसलर मैडल और 13 गोल्ड मेडल पर अपना कब्ज़ा जमाया। दीक्षांत समारोह में कुल 903 डिग्रियां बाँटी गयी। पीएचडी की उपाधि लेने वालों में भी महिला शक्ति की ‘धमक’ देखने को मिली।

विशेष अकादमिक उपलब्धि के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित चांसलर मेडल (वर्ष 2020 और 2021) बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की छात्रा सुभद्रा महतो एवं मास्टर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) की छात्रा निभा भारती को चांसलर मेडल प्राप्त हुआ।

दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि “आजादी के 75 वर्ष होने के उपलक्ष में देश भर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। अब देश अब आजादी के स्वर्ण जयंती की तरफ बढ़ रहा है। यह दीक्षांत समारोह और भी खास हो जाता है क्योकि जो विद्यार्थी आज अपनी पढ़ाई पूरी कर दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त कर रहे है वह अगले 25 वर्षो में देश की प्रगति और उन्नति के प्रमुख स्तंभ होंगे। उन्होंने कहा कि देश संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है हम सब को इस संकल्प को और आगे ले जाना है ताकि हमारी ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके।“

दीक्षांत समारोह के दौरान स्वागत भाषण झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. हरबिन अरोड़ा राय ने दिया। यूनिवर्सिटी का रिपोर्ट कार्ड झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ.सविता सेंगर ने महामहिम राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया।

टॉपर बेटियां :

गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले : एमबीए – ज्योति कुमारी / शिवांगी केशरी, एमसीए – एकता कुमारी गुप्ता / निभा भारती, बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग ) – सुषमा कुमारी / दिव्या कुमारी,बीटेक (कंप्यूटर साइंस) सुभद्रा कापड़ी, बीटेक (ईईई)- सुभद्रा महतो, बीएससी एग्रीकल्चर – प्रियंका चटोम्बा /देबश्रीता दास,डिप्लोमा (मेकेनिकल) – रिंकी महतो, डिप्लोमा (फार्मेसी) – नेहा कुमारी।

दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट की फाउंडर और चेयरपर्सन नीरजा बिड़ला, इजराईल- इंडिया चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की को- फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अनट बर्नस्टीन रिच एवं ऑन्ट्रप्रेन्योर एच. के तलवार को महामहिम राज्यपाल के हाथों पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान कि गयी।

बेहतर शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों को ग्लोबल सिटीजन बनाना हमारा लक्ष्य : डॉ.सेंगर

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के तृतीय दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए कुलपति डॉ. सविता सेंगर ने कहा कि ” विश्वविद्यालय जन-अपेक्षाओं को पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन भी कर रहा है। हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को एक ग्लोबल सिटीजन बनाना है। विश्वविद्यालय ने अपनी यात्रा वर्ष 2012-2013 में प्रारम्भ किया था। आज हमारे कैम्पस में 1500 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। झारखण्ड के अलावा यहां वेस्ट बंगाल, बिहार, ओड़िसा और उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करने आते है।

पीछे कुछ वर्षों के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त उपलब्धियों की चर्चा करते हुए डॉ. सेंगर ने कहा कि वर्ष 2021के दौरान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित इंस्टिट्यूशन इनोवेशन कौंसिल द्वारा वार्षिक गतिविधियों और कार्यक्रमों के सफलतापुर्वक संचालन करने के कारण झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी सहित राज्य के अन्य 3 यूनिवर्सिटीज को 4 स्टार रेटिंग प्राप्त हुआ है। हमारा उद्देश्य आत्म निर्भर भारत के उद्देश्यों को पूरा करना है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा शुरू किये गए स्टार्टअप और पेटेंट की चर्चा भी किया। उन्होंने बताया कि झारखंड के 2 संस्थान जिन्हें शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारत के प्रधान मंत्री बॉक्स से गणतंत्र दिवस परेड 2022 देखने के लिए आमंत्रित किया गया उनमें झारखण्ड राय विश्वविद्यालय भी शामिल है ।

विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पहचानता है। हमारे कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रमों के तहत कई पहल किए हैं।

हमने विभिन्न गांवों, ग्राम सभा, ब्लॉक और पंचायत में 37,57,500 मुफ्त इम्यूनिटी बूस्टर क्वाथ टैबलेट वितरित किए हैं, जिससे COVID -19 महामारी के दौरान समाज के वंचित वर्ग की मदद की गयी। देश की स्वास्थ्य प्रणाली को बढ़ावा देने की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा स्वीकृत, दो पाठ्यक्रम शुरू किए हैं -डिप्लोमा इन फार्मेसी और बैचलर इन फार्मेसी। इसके अतिरिक्त, बैचलर इन फिजियोथेरेपी कोर्स भी शुरू किया गया है। हमारा स्पष्ट मानना है कि स्वास्थ्य सेवा उद्योग को ऐसे पेशेवरों की आवश्यकता है जो इससे उत्पन्न होने वाले विभिन्न रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो। विश्वविद्यालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा स्वीकृत, दो कार्यक्रम – बीए एलएलबी और एलएलबी भी शुरू किया है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, विश्वविद्यालय में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम बीबीए (लॉजिस्टिक्स) की चर्चा करते हुए बताया कि झारखंड राय विश्वविद्यालय ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएससी) के साथ एमओयू करते हुए यह तीन वर्षीय पाठ्यक्रम बीबीए (लॉजिस्टिक्स) शुरू किया है।

कुलपति ने विश्वविद्यालय में संचालित मेंटरशिप कार्यक्रमों के बारे में बोलते हुए बताया कि यह कार्यक्रम छात्र और शिक्षक के सम्बन्ध को और मजबूत बनाने के साथ छात्रों के समग्र शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में मददगार है। टीचर मेंटर्स” न केवल छात्रों की अकादमिक प्रगति की लगातार निगरानी करते हैं बल्कि जहां भी संभव हो उनके सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और अकादमिक मुद्दों का ख्याल रखते हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि किसी भी बच्चे को वित्तीय कारणों से शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए, हमारे पास सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम हैं।

इन विद्यार्थियों को भावी और कुशल मेंटरशिप प्रोग्राम के तहत विश्वविद्यालय ने उनके हाई ड्रॉपआउट रेश्यो को कम करने में सफलता प्राप्त किया है।

यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट सेल की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया की महामारी के समय में भी, विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट विभाग ने सक्रिय रूप से कॉर्पोरेट्स और ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल के साथ मिलकर छात्रों को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, कैपजेमिनी, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, जिंदल स्टील एंड पावर, मदरसन, बिग बाजार, मारेली, आधुनिक ग्रुप और ग्रांड पोर्टेजैसी प्रमुख कंपनियों में सफलतापूर्वक दिलाने में सफल साबित हुए है।

बदलती दुनिया को रचनात्मक प्रतिक्रिया देते हुए हम अपनी ताकत बढ़ाते हैं साथ ही आने वाली किसी भी चुनौती के लिए तैयार होते हैं। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और बढ़ती जाती है।“

दीक्षांत समारोह में कुल 903 डिग्रियां बाँटी गयी। विश्वविद्यालय द्वारा 29 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल और विशेष अकादमिक उपलब्धि के लिए 2 को प्रतिष्ठित चांसलर मेडल प्रदान किया गया।

दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट की फाउंडर और चेयरपर्सन नीरजा बिड़ला, इजराईल- इंडिया चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की को- फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अनट बर्नस्टीन रिच एवं ऑन्ट्रप्रेन्योर एच. के तलवार को महामहिम राज्यपाल के हाथों पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान कि गयी।

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बिहार बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी, औरंगाबाद की रामायणी बनी टॉपर

बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (bihar.gov.in) ने मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट गुरुवार को जारी कर दिया। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षा विभाग सभागार में रिजल्ट जारी करते हुए कहा कि की ‘बिहार बोर्ड ने एक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है, बोर्ड ने परीक्षा से महज 34 दिनों बाद देशभर में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बच्चे दूसरे बोर्ड में नामांकन लेते थे। अब बच्चे दूसरे बोर्ड से बिहार बोर्ड के माध्यम से इम्तिहान दे रहे हैं, ये बदलते बिहार और बदलती शिक्षा प्रणाली की निशानी है।’ https://www.jru.edu.in/blog-post/mining-engineering/

इस बार बोर्ड परीक्षा में कुल 12 लाख 86 हजार 971 विद्यार्थी उतीर्ण हुए हैं। इनमें से छात्रों की संख्या 6,78,110 है जबकि छात्राओं की संख्या 6,08,861 है। https://www.jru.edu.in/programs/our-courses/

टॉप 10 में कुल 47 स्टूडेंट शामिल हुए हैं। जबकि टॉप 5 में 4 लड़कियों ने अपनी जगह बनाई है। औरंगाबाद जिले की रामायणी राय बोर्ड की फर्स्ट टॉपर हैं। दूसरे नंबर पर संयुक्त रूप से नवादा की सानिया कुमारी और मधुबनी के विवेक कुमार ठाकुर रहे। रामायणी राय को कुल 500 मार्क्स में 487 मिले हैं। Diploma in Mining Engineering – Jharkhand Rai University, Ranchi (jru.edu.in)

इस परीक्षा में प्रथम श्रेणी से कुल 4,24,597 विद्यार्थी पास हुए, जबकि द्वितीय श्रेणी से 5,10,411 और तृतीय श्रेणी से 3,47,637 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

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Padhe Bharat’, a 100-days reading campaign is on…, ‘DEAR’ read this week

Listening, Speaking, Reading and Writing (L-S-R-W) are the four skills of learning. These skills push an individual’s capability forward to comprehend their chapters effectively. Reading helps a great deal in building our confidence, reduces stress and puts us in a better mood.

Regular reading is said to be a great mental exercise. It allows us to sleep better. Books are our best friend as they help in building our wisdom and thinking capabilities. The interest in reading, like any other habit, comes with time.

In today’s digital age, the advances in technology have altered people’s interest in reading from printed version to digitalized one. To inculcate the culture of reading among the young generation, the Ministry of Education, Govt. of India introduced an innovative initiative named “Padhe Bharat, Badhe Bharat”.

The Union Education Ministry launched 100 days reading campaign ‘Padhe Bharat’ on January 1, 2022. The launch of 100 Days Reading Campaign is in alignment with the National Education Policy (NEP) 2020 which emphasizes on promotion of joyful reading culture for children by ensuring availability of age-appropriate reading books for children in local/mother tongue/regional/tribal Language.

The objective is to cultivate a lifetime habit of book reading. As on March 24, we are in the 12th week of the #100daysReadingCampaign. This week’s activity is ‘Drop Everything And Read’ (DEAR) which aims to promote reading among the students, teachers & staff members. Let us inculcate the culture of joyful reading in our university.

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मैट्रिक और इंटर की परीक्षा 24 मार्च से शुरू होगी : सात लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल

राज्य में 24 मार्च से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो रही है। जैक jac.jharkhand.gov.in ने परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली है। राज्य गठन के बाद पहली बार सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाये गए है। अभी तक 1350 परीक्षा केंद्र बनाये जाते थे लेकिन इस वर्ष 1900 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाये गए है। इस बार 600 परीक्षा केंद्र ज्यादा बनाये गए हैं।

Jharkhand Rai University wishing all students a Prosperous Future | https://www.jru.edu.in

मैट्रिक परीक्षा के लिए 1256 केंद्र वहीँ इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 600 नए परीक्षा केंद्र बनाये गए है। मैट्रिक परीक्षा के लिए प्रखंड स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाये गए है वहीँ इंटर परीक्षा के केंद्र अनुमंडल स्तर पर बनाये गए है। https://www.jru.edu.in/programs/our-courses/

अनुमान के मुताबिक इस वर्ष डॉन परीक्षाओं में 7 लाख छात्र शामिल होने वाले है। मैट्रिक परीक्षा में लगभग 4 लाख वहीँ इंटर की परीक्षा में लगभग 3 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगें। दोनों ही परीक्षाएं एक साथ संचालित होंगीं। पहली परीक्षा ओ.एम.आर. शीट पर ली जाएगी जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा उत्तर पुस्तिका पर ली जाएगी।

झारखण्ड ऐकडेमिक कौंसिल, रांची ने विज्ञप्ति के जरिये परीक्षाथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, आम नागरिकों, परीक्षा कार्य में संलग्न सभी कर्मियों और पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा है की सभी का सहयोग अपेक्षित है।

अपील में कहा गया है कि राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार और मानव संसाधन विकास के लिए कटिबद्ध है। सम्पूर्ण राज्य में परीक्षाओं का संचालन पूर्णतः शांतिपूर्ण वातावरण में कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न हो इसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से समुचित व्यवस्था की गयी है।

इस बार भी आवशयकतानुसार जिला परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। किसी भी स्तर पर कदाचार करने एवं कराने वाले और निर्धारित दायित्व का अनुसरण नहीं करने वाले कर्मियों के विरूद्ध ” झारखण्ड परीक्षा संचालन अधिनियम 2001” के तहत क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी।

https://www.jru.edu.in/blog-post/cbse-term-2-class-12th-exam-2022-from-april-26/

दोनों टर्म की परीक्षा में 5 मिनट का समय प्रश्न पत्र वितरण और उत्तर पुस्तिका वितरण के लिए निर्धारित किया गया है। मैट्रिक के टर्म एक की परीक्षा 11.20 में समाप्त होगी। जबकि टर्म दो की परीक्षा 11.25 में शुरू होगी। वही इंटर टर्म एक की परीक्षा 3.35 में समाप्त होगी और टर्म दो की परीक्षा 3.40 में शुरू होगी। परीक्षार्थियों को पूर्व की तरह 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्र को पढ़ने के लिए दिया जायेगा।