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CBSE 2026 Board Exam final date sheet

सीबीएसई ने जारी की कक्षा दसवीं और बारहवीं की फाइनल डेटशीट, यहां देखें पूरी जानकारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है। सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 मार्च तक और कक्षा 12 की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक चलेगी । सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से 12:30 या 1:30 बजे तक होंगी, विषय के अनुसार समय तय किया गया है।

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जारी डेटशीट के अनुसार, सभी विद्यालयों द्वारा अपनी वार्षिक परीक्षाओं की सूची (एग्जामिनेशन) जमा कर दी गई है। विद्यालयों में लगभग 4,00,000 से अधिक शिक्षण संस्थानों को ध्यान में रखते हुए यह डेट शीट तैयार की गई है।

दो बार होगी 10वीं की बोर्ड परीक्षा :
सीबीएसई ने बताया कि सत्र 2026 से कक्षा 10वीं के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी, जैसा कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) में सुझाव दिया गया है. बोर्ड ने पहली बार 24 सितंबर 2025 को टेंटेटिव डेट शीट जारी की थी ताकि छात्र और स्कूल पहले से तैयारी कर सकें। अब जब सभी स्कूलों ने अपने विषय संयोजन का डेटा भेज दिया है, तो फाइनल डेटशीट परीक्षा से 110 दिन पहले जारी की गई है।

एक शिफ्ट में होगी परीक्षा :
सीबीएसई की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा केवल एक शिफ्ट सुबह 10.30 बजे से लेकर दोपहर 1.30 बजे तक आयोजित कराई जाएगी।

एग्जाम कैलेंडर में हुआ बदलाव :
सीबीएसई की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए फाइनल डेटशीट जारी कर दी गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वह अपने एग्जाम कैलेंडर को अपटेड कर लें, क्योंकि कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं।

ऐसे चेक करें डेटशीट :
सीबीएसई के छात्र बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डेटशीट चेक कर सकते हैं और यहीं से PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं. इस बार कक्षा 10वीं के लिए दो बार बोर्ड परीक्षा का आयोजन होगा । नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ये परीक्षा ली जाएगी. इससे पहले बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं की टेंटेटिव डेटशीट जारी की गई थी। अब छात्रों के लिए फाइनल डेटशीट जारी की गई है।

सीबीएसई का कथन :
सीबीएसई की तरफ से बताया गया है कि डेटशीट इस बार 110 दिन पहले जारी कर दी गई है। साथ ही दोनों कक्षाओं में दो विषयों के लिए बीच का अंतराल दिया गया है। डेट शीट इस तरह से तैयार की गई है कि प्रस्तावित दो विषयों की परीक्षा एक तारीख पर न हो । बोर्ड परीक्षाओं को प्रवेश परीक्षाओं से काफी पहले खत्म करने की कोशिश की गई है, जिससे छात्रों को आसानी होगी ।

बोर्ड की तरफ से नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मूल्यांकन के दौरान सभी विषयों के शिक्षक एक साथ और लंबे समय तक अपने विद्यालय से दूर नहीं रहेंगे। डेट शीट तैयार करते समय 40 हजार से ज्यादा विषय संयोजनों को ध्यान में रखते हुए डेटशीट तैयार की गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत होगी परीक्षा :

सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं की परीक्षा तिथियां जारी कर दी हैं। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की सिफारिशों के तहत किया जा रहा है।

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झारखंड राय विश्वविद्यालय : रैगिंग मुक्त परिसर है संस्कृति हमारी

कैंपस जीवन सीखने और रोमांचक के नए अनुभवों के साथ विद्यार्थी के विकास विकास का एक दौर माना जाता है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ छात्र आजीवन दोस्त बनाते हैं, शैक्षणिक सपनों को साकार करते हैं और वयस्कता में कदम रखते हैं। कुल मिलाकर कैंपस जीवन बौद्धिक विकास, सामाजिक जुड़ाव और व्यक्तिगत खोज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालाँकि इस जुड़ाव और सामाजिकता के दौरान कई बार दुर्घटनाएं भी घाट जाया करती हैं जो विद्यार्थी के जीवन में कभी न मिटने वाली वह घटना बन जाती है जिसके चलते कैंपस जीवन एक अभिशाप की तरह लगने लगता है। इस अभिशाप का नाम रैगिंग है।

यह शब्द पढ़ने में सामान्य लगता है। इसके पीछे छिपी भयावहता को वे ही छात्र समझ सकते हैं जो इसके शिकार हुए हैं। आधुनिकता के साथ रैगिंग के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। रैगिंग आमतौर पर सीनियर विद्यार्थी द्वारा कॉलेज में आए नए विद्यार्थी से परिचय लेने की प्रक्रिया। लेकिन अगर किसी छात्र को रैगिंग के नाम पर अपनी जान गंवाना पड़े तो उसे क्या कहेंगे।

रैगिंग—एक ऐसी परेशान करने वाली प्रथा जिसमें दुर्व्यवहार, अपमान या हमला शामिल है—की छाया इस विद्यार्थी जीवन के सुखद माहौल को दुखद रूप से बिगाड़ सकती है, उत्साह को भय में और संभावनाओं को पीड़ा में बदल सकती है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय : रैगिंग मुक्त कैंपस जीवन। एकता एवं अनुशासन

झारखंड राय विश्वविद्यालय (JRU) राँची रैगिंग के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति पर कार्य करता है । विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता इसको लेकर अटल है।

यहाँ सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक छात्र परिसर में कदम रखते ही सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे। रैगिंग-मुक्त परिसर केवल एक कानूनी आवश्यकता नहीं है; यह शैक्षिक दर्शन का एक मूलभूत आधार है।

रैगिंग क्या है और यह अस्वीकार्य क्यों है?

रैगिंग को अक्सर ग़लतफ़हमी में एक हानिरहित “परंपरा” या “बातचीत तोड़ने” का एक आसान तरीका मान लिया जाता है। यह एक ख़तरनाक ग़लतफ़हमी है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) रैगिंग को किसी भी ऐसे कृत्य के रूप में परिभाषित करता है जो निम्नलिखित का कारण बनता है या बनने की संभावना रखता है:

  • शारीरिक या मानसिक क्षति या शर्मिंदगी या शर्मिंदगी की भावना।
  • किसी जूनियर छात्र का अपमान या उसे परेशान करना।
  • अनुशासनहीनता या घोर दुर्व्यवहार में लिप्त होना।

रैगिंग के प्रभाव गंभीर और दीर्घकालिक होते हैं, जिनमें अत्यधिक तनाव और शैक्षणिक गिरावट से लेकर, चरम मामलों में, अपूरणीय मनोवैज्ञानिक आघात तक शामिल हो सकते हैं। यह मूल रूप से व्यक्ति की गरिमा और शांतिपूर्ण शिक्षा के उसके अधिकार का उल्लंघन करता है।

रैगिंग के विरुद्ध झारखंड राय विश्वविद्यालय की बहुआयामी रणनीति :

आपसी सम्मान और सौहार्द का माहौल बनाने के लिए, विश्वविद्यालय ने एक सशक्त, सतर्क और सक्रिय रैगिंग विरोधी तंत्र लागू किया है:

1. रैगिंग विरोधी समिति और दस्ता :

झारखंड राय विश्वविद्यालय की समर्पित रैगिंग विरोधी समिति (एआरसी) और रैगिंग विरोधी दस्ता (एआरएस) रैगिंग मुक्त परिसर के प्रयासों की रीढ़ हैं। इनमें वरिष्ठ संकाय, प्रशासनिक कर्मचारी और छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं।

एआरसी सभी रैगिंग विरोधी उपायों की योजना बनाने, उन्हें लागू करने और उनकी देखरेख के लिए ज़िम्मेदार है। एआरएस विशेष रूप से छात्रावासों, कैंटीनों और सुनसान जगहों पर औचक निरीक्षण करता है, ताकि अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी संभावित घटना का तुरंत समाधान किया जा सके।

2. अनिवार्य रैगिंग विरोधी शपथपत्र :

प्रत्येक छात्र को प्रवेश के समय, अपने माता-पिता/अभिभावक के साथ एक अनिवार्य रैगिंग विरोधी शपथ पत्र/अंडरटेकिंग प्रस्तुत करना होता है । यह कानूनी दस्तावेज़ नियमों और रैगिंग में शामिल होने के गंभीर परिणामों के बारे में उनकी जागरूकता की पुष्टि करता है, और शुरू से ही जवाबदेही को मजबूत करता है।

3. तत्काल रिपोर्टिंग और परामर्श सेवाएँ :
तत्काल रिपोर्टिंग और परामर्श सेवा छात्रों को बिना किसी डर के अपनी बात कहने के लिए प्रोत्साहित करता है।
हेल्पलाइन और संपर्क:
विश्वविद्यालय के पूरे परिसर में आसानी से उपलब्ध, 24/7 एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन नंबर और निर्धारित संपर्क केंद्र (संकाय/कर्मचारी) कार्यरत है।

गोपनीयता: सभी शिकायतों को अत्यंत गोपनीयता के साथ रखा जाता है।
सहायता: हमारी परामर्श सेवाएँ पीड़ितों को तत्काल मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें ठीक होने और परिसर समुदाय में पुनः एकीकृत होने में मदद मिलती है।

4. अपराधियों के लिए कठोर दंड :

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय कानून और यूजीसी नियमों का कड़ाई से पालन करता है। रैगिंग के दोषी पाए गए छात्रों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है , जिसमें निम्नलिखित कदम शामिल हो सकते हैं:

  • विश्वविद्यालय से निलंबन या निष्कासन।
  • परिणाम या डिग्री रोक दी जाएगी।
  • कानून के अनुसार आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा।

समावेशिता की संस्कृति को बढ़ावा देना :

रैगिंग से जुड़ी घटनाओं पर विश्वविद्यालय का मिशन केवल अपराधियों को दंडित करने से कहीं आगे जाता है; यहाँ एक सकारात्मक और समावेशी परिसर संस्कृति का पोषण भी किया जाता है।

अभिविन्यास कार्यक्रम: हम नए छात्रों के लिए विस्तृत अभिविन्यास सत्र आयोजित करते हैं, जिसमें रैगिंग विरोधी नीति की स्पष्ट रूपरेखा दी जाती है और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित किया जाता है।

संवादात्मक सत्र: वरिष्ठ छात्रों को रैगिंग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करने और कनिष्ठ छात्रों के साथ स्वस्थ, रचनात्मक बातचीत को बढ़ावा देने के लिए नियमित कार्यशालाएं और संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाते हैं। हम बदमाशी के बजाय मार्गदर्शन और सकारात्मक नेतृत्व को प्रोत्साहित करते हैं।

समुदाय निर्माण: कार्यक्रमों, क्लबों और सोसाइटियों को वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्रों के लिए साझा हितों के आधार पर एक मंच के रूप में सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाता है, जिससे वास्तविक सम्मान और सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

बदलाव के वाहक बनें अपनी भूमिका निभाएं :

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित परिसर निर्माण की सामूहिक ज़िम्मेदारी से जोड़ता है। उनमें यह भावना भरने का कार्य भी करता है की आप सिर्फ़ एक छात्र नहीं हैं; आप विश्वविद्यालय समुदाय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

नए विद्यार्थियों जाने अपना अधिकार :

रैगिंग और उससे जुड़ी घटनाओं को समाप्त करने के लिए नए विद्यार्थियों को अपने प्राप्त अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी आवश्यक है। अगर आपको कोई ख़तरा महसूस हो या रैगिंग की कोई घटना हो, तो तुरंत इसकी सूचना दें। आपका साहस ही सबसे महत्वपूर्ण है।

वरिष्ठ छात्रों के लिए निर्देश :

वरिष्ठ विद्यार्थी नए छात्र छात्राओं के लिए एक आदर्श बनें। अपने कार्यों से ही वरिष्ठ छात्र मानक स्थापित करते हैं। नए छात्रों के साथ दयालुता से पेश आएँ, मार्गदर्शन प्रदान करें और उन्हें विश्वविद्यालय की सर्वश्रेष्ठ विशेषताएँ दिखाएँ एवं अवगत कराने का कार्य करें।

अभिभावकों के लिए निर्देश :

अपने बच्चों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करें और सम्मान और करुणा के महत्व पर ज़ोर दें।

शिक्षकों , विद्यार्थियों एवं कर्मियों के सहयोग से हम सब मिलकर झारखंड राय विश्वविद्यालय को एक ऐसा परिसर बना रहे हैं जहाँ हर छात्र सुरक्षा, सम्मान और आपसी सम्मान को समान भाव से स्वीकार्य किया जाता है एवं परिभाषित वातावरण में विद्यार्थियों को सिखने , आगे बढ़ने और अपनी पूरी क्षमता हासिल करने का अवसर प्राप्त हो सके।

Mental Health The Invisible Burden of the Mind - JRU Blog KGK

मानसिक सेहत: मन का अदृश्य बोझ

(विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष)

मन का बोझ हमारे व्यक्तित्व का एक बड़ा रहस्य है। आजकल सभी लोग अपने शरीर का वजन घटाने में लगे हैं, लेकिन इस बात का हमें ख्याल ही नहीं आता कि शरीर के बोझ के अलावा हमारे मन पर भी, हमारे दिमाग पर भी हमेशा एक बोझ रहता है। जैसे शरीर बीमार होता है, हमारा मस्तिष्क भी बीमार होता या हो सकता है। हर साल की तरह इस वर्ष भी दस अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस मौके पर हम बात करेंगे उस वजन की, जो दिखाई नहीं देता लेकिन हमारे जीवन पर, रोजाना की जिंदगी में उसका गहरा असर रहता है। यह वजन कई टन का होता है। कड़वा सच यह भी है कि शरीर की तरह मन का बोझ किसी दवाई से, इंजेक्शन से, किसी वर्कआउट से, जिम से या ट्रेडमिल पर चलने से कम नहीं होता।

कई बार यह बोझ उन लोगों को मानसिक तौर पर बीमार बना देता है जो बाहर से देखने में पूरी तरह फिट दिखते हैं क्योंकि यह बोझ भावनाओं का होता है, डर का होता है,टूटती उम्मीदों का होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच ओ) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 100 करोड़ से ज्यादा लोग मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) से जूझ रहे हैं। यह हिस्सा वैश्विक आबादी का लगभग 14% है। औसतन दुनिया में हर सात में से एक व्यक्ति किसी ना किसी मानसिक बीमारी का शिकार है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह एक वैश्विक आपदा है। मानसिक बोझ के भी कई स्तर हैं, उनमें से एक है – एंग्जायटी (बेचैनी) यानी भविष्य की चिंता। यह एक तरह का डर है जो हर पल हमें परेशान करता है कि भविष्य में क्या होगा, कल क्या होने वाला है।

एक आंकड़े के मुताबिक भारत में भी लगभग 20 करोड़ लोग किसी ना किसी मानसिक रोग से संघर्ष कर रहे हैं। इनमें से सिर्फ 10 से 15% लोग ही इसका इलाज करा पाते हैं। हमारे देश में 40 फीसदी युवाओं के लिए, टीनएजर्स के लिए टेंशन (तनाव) और एंग्जायटी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। आज हमें यह समझने की जरूरत है कि हम ही अपने सबसे सच्चे दोस्त हैं लेकिन हम अपने साथ कितना समय बिताते हैं, ज्यादातर लोगों के पास इसका उत्तर ना में होगा। हम भागते जा रहे हैं, रुकने का नाम ही नहीं ले रहे।

मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए एक थेरेपी (चिकित्सा) है, यह है ठहरने की थेरेपी। जरा ठहरिए, जरा रुकिए और कुछ देर कुछ मत कीजिए। यह है कुछ ना करने की थेरेपी। इस इलाज में आपको कुछ नहीं करना और यह सबसे मुश्किल है। बड़ी मुश्किल है कुछ देर के लिए कुछ ना करना, कुछ ना कहना और कुछ ना सोचना। इसे आप एक चैलेंज की तरह लीजिए और वो चैलेंज है कुछ नहीं करने का चैलेंज, कुछ नहीं सोचने का चैलेंज। ना काम, ना बात, ना शोर, बस कुछ देर के लिए अपने साथ बैठिए बिल्कुल चुपचाप। यह सुनने में तो बड़ा आसान लगता है लेकिन यही सबसे मुश्किल है क्योंकि जब शरीर रुकता है तो मन भागने लगता है। लेकिन आज आप रुकिए क्योंकि रुकने का मतलब है खुद से मिलना। यह देखिए कि आपका मन कितनी देर तक ठहर सकता है।

अंत में बोझिल मन से लड़ने के लिए प्रेरित करने वाली कुछ पंक्तियाँ आपके साथ शेयर करता हूं।
हम सिर्फ घटाते हैं अपने शरीर का वजन,
जबकि सैकड़ों टन के बोझ से पिस रहा है हमारा मन।
फोन में सैकड़ों नंबर सजे पड़े हैं,
पर दर्द सुनने वाले कहीं दूर खड़े हैं।
सोशल मीडिया पर दोस्त हैं हजार,
फिर भी मन के भीतर है एक गहरी दरार।
सैकड़ों जख्मों से छिल चुका है मन,
अब कौन लगाए इन घावों पर मरहम।
थाम लीजिए अब अपने मन की डोर,
तभी तो आएगी जिंदगी में एक नई भोर।
शांति से साधिए अपने भीतर का मन, शांति से साधिए अपने भीतर का मन।

ध्यान दें: मानसिक परेशानी के समाधान के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर्स – 14416 or 1-800-891-4416 भी जारी किये हैं जिन पर आप कॉल कर सकते हैं।

राजन कुमार तिवारी
मनोमय कोश प्रभारी, झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची

all details related to MBA course

अगर आप MBA करना चाहते हैं तो…

1. क्या आपको MBA करना चाहिए?

हाँ करना चाहिए — अगर:

  • आप लीडरशिप, मैनेजमेंट, या बिज़नेस स्ट्रैटेजी में करियर बनाना चाहते हैं
  • आपको प्रॉब्लम-सॉल्विंग, टीम वर्क, और डिसीजन मेकिंग में मज़ा आता है
  • आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और नेटवर्किंग को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं
  • आप किसी स्टार्टअप, NGO या कॉर्पोरेट में प्रभावी भूमिका निभाना चाहते हैं

नहीं करना चाहिए— अगर:

  • आप सिर्फ डिग्री के लिए MBA कर रहे हैं, बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के
  • आपको बिज़नेस या मैनेजमेंट में कोई खास रुचि नहीं है
  • आप क्रिएटिव या टेक्निकल फील्ड में रहना चाहते हैं जहाँ MBA जरूरी नहीं

2. MBA करने के लिए योग्यता क्या है?
सामान्य योग्यता :

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 3 साल की स्नातक डिग्री
  • जनरल कैटेगरी के लिए न्यूनतम 50% अंक, और आरक्षित वर्ग के लिए 45%
  • कोई आयु सीमा नहीं है
  • आपको CAT, XAT, CMAT, MAT, NMAT जैसे एंट्रेंस एग्ज़ाम देने होते हैं
  • कई कॉलेज GD (Group Discussion) और PI (Personal Interview) भी लेते हैं

3. MBA कौन कर सकता है?

  • कोई भी स्नातक — चाहे वो Arts, Commerce, Science या Engineering से हो
  • वर्क एक्सपीरियंस होना फायदेमंद है, लेकिन जरूरी नहीं
  • अगर आप Executive MBA करना चाहते हैं, तो आमतौर पर 2–5 साल का अनुभव चाहिए
  • महिलाएं, ट्रांसजेंडर, और विविध पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र — सभी के लिए अवसर खुले हैं

4. MBA फ्रेशर्स के लिए नौकरियाँ

मार्केटिंग और कम्युनिकेशन
अथर्व ऑर्गनाइज़ेशन – मार्केटिंग और सेल्स एक्ज़ीक्यूटिव कार्य: ब्रांड जागरूकता बढ़ाना, ग्राहक जोड़ना, टीम को मार्गदर्शन देना
आवश्यक कौशल: संवाद क्षमता, नेतृत्व, पब्लिक स्पीकिंग

फाइनेंस और डेटा विश्लेषण
MBA फाइनेंस फ्रेशर कार्य: कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग, क्लाइंट रिलेशन, डेटा विश्लेषण
आवश्यक कौशल: एक्सेल, वित्तीय विश्लेषण, स्टेकहोल्डर प्रबंधन

फिनऑप्स एनालिस्ट

कार्य: इनवॉइस प्रोसेसिंग, अकाउंट्स पेयेबल
आवश्यक कौशल: MBA फाइनेंस फ्रेशर्स जिनकी सोच विश्लेषणात्मक हो

डिजिटल मार्केटिंग और क्लाइंट सर्विसिंग
कार्य: क्लाइंट सर्विसिंग, कैंपेन सपोर्ट
आवश्यक कौशल: मार्केटिंग और एनालिटिक्स में रुचि रखने वाले MBA फ्रेशर्स

  • कंपनियाँ किन कौशलों की तलाश में हैं:
    प्रभावशाली संवाद और इंटरपर्सनल स्किल्स
  • तेज़ी से सीखने और बदलते माहौल में काम करने की क्षमता
  • एक्सेल, CRM टूल्स या एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म की बेसिक जानकारी
  • सकारात्मक दृष्टिकोण और team-oriented mindset

5. MBA फ्रेशर्स की औसत सैलरी

स्पेशलाइज़ेशन सैलरी रेंज (वार्षिक)
फाइनेंस ₹2 – ₹5 लाख
मार्केटिंग ₹2 – ₹5 लाख
HR ₹3 – ₹6 लाख
बिज़नेस एनालिटिक्स ₹5 – ₹10 लाख

MBA karne ke fayde

MBA क्यों करें? MBA करने के प्रमुख फायदे

MBA करने के प्रमुख फायदे

करियर में तेज़ ग्रोथ
MBA के बाद आपको सीनियर मैनेजमेंट, लीडरशिप रोल्स, और बेहतर सैलरी पैकेज मिलते हैं। यह आपकी प्रोफेशनल ग्रोथ को कई गुना बढ़ा सकता है।

MBA के बाद कितनी सैलरी मिल सकती है?

सैलरी निर्भर करती हैं इन सारी बातों पर –

MBA STRIP

आपने MBA में कितने अच्छे से पढाई की है

आपकी स्पेशलाइज़ेशन क्या है (जैसे फाइनेंस, मार्केटिंग, HR, ऑपरेशन्स)

आपके पास वर्क एक्सपीरियंस है या नहीं

आप किस इंडस्ट्री में जा रहे हैं (बैंकिंग, IT, FMCG, कंसल्टिंग आदि)

स्पेशलाइज़ेशन के अनुसार सैलरी

स्पेशलाइज़ेशन संभावित सैलरी रेंज
फाइनेंस         ₹8 – ₹25 लाख
मार्केटिंग        ₹6 – ₹18 लाख
HR               ₹5 – ₹12 लाख
ऑपरेशन्स     ₹6 – ₹15 लाख
IT/Analytics   ₹8 – ₹20 लाख

स्टार्टअप या बिज़नेस शुरू करने में मदद, MBA आपको सिखाता है:

बिज़नेस मॉडल कैसे बनाएं
फंडिंग कैसे जुटाएं
मार्केट में कैसे उतरें अगर आप Entrepreneur बनना चाहते हैं, तो MBA एक मजबूत नींव देता है।

करियर शिफ्ट का मौका
इंजीनियरिंग, साइंस, आर्ट्स या किसी भी बैकग्राउंड से आने वाले लोग MBA करके मैनेजमेंट, कंसल्टिंग, या फाइनेंस में जा सकते हैं।

MBA में आप क्या सीखते हैं ?

  • प्रेज़ेंटेशन देना
  • टीम को लीड करना
  • स्ट्रेस को मैनेज करना यह सब आपको एक कॉन्फिडेंट और स्मार्ट प्रोफेशनल बनाता है।
  • अच्छे MBA प्रोग्राम में आपको इंटरनेशनल केस स्टडीज़, विदेशी इंटर्नशिप, और ग्लोबल बिज़नेस का अनुभव मिलता है।

MBA सिर्फ एक डिग्री नहीं—यह एक ट्रांसफॉर्मेशन है। यह आपको प्रोफेशनली, पर्सनली और सोशल रूप से एक नई ऊँचाई पर ले जाता है।

इस प्रोग्राम के दौरान आप कई प्रोफेशनल्स से मिलते हैं और आपको लीडरशिप स्टाइल्स सिखने का अवसर मिलता है

  • आपके प्रोफेस्सोर्स जो कई सालों से स्टूडेंटन्स को ट्रेनिंग दे रहे हैं, उनके गाइडेंस में आप अपना पर्सनालिटी डेवेलोप करके कॉर्पोरेट वर्ल्ड में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं |
  • सेमिनार्स और कॉन्फरेन्सेस में आप मिलते हैं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से और लगातार क्लासेज में आप नेटव्रक करते हैं अपने सहपाठियों से, जो भविष्य के लीडर बनेंगे यह नेटवर्क आपके करियर में बहुत काम आता है।

 

MBA में क्या पढ़ाया जाता है? (5 मुख्य बिंदु)
प्रबंधन के मूल सिद्धांत (Principles of Management)

  • नेतृत्व, योजना बनाना, निर्णय लेना, और टीम को संभालना कैसे किया जाता है।
  • वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)
  • बजट बनाना, निवेश करना, लाभ-हानि का विश्लेषण, और कंपनी की आर्थिक स्थिति को समझना।
  • मार्केटिंग और ब्रांडिंग (Marketing & Branding)
  • उत्पाद को बाजार में कैसे बेचा जाए, ग्राहक की सोच को कैसे समझें, और ब्रांड कैसे बनाएं।
  • मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management)
  • कर्मचारियों की भर्ती, ट्रेनिंग, वेतन, और संगठन में अच्छा माहौल बनाए रखना।
  • संचालन और रणनीति (Operations & Strategy)
  • कंपनी के रोज़मर्रा के कामकाज को कैसे बेहतर बनाया जाए और दीर्घकालिक रणनीति कैसे बनाई जाए।

MBA के लिए योग्यता (Qualification)

शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

  1. किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) पूरा होना चाहिए।
  2. कम से कम 50% अंक (कुछ संस्थानों में 45% भी मान्य है, खासकर आरक्षित वर्ग के लिए)।
  3. स्नातक किसी भी स्ट्रीम से हो सकता है — कॉमर्स, साइंस, आर्ट्स, इंजीनियरिंग, आदि।

प्रवेश परीक्षा (Entrance Exams)

MBA में प्रवेश के लिए आपको कुछ परीक्षाएं देनी होती हैं, जैसे:

CAT (Common Admission Test) – IIMs और टॉप B-Schools के लिए|

MAT, CMAT, XAT, NMAT, SNAP – अन्य प्रमुख संस्थानों के लिए|

कुछ विश्वविद्यालय अपने स्वतंत्र एंट्रेंस टेस्ट भी लेते हैं|

कम्युनिकेशन स्किल्स और GD/PI

कई कॉलेजों में ग्रुप डिस्कशन (GD) और पर्सनल इंटरव्यू (PI) भी होते हैं|

यहाँ आपकी सोचने की क्षमता, नेतृत्व गुण, और कम्युनिकेशन स्किल्स देखी जाती हैं|

अनुभव (Optional)
कुछ MBA प्रोग्राम (जैसे Executive MBA) के लिए वर्क एक्सपीरियंस जरूरी होता है, लेकिन रेगुलर MBA के लिए अनुभव अनिवार्य नहीं है

MBA करने के लिए आपको चाहिए:

स्नातक की डिग्री

प्रवेश परीक्षा की तैयारी

आत्मविश्वास और सोचने की स्पष्टता

MBA के बाद ग्रोथ कैसी होती है?

पहले 2–3 साल में अनुभव के साथ सैलरी तेजी से बढ़ती है

प्रमोशन, बोनस, और इंटरनेशनल असाइनमेंट से इनकम कई गुना हो सकती है

कुछ लोग 5 साल में ₹30–₹50 लाख तक भी पहुँच जाते हैं

MBA के बाद सैलरी अच्छी मिलती है, लेकिन यह आपके स्किल्स, और मेहनत पर निर्भर करती है। अगर आप कॉलेज में अच्छे से पढाई करते हैं और अपने स्किल्स को लगातार निखारते हैं, तो सैलरी और ग्रोथ दोनों शानदार हो सकते हैं।

Nation Chintan Baithak 2025 Kerala

National Chintan Baithak 2025: A Defining Chapter in Bharat’s Educational Renaissance

The National Chintan Baithak 2025 was inaugurated at Adi Shankara Nilayam by Dr. Mohan Bhagwat, Sarsanghchalak of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS). Held from 25 to 28 July 2025, the event marks the third national-level brainstorming session of the Shiksha Sanskriti Utthan Nyas (SSUN)—an organization deeply committed to reimagining Bharat’s educational ethos through Bhartiya Knowledge Systems. The conference is being held at Kalady, Kerala, the Birthplace of Adi Shankaracharya.

Nation Chintan Baithak 2025 Kerala

“‘Bharat’ is a proper noun and should not be translated. Therefore, in our conversations, writing, and speech—whether personal or public—we must refer to Bharat as ‘Bharat’. Bharat must remain Bharat, because only when Bharat is Bharat does it have an identity, and only then does it command respect.

If we forget our identity, then no matter how many exceptional qualities we possess, we will neither receive respect nor feel secure. That is the rule. If we want to bring Indian-ness into education, we must first understand Bharat and trust in our identity.

Hence—Know Bharat, Respect Bharat, Become Bharat—that is true Indian-ness.”

These words were delivered by Dr. Mohanrao Bhagwat while addressing academicians, educators, and dignitaries at the National Chintan Baithak on Sunday organized by SSUN.

Nation Chintan Baithak 2025 Kerala

Addressing the same event, the Honourable Governor of Kerala, Shri Rajendra Arlekar, remarked that the gathering was convened to deliberate on how to walk the path toward a developed Bharat. He emphasized that the vision of a developed Bharat is not confined to economic progress—it entails holistic development, with education playing a pivotal role.

He further noted that for decades, Bharat has progressed under a colonial mindset, and the current education policy represents the first serious attempt to decolonize Bharat’s education. “Change is underway,” he said, “but we must ask ourselves whether we are part of that change. Otherwise, the dream of a developed Bharat will remain just a dream.”

In his keynote address during the inaugural session, Dr. Atul Kothari, National Secretary of SSUN, stressed the importance of harmonizing materialism and spirituality in modern education. He asserted that transforming India’s educational framework and advancing the mission of the Nyas are intrinsically linked.

 

Nation Chintan Baithak 2025 Kerala“Events like Gyanotsav, Gyan Kumbh, and Gyan Sabha have served their purpose, but to scale the vision, we must deepen grassroots engagement,” he said.

The conference, titled ‘Gyan Sabha’, commenced on Friday with the theme ‘Education for a Developed India’ and will conclude on Monday.

More than 400 educationists are participating, including state education ministers, vice-chancellors, academicians, and officials from central educational bodies such as the University Grants Commission (UGC), National Assessment and Accreditation Council (NAAC), All India Council for Technical Education (AICTE), and Indian Knowledge System (IKS). The primary focus of the conference is on Indianisation of the education system and the implementation of the National Education Policy (NEP) 2020.

Nation Chintan Baithak 2025 Kerala

Delivering a heartfelt welcome, Acharya Vivittananda, head of the Chinmaya Mission in Kerala, reflected on the historic and cultural significance of the venue. He commended SSUN’s tireless efforts to dismantle the remnants of the Macaulay system and welcomed the growing momentum toward Indianizing education across Bharat.

In a complementary tone, Dr. Pankaj Mittal, Chairperson of SSUN, reiterated the organization’s core philosophy:

“Education in Bharat was never merely about employment; it was about human excellence.”

She advocated for a curriculum that interweaves ancient wisdom with contemporary relevance.

SSUN believes that true reform requires synergy between society and government, with educators playing a crucial role in laying the foundation for transformative change. The National Chintan Baithak 2025 stands not only as a review of past achievements, but as a call to collective action for the future of Indian education.

BHM-JRU Blog

रांची के बेस्ट होटल मैनेजमेंट कॉलेज में कैसे मिलेगा दाखिला ?

भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तेजी के साथ नई ऊंचाइयां छू रहा है। रांची जैसे शहर भी इससे अछूते नहीं है। टाटा समूह इस शहर में ताज होटल का निर्माण करने वाला है। झारखंड में खुलने वाले 5 स्टार होटलों में से 3 होटल रांची में खुलेंगे। यह सभी होटल झारखंड आने वाले यात्रियों को विश्व स्तर की सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। हॉस्पिटैलिटी और होटल इंडस्ट्री का झारखंड में निवेश की रूचि स्पष्ट करती है की झारखंड और खासकर रांची के प्रति पर्यटकों का रुझान बढ़ा है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखने एवं होटल उद्योग के चार्मिंग जॉब्स से जुड़ने के लिए जरुरी है इससे जुड़ी पढ़ाई। बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट BHM की डिग्री इसके लिए सबसे सही चुनाव है।

BHM Jharkhand Rai University

होटल मैनेजमेंट कोर्स BHM क्या है ?
होटल मैनेजमेंट एक प्रोफेशनल कोर्स है। BHM का full form “Bachelor of Hotel Management” होता है। यह एक ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है, जिसमें होटल प्रबंधन, मार्केटिंग, हाउसकीपिंग, खानपान और अन्य संबंधित विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। होटल इंडस्ट्री में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों की यह पसंदीदा कोर्स है।

होटल मैनेजमेंट कोर्स में कैसे मिलेगा दाखिला ?

ऑनलाइन एडमिशन लेने की प्रक्रिया :

  • झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में 3 वर्षीय बैचलर इन होटल मैनेजमेंट कोर्स प्रारंभ किया गया है। इस कोर्स में नामांकन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीको से ले सकते हैं।
  • ऑनलाइन एडमिशन के लिए सबसे पहले विश्वविद्यालय की वेबसाइट को लॉगिन करें जिसका पता है www.jru.edu.in है।
  • इस बटन पर क्लिक के बाद Admission (नामांकन) लिखे बटन को क्लिक करें।
  • इसे क्लिक करते ही आपको सबसे पहला टैब जो दिखाई देगा वह होगा ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म (Online Application Form 2025) जिसे क्लिक करते ही एक फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म को सावधानी के साथ भरें।
  • फॉर्म भरते समय सभी महत्वपूर्ण आवश्यक कागजात अपलोड करें। इस दौरान सभी महत्वपूर्ण जानकारियां भरना नहीं भूलें।
  • सभी जरुरी दस्तावेज और फोटो अटैच करने के बाद आप को नामांकन शुल्क भी जमा करना होगा जो आप ऑनलाइन ही पेमेंट गेटवे की मदद से बहुत जल्दी और आसानी से कर सकते हैं।
  • नामांकन से जुडी अधिक जानकारी के लिए आप How to Apply बटन को क्लिक करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  • Admission बटन क्लिक करते ही आपको इसके नीचे कई बटन दिखाई देंगे जिनमें WHY STUDY AT JRU? बटन आपको यह समझने में मदद करेगा की आप इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन क्यों लें ?
  • WHY STUDY AT JRU? यह बताता है की झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में क्या क्या खास है।
  • Admission बटन में एक महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गयी है वह है एजुकेशन लोन (Educational Loan) यह आपके काम की जानकारी है।
  • झारखंड राय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बैंक लोन लेकर पढ़ाई करने की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर या कॉउंसलर से संपर्क करें।
  • स्कॉलरशिप सुविधा : झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची मेधावी छात्र छात्राओं को मेरिट स्कॉलरशिप सुविधा प्रदान करती है।

ऑफ लाईन कैसे मिलेगा एडमिशन :

  • झारखंड राय विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न डिप्लोमा ,यूजी और पीजी कोर्स में ऑफ लाईन एडमिशन की प्रक्रिया बेहद सरल है।
  • सबसे पहले आप झारखंड राय विश्वविद्यालय , रांची के नामकुम स्थित स्थायी कैंपस में आकर फॉर्म और प्रॉस्पेक्टस खरीदें।
  • नामांकन के लिए आते समय अपने साथ जरुरी दस्तावेज की छाया प्रति और पासपोर्ट साइज़ का फोटो अवश्य साथ रखें।
  • कोर्स , एडमिशन और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप विश्वविद्यालय की वेबसाइट भी सर्च कर सकते है ।
  • टोल फ्री नंबर (18001202546 (TOLL FREE) पर कॉल करके करियर काउंसलर से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बैचलर ऑफ़ होटल मैनेजमेंट (BHM) में नामांकन के लिए आवश्यक शर्ते :

  • दसवीं अथवा 12वीं की परीक्षा 55% अंकों के साथ पास होना आवश्यक है।
  • BA आर्ट्स , साइंस स्ट्रीम की डिग्री हासिल करने वाले भी प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
  • एंट्रेंस एग्जाम भी कुछ इंस्टीट्यूट लेते हैं उसे आपको देना जरूरी है।
  • बातचीत करने की कला अच्छी होनी चाहिए।
  • अंग्रेजी भाषा की साधारण समझना आवश्यक है।
  • दिमाग रचनात्मक होना चाहिए।
  • पर्सनालिटी अच्छी होनी चाहिए।
admission with low cuet score

CUET स्कोर काम है तो कैसे और किस कोर्स में एडमिशन लें

अगर आपका CUET स्कोर कम है और आपको मनचाहे कॉलेज या कोर्स में एडमिशन नहीं मिल रहा, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है।

कई रास्ते/solutions हैं जिनसे आप अपने करियर को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं। नीचे कुछ बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं:

CUET स्कोर कम – आपके लिए समाधान (Solutions):

1. प्राइवेट यूनिवर्सिटी में दाख़िला लें – कई Private Universities CUET स्कोर नहीं मांगतीं या फिर बहुत कम स्कोर पर भी एडमिशन दे देती हैं।
यहां आप सीधे आवेदन कर सकते हैं, कुछ संस्थानों में इंटरव्यू या अपना टेस्ट भी होता है।

राज्य यूनिवर्सिटी या कॉलेज – कुछ State Universities CUET को ज़रूरी नहीं मानतीं या केवल कुछ कोर्स के लिए मांगती हैं।

इन यूनिवर्सिटीज में 12वीं के आधार पर या लोकल एंट्रेंस टेस्ट के ज़रिए एडमिशन मिल सकता है।

आप B.A., B.Com, B.Sc, आदि कोर्स बिना किसी एंट्रेंस के कर सकते हैं।

CUET स्कोर काम है तो करियर गाइडेंस के लिए कॉल करें और कहाँ एडमिशंस मिलेगा जानिए – 7033095920

कोर्स लिस्ट जो CUET स्कोर कम होने पर भी उपलब्ध हैं –

Top Courses for Commerce Students:

B.Com (General / Honours)

BBA (Bachelor of Business Administration)

BMS (Bachelor of Management Studies)

B.A. in Economics / Business Economics

B.Com in Accounting & Finance / Banking

Bachelor in Financial Market

Bachelor in E-Commerce / Retail Management

Chartered Accountancy (CA) / Company Secretary (CS) (Direct from ICAI/ICSI, no CUET needed)

Diploma in Taxation, Banking, or Stock Market

BBA with specialization in HR, Finance, Marketing

कुछ और कोर्सेज के लिस्ट यहाँ से देखें
STRIP ALL COURSES

Arts / Humanities Stream – Courses Options (CUET के बिना या Low Score पर)

Top Courses for Arts Students:

B.A. (Bachelor of Arts) – Hindi, English, History, Political Science, Psychology, Sociology

B.A. (Hons.) in Journalism & Mass Communication

B.A. in Public Administration / International Relations

Bachelor of Social Work (BSW)

Bachelor of Fine Arts (BFA)

B.A. in Foreign Languages (German, French, Spanish)

B.A. in Philosophy / Liberal Arts

Bachelor in Travel & Tourism / Hospitality

B.A. in Film Studies / Performing Arts

Bachelor in Event Management

साल खराब मत जाने दो

हर साल का एक सही उपयोग करना बहुत ज़रूरी है। अगर आपने CUET में कम स्कोर किया है, तो परेशान न हों, यह आपकी काबिलियत का आखिरी पैमाना नहीं है। रास्ते बहुत हैं — बस तय करना है कि आप क्या करना चाहते हैं।

 

Bsc radiology Jharkhand Rai University

B.Sc Radiology के बारे में पूरी जानकारी – कौन कर सकता है, कौन से जॉब्स मिलेंगे, क्या योग्यता चाहिए, रेडियोलोजी रिज्यूमे बनाने के टिप्स

B.Sc Radiology course details in Hindi

बीएससी रेडियोलोजी करने के लिए क्या योग्यता चाहिए ?

B.Sc. Radiology एक तीन साल का स्नातक कोर्स है जिसमें शरीर के भीतरी अंगों की जांच के लिए उपयोग की जाने वाली इमेजिंग तकनीकों (जैसे X-ray, CT scan, MRI, Ultrasound) की पढ़ाई कराई जाती है।

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योग्यता संक्षेप में:

योग्यता: 12वीं (PCB या PCM स्ट्रीम)

कोर्स अवधि: 3 साल

क्या सिखाया जाता है: रेडियोलॉजिकल तकनीकें, पैथोलॉजी, रोग निदान

करियर विकल्प: रेडियोलॉजिस्ट टेक्नीशियन, MRI टेक, CT स्कैन टेक्नीशियन, सोनोग्राफर

काम का क्षेत्र: अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब, क्लिनिक, हेल्थ रिसर्च सेंटर

यह कोर्स मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए बेहतरीन विकल्प है, खासकर अगर आपको टेक्निकल और हेल्थकेयर से जुड़ी चीजों में रुचि है।

रांची में बीएससी रेडियोलोजी के कॉलेज –  B.Sc Radiology course in Ranchi, check here

 

बीएससी रेडियोलोजी करने के बाद कौन से जॉब्स मिलते हैं ?

इस कोर्स को करने के बाद आप हेल्थकेयर सेक्टर में कई तरह की नौकरियों के लिए पात्र बन जाते हैं, जो तकनीकी और क्लिनिकल दोनों क्षेत्रों से जुड़ी होती हैं।

B.Sc Radiology के बाद जॉब प्रोफाइल्स:
Radiology Technician / Technologist – X-ray, CT scan, MRI जैसी इमेजिंग तकनीकों का संचालन

MRI Technician – विशेष रूप से MRI मशीनों को चलाने और इमेजिंग रिपोर्ट तैयार करने का काम

CT Scan Specialist – क्रॉस-सेक्शनल बॉडी इमेज लेने में दक्षता

Ultrasound Technician / Sonographer – अल्ट्रासाउंड तकनीक के ज़रिए रोगों की पहचान

Radiology Assistant – रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की सहायता और रोगियों की तैयारी

Medical Imaging Technologist – अलग-अलग इमेजिंग तकनीकों का संचालन और डाटा प्रबंधन

Radiation Safety Officer – रेडिएशन से सुरक्षा और मशीनों की नियमित जांच

Teaching Assistant / Faculty (after higher study) – अगर आप M.Sc. या PhD करते हैं, तो शैक्षणिक क्षेत्र भी विकल्प है

Radiology करने के बाद कौन से इंडस्ट्री में जॉब्स मिलते हैं ?

मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल

डायग्नोस्टिक लैब्स

प्राइवेट क्लीनिक

नर्सिंग होम

कैंसर रिसर्च सेंटर

मेडिकल यूनिवर्सिटीज और कॉलेज

चाहें आप टेक्नोलॉजी में रुचि रखते हों या मरीजों की सेवा में—यह फील्ड दोनों को संतुलित करता है।

बीएससी रेडियोलोजी करने के बाद क्या सैलरी मीलता हैं ?

नीचे कुछ प्रमुख जॉब्स और उनकी औसत सैलरी दी गई है:

प्रमुख जॉब प्रोफाइल और अनुमानित सैलरी (भारत में):
जॉब प्रोफाइल शुरुआती सैलरी (INR/साल) अनुभव के साथ (INR/साल)
Radiology Technician ₹2 – ₹3 लाख ₹5 – ₹7 लाख
MRI Technician ₹2.5 – ₹4 लाख ₹6 – ₹8 लाख
CT Scan Technologist ₹3 – ₹4.5 लाख ₹6 – ₹9 लाख
Ultrasound Technician ₹3 – ₹5 लाख ₹7 – ₹10 लाख
Radiology Assistant ₹2 – ₹3 लाख ₹5 – ₹6 लाख
Radiation Safety Officer ₹4 – ₹6 लाख ₹8 – ₹12 लाख

कुछ सरकारी संस्थानों में यह सैलरी और भी अधिक हो सकती है, जैसे NIMHANS, AIIMS, आदि में | सैलरी आपकी जॉब प्रोफाइल, अनुभव, स्किल्स और लोकेशन पर निर्भर करती है।

सैलरी बढ़ाने वाले फैक्टर:
अच्छा अनुभव और सर्टिफिकेशन

बड़े अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर में नौकरी

नए टेक्नोलॉजी जैसे PET Scan, Interventional Radiology में दक्षता

विदेश में अवसर (Middle East, UK, etc.)

टॉप हॉस्पिटल्स और संस्थान जहाँ रेडियोलॉजी में जॉब के अच्छे मौके मिलते हैं:

संस्थान का नाम स्थान विशेषता
AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) दिल्ली, भोपाल, ऋषिकेश आदि सरकारी, उच्च वेतन, रिसर्च अवसर
Apollo Hospitals पैन इंडिया प्राइवेट, आधुनिक तकनीक, ट्रेनिंग
Fortis Healthcare दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु मल्टी-स्पेशियलिटी, करियर ग्रोथ
Manipal Hospitals बेंगलुरु, गोवा आदि टेक्नोलॉजी-फोकस्ड, ट्रेनिंग फ्रेंडली

Max Healthcare दिल्ली-NCR डायग्नोस्टिक और इमेजिंग में विशेषज्ञता
Tata Memorial Hospital मुंबई कैंसर इमेजिंग, रिसर्च
Narayana Health बेंगलुरु, कोलकाता आदि मल्टी-सिटी नेटवर्क, ग्रोथ स्कोप
Medanta – The Medicity गुरुग्राम अत्याधुनिक रेडियोलॉजी विभाग

इन संस्थानों में इंटर्नशिप के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने पर जॉब ऑफर मिलने की संभावना भी रहती है।

रांची में Radiology से जुड़ी नौकरियाँ कई प्रमुख अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में उपलब्ध हैं। यहाँ कुछ संस्थान हैं जहाँ आप आवेदन कर सकते हैं:

रांची में रेडियोलोजी के जॉब्स के अवसर क्या हैं ?

रांची के प्रमुख अस्पताल जहाँ रेडियोलॉजी की नौकरियाँ मिल सकती हैं:
अस्पताल / संस्थान का नाम संभावित जॉब प्रोफाइल्स
The Curesta Hospitals Radiology Technician, CT/MRI Operator
Raj Hospital X-ray Technician, Radiographer
RIMS (Rajendra Institute of Medical Sciences) Radiology Assistant, Imaging Technologist
Medanta Hospital (if branch available) Diagnostic Imaging Roles
Private Diagnostic Labs (जैसे Dr. Lal PathLabs, SRL, Thyrocare) Sonographer, Radiology Technician

Peloton Radiology और Integral Diagnostic Group जैसी कंपनियाँ भी Ranchi में सक्रिय हैं, जो X-ray, CT, MRI और Nuclear Medicine से जुड़ी नौकरियाँ देती हैं।

रेडियोलोजी के जॉब्स के लिए रिज्यूमे बनाने के टिप्स –

रेज़्यूमे टिप्स (Resume Tips for Radiology Jobs)

सटीक और स्पष्ट Objective लिखें ➤ जैसे: “To obtain a position as a Radiology Technician where I can apply my imaging skills and patient care experience.”

तकनीकी स्किल्स को हाईलाइट करें ➤ X-ray, CT, MRI, Ultrasound, PACS, Radiation Safety, etc.

प्रैक्टिकल अनुभव ज़रूर जोड़ें ➤ इंटर्नशिप, हॉस्पिटल ट्रेनिंग, या किसी लैब में काम का विवरण।

सर्टिफिकेशन और कोर्सेस दिखाएँ ➤ जैसे: B.Sc. Radiology, Radiation Safety Certification, CPR/First Aid, etc.

साफ़ और प्रोफेशनल फॉर्मेट रखें ➤ Bullet points, एक पेज में, बिना स्पेलिंग या ग्रामर की गलती के

 

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल (Interview Questions for Radiology jobs )

कैसे सवाल इंटरव्यू में पूछे जाते हैं ?

1. आपने Radiology को करियर के रूप में क्यों चुना? अपने जुनून और तकनीकी रुचि को बताएं।
2. आप X-ray और MRI में क्या अंतर समझते हैं? तकनीकी और क्लिनिकल अंतर समझाएं।
3. Radiation safety के लिए आप क्या सावधानियाँ बरतते हैं? Lead apron, distance, shielding आदि का ज़िक्र करें।
4. आपने अब तक कौन-कौन सी मशीनें चलाई हैं? CT, MRI, CR/DR systems, Ultrasound आदि बताएं।
5. अगर कोई मरीज घबराया हुआ हो तो आप कैसे संभालेंगे? सहानुभूति और प्रोफेशनल व्यवहार का उदाहरण दें।

तकनीकी ज्ञान से जुड़े सवाल (Technical Questions for Radiology jobs)

आप Digital Radiography (DR) और Computed Radiography (CR) में क्या अंतर समझते हैं?

MRI में T1 और T2 weighted images में क्या फर्क होता है?

Contrast agent कब और क्यों दिया जाता है?

क्या आपने PACS और RIS सिस्टम के साथ काम किया है?

Radiation dose को कैसे मापा और नियंत्रित किया जाता है?

व्यवहारिक/सॉफ्ट स्किल्स से जुड़े सवाल (Behavioral Questions)

किसी difficult patient के साथ आपका अनुभव क्या रहा है?

आप टीम में काम करना ज़्यादा पसंद करते हैं या अकेले? क्यों?

कभी आपने कोई तकनीकी गलती की हो, तो आपने कैसे संभाला?

परिस्थिति-आधारित सवाल (Situational Questions)
अगर मशीन अचानक बंद हो जाए तो आप क्या करेंगे?

जब डॉक्टर तुरंत रिपोर्ट माँगें लेकिन इमेजिंग पूरी न हो पाई हो तो आप कैसे हैंडल करेंगे?

अगर मरीज बहुत दर्द में हो और स्कैन करना मुश्किल हो, तो आपकी प्राथमिकता क्या होगी?

National Workshop on character building JRU Blog

पंचकोश के अनुरूप एनईपी का लक्ष्य विद्यार्थियों का चतुर्दिक विकास करना है: डॉo सलूजा

झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची में पिछले दो दिनों से चल रहे राष्ट्रीय कार्यशाला ” चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास ” का सोमवार को समापन हो गया। तीन दिनों के दौरान कुल बारह सत्र आयोजित हुए। पूर्व के दो दिन में पंचकोश के पांच कोशों अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश और आनंदमय कोश पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। अभ्यास सत्र आयोजित हुए जिसमें समूह चर्चा, विचार और कार्य के तरीकों पर प्रतिभागियों ने रोड मैप तैयार किया। पर्यावरण एवं स्वक्षता को लेकर विशेष संभाषण हुआ। तीसरे और कार्यशाला के अंतिम दिन नौवें सत्र का विषय “पढ़ाने की कला ” पर डॉ ० चाँद किरण सलूजा (अकादमिक निदेशक संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठानम नयी दिल्ली ) ने विस्तार पूर्वक अपनी बातें रखी। डॉ ० सलूजा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में निर्दिष्ट बातों की चर्चा करते हुए कहा की इस निति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना है जिसमें उच्च शिक्षा में सुधार सुधार भी शामिल है। उन्होंने बताया की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं की पूर्ति करने , शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिये नई शिक्षा नीति की आवश्यकता थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा की पहुँच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता और उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

ALL PROGRAMS-STRIP

मूल विषय पढ़ाने की कला की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की पढ़ाने की कला के साथ पढने की कला भी आवश्यक है। विद्यार्थी के साथ शिक्षक को भी यह ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने कहा की कुशल शिक्षक को विद्यार्थी के मनोमय एवं आनंदमय का भी ध्यान रखना चाहिए। व्यक्तित्व निर्माण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की शिक्षक संवाद, संचार, बौद्धिक संवाद एवं करुणा भाव के साथ कार्य करते हुए इसमें भी योगदान कर सकता है।

कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागी शिक्षकों के साथ समूह चर्चा के दौरान कुलाधिपति प्रो० सविता सेंगर ने पंच कोश अवधारणा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े प्रश्नों पर राय देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रमुख लक्ष्य चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास है।

National Workshop on character building JRU

राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर न्यास के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता जी का संबोधन हुआ। इस अवसर पर न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ० राजेश्वर परासर भी उपस्थित थे। झारखंड राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) पीयूष रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को सफल बनाने में न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ ० अतुल भाई कोठारी की मुख्य भूमिका रही उनके मार्गदर्शन में ही इसकी रूप रेखा तय की गयी। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कुलाधिपति डॉ ० अजय कुमार तिवारी , डॉ ० मनोहर भंडारी, डॉ० चाँद किरण सलूजा एवं डॉ० राजीश्वर पराशर ने पंच कोश और चरित्र निर्माण पर विस्तारपूर्वक अपनी बातें रखी जो प्रतिभागियों के लिए संग्रहनीय है। उन्होंने राष्ट्रीय कार्यशाला में अन्य प्रदेशों से पहुंचे प्रतिभागियों एवं राज्य के अन्य जिलों से आये प्रतिभागी शिक्षकों का भी धन्यवाद किया।