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Character building and overall personality development (1)

झारखंड राय विश्वविद्यालय में चरित्र निर्माण पर तीन दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ

झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में शनिवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ” चरित्र निर्माण एवं चरित्र का सम्पूर्ण विकास ” प्रारंभ हुआ। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर गणेश वंदना के साथ किया गया। दीप प्रज्जवलन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ ० अतुल भाई कोठारी, झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति प्रो ० ( डॉ ०) सविता सेंगर, स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय, सागर के कुलाधिपति डॉ० अजय कुमार तिवारी, प्रो ० (डॉ ०) पीयूष रंजन कुलपति झारखंड राय विश्वविद्यालय, डॉ० मनोहर भंडारी, प्रो ० (डॉ ०) विजय कुमार सिंह डीन सरला बिरला विश्वविद्यालय, अमर कांत झा क्षेत्रीय संयोजक न्यास ने सामूहिक रूप से किया।

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कार्उयशाला के उद्घाटन सत्र का स्वागत भाषण करते कुलाधिपति प्रो ० (डॉ ०) सविता सेंगर ने कहा की चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास विषय पर आयोजित यह कार्यशाला भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय दृष्टिकोण को समझने का प्रयास है। विश्वविद्यालय ने अप्रैल महीने में परिसर में कौटिल्य ज्ञान केंद्र भी स्थापित किया है। यह केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय दृष्टिकोण को व्यक्त करने का केंद्र है। कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कुलाधिपति ने कहा की व्यक्तित्व का अर्थ बहरी सुंदरता नहीं है जब हम भारतीय ज्ञान परंपरा और पंच कोश की बात करते हैं तो भारतीय दृष्टिकोण को उसमें शामिल करना होगा। न्यास के इस विषय पर बनाये गए पाठ्यक्रम को भी विश्वविद्यालय ने अपनाया है। चरित्र निर्माण एवं चरित्र का सम्पूर्ण विकास पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का उद्देश्य है विद्यार्थियों में समाज एवं राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच का भाव पैदा करना । यह भाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में नजर आना चाहिए की वह समाज, राष्ट्र, स्वयं के लिए कितना सोचते है। कुलाधिपति प्रो ० सेंगर ने कहा कार्यशाला में अगले दो दिनों तक इसी विषय पर चर्चा होगी।

Character building and overall personality development (9)

कार्यशाला के मुख्य वक्ता शिक्षाविद एवं न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ० अतुल भाई कोठारी ने अपना संबोधन पंचकोश की अवधारणा के साथ प्रारम्भ किया। उन्होंने विस्तार पूर्वक अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमया कोश, विज्ञानमय कोश एवं आनंदमय कोश की चर्चा की।

उन्होंने कहा की पंचकोश, भारतीय दर्शन में मानव शरीर की पांच परतों या आवरणों को दर्शाता है,ये कोश शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक स्तरों पर मानव अस्तित्व को समझने में मदद करते हैं। पंचकोशों के अंदर ही हमारी तीनों प्रकार की चेतना यानि चेतन, अवचेतन और अचेतन विचरण करती है। ये पांच कोश एक-दूसरे से बहुत ही गहरे रूप में जुड़ी हुई हैं और अध्यात्म में जब लोग जैसे-जैसे गहराई में उतरते हैं, वह एक-एक करके सभी कोशों के प्रति जागरूक होते जाते हैं।पंचकोशों की अवधारणा मानव अस्तित्व को समझने और आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है। डॉ० कोठारी ने अपने संबोधन के दौरान मंत्र , योग विद्या एवं आचरण और व्यवहार पर भी विस्तार पूर्वक बातें रखी।

कार्यशाला का दूसरा एवं तीसरा सत्र अन्नमय कोश एवं प्राणमय कोश विषय पर केन्द्रित था जिसके मुख्य वक्ता डॉ० मनोहर भंडारी थे। डॉ० भंडारी चिकित्सक के साथ हिंदी भाषा उत्थान के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। उन्होंने अन्नमय कोश एवं प्राणमय कोश पर विस्तार से अपनी बातें रखते हुए बताया की शरीर, भोजन (अन्न) से पोषित होता है। यह कोश मानव शरीर का भौतिक रूप है जो भोजन से पोषित होता है और अन्य कोशों के साथ मिलकर मानव अस्तित्व का निर्माण करता है। चिकित्सा पद्धतियों की पहुच स्थूल शरीर तक है जबकी कितने ही रोग ऐसे हैं जो अन्नमय कोश की विकृति के कारण उत्पन्न होते हैं और जिसे चिकित्सक ठीक करने मे प्रायः असमर्थ हो जाते हैं प्राणमय कोश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की प्राणमय कोश, शरीर का दूसरा आवरण या परत है, जो ऊर्जा से संबंधित है। इसे जीवन शक्ति से बना हुआ माना जाता है, और यह भौतिक शरीर में मौजूद होता है, जो पूरे जीव में व्याप्त है।

उन्होंने अपने लम्बे चिकित्सीय अनुभव के साथ पंच कोश को जोड़ते हुए विस्तार पूर्वक कई बातें बताई। कार्यशाला के प्रथम दिन के चौथे सत्र को स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय , सागर के कुलाधिपति डॉ० अजय कुमार तिवारी ने संबोधित किया। उन्होंने मनो मया कोश पर अपनी बातें रखी इस दौरान उन्होंने मनो मया कोश में मन की अवधारणा पर भारतीय दर्शन और चिंतकों के विचारों से अवगत कराने का कार्य किया।

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होटल मैनेजमेंट कोर्स डिटेल्स और जॉब ऑप्शन्स की पूरी जानकारी

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होटल मैनेजमेंट कौन कर सकता है?

होटल मैनेजमेंट Bachelor of Hotel Management (BHM) कोई भी कर सकता है जिसे इस क्षेत्र में रुचि हो और जो मेहमानों के साथ अच्छे से पेश आ सके। आमतौर पर जो लोग निम्न योग्यताएँ रखते हैं, वे होटल मैनेजमेंट में करियर बना सकते हैं:

12वीं पास: कई संस्थान 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश देते हैं।

कम्युनिकेशन स्किल्स: अच्छे संवाद कौशल इस क्षेत्र में बहुत काम आते हैं क्यूंकि आपको हर समय विभिन्न प्रकार केअतिथियों से मिलना पड़ेगा और उन्हें सर्विसेज प्रोवाइड करना पड़ेगा।

पर्सनैलिटी और टीमवर्क: एक आकर्षक व्यक्तित्व और टीम में काम करने की योग्यता जरूरी होती है।

प्रशिक्षण या डिग्री: होटल मैनेजमेंट की डिप्लोमा या डिग्री (जैसे BHM या B.Sc. in Hospitality) आपके करियर को बेहतर शुरुआत दे सकती है।

अगर आप लोगों से मिलना-जुलना पसंद करते हैं, अलग-अलग संस्कृतियों को समझना चाहते हैं, और प्रोफेशनल माहौल में काम करने की इच्छा रखते हैं, तो होटल मैनेजमेंट एक शानदार विकल्प हो सकता है।

होटल मैनेजमेंट कोर्स के बाद भारत से बाहर कौन से जॉब ऑप्शन मिलेंगे ?

हाँ, बिल्कुल! होटल मैनेजमेंट कोर्स के बाद आप भारत से बाहर भी नौकरी पा सकते हैं। यह इंडस्ट्री ग्लोबल है, और बड़े होटलों, Resorts, एयरलाइंस और क्रूज़ कंपनियों में हमेशा कुशल प्रोफेशनल्स की मांग रहती है।

विदेश में होटल मैनेजमेंट की नौकरी पाने के तरीके:
इंटरनेशनल होटल्स में इंटरर्नशिप – कई होटल मैनेजमेंट कॉलेज इंटरनेशनल प्लेसमेंट ऑफर करते हैं।

ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में आवेदन – जैसे Marriott, Hilton, Hyatt, Accor आदि।

स्टूडेंट वीज़ा से आगे बढ़ना – विदेश में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करके वहीं नौकरी ढूंढना।

क्रूज़ शिप जॉब्स – होटल से जुड़े काम समुद्री यात्रा करने वाले क्रूज़ पर भी मिल सकते हैं।

वर्क वीज़ा या स्किल्ड माइग्रेशन – कुछ देशों (जैसे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, UAE) में हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स के लिए वर्क वीज़ा के आसान अवसर होते हैं।

कौन-कौन से देश अच्छे ऑप्शन हैं?

दुबई और UAE – हॉस्पिटैलिटी सेक्टर बहुत बड़ा है, टैक्स-फ्री इनकम भी मिलती है।

सिंगापुर – एशिया में होटल और टूरिज्म का हब।

कनाडा और ऑस्ट्रेलिया – वर्क वीज़ा और PR के बेहतरीन अवसर।

यूरोप (जर्मनी, फ्रांस, UK) – हाई-एंड होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री।

USA – इंटरनेशनल चेन और लग्ज़री होटलों के लिए बढ़िया अवसर।

होटल इंडस्ट्री और ट्रेवल इंडस्ट्री में कौन से जॉब्स मिलते हैं

होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री दोनों में करियर की कई बेहतरीन संभावनाएँ होती हैं। ये दोनों क्षेत्र सेवा, प्रबंधन और यात्रा से जुड़े हुए हैं, और यहाँ विभिन्न प्रकार की नौकरियाँ उपलब्ध होती हैं। आइए दोनों इंडस्ट्री में मिलने वाली कुछ प्रमुख नौकरियों पर एक नज़र डालते हैं:

होटल इंडस्ट्री की नौकरियाँ:

फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव – रिसेप्शन, चेक-इन/चेक-आउट और गेस्ट सेवा।

हाउसकीपिंग सुपरवाइज़र – कमरे और सफाई की गुणवत्ता की देखरेख।

फूड एंड बेवरेज मैनेजर – रेस्तरां और बार का संचालन।

शेफ / किचन स्टाफ – खाना बनाना, किचन मैनेजमेंट।

बैनक्वेट मैनेजर – इवेंट्स और समारोहों की योजना बनाना।

सेल्स और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव – होटल प्रचार और बुकिंग बढ़ाना।

ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर – स्टाफ चयन और प्रशिक्षण।

अकाउंट्स और फाइनेंस ऑफिसर – बजट और खर्चों का प्रबंधन।

ट्रैवल इंडस्ट्री की नौकरियाँ:

ट्रैवल एजेंट / कंसल्टेंट – यात्राओं की योजना, टिकट बुकिंग, पैकेज डील्स।

टूर गाइड – यात्रियों को विभिन्न स्थानों की जानकारी देना और भ्रमण कराना।

एयरलाइन स्टाफ (जैसे केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ) – हवाई सफर को सुखद बनाना।

विज़ा और ट्रैवल डॉक्युमेंट विशेषज्ञ – वीज़ा, पासपोर्ट आदि से संबंधित सहायता।

इवेंट एंड ट्रैवल कोऑर्डिनेटर – कॉर्पोरेट या ग्रुप ट्रैवल का आयोजन।

हॉस्पिटैलिटी मैनेजर इन टूरिज्म रिसॉर्ट्स – रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स का प्रबंधन।

क्रूज़ लाइन स्टाफ – जहाजों पर सेवा और संचालन।

 

होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री में सैलरी आपकी पद, अनुभव, और कंपनी के स्तर पर निर्भर करती है। 

होटल इंडस्ट्री में सैलरी:

अनुभव स्तर अनुमानित मासिक सैलरी
फ्रेशर (0–2 साल) ₹15,000 – ₹30,000
मिड-लेवल (3–6 साल) ₹30,000 – ₹60,000
सीनियर लेवल (7+ साल) ₹70,000 – ₹1,50,000+
टॉप पोजिशन (जैसे जनरल मैनेजर) ₹2,00,000+ प्रति माह

ट्रैवल इंडस्ट्री में सैलरी:

पद अनुमानित मासिक सैलरी
ट्रैवल एजेंट / कंसल्टेंट ₹20,000 – ₹40,000
टूर गाइड ₹15,000 – ₹35,000 (सीज़न पर निर्भर)
एयरलाइन ग्राउंड स्टाफ ₹25,000 – ₹50,000
केबिन क्रू ₹40,000 – ₹1,00,000+
क्रूज़ लाइन स्टाफ ₹30,000 – ₹80,000

इन क्षेत्रों में इंटरनेशनल होटल्स या एयरलाइंस में काम करने पर सैलरी और भी ज़्यादा हो सकती है। साथ ही, टिप्स, बोनस और अन्य भत्ते भी आमतौर पर मिलते हैं।

रांची में होटल मैनेजमेंट फ्रेशर्स के लिए कई जॉब ऑप्शन्स उपलब्ध हैं। यहाँ कुछ प्रमुख भूमिकाएँ हैं जिनमें आप शुरुआत कर सकते हैं:

होटल इंडस्ट्री में फ्रेशर्स के लिए नौकरियाँ:

फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव – रिसेप्शन और गेस्ट हैंडलिंग।

हाउसकीपिंग स्टाफ – होटल के कमरों और सफाई की देखरेख।

फूड एंड बेवरेज सर्विस – वेटर, स्टूवर्ड, और रेस्तरां संचालन।

किचन हेल्पर / कमिस शेफ – शेफ की सहायता और फूड प्रोडक्शन।

रेस्टोरेंट कैप्टन – टेबल सर्विस और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना।

सेल्स और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव – होटल प्रचार और बुकिंग बढ़ाना।

Jharkhand Rai University, Bachelor in Hotel Management course details in Hindi

Jharkhand Rai University, Ranchi में Bachelor in Hotel Management (BHM) कोर्स उपलब्ध है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो हॉस्पिटैलिटी और होटल इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहते हैं।

कोर्स की जानकारी:
अवधि: 3 साल

योग्यता: 10+2 किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से

इंटेक: 60 सीटें

Jharkhand Rai University होटल मैनेजमेंट फीस 

मुख्य विषय: होटल ऑपरेशन्स, हॉस्पिटैलिटी लॉ, फूड एंड बेवरेज मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट

करियर ऑप्शन्स: फ्रंट ऑफिस मैनेजर, ऑपरेशन्स मैनेजर, शेफ, ट्रैवल कंसल्टेंट, इवेंट कोऑर्डिनेटर

प्लेसमेंट और करियर संभावनाएँ:

Jharkhand Rai University होटल मैनेजमेंट के छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करता है। यहाँ से पास आउट छात्र होटल, resots, एयरलाइंस, और ट्रैवल कंपनियों में नौकरी पा सकते हैं।

होटल मैनेजमेंट में क्या पढ़ाया जाता है?

होटल मैनेजमेंट में पढ़ाई का दायरा बहुत व्यापक होता है, ताकि एक छात्र होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के हर पहलू को समझ सके। यहाँ कुछ प्रमुख विषय दिए गए हैं जो आमतौर पर होटल मैनेजमेंट कोर्स के दौरान पढ़ाए जाते हैं:

फूड प्रोडक्शन – खाना बनाने की तकनीकें, किचन मैनेजमेंट, और अंतरराष्ट्रीय व्यंजन।

फूड एंड बेवरेज सर्विस – ग्राहक सेवा, टेबल सेटिंग, और रेस्तरां संचालन।

हाउसकीपिंग – सफाई व्यवस्था, लॉन्ड्री संचालन, और रूम सजावट।

फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन – रिसेप्शन, चेक-इन/चेक-आउट प्रक्रिया, और गेस्ट हैंडलिंग।

होटल अकाउंटिंग और फाइनेंस – बजट बनाना, लागत नियंत्रण, और बुक कीपिंग।

ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट – स्टाफ चयन, ट्रेनिंग, और कर्मचारियों का प्रबंधन।

मार्केटिंग और सेल्स – होटल का प्रचार, पैकेज डील्स, और ग्राहक को आकर्षित करने की रणनीति।

हॉस्पिटैलिटी लॉ और एथिक्स – होटल से जुड़े कानूनी नियम और व्यावसायिक नैतिकता।

कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनालिटी डेवलपमेंट – अच्छी सेवा देने के लिए ज़रूरी सामाजिक कौशल।

ये विषय थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों रूपों में सिखाए जाते हैं ताकि छात्र वास्तविक दुनिया में आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।

 

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होटल मैनेजमेंट कोर्स करने का यही सही समय है। कैसे ? जानिए पूरी जानकारी

रांची होटल इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है

रांची कोर कैपिटल में टाटा समूह की ओर से विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले पांच सितारा ‘ताज होटल’ का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने द टाटा इंटरप्राइजेज की अनुषंगी इकाई ‘द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ को 6 एकड़ जमीन आवंटित की है। रांची स्मार्ट सिटी में बनने वाले इस होटल में लग्जरी सुविधाओं के साथ 200 कमरे, बैंक्वेट और कॉन्फ्रेंस हॉल सहित अन्य आवश्यक संरचनाएं होंगी।

इधर रेडिसन ग्रुप ने भी झारखंड में अपनी रूचि बढ़ाते हुए रेडिसन रांची के बाद धनबाद में मेहमानों के लिए रेडिसन इंडिविजुअल्स के सदस्य ग्रैंड मिराज धनबाद को खोला है। जल्द ही बाबा नगरी देवघर में भी रेडिसन अपना लग्जरी होटल खोलेगा। वहीं मैरियट इंटरनेशनल इंक ने घोषणा की है कि उसने झारखंड और पश्चिम बंगाल, भारत में पाँच नए होटल लाने के लिए बीके ग्रुप के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

झारखंड में 5 खुलने वाले 5 स्टार होटलों में से 3 होटल रांची में खुलेंगे। यह सभी होटल झारखंड आने वाले यात्रियों को विश्व स्तर की सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। हॉस्पिटैलिटी और होटल इंडस्ट्री का झारखंड में निवेश की रूचि स्पष्ट करती है की झारखंड और खासकर रांची के प्रति पर्यटकों का रुझान बढ़ा है।

आतिथ्य उद्योग भारत में एक विकासशील और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है, और इसका देश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के स्तर पर एक शक्तिशाली सकारात्मक प्रभाव है। अपनी संस्कृति, विरासत और प्राकृतिक परिदृश्य की विविधता के लिए प्रसिद्ध, भारत हर साल लाखों भारतीय और विदेशी यात्रियों को आकर्षित करता है, जिससे होटल आतिथ्य सेवाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाते हैं।

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भारत में आतिथ्य उद्योग का बाजार 2029 तक 31.01 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारतीय होटल उद्योग तेजी से विकास की कगार पर है, अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 में राजस्व में 7-9% की वृद्धि होगी।

भारतीय होटल बाजार पर्याप्त विकास संभावनाओं की पहचान कर रहा है, जिसका लक्ष्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को व्यापक बनाना और प्रसिद्ध ब्रांडों में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना है। यह विस्तार मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन, देश भर में बेहतर हवाई यात्रा कनेक्टिविटी और घरेलू अवकाश यात्रा के लिए बढ़ती प्राथमिकता से प्रेरित है।

झारखंड में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही होटल उद्योग के विकास में मांग भी बढ़ रही है। झारखण्ड पूर्वी भारत का एक लोकप्रिय ट्रेवल डेस्टिनेशन है और इस तरह होटल प्रबंधन का दायरा पहले की तुलना में छात्रों के लिए अधिक स्पष्ट और अधिक फायदेमंद हो गया है। विकास का यह क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा।

होटल मैनेजमेंट क्या है ?

जैसे-जैसे होटल उद्योग लगातार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे होटल प्रबंधन पेशेवरों की भी आवश्यकता बढ़ रही है। भारत में हर साल पर्यटन बढ़ने के साथ, पेशेवरों की मांग बढ़ना तय है, जिससे इस कोर्स को करने वाले छात्रों को प्रसिद्ध कंपनियों में प्लेसमेंट का एक बड़ा मौका मिलेगा। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में जाने का इच्छुक व्यक्ति होटल मैनेजमेंट को स्नातक डिग्री के रूप में चुन सकता है। इस फील्ड में ग्लैमर और लग्जरी के कारण, हर साल अधिक से अधिक छात्र इस नौकरी की ओर आकर्षित होते हैं।

बैचलर इन होटल मैनेजमेंट कोर्स कैसे करें ?

होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम आपको होटल या हॉस्पिटैलिटी सर्विस के विभिन्न पहलुओं जैसे सेल्स एंड मार्केटिंग, फूड एंड बेवरेज, फ्रंट ऑफिस, अकाउंटिंग, फूड प्रोडक्शन, हाउसकीपिंग और कई किचन स्किल को कवर करने में मदद करेगा। भारत में कई सरकारी और निजी कॉलेज होटल मैनेजमेंट में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स कराते हैं, जो बहुत सारे छात्रों के लिए एक आकर्षक और रोमांचक पाठ्यक्रम बन गया है। होटल मैनेजमेंट के डिग्री या डिप्लोमा कोर्स को चुनने के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान से कक्षा 10+2 उत्तीर्ण है। होटल प्रबंधन के किसी भी विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए आप 12 वीं कक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

12वीं के बाद बैचलर इन होटल मैनेजमेंट क्यों करें ?

दुनियाभर में होटल मैनेजमेंट इंडस्ट्री का तेजी से विकास हो रहा है। जिस गति से इस क्षेत्र में विकास हो रहा है उसी गति से योग्य एवं पेशेवरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के मामले में उछाल देखने को मिला है जो आगे भी जारी रहने वाला है। अगर आप भी 12वीं के बाद कोई ऐसा प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं, जिसको करने के बाद आपको तुरंत ही बेहतर रोजगार के मौके उपलब्ध हों, तो ऐसे में आप होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। इनमें बैचलर ऑफ़ होटल मैनेजमेंट (BHM) सबसे लोकप्रिय कोर्स है।

बैचलर ऑफ़ होटल मैनेजमेंट (BHM) एक चार साल का स्नातक कोर्स है। यह कोर्स होटल प्रबंधन के कई क्षेत्रों में जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें लॉजिंग ऑपरेशन, पेय पदार्थ तैयार करना, कॉर्पोरेट वित्त, और फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन जैसे विषय शामिल हैं। इस कोर्स के ज़रिए छात्रों को आतिथ्य और पर्यटन के सभी पहलुओं में जानकारी मिलती है।

BHM के बाद रोजगार के अवसर :

बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट की डिग्री के बाद, आतिथ्य उद्योग में अनेक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। आप होटल मैनेजर, फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, रेस्टोरेंट मैनेजर, इवेंट मैनेजर, या शेफ के रूप में काम कर सकते हैं. इसके अलावा, आप फूड और बेवरेज मैनेजमेंट, हाउसकीपिंग, या बिक्री और विपणन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं।

होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आपको संभावित तौर पर नियुक्ति मिलती है :

  • मेनेजर ऑफ़ होटल
  • किचेन मेनेजर
  • इवेंट मेनेजर
  • फ्रंट ऑफिस मेनेजर
  • बैंक्वेट मेनेजर
  • शेफ
  • डायरेक्टर ऑफ़ होटल ऑपरेशन
  • फ्लोर सुपरवाइजर
  • हाउस कीपिंग मेनेजर
  • गेस्ट सर्विस

होटल मैनेजमेंट एक प्रोफेशनल कोर्स है। इस कोर्स के अपने कुछ नियम हैं और कोर्स के लिए अलग-अलग प्रकार की योग्यताएं भी मांगी जाती है। बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट एक ऐसा कोर्स है, जो कुल 4 साल का होता है और यह अंडर ग्रेजुएट कोर्स की श्रेणी में आता है अर्थात 12वीं पास व्यक्ति इस कोर्स में एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

यह कोर्स टोटल 8 सेमेस्टर में विभाजित होता है और इसमें हर सेमेस्टर में विद्यार्थियों को थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल सब्जेक्ट की स्टडी करवाई जाती है। नीचे हमने आपको उन सब्जेक्ट के नाम दिए हैं, जो होटल मैनेजमेंट के बैचलर प्रोग्राम में आपको पढाए जाते हैं।

होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में एंट्री करने के लिए आपके अंदर कुछ आवश्यक कौशल भी होने चाहिए, जो नीचे बताए गए हैं :

  • अच्छी बातचीत की कला।
  • अच्छी पर्सनालिटी।
  • क्रिएटिव होना चाहिए।
  • ग्राहक का सम्मान करना आना चाहिए‌।
  • अनुशासन में रहना चाहिए।
  • अच्छा श्रोता वाला होना चाहिए।
  • भरपूर आत्मविश्वास होना चाहिए।
  • समय का पाबंद होना चाहिए।
  • जिम्मेदारी लेने वाला होना चाहिए।
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होटल मैनेजमेंट कोर्स से सम्बंधित हर जानकारी – सब्जेक्ट्स, जॉब्स, सैलरी

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Hotel Management course करने के फायदे, BHM क्या होता है, BHM विषय, करियर, सैलरी और बेस्ट स्पेशलाइजेशन

BHM का फुल फॉर्म क्या है ?

BHM का full form “Bachelor of Hotel Management” होता है। यह एक ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है, जिसमें होटल प्रबंधन, मार्केटिंग, हाउसकीपिंग, खानपान और अन्य संबंधित विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। अगर आप होटल इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए है।

होटल मैनेजमेंट कोर्स किसको करना चाहिए ?

BHM (Bachelor of Hotel Management) उन लोगों के लिए एक बेहतरीन कोर्स है जो होटल इंडस्ट्री, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म में करियर बनाना चाहते हैं।

अगर आपको खानपान, प्रबंधन, ग्राहक सेवा, इवेंट मैनेजमेंट जैसी चीजों में रुचि है और आप एक डायनामिक और इंटरैक्टिव करियर चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए सही हो सकता है।

इस कोर्स को करने के लिए आपको 12वीं पास होना जरूरी है, और कुछ कॉलेजों में एंट्रेंस एग्जाम भी देना पड़ता है। अगर आप कम्युनिकेशन स्किल्स, टीमवर्क, प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसी क्षमताओं को विकसित करना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपको एक शानदार करियर की ओर ले जा सकता है।

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होटल मैनेजमेंट कोर्स कितने साल का होता है?

BHM (Bachelor of Hotel Management) कोर्स की अवधि आमतौर पर 3 से 4 साल होती है। अधिकांश कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह 3 साल का होता है, लेकिन कुछ संस्थानों में 4 साल का भी हो सकता है।

होटल मैनेजमेंट में कौन से सब्जेक्ट्स पढ़ाये जाते हैं ?

BHM (Bachelor of Hotel Management) में कई विषय शामिल होते हैं, जो छात्रों को होटल इंडस्ट्री, हॉस्पिटैलिटी और प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक स्किल्स सिखाते हैं।

आमतौर पर इस कोर्स में निम्नलिखित विषय पढ़ाए जाते हैं:

– फूड प्रोडक्शन (Food Production)
– फूड एंड बेवरेज सर्विस (Food & Beverage Service)
– हाउसकीपिंग ऑपरेशन्स (Housekeeping Operations)
– फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट (Front Office Management)
– होटल अकाउंटिंग (Hotel Accounting)
– होटल लॉ (Hotel Law)
– मार्केटिंग एंड सेल्स (Marketing & Sales)
– इवेंट मैनेजमेंट (Event Management)
– ट्रैवल एंड टूरिज्म (Travel & Tourism)
– कम्युनिकेशन स्किल्स (Communication Skills)
– ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (Human Resource Management)
कुछ कॉलेजों में स्पेशलाइजेशन के विकल्प भी होते हैं, जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।

होटल मैनेजमेंट कोर्स के बाद भारत से बाहर कौन से जॉब ऑप्शन मिलेंगे ? यहाँ पढ़ें

Hotel Management course के बाद सैलरी की उम्मीद

– शुरुआती सैलरी: ₹2.5 लाख – ₹5 लाख प्रति वर्ष
– अनुभवी पेशेवरों के लिए: ₹15 लाख – ₹25 लाख प्रति वर्ष तक
– होटल मैनेजर सैलरी: ₹3.75 लाख से शुरू
– हाउसकीपिंग सुपरवाइजर सैलरी: ₹3 लाख प्रति वर्ष
अगर आप Taj, Marriott, Hyatt, Oberoi, ITC, Lemon Tree, Leela Group जैसे टॉप होटल चेन में नौकरी पाते हैं, तो सैलरी और भी आकर्षक हो सकती है।

Hotel Management Course Ranchi एडमिशन प्रोसेस या बेस्ट कॉलेज के बारे में जानने के लिए कॉल करें  –  1800 120 2546 (Toll Free),   7033095920

बी एच म में कौन से specialisation होते हैं ?

हाँ, BHM (Bachelor of Hotel Management) में कई स्पेशलाइजेशन विकल्प होते हैं, जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।

कुछ लोकप्रिय BHM स्पेशलाइजेशन विकल्प इस प्रकार हैं:

– फूड प्रोडक्शन एंड क्यूलिनरी आर्ट्स – खाना बनाने की कला और किचन मैनेजमेंट पर केंद्रित।
– होटल ऑपरेशन्स – होटल प्रबंधन, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग और गेस्ट सर्विसेज पर ध्यान।
– इवेंट मैनेजमेंट – बड़े आयोजनों, कॉन्फ्रेंस और शादी समारोहों की योजना और संचालन।
– ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट – पर्यटन उद्योग और ट्रैवल प्लानिंग से जुड़ी विशेषज्ञता।
– फूड एंड बेवरेज सर्विस – रेस्तरां और बार मैनेजमेंट, सर्विस टेक्निक्स और ग्राहक अनुभव।
– हॉस्पिटैलिटी मार्केटिंग – होटल और हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स की मार्केटिंग और प्रमोशन।

कुछ कॉलेजों में इंटर्नशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी दिया जाता है, जिससे छात्रों को वास्तविक अनुभव मिलता है।

Hotel Management course के बाद कौन से जॉब्स मिलते हैं ?

BHM करने के बाद कई शानदार करियर विकल्प उपलब्ध होते हैं। कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल इस प्रकार हैं:
– होटल मैनेजर – होटल के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी।
– फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव – गेस्ट मैनेजमेंट और रिसेप्शन से जुड़ा कार्य।
– फूड एंड बेवरेज मैनेजर – रेस्तरां और बार संचालन का प्रबंधन।
– हाउसकीपिंग सुपरवाइजर – होटल के सफाई और रखरखाव की देखरेख।
– इवेंट मैनेजर – शादी, कॉन्फ्रेंस और अन्य आयोजनों की योजना।
– क्रूज लाइन स्टाफ – इंटरनेशनल क्रूज पर हॉस्पिटैलिटी सेवाएं।
– ट्रैवल एंड टूरिज्म कंसल्टेंट – यात्रा और पर्यटन उद्योग में करियर।
– रेस्तरां मैनेजर – फूड सर्विस और रेस्तरां संचालन का प्रबंधन।
– कैटरिंग मैनेजर – बड़े आयोजनों के लिए खानपान सेवाओं की देखरेख।
– होटल अकाउंटेंट – होटल के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा कार्य।

Hotel Management करने के बाद कितनी सैलरी मिलती हैं ?

Hotel Management करने के बाद आपकी सैलरी कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि कॉलेज, अनुभव, जॉब प्रोफाइल और लोकेशन। आमतौर पर, शुरुआती सैलरी ₹2.5 लाख से ₹5 लाख प्रति वर्ष हो सकती है।
अगर आप किसी फाइव-स्टार होटल, इंटरनेशनल चेन या क्रूज लाइन में काम करते हैं, तो सैलरी और भी ज्यादा हो सकती है।

अनुभव बढ़ने के साथ मैनेजर या सीनियर पोजीशन पर सैलरी ₹8 लाख से ₹15 लाख प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है।

Facilitated ceremony for 12th students

झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में सम्मान समारोह का आयोजन

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची में गुरुवार को 12 वीं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में संत जॉन इंटर कॉलेज के 94 विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया।

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कार्यक्रम का स्वागत भाषण करते हुए झारखंड राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) पीयूष रंजन ने 12 वीं की परीक्षा में बेहतर अंक लाने वाले विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा की प्रतिभा सम्मान का यह कार्यक्रम आपके मेहनत , लगन और परिश्रम का परिणाम है। अपने 12 वीं की परीक्षा में जो अंक प्राप्त किया है वह सिर्फ एक आस्पेक्ट है। तीन घंटे की परीक्षा में आपके ज्ञान और कौशल का मूल्यांकन संभव नहीं है। मार्क्स के साथ जीवन में और भी बहुत सारी आवश्यक चीजें शामिल है। झारखंड राय विश्वविद्यालय में हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास पर जोर देते हैं। चरित्र निर्माण एवं देश के जिम्मेदार नागरिक बनाने पर हमारा जोर रहता है।

कुलपति प्रो ० पीयूष रंजन ने विद्यार्थियों से कहा की अब तक अपने जीवन में जो भी सफलता प्राप्त की है वह सामूहिक प्रयास का नतीजा है इस सफलता में आपके माता -पिता एवं शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जो हमेशा आपके पीछे खड़े रहते हैं आपको सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब आप सब की विद्यालय शिक्षा का अंत हो रहा है और अब आपको नयी यात्रा के लिए खुद को तैयार करना है। आप उच्च शिक्षा के लिए किसी भी संकाय का चुनाव करें हरेक विषय में अवसर है। किस विषय का चुनाव करना है यह आपकी रुचि पर निर्भर करता है।उन्होंने कहा की मैं विद्यार्थियों से हमेशा कहता हूँ की ऑलवेज ड्रीम बिग लेकिन सपना नींद में नहीं बल्कि सपना ऐसा हो जो हमें सोने न दे। आने वाले समय में आप जो भी करना चाहते हैं उसके लिए लगन , मेहनत और दृढ़ इक्षा तो जरुरी है ही लेकिन जरुरी या भी है की अच्छा इंसान बने।

झारखंड राय विश्वविद्यालय की डीन (कॉमर्स एवं मैनेजमेंट संकाय ) प्रो ० (डॉ०) हरमीत कौर ने अपने सम्बोधन के दौरान कहा की 12 वीं के बाद विद्यार्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह होता है की इसके बाद अब क्या करें ? उन्होंने वाणिज्य विषय में कैरियर बनाने की इक्षा रखने वाले छात्र छात्राओं को इसके बारे में विस्तार पूर्वक बतलाया। उन्होंने कहा की आज के दौर में कॉमर्स का मतलब केवल अकॉउंटेन्सी की पढ़ाई नहीं रह गयी है। आज इसका दायरा बहुत बढ़ चूका है। उन्होंने विद्यार्थियों को ट्रेडीसनल कॉमर्स की जगह मॉडर्न सिलेबस के साथ बीकॉम की पढ़ाई करने की सलाह दी।

झारखंड राय विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो० सब्यसाची चक्रवर्ती ने समारोह में उपस्तिथ विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा करते हुए कहा की झारखंड में अब उच्च शिक्षा की पढाई का दायरा बढ़ा है। विद्यार्थियों को पहले कई चुनिंदा कोर्स की पढाई करने के लिए रांची से बाहर जाना पड़ता था लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बदलाव दिख रहा है। प्रो ० चक्रवर्ती ने उन्हें माईनिंग इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट और फार्मसी जैसे कोर्स के भविष्य के अवसरों से अवगत करते हुए कहा की आने वाले समय में इनमें जॉब के अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित संत जॉन इंटर कॉलेज के शिक्षक मो ० तहसीन आलम ने इस प्रकार के आयोजन पर विश्वविद्यालय का धन्यवाद जताते हुए कहा की सम्मान समारोह विद्यार्थियों में उत्साह और प्रेरणा जगाने का कार्य करता है। इस प्रकार के आयोजन के जरिये बच्चों के अंदर कुछ बेहतर करने की भावना जन्म लेती है। कार्यक्रम में झारखंड राय विश्वविद्यालय के डीन प्रो ० डॉ ० सुमित कुमार पांडेय भी उपस्थित थे।

bsc in radiology - JRU Blog

BSC रेडियो लॉजी कोर्स करने के 4 फ़ायदे आप नहीं जानते होंगे। कोर्स की पूरी जानकारी यहाँ मिलेगी

बीएससी रेडियोलॉजी एक 3 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम है जो मेडिकल इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके रोगों के निदान और उपचार पर केंद्रित है। यह छात्रों को रेडियोग्राफी के क्षेत्र का एक विशेष ज्ञान प्रदान करता है जो शरीर के आंतरिक अंगों की छवियों को बनाने और फिर आंतरिक शरीर के अंगों में पाई जाने वाली बीमारियों के उपचार पर काम करता है। रेडियोग्राफी के क्षेत्र में व्यापक अवसरों और एक अच्छी तरह से सुसज्जित करियर की संभावना है।

B.Sc Radiology Program Strip

बैचलर ऑफ साइंस या बीएससी रेडियोग्राफी 3 साल की अवधि वाला कोर्स है और पूरे पाठ्यक्रम में लगभग 6 सेमेस्टर है। रेडियोग्राफी एक पैरामेडिकल क्षेत्र है जो शरीर के आंतरिक भागों से संबंधित रोगों के उपचार से संबंधित है। आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान ( जीव विज्ञान ) विषयों के साथ 10+2 न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण की है तो यह कोर्स आपके लिए है।

BSC रेडियोलॉजी कोर्स के 4 फायदे :

रेडियोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (MRI), कंप्यूटेड टोमोग्राफी, पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी आदि जैसी तकनीकों की मदद से रोगों की पहचान और इलाज की साइंस है। इस क्षेत्र को अध्ययन के दो क्षेत्रों में विभाजित किया गया है – डायग्नोसिस रेडियोलॉजी और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी। सबसे पहले एक्स-रे का उपयोग रोगियों की चोटों की पहचान या इलाज के लिए किया जाता है, जबकि बाद में, रोगों के निदान और उपचार के लिए अल्ट्रासाउंड, MRI, सीटी स्कैन आदि जैसी न्यूनतम-इनवेसिव प्रक्रिया की जाती हैं। BSC रेडियोलॉजी कोर्स एक साथ 4 क्षेत्रों में दक्षता दिलाता है। तीन वर्षों का पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को X रे , MRI, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए तैयार करने में सफल है।

बीएससी रेडियोलॉजी कोर्स को चुनने के कई कारण हैं, खासकर आज के तेजी से बदलते चिकित्सा क्षेत्र में। यहाँ कुछ प्रमुख बिंदु दिए गए हैं:

  1. बढ़ती मांग और बेहतरीन करियर के अवसर: मेडिकल इमेजिंग का महत्व: आधुनिक चिकित्सा में निदान और उपचार के लिए मेडिकल इमेजिंग (जैसे एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड) का महत्व लगातार बढ़ रहा है। रोगों का सही और समय पर निदान करने में रेडियोलॉजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  2. रोजगार की स्थिरता: जैसे-जैसे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का विस्तार हो रहा है, कुशल रेडियोग्राफरों और रेडियोलॉजी तकनीशियनों की मांग भी बढ़ रही है। अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिक और अनुसंधान संस्थान सभी को इन पेशेवरों की आवश्यकता होती है, जिससे इस क्षेत्र में अच्छी नौकरी की सुरक्षा मिलती है।
  3. विविध करियर विकल्प: आप रेडियोग्राफर, सीटी स्कैन तकनीशियन, एमआरआई तकनीशियन, अल्ट्रासाउंड तकनीशियन, रेडिएशन थेरेपिस्ट, या यहां तक कि रेडियोलॉजी शिक्षक के रूप में काम कर सकते हैं। विशेषज्ञता के कई अवसर भी उपलब्ध हैं।
  4. तकनीकी और व्यावहारिक कौशल का विकास: अत्याधुनिक तकनीक के साथ काम: यह कोर्स आपको एक्स-रे मशीनों, सीटी स्कैनर, एमआरआई मशीनों, और अल्ट्रासाउंड उपकरणों जैसी अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीकों को संचालित करने का कौशल सिखाता है। आप इन तकनीकों के पीछे के सिद्धांतों और उनके अनुप्रयोगों को समझते हैं।
  5. हाथों से काम करने का अनुभव: पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) शामिल होता है, जिसमें आपको वास्तविक नैदानिक परिस्थितियों में मरीजों के साथ काम करने और इमेजिंग प्रक्रियाओं को अंजाम देने का अनुभव मिलता है।
  6. चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान: रोगों के निदान में सहायक: रेडियोग्राफर सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करते हैं। उनके द्वारा ली गई उच्च-गुणवत्ता वाली छवियां डॉक्टरों को सही निदान तक पहुंचने और प्रभावी उपचार योजना बनाने में महत्वपूर्ण होती हैं।
  7. जीवन बचाने में भूमिका: कई गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर का शीघ्र निदान रेडियोलॉजी के बिना संभव नहीं है। इस तरह, रेडियोग्राफर और रेडियोलॉजी तकनीशियन जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  8. काम और जीवन का संतुलन: अन्य मेडिकल प्रोफेशन की तुलना में, रेडियोलॉजी तकनीशियनों के काम के घंटे अक्सर अधिक नियमित होते हैं, जिससे काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाना संभव होता है। हालांकि, यह कार्यस्थल पर निर्भर करता है।
  9. अच्छा वेतन और विकास के अवसर: इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन अच्छा होता है और अनुभव, विशेषज्ञता और कार्यस्थल के आधार पर इसमें काफी वृद्धि हो सकती है। मास्टर डिग्री करने के बाद आप और भी उच्च पदों और बेहतर वेतन के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
  10. निरंतर सीखने और नवाचार का क्षेत्र: रेडियोलॉजी का क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, नई तकनीक और प्रक्रियाएं नियमित रूप से सामने आ रही हैं। यह उन लोगों के लिए एक रोमांचक क्षेत्र है जो निरंतर सीखना और नवीनतम चिकित्सा नवाचारों के साथ काम करना पसंद करते हैं।

संक्षेप में, यदि आप विज्ञान में रुचि रखते हैं, विशेष रूप से मानव शरीर और बीमारियों के निदान में, और चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और स्थिर करियर बनाना चाहते हैं जो तकनीकी रूप से उन्नत हो और अच्छा वेतन प्रदान करता हो, तो बीएससी रेडियोलॉजी एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है।

bcom kya hota hai

B.Com क्या होता है? बीकॉम कोर्स से जुडी हर जानकारी

B.Com क्या होता है?

B.Com का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ कॉमर्स (Bachelor of Commerce) है।
B.Com course की अवधि 3 साल होती है, जिसे 6 सेमेस्टर में बांटा गया है।
यह एक स्नातक (Undergraduate) डिग्री कोर्स है, जो वाणिज्य (Commerce), वित्त (Finance), लेखा (Accounting), और व्यवसाय (Business) के क्षेत्रों पर केंद्रित होता है।

B.Com के मुख्य विषय:

Accounting – पैसों का हिसाब-किताब और लेखा जोखा।

Economics – अर्थव्यवस्था और उसके सिद्धांत।

Business Law – व्यापार और कानून से जुड़े नियम।

Taxation – टैक्स की जानकारी और उसकी गणना।

Finance Management – पैसों और निवेश का प्रबंधन।

Marketing – उत्पादों और सेवाओं का प्रचार।

Statistics – डेटा का विश्लेषण।

Business Communication – व्यापार में संपर्क करने के तरीके।

बीकॉम कितने प्रकार के हैं ?

B.Com सामान्य (General):

इसमें सभी विषयों का सामान्य अध्ययन होता है।

B.Com ऑनर्स (Honours):

इसमें किसी एक विशेष विषय पर गहराई से अध्ययन किया जाता है, जैसे कि लेखा, वित्त या अर्थशास्त्र।

B.Com प्रोफेशनल (Professional):

इसे उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो साथ में CA, CS, CMA जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी करना चाहते हैं।

B.Com करने के बाद फ्रेशर्स को मिलने वाली नौकरियां:

लेखाकार सहायक (Accounts Assistant): कंपनियों में अकाउंट्स डिपार्टमेंट में असिस्टेंट के रूप में काम करना।

काम: डेटा एंट्री, बिलिंग, इनवॉइस तैयार करना।

औसत वेतन: ₹15,000 – ₹20,000 प्रति माह।

डेटा एंट्री ऑपरेटर (Data Entry Operator): वित्तीय डेटा को सिस्टम में एंटर करना।

एक्सेल, वर्ड और टैली की नॉलेज होना चाहिए।

औसत वेतन: ₹12,000 – ₹18,000 प्रति माह।

बैंक क्लर्क (Bank Clerk): सरकारी और निजी बैंकों में क्लर्क के रूप में काम करना।

काम: कैश हैंडलिंग, अकाउंट ओपनिंग, कस्टमर डीलिंग।

औसत वेतन: ₹20,000 – ₹25,000 प्रति माह।

बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव (Business Development Executive): कंपनी के लिए नए क्लाइंट्स और बिजनेस अपॉर्च्युनिटीज ढूंढना।

औसत वेतन: ₹18,000 – ₹25,000 + इंसेंटिव।

कर सहायक (Tax Assistant): टैक्स रिटर्न फाइल करना और टैक्स से संबंधित दस्तावेज तैयार करना।

औसत वेतन: ₹15,000 – ₹22,000 प्रति माह।

मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव (Marketing Executive): प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को प्रमोट करना।

औसत वेतन: ₹18,000 – ₹30,000 प्रति माह।

कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव (Call Center Executive): कस्टमर सपोर्ट और सर्विस से जुड़ा काम।

औसत वेतन: ₹12,000 – ₹20,000 प्रति माह।

सेल्स एग्जीक्यूटिव (Sales Executive): प्रोडक्ट या सर्विसेज की बिक्री करना।

औसत वेतन: ₹15,000 – ₹25,000 + इंसेंटिव।

टैली ऑपरेटर (Tally Operator): टैली में डेटा एंट्री और अकाउंटिंग का काम करना।

औसत वेतन: ₹12,000 – ₹18,000 प्रति माह।

फाइनेंस एग्जीक्यूटिव (Finance Executive): फाइनेंशियल डेटा एनालिसिस और रिपोर्ट बनाना।

औसत वेतन: ₹18,000 – ₹25,000 प्रति माह।

बीकॉम के बाद नौकरी के लिए क्या स्किल्स चाहिए ?

टैली और एमएस एक्सेल

संचार कौशल (Communication Skills)

बेसिक अकाउंटिंग नॉलेज

मार्केटिंग और सेल्स की समझ

डेटा विश्लेषण (Data Analysis)

 

ADIEU 2025 (1)

झारखंड राय विश्वविद्यालय में फेयरवेल पार्टी एडीआईइयू 2025 आयोजित

झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में शुक्रवार शाम फेयरवेल पार्टी एडीआईइयू 2025 का आयोजन किया गया। पास आउट विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस रंगारंग शाम का आयोजन कल्चरल क्लब ने किया । फेयरवेल पार्टी का उद्घाटन पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलित कर किया गया जिसमें झारखंड राय विश्वविद्यालय की चांसलर प्रो० (डॉ० ) सविता सेंगर, कुलसचिव प्रो० (डॉ०) पीयूष रंजन, डीन मैनेजमेंट डॉ० हरमीत कौर, डीन एक्सटर्नल रिलेशन प्रो० डॉ० अशफाक आलम , डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो० सब्यसाची चक्रवर्ती, डीन एकेडेमिक्स प्रो० (डॉ०) सुमित पांडे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की रंगारंग शुरुआत मंत्रोच्चार के बीच वेलकम डांस के साथ किया गया।

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फेयरवेल एडीआईइयू 2025 के दौरान मिमे एक्ट, कविता पाठ , वाद्ययंत्र के जरिये कॉलेज लाइफ को दर्शाने के अलावा झारखण्ड के पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य का भी प्रदर्शन छात्र छात्राओं के द्वारा किया गया। विद्यार्थियों के समूह प्रदर्शन कॉमेडी एक्ट के बाद कार्यक्रम की दूसरी सबसे मुख्य प्रस्तुति हुई जिसे डांस झारखण्ड ग्रुप के कलाकारों के द्वारा प्रदर्शित किया गया। मौके पर उपस्थित डांस झारखण्ड के सीईओ राम सिंह ने भी अपना स्पेशल परफॉर्मेंस दिया। विदाई समारोह को यादगार बनाने में जूनियर्स ने कोई कसर बाकी नहीं रखी। देर शाम तक चले इस आयोजन में छात्र छात्राओं ने कई यादगार परफॉर्मेंस दिए।

फेयरवेल के दौरान पास आउट होने वाले विभिन्न विभागों के चुनिंदा विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया जिन्होंने पढाई के दौरान अलग अलग गतिविधियों में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन विद्यार्थियों को कुलाधिपति प्रो० सविता सेंगर एवं कुलपति प्रो ० पीयूष रंजन ने मंच पर बुलाकर सम्मानित किया।
पुरस्कृत होने वाले विद्यार्थियों में बीपीटी की मुस्कान सेठी, डी फार्म के आर्यन कुमार, बी फार्म से हर्षित चंद्रा, बीसीए के संतोषी ओरांव , एमसीए के सरफराज अंसारी , बिटेक सीएससी ज्ञान कुमार लाल , डिप्लोमा माइनिंग नव राज सिंह , बीटेक माइनिंग के अविनाश कुमार, एलएलबी की प्रगति कुमारी, बीएससी एग्रीकल्चर के उत्सव कुमार, एमएससी एग्रीकल्चर की शालू कुमारी एम बी ए और बी बी ए के जुली टोप्पो और सानिया परवीन शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय का सबसे बढ़िया उपयोग करने के लिए दिया जाने वाला रंगनाथन अवार्ड बीटेक सीएसइ की छात्रा जीनत परवीन को दिया गया।

फेयरवेल पार्टी की देर शाम कार्यक्रम की सबसे अहम प्रस्तुति डीजे नितेश की रही जिन्होंने अपनी धुनों पर सभी स्टूडेंट्स को थिरकने को मजबूर कर दिया। हिंदी, भोजपुरी और रीमिक्स की बैक टू बैक धुन पर देर शाम तक कैंपस में स्टूडेंट्स ने मस्ती की।

Bachelor of Physiotherapy (BPT) Blog

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी डिग्री क्या है?

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची का पाठ्यक्रम) एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है जो छात्रों को योग्य फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए तैयार करता है। BPT उन आशाजनक, पुरस्कृत और संतोषजनक क्षेत्रों में से एक है, जिसे मेडिकल साइंस के छात्र अपनी कक्षा 12 के बाद अपना सकते हैं। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी 4 साल की स्नातक डिग्री है जो शारीरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए शरीर की हरकतों के विज्ञान से संबंधित है। इसमें उम्मीदवारों को विभिन्न मांसपेशियों की चोटों और ऐंठन का इलाज करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। झारखंड राय विश्वविद्यालय राँची में संचालित BPT पाठ्यक्रम को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाता है। छात्र शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, बायोमैकेनिक्स, व्यायाम चिकित्सा, पुनर्वास तकनीक और रोगी प्रबंधन के बारे में सीखते हैं।यह कार्यक्रम विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल, न्यूरोलॉजिकल और श्वसन स्थितियों के मूल्यांकन, निदान और उपचार पर जोर देता है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी कार्यक्रम के स्नातक अस्पतालों, क्लीनिकों, खेल संगठनों और अन्य स्वास्थ्य सेवा सेटिंग्स में काम करने के कौशल से लैस हैं, जहाँ वे व्यक्तियों को चोटों से उबरने, पुरानी स्थितियों का प्रबंधन करने और उनके समग्र शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

BPT STRIP

BPT पाठ्यक्रम से जुड़ी मुख्य बातें :

  • ज्ञान और समझ: छात्रों को शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, बायोमैकेनिक्स और मानव शरीर से संबंधित अन्य प्रासंगिक विज्ञानों की व्यापक समझ प्रदान करना।
  • नैदानिक कौशल: मस्कुलोस्केलेटल, न्यूरोलॉजिकल और श्वसन स्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए मूल्यांकन, निदान और उपचार तकनीकों में व्यावहारिक कौशल विकसित करना।
  • व्यावसायिकता: रोगियों, स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और अंतःविषय टीमों के साथ बातचीत करने के लिए व्यावसायिकता, नैतिक व्यवहार और प्रभावी संचार कौशल को बढ़ावा दें।
  • साक्ष्य-आधारित अभ्यास: सूचित निर्णय लेने और रोगियों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करने के लिए साक्ष्य-आधारित अभ्यास के उपयोग को बढ़ावा दें।
  • आलोचनात्मक सोच: रोगी की स्थिति का विश्लेषण करने, उपचार योजनाएं विकसित करने और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर हस्तक्षेप को अनुकूलित करने के लिए आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमताओं को विकसित करना।

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) कोर्स का उद्देश्य :
किसी भी डिग्री में जाने के लाभ और उद्देश्यों को जानना हमेशा अच्छा होता है। इसलिए आपके निर्णय को अधिक परेशानी मुक्त बनाने के लिए यहां कुछ प्राथमिक उद्देश्य दिए गए हैं।

  1. चिकित्सीय तौर-तरीकों की उचित तकनीक सिखाना
  2. हम रोगियों की विभिन्न शल्य चिकित्सा और चिकित्सा स्थितियों का आकलन कैसे करते हैं?
  3. रोगियों के शिक्षण, अनुसंधान और प्रबंधन में कौशल प्राप्त करना
  4. रोगियों को मार्गदर्शन करने का सही तरीका
  5. विभिन्न प्रकार के रोगियों को संभालने के लिए उचित दृष्टिकोण साझा करना
  6. फिजियोथेरेपी के नैतिक और नैतिक मूल्यों का अभ्यास करना।

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) का भविष्य:
BPT करने वाले उम्मीदवारों के पास व्यक्तिगत विकास और करियर के अवसरों की अपार संभावनाएं हैं। फिजियोथेरेपिस्ट स्वास्थ्य उद्योग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इन पेशेवरों की हर अस्पताल और स्वास्थ्य क्लिनिक में आवश्यकता होती है।उनका काम विकलांगता, बीमारी या चोट के मामले में रोगियों को उनके कार्य और शरीर की गति को बहाल करने में मदद करना है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी डिग्री धारकों के लिए नौकरी के बहुत सारे अवसर हैं। यहाँ कुछ कैरियर-केंद्रित चीजें हैं जिन्हें आप अपनी

डिग्री के बाद अपना सकते हैं:

  • स्नातक किसी भी पसंदीदा स्वास्थ्य और फिटनेस एजेंसी में शामिल हो सकते हैं
  • अपना निजी क्लिनिक चलाने पर भी विचार कर सकते हैं
  • आप अपने कर्मचारियों के कल्याण की देखभाल के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी आवेदन कर सकते हैं
  • स्कूल भी फिजियोथेरेपिस्ट को नियुक्त करते हैं; आप छात्रों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए स्कूलों में काम कर सकते हैं। आप उच्च अध्ययन के लिए भी जा सकते हैं।

BPT डिग्री के बाद करियर या नौकरी के अवसर :

स्पोर्ट्स फिजियो रिहैबिलिटेशन: क्रिकेट और सॉकर जैसे लोकप्रिय खेलों में फिजियोथेरेपिस्ट की हमेशा जरूरत होती है। स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट खेल और व्यायाम में भाग लेने से होने वाली चोटों और दर्द से राहत दिलाने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। खेल और व्यायाम फिजियोथेरेपिस्ट सभी उम्र के खिलाड़ियों की मदद करने और उनके प्रदर्शन को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।

ऑस्टियोपैथ: ऑस्टियोपैथ के पास लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक होते हैं जो जोड़ों में स्थिरता और कार्यक्षमता बहाल करते हैं। वे स्व-उपचार को बढ़ावा देते हैं और एक समग्र दृष्टिकोण का पालन करते हैं।यह एक और उच्च वेतन वाली नौकरी है जिसके लिए आप अपनी बीपीटी डिग्री के बाद आवेदन कर सकते हैं।

स्व-नियोजित निजी फिजियोथेरेपिस्ट: यदि आपको आदेशों का पालन करना पसंद नहीं है, तो BPT आपको अपना बॉस बनने की अनुमति देता है। एक बार जब आप फिजियोथेरेपी में स्नातक की डिग्री पूरी कर लेते हैं, तो आप एक स्वतंत्र स्व-नियोजित फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भी काम कर सकते हैं।इस करियर विकल्प के साथ, आप अपना निजी क्लिनिक स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा, आप खेल केंद्रों और जिम के साथ भी सहयोग कर सकते हैं।

एक्यूपंक्चर फिजियोथेरेपिस्ट: एक्यूपंक्चर फिजियोथेरेपिस्ट वे होते हैं जो अपने गैर-निर्णयात्मक स्वभाव का उपयोग अपने ग्राहकों का आसानी से इलाज करने के लिए करते हैं। साथ ही, वे एक्यूपंक्चर तकनीकों के माध्यम से शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया को बहाल करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, एक्यूपंक्चर फिजियोथेरेपिस्ट एक्यूपंक्चर फिजियोथेरेपी के विभिन्न प्रभावी उपचारों का उपयोग करके स्वास्थ्य रखरखाव और रोग प्रबंधन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है।

काइरोप्रैक्टर: काइरोप्रैक्टर मरीजों के इलाज के लिए पुनर्वास अभ्यास, शारीरिक जोड़-तोड़ और मालिश का उपयोग करता है। काइरोप्रैक्टर गैर-आक्रामक तकनीकों के माध्यम से आपके शरीर के मुक्त जोड़ों पर एक निश्चित स्तर का बल लगाता है। इसके अलावा, ये पेशे दर्द से राहत दिलाने और गतिशीलता बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार हैं। दूसरे शब्दों में, उनका काम अपने मरीजों को उनकी हरकत और स्वास्थ्य को ठीक करना है।

BPT कोर्स के लिए आवश्यक कौशल: फिजियोथेरेपी के स्नातक के लिए छात्रों को अच्छे नैदानिक ज्ञान की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, उन्हें रोगियों पर किए जाने वाले विभिन्न उपचार तकनीकों के पीछे के वैज्ञानिक तर्क को भी जानना चाहिए। उचित समझ के लिए, यहाँ कुछ महत्वपूर्ण कौशल दिए गए हैं जो BPT उम्मीदवारों से माँगता है:

  • प्रेरक लहजे में बात करने की क्षमता
  • भाषा की स्पष्टता
  • विभिन्न उपकरणों को बुद्धिमानी से संचालित करने का ज्ञान
  • मरीजों के प्रति सहानुभूति
  • प्रेरक और आश्वस्त करने वाला व्यक्तित्व
  • आत्मविश्वास
  • अच्छी प्रस्तुति कौशल

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी करने वाले उम्मीदवारों के पास व्यक्तिगत विकास और करियर के अवसरों की अपार संभावनाएं हैं। फिजियोथेरेपिस्ट स्वास्थ्य उद्योग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इन पेशेवरों की हर अस्पताल और स्वास्थ्य क्लिनिक में आवश्यकता होती है।उनका काम विकलांगता, बीमारी या चोट के मामले में रोगियों को उनके कार्य और शरीर की गति को बहाल करने में मदद करना है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी डिग्री धारकों के लिए नौकरी के बहुत सारे अवसर हैं।

Alumni Meet 25 (8)

झारखंड राय विश्वविद्यालय में एलुमनी मीट रेट्रोविले का आयोजन

झारखंड राय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एलुमनी मीट रेट्रोविले 2025 का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का आरंभ वैदिक मंत्रोचार के बीच गणेश वंदना के साथ किया गया । पूर्ववर्ती विद्यार्थियों के स्वागत के लिए कार्यक्रम स्थल को रंगोली से सजाया गया था । एलुमनी मीट में देश के कई शहरों में कार्यरत पूर्ववर्ती छात्र एवं छात्राएं शामिल हुई ।

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पूर्ववर्ती छात्रों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की चांसलर प्रो० (डॉ०) सविता सेंगर ने कहा कि “विश्वविद्यालय आपसे है पूर्ववर्ती छात्रों, वर्तमान और भविष्य में यहाँ

पढाई करने वाले विद्यार्थियों के द्वारा जब तक विश्वविद्यालय के कार्यों से अवगत करने का कार्य नहीं किया जायेगा तब तक सारे प्रयास निरर्थक हैं।

कुलाधिपति ने कहा की हमारी पहचान यह है की हम विद्यार्थियों को समुदाय निर्माण ,समाज निर्माण, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए कितना तैयार करते हैं। सामाजिक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण में आपका योगदान और प्रयास विश्वविद्यालय का मापदंड है । पढ़ाई पूरी करने के बाद कितनों को जॉब्स मिली , कितनों ने उच्च शिक्षा प्राप्त किया यह केवल एक आंकड़ा भर है लेकिन इसके बाद अपने राष्ट्र निर्माण में कितना योगदान किया। हमारी बातों में कितना गर्व का अनुभव किया इसलिए आवश्यक है विश्ववविद्यालय से निकलने के बाद भी आप कैसे हमारे साथ जुड़े रहें। प्रो० सेंगर ने कहा की सबकुछ बदल जायेगा लेकिन आपकी बायो डेटा में लिखा विश्वविद्यालय का नाम नहीं बदल सकता है । उन्होंने कहा की दुनिया के प्रसिद्द विश्वविद्यालयों की प्रसिद्धि के पीछे एलुमनी का सबसे बड़ा योगदान है भारत में भी यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है की कैसे पूर्ववर्ती विद्यार्थियों को संस्थान के साथ जोड़ा जाय और उनका अधिक से अधिक उपयोग संस्थान को आगे बढ़ाने में लिया जाय।

पूर्ववर्ती विद्यार्थियों के बीच विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय का इनोवेशन इनोवेशन कौंसिल को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पिछले चार वर्षों से स्टार रैंकिंग प्रदान कर रहा है। झारखंड राय विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जितने भी मापदंडों में से अधिकांश पर पहले दिन से कार्य प्रारंभ किया है। ऐकडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट के जरिये विश्वविद्यालय से जुड़े अब तक के सभी विद्यार्थियों का सर्टिफिकेट डिग्री डीजी लॉकर में है।
राष्ट्रीय शिक्षा निति के निर्देशों के अनुरूप शिक्षा में लचीलापन लाने के लिए स्वयं एवं मूक्स को भी हाइब्रिड मोड में प्रारंभ किया है।
कुलाधिपति प्रो ० सेंगर ने कहा की आपने किस संस्थान से पढ़ाई की है यह जीवन में बहुत मायने रखता है। अपने शैक्षणिक संस्थान का नाम गर्व से लिया करें।”

विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर में पहली बार आयोजित पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन में स्वागत भाषण देते हुए झारखंड राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) पीयूष रंजन ने कहा की “यह एक ऐसा अवसर है जब छात्र अपने अल्मा मेटर में एकत्र होते हैं, पुरानी यादों को ताज़ा करते हैं और नई उम्मीदों के साथ नए संवादों की प्रतीक्षा करते हैं। एलुमिनी मीट आप सभी के लिए अपने साथियों और शिक्षकों से मिलने और संपर्क को फिर से जीवंत करने का एक आदर्श मंच है। हमें आप पर गर्व है। देश के जिन संस्थानों में आप कार्यरत है वहां आप विश्वविद्यालय के एम्बेसडर के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।”

कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व छात्र व छात्राओं ने भी इस दौरान विश्वविद्यालय से अपने जुड़ाव को लेकर कई बातें साझा की और नए सुझाव भी दिए। इस दौरान पूर्ववर्ती छात्रों के कहा कि वह आज जो भी है, उसमें संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका है ,आज वह यहां आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं वह इसके लिए विश्वविद्यालय के आभारी हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक भी उपस्तिथ थे जिन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पुराने दिनों की याद ताजा किया