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झारखंड राय विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने दिया पोषण वाटिका निर्माण पर प्रशिक्षण

झारखंड राय विश्वविद्यालय के सहयोग से जेसीईआरटी, रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) द्वारा मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के सहयोग से जेसीईआरटी, रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के द्वारा मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न विभिन्न जिलों के 33 टीजीटी और पीजीटी शिक्षक शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्राकृतिक खेती के ढांचे में मॉडल पोषण उद्यान से संबंधित ज्ञान और कौशल के बारे में जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण के पहले दिन आदर्श पोषण वाटिका के सैद्धांतिक पहलुओं जैसे लेआउट, फसल चयन, प्रौद्योगिकी और उत्पादन के विषय के पर जानकारी देने का कार्य किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों को नर्सरी तैयार करना, बीज बोना, सब्जियों और फलों की रोपण तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया।

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बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स ) की पढ़ाई करने दूसरे राज्यों से आते है स्टूडेंट्स

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, राँची में संचालित कृषि स्नातक प्रतिष्ठा पाठ्यक्रम (बीएससी इन एग्रीकल्चर ऑनर्स) रोजगारपरक और उद्यमिता से जुड़ा पाठ्यक्रम है। कृषि शिक्षा के प्रति युवाओं रुझान बढ़ा है । इस क्षेत्र में भरपूर संभावनाएं है। कृषि स्नातक प्रतिष्ठा पाठ्यक्रम 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है। झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, राँची का जोर गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा पर है। इसी कारण झारखण्ड के अलावा बिहार, बंगाल और ओड़िसा से भी छात्र आकर यहाँ पढ़ाई करते हैं । कृषि संकाय के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विश्ववविद्यालय परिसर के अंदर ही 20 एकड़ भूमि आवंटित है। बीएससी इन एग्रीकल्चर (ऑनर्स) पाठ्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पांचवीं डीन रिपोर्ट कि अनुसंशाओं के अनुसार तैयार कि गयी है ।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों को प्राकृतिक खेती के सैद्धांतिक पहलुओं और प्राकृतिक खेती के घटकों जैसे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई वहीं सत्र के दूसरे भाग में इन घटकों के निर्माण, तैयारी और सुरक्षा उपायों के व्यावहारिक पहलुओं का अभ्यास कराया गया।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के कृषि संकाय के डॉ. आर.पी. सिंह रतन, (डीन कृषि) और नेहा कुमारी सिंह, सहायक प्राध्यापक को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था । इसके साथ ही के वी के गढ़वा और लोहरदगा से एक-एक वैज्ञानिक भी मास्टर ट्रेनर के तौर पर उपस्थित थे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने-अपने जिलों में आदर्श पोषण वाटिका के प्राप्त प्रशिक्षण को दोहराया।

ज्ञात हो कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) प्रयास के परिणामस्वरूप इस वर्ष जुलाई महीने के अंत तक राज्य के के चयनित स्कूलों में 31000 से अधिक आदर्श पोषण वाटिका स्थापित की गई हैं।

आदर्श पोषण वाटिका क्या है?

पोषण वाटिका या रसोईघर बाग़ या फिर गृह वाटिका उस वाटिका को कहा जाता है, जो घर के अगल बगल में घर के आंगन में ऐसी खुली जगह पर होती हैं, जहाँ पारिवरिक श्रम से परिवार के इस्तेमाल हेतु विभिन्न मौसमों में मौसमी फल तथा विभिन्न सब्जियाँ उगाई जाती है| पोषण वाटिका न केवल बच्चों को पौष्टिक सब्जियों और फलों का ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उन्हें कृषि के महत्व को भी समझने में मदद करती है।

MDM में बच्चों को मिलेगी कैंपस में उगाई सब्जियां :

स्कूली बच्चों को मध्यान भोजन में पोषक तत्वों की बहुलता के लिए विद्यालय परिसर में ही पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। यहाँ उगाई गयी सब्जियों का इस्तेमाल मध्यान भोजन में किया जायेगा। कुपोषण राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए मध्यान भोजन में पौष्टिक तत्वों युक्त फल और सब्जियां को शामिल करना जरुरी है। पोषण वाटिका का निर्माण जैविक तरीके से किया जायेगा।

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BMLT पाठ्यक्रम विवरण, पूर्ण प्रपत्र, पात्रता, अवधि और स्कोप की पूरी जानकारी यहाँ मिलेगी

मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है। ३ साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में आपको मेडिकल नमूनों के विश्लेषण में एक सफल करियर के लिए तैयार किया जाता है। इस दौरान आप आवश्यक प्रयोगशाला तकनीकों में हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे चिकित्सा निदान में मदद करने के लिए नमूनों का विश्लेषण करने में निपुणता प्राप्त होगी।

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कोर्स के दौरान शरीर रचना विज्ञान, शरीर विज्ञान, जैव रसायन, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी जैसे विषय पढ़ने होते हैं। सैद्धांतिक कक्षाओं, व्यावहारिक प्रयोगशाला सत्रों और नैदानिक प्रशिक्षण के माध्यम से, छात्र प्रयोगशाला तकनीकों, नमूना विश्लेषण, नैदानिक प्रक्रियाओं और प्रयोगशाला प्रबंधन में दक्षता विकसित करते हैं।

यह पाठ्यक्रम उन पेशेवरों के निर्माण में महत्वपूर्ण है जो चिकित्सा प्रयोगशालाओं को चलाने, परिष्कृत उपकरणों को संभालने और सटीक परीक्षण परिणाम सुनिश्चित करने में निपुण हैं। बीएमटीएल का महत्व स्वास्थ्य प्रणाली के अभिन्न सदस्य बनने के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने की क्षमता में निहित है, जो रोगियों के निदान और उपचार में डॉक्टरों की सहायता करता है।

12 वीं के बाद चुने पारा मेडिकल कोर्सेज। बढ़िया सैलेरी के साथ जॉब की गारंटी

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए छात्रों के पास ढेरों विकल्प हैं। मेडिकल लेबोरेटरी एक अभिन्न अंग है, जहाँ रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण, मल परीक्षण और अन्य परीक्षण होते हैं जो डॉक्टरों को बीमारी के निदान में मदद करते हैं। मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में कोर्स करने से बेहतरीन करियर के दरवाजे खुलते हैं।

बीएससी लैब टेक्नीशियन कोर्स में कैरियर स्कोप?

*बीएमएलटी पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, जो इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के लिए आशाजनक अवसर प्रदान कर रहे हैं। कुल मिलाकर बीएमटीएल की डिग्री हासिल करने से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी वेतन और वृद्धि की संभावनाओं के साथ एक लाभप्रद करियर के द्वार खुल जाते हैं।*

  • BMLT पूरा करने के बाद, आप विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, निजी और सरकारी अस्पतालों में रोजगार के अवसर पा सकता है।
  • पर्याप्त अनुभव प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपनी स्वयं की प्रयोगशाला परामर्श सेवाएं, स्वास्थ्य देखभाल केंद्र चला सकता है।
  • उच्च अध्ययन का भी है विकल्प । बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मास्टर डिग्री और फिर आगे की पढ़ाई है।
  • पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, व्यक्ति उत्पाद विकास, विपणन, बिक्री, गुणवत्ता आश्वासन, पर्यावरण स्वास्थ्य और बीमा के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकता है।
  • प्रमुख रोजगार क्षेत्र हैं- जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान प्रयोगशाला (ऊतक संवर्धन), रक्तदाता केंद्र, कॉलेज और विश्वविद्यालय, अस्पताल, सैन्य सेवाएं आदि

बीएमएलटी के लिए झारखण्ड राय विश्वविद्यालय क्यों चुनें?

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची एक सर्वश्रेष्ठ निजी विश्वविद्यालय है। यह पाठ्यक्रम सिद्धांत और व्यावहारिक का एक उत्कृष्ट मिश्रण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान, विश्वविद्यालय के उच्च योग्यता वाले शिक्षण संकाय छात्रों के समस्या-समाधान,अनुसंधान कौशल और विश्लेषणात्मक कौशल के उत्थान पर जोर देते हैं। विश्वविद्यालय शीर्ष संगठनों में इंटर्नशिप प्रदान करता है, जिससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त होता है।

BMLT में प्रवेश के लिए झारखण्ड राय विश्व विद्यालय से कैसे संपर्क करें?

प्रवेश लेने के छात्र सीधे एडमिशन कौंसलर से बात करें कॉल करें 1800 120 2546 ऑन लाईन आवेदन के लिए दिए गए लिंक का प्रयोग करें : https://jru.edu.in/OnlineApplicationForm/

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12 के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सुचना। क्लास 9 वीं से 11 वीं तक के मार्क्स जोड़ने की सिफ़ारिश

परफॉरमेंस असेसमेंट रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ‘परख’ ने सिफारिश की है कि 12वीं क्लास के फाइनल रिजल्ट में उस विद्यार्थी के 9, 10 और 11वीं के प्रदर्शन को भी जोड़ा जाए, जो उसने परीक्षा और असाइनमेंट के आधार पर अर्जित किया है । परख एक राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक है, जिसका अर्थ है “प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिये ज्ञान का विश्लेषण”.

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परख को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन के एक भाग के रूप में लागू किया गया है । यह एनसीइआरटी के एक हिस्से के रूप में कार्य करेगा । इसे “नेशनल अचीवमेंट सर्वे” (NAS) और “स्टेट अचीवमेंट सर्वे” (SAS) जैसे परीक्षण आयोजित करने का भी काम सौंपा जाएगा । इसका तीन प्रमुख कार्य व्यापक मूल्यांकन, स्कूल- आधारित मूल्यांकन तथा परीक्षा सुधार है । इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में स्कूल बोर्डों में मूल्यांकन को मानकीकृत करना है ।

परख की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को यह सुझाव दिया गया है कि क्लास 9, 10 और 11वीं के नंबरों को 12वीं क्लास की रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा जाए, और उसके आधार पर ही 12वीं का फाइनल रिजल्ट तैयार किया जाए ।परख की यह रिपोर्ट सभी स्कूल बोर्डों में मूल्यांकन पद्धति को एक समान बनाने की बात करती है।

परख की ओर से एक प्रमुख सिफारिश यह है कि किसी छात्र का क्लास 12 का जो फाइनल रिपोर्ट कार्ड होगा, उसमें क्लास 9 के लिए 15 फीसद, 10 के लिए 20 फीसद, 11 के लिए 25 फीसद और क्लास 12 के लिए 40 फीसद का वेटेज होगा ।परख की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों का यह मूल्यांकन फॉर्मेटिव और समेटिव, इन दोनों तरह के आकलनों का संयोजन होगा। जहां फॉर्मेटिव (रचनात्मक आकलन) से अर्थ है – समूह परिचर्चा, प्रोजेक्ट्स और विभिन्न असाइनमेंट के जरिए किसी छात्र का लगातार वर्ग मूल्यांकन. वहीं समेटिव से तात्पर्य है – छात्र सत्र के अंत में परीक्षा के माध्यम से अंक जुटाते हैं ।

रिपोर्ट के मुताबिक, क्लास 9 में फाइनल स्कोर का 70 फीसद फॉर्मेटिव असेसमेंट से, जबकि बाकी 30 फीसद समेटिव असेसमेंट से निर्धारित किया जाएगा। इसी तरह क्लास 10 में अंतिम स्कोर 50 फीसद फॉर्मेटिव से, जबकि 50 फीसद समेटिव असेसमेंट पर आधारित होगा। क्लास 11 में फॉर्मेटिंग का वेटेज कम होकर 40 फीसद रहेगा, जबकि समेटिव 60 फीसद होगा. क्लास 12 में फॉर्मेटिव असेसमेंट का वेटेज और घटेगा, और यह 30 फीसद रह जाएगा, जबकि फाइनल स्कोर का 70 फीसद अंक समेटिव असेसमेंट पर आधारित होगा । परख की इस सिफारिश को फीडबैक के लिए सभी स्कूल बोर्ड के साथ साझा किया जाना है ।

12वीं के बाद BMLT देगा कॅरियर को नयी उड़ान

कई राज्यों ने परख की रिपोर्ट पर एक नया नजरिया पेश करते हुए कहा है कि क्लास 9, 10 और 11 के प्रदर्शन को क्लास 12 के फाइनल रिपोर्ट कार्ड में शामिल करने के बजाय, क्लास 9 के स्कोर का 40 फीसद

और क्लास 10 के स्कोर का 60 फीसद क्लास 10 के फाइनल स्कोर में जोड़ा जाए। इसी तरह, क्लास 11 के स्कोर का 40 फीसद और क्लास 12 के स्कोर का 60 फीसद क्लास 12वीं के अंतिम स्कोर में शामिल किया जाए । परख इस साल अगस्त में अब अन्य स्कूल बोर्डों के साथ चर्चा करेगा. अगर इन सभी स्कूल बोर्डों की सहमति बनती है तो इसे जल्द ही लागू किया जा सकता है ।

परख की सीईओ प्रोफेसर इंद्राणी भादुड़ी की माने तो परख बोर्ड के नतीजों की समानता पर काम कर रहा है, जिसका तात्पर्य है हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड या समग्र प्रगति कार्ड( HPC) को बोर्ड के नतीजों के साथ मिलाने की योजना। इससे छात्रों पर शैक्षणिक तनाव कम करने में मदद मिलेगी और छात्रों में परीक्षा के प्रति भय की भावना भी दूर होगी, खासकर दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को।

CUET UG 2024 नतीजे घोषित: स्कोर को लेकर आपत्ति तो आज शाम तक करा सकते हैं ऑनलाइन शिकायत दर्ज

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने आख़िरकार सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा के परिणाम ऑनलाइन घोषित कर दिए हैं। एनटीए ने 28 जुलाई को रिजल्ट जारी किया है। जो उम्मीदवार मई 2024 और 19 जुलाई 2024 को आयोजित पुन: परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।

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रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को उनके रोल नंबर और जन्म तिथि का उपयोग करना होगा। इससे पहले इस साल 13.48 लाख से भी अधिक छात्र सीयूईटी यूजी परीक्षा में शामिल हुए थे। नतीजों की घोषणा के साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी।

CUET UG 2024:
इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इसमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं। कट ऑफ जारी होने के बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी । ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी।

CUET UG 2024 नतीजे घोषित:
सीयूईटी यूजी में 360 से 400 के बीच अंक पाने वाले सभी स्टूडेंट पास हैं इस परीक्षा में 480 अंक की गिनती अच्छे स्कोर में होती है. सीयूईटी यूजी रिजल्ट 2024 चेक करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन संख्या और जन्म तिथि का प्रयोग करना होगा. एनटीए ने सीयूईटी रिजल्ट 2024 के साथ ही सीयूईटी यूजी 2024 टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है. एनटीए ने 25 जुलाई को सीयूईटी यूजी का फाइनल आंसर-की जारी किया था. आंसर-की ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में हुई परीक्षा के लिए जारी किए गए थे।

सीयूईटी कट-ऑफ 2024 :
सीयूईटी परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विश्वविद्यालय अब अपनी संबंधित वेबसाइटों पर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 को जारी करेंगे. इसके बाद काउंसलिंग शुरू होगी. सीयूईटी परीक्षा 2024 पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए सीयूईटी यूजी काउंसलिंग 2024 में भाग लेना आवश्यक है. इस काउंसलिंग का आयोजन संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा किया जाएगा. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय या दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे टॉप विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवार इन विश्वविद्यालयों की संबंधित वेबसाइटों पर जाकर ऐसा कर सकते हैं. डीयू यूजी प्रवेश के लिए सीयूईटी स्कोर कम से कम 480 से 500 के बीच होना चाहिए।

सीयूईटी यूजी की मार्किंग स्कीम :
एनटीए ने सीयूईटी यूजी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में मार्किंग स्कीम की बात करें तो एक प्रश्न के सही उत्तर पर उम्मीदवार को पांच अंक जबकि गलत उत्तर देने पर एक अंक काटे हैं. हालांकि अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर के लिए कोई अंक नहीं काट गए हैं।

CUET UG रिजल्ट पर आपत्ति है तो आज शाम तक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं :
एनटीए ने सीयूटी यूजी का परिणाम जारी कर दिया है। छात्र अपना स्कोरकार्ड अच्छी तरह चेक कर लें क्योंकि एनटीए ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। अगर कोई कैंडिडेट अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है या उन्हें स्कोरकार्ड में कोई गड़बड़ी लग रही है तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. छात्र ई-मेल या फ़ोन नंबर के जरिये अप्पति दर्ज करा सकते हैं।

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मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र (मानस) ड्रग तस्करी के खिलाफ राष्ट्रीय पोर्टल

मादक पदार्थों से जुड़े अपराध के लिए फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933

केंद्र सरकार ‘नशा मुक्त भारत’बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत विजन को साकार करने के लिए नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 की शुरुआत की है। जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थ से जुड़े अपराधों की सूचना दे सकेगा। यह हेल्पलाइन नंबर नागरिकों को ड्रग से संबंधित अपराधों की रिपोर्ट करने और गोपनीय रूप से सहायता प्राप्त करने की अनुमति देगा।

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एनसीबी द्वारा निगरानी की जाने वाली इस पहल का उद्देश्य ड्रग तस्करी, अवैध बिक्री और पुनर्वास जैसे मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल मंच बनाना है। मानस ड्रग तस्करी के खिलाफ देश की ‘शून्य सहिष्णुता नीति’ के अनुरूप तैयार किया गया है।

नशा मुक्त भारत विजन:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है। पीएम मोदी के 2047 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में यह पहल मददगार साबित होगी।

टोल फ्री नंबर 1933 जिसका नाम मानस रखा गया है का अर्थ है ‘मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र’ या मादक पदार्थ निषेध खुफिया केंद्र।इस हेल्पलाइन का उद्देश्य हर नागरिक के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल मंच स्थापित करना है, जहां वह 24×7 नशीली दवाओं से संबंधित मामलों की आसानी से रिपोर्ट कर सके। यह विशेष पोर्टल नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध बिक्री, खरीद, भंडारण, निर्माण और नशीली दवाओं या मनोदैहिक पदार्थों की अवैध खेती सहित नशीली दवाओं से संबंधित मामलों की एक श्रृंखला को संबोधित करने के लिए समर्पित है।

नो ड्रग/ प्लास्टिक फ्री कैंपस :
झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची का नामकुम कैंपस नो ड्रग और प्लास्टिक फ्री कैंपस को लेकर संकल्पित है। समय – समय पर इसके लिए विद्यार्थियों के सहयोग से जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े स्वयंसेवक कैंपस के अलावा आस पास के गांव में ग्रामीणों को इन बतरों की जानकारी भी प्रदान करते हैं।

मानस हेल्पलाइन लिंक पर नागरिकों द्वारा दी गई पहचान और सभी जानकारी गोपनीय रहेगी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पहले विवरणों को सत्यापित करेगा और भारतीय कानून की स्थापित प्रक्रियाओं और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के अनुसार उचित समझे जाने

पर कार्रवाई शुरू करेगा। नागरिक किसी भी नशीली दवाओं से संबंधित अपराध की रिपोर्ट कर सकते हैं और मानस हेल्पलाइन का उपयोग करके पुनर्वास और परामर्श के बारे में मदद मांग सकते हैं।

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CUET UG के कितने स्कोर पर किस कॉलेज में मिलेगा दाखिला जानें। कट ऑफ पार नहीं कर पाने वालों के लिए भी है ऑप्शन

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 25 जुलाई, 2024 तक सीयूईटी परिणाम 2024 की घोषणा कर सकती है। इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। CUET परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक छात्र को एन टी ए से सामान्यीकृत सीयूईटी स्कोर या परिणाम प्राप्त होंगे। अधिकार प्राप्त अंकों और अन्य प्रभावशाली कारकों के आधार पर मेरिट सूची जारी होगी ।

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सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

कट ऑफ जारी होने के बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी । ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी। काउंसलिंग सत्र के दौरान आपको अपनी सभी शैक्षणिक ट्रांसक्रिप्ट प्रस्तुत करनी होंगी अन्यथा, आपको प्रक्रिया से बाहर भी किया जा सकता है।

सीयूईटी यूजी कट ऑफ जारी होने के बाद कैसे मिलेगा एडमिशन
सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे. इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सीयूईटी रिजल्ट आने के बाद आपको अपने सीईटी पर्सेंटाइल के आधार पर यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करना होगा। हर यूनिवर्सिटी कॉलेज वाइज और कोर्स वाइज अपना अलग-अलग कट ऑफ जारी करेंगे। अगर आप उस कट ऑफ में आते हैं तो आपको एडमिशन मिलेगा। यूनिवर्सिटीज अपने स्तर पर लिस्ट तैयार करेंगी।

सीयूईटी स्कोर से कॉलेज में एडमिशन कैसे होगा?
सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

सीयूईटी रिजल्ट आने के बाद आपको अपने सीईटी पर्सेंटाइल के आधार पर यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करना होगा। हर यूनिवर्सिटी कॉलेज वाइज और कोर्स वाइज अपना अलग-अलग कट ऑफ जारी करेंगे। अगर आप उस कट ऑफ में आते हैं तो आपको एडमिशन मिलेगा। यूनिवर्सिटीज अपने स्तर पर लिस्ट तैयार करेंगी।

सीयूईटी यूजी में कम स्कोर लेन वालों को कहां मिलेगा एडमिशन
CUET UG 2024 के परिणाम जल्द ही घोषित होने वाले हैं। विद्यार्थियों को रिजल्ट का बेसब्री से इंजार है। सीयूईटी यूजी के रिजल्ट से पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) फाइनल आंसर की जारी करेगी ।रिजल्ट के बाद स्टूडेंट्स एडमिशन की तैयारी में लग जाएंगे। कट ऑफ जारी होने के बाद बहुत सारे स्टूडेंट्स को उनकी पसंद का कॉलेज या यूनिवर्सिटी नहीं मिल पाती है ऐसे छात्रों को निराश होने की जरुरत नहीं है। देश के कई निजी और सरकारी संस्थान के द्वार आपके लिए खुले हैं। यहां आप अपनी पसंद के विषय के साथ गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूजीसी ने अपनी जानकारी में बताया है कि सीयूईटी यूजी के लिए 46 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 32 स्टेट यूनिवर्सिटी, 20 डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा 96 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 6 सरकारी संस्थानों ने भी ग्रेजुएशन में एडमिशन देने के लिए सीयूईटी यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

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CUET UG: 25 जुलाई को आएगा रिजल्ट । कट ऑफ के आधार पर होगा एडमिशन

सीयूईटी यूजी परीक्षा के सफल आयोजन के बाद, अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 25 जुलाई, 2024 तक सीयूईटी परिणाम 2024 की घोषणा कर सकती है। पहले नतीजे 30 जून को आने वाले थे लेकिन दोबारा परीक्षा आयोजित होने के कारण नतीजे आने में देरी हुई। एक बार परिणाम आने के बाद, सभी उम्मीदवार आधिकारिक परिणाम पोर्टल पर लॉग इन करके उन्हें जांच और डाउनलोड कर सकेंगे।

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इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUETUG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। परीक्षा भारत भर के 379 विभिन्न शहरों और भारत के बाहर 26 शहरों में आयोजित की गई थी। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी 2024 के लिए लगभग 13.48 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए। इसके अलावा, लगभग 1 लाख 58,000 हजार उम्मीदवार 29 मई को आयोजित सीयूईटी यूजी परीक्षा 2024 में उपस्थित हुए।

CUET 2024 कट ऑफ क्या है ?

“कट ऑफ” शब्द किसी परीक्षा में न्यूनतम स्कोर या रैंकिंग का वर्णन करता है जिसे प्रवेश के लिए आवेदन चुनते समय ध्यान में रखा जाता है। कट-ऑफ वह पैरामीटर है जो सीयूईटी प्रवेश के लिए सबसे अधिक भिन्न होता है। फिर भी, यह परीक्षा आपके लिए पसंदीदा कॉलेजों की सूची में सीयूईटी विश्वविद्यालयों में से कई में प्रवेश करना आसान बना देगी।

CUET ADMISSION

सीयूईटी कट ऑफ 2024 कैसे होगा तैयार ?

CUET परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक छात्र को एन टी ए से सामान्यीकृत सीयूईटी स्कोर या परिणाम प्राप्त होंगे। अधिकारी प्राप्त अंकों और अन्य प्रभावशाली कारकों के आधार पर मेरिट सूची जारी होगी ।

  • सीयूईटी 2024 देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या
  • उस विशेष विश्वविद्यालय में कुल कितनी सीटें उपलब्ध हैं?
  • विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित छात्र श्रेणी और संबंधित आरक्षण आवश्यकताएँ।
  • छात्रों का वह सम्पूर्ण समूह जो प्रवेश परीक्षा देने के लिए पात्र था।
  • अभ्यर्थियों का प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन।
  • पिछले कट-ऑफ पैटर्न ।

विश्वविद्यालयों द्वारा जारी CUET 2024 कट-ऑफ की जांच कैसे करें?

  • संबंधित सीयूईटी कॉलेज की आधिकारिक वेबपेज पर जाएं।
  • होम पेज पर अधिसूचना टैब से “CUET कट-ऑफ” लिंक पर क्लिक करें।
  • आपकी स्क्रीन पर एक नया लॉगिन पेज खुलेगा।
  • अब आपको पंजीकरण के समय बनाया गया आवेदन क्रमांक और पासवर्ड दर्ज करना होगा।
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • यह स्क्रीन पर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 पीडीएफ दिखाएगा।
  • फ़ाइल को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसे अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में सेव कर लें।

सीयूईटी 2024 कट-ऑफ काउंसलिंग :
परिणाम घोषित होने के बाद भाग लेने वाले विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी ।

सीयूईटी काउंसलिंग 2024 प्रक्रिया के लिए अपने साथ निम्नलिखित कागज़ात साथ लेकर आएं।

  • कक्षा 10वीं का प्रमाण पत्र
  • कक्षा 12वीं का प्रमाण पत्र
  • आचरण प्रमाण पत्र
  • स्थानांतरण प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • आरक्षण प्रमाणपत्र

ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी। काउंसलिंग सत्र के दौरान आपको अपनी सभी शैक्षणिक ट्रांसक्रिप्ट प्रस्तुत करनी होंगी अन्यथा, आपको प्रक्रिया से बाहर किए जाने का जोखिम है।

अगर आप कानून की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम ने विधि की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए लॉ में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए क्लैट परीक्षा आयोजन की घोषणा कर दी है। क्लैट का फुल फॉर्म है- कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज का कंसोर्टियम ( NLU) क्लैट एग्जाम का आयोजन करता है। क्लैट 2025 का फॉर्म ऑनलाइन आ चुका है।

Law strip

15 जुलाई से क्लैट 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू हो गई है। आप 15 अक्टूबर 2024 तक इस परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। क्लैट परीक्षा (2025) 1 दिसंबर 2024 को आयोजित होनी है। इस दिन दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक परीक्षा होगी। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का समय शाम 4:40 बजे तक रहेगा।

कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों की पहली प्राथमिकता कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट ( क्लैट ) में सफलता हासिल करना। अगर आप भी लॉ के पांच वर्षीय पाठ्यक्रम बीए एलएलबी में एडमिशन लेना कहते हैं तो समय आ चूका है। क्लैट परीक्षा के लिए खुद को करें तैयार।

आ गई CLAT 2025 एग्जाम की डेट

अगर आप भी वकील बनने का सपना देखते हैं और आप 12वीं पास हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है. देश के 24 राष्ट्रीय लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर कानून की बारीकियों को सीखने का बेहतरीन मौका मिलने जा रहा है. इसके लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2025 की परीक्षा पास करना होगी. इस प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी उम्मीदवारों को देश के 24 एनएलयू में प्रवेश मिलता है ।

क्लैट परीक्षा पात्रता :

5 वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए:
उम्मीदवारों को न्यूनतम 45 % अंकों के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सामान्य, ओबीसी, विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी), के उम्मीदवारों के लिए 40% या इसके समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है।

क्लैट 2025 आवेदन शुल्क :
CLAT परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के छात्रों को 4,000 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा , जबकि एससी, एसटी और बीपीएल श्रेणियों के छात्रों को 3,500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा।

क्लैट परीक्षा पाठ्यक्रम :
CLAT 2024 2 घंटे की परीक्षा होगी जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा, तथा प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक का नकारात्मक अंकन होगा। परीक्षा में शामिल पांच क्षेत्र हैं – अंग्रेजी भाषा, जीके (सामान्य ज्ञान) सहित करंट अफेयर्स, कानूनी तर्क, तार्किक तर्क, मात्रात्मक तकनीक।

  • अंग्रेजी भाषा और पठन समझ- 28 से 32 प्रश्न
  • कानूनी जागरूकता – 28 से 32 प्रश्न
  • तार्किक तर्क (आलोचनात्मक तर्क पर ध्यान केन्द्रित करना)- 30प्रश्न
  • मात्रात्मक योग्यता / तकनीक – डेटा व्याख्या -30 प्रश्न
  • जीके और करंट अफेयर्स | पैसेज आधारित – 30 प्रश्न

BA LLB के बाद विधि क्षेत्र में अवसर:

न्यायाधीश :
न्यायधीश होना भारत की सबसे ज्यादा सम्मानित नौकरियों में से एक है। इसके लिए उम्मीदवारों को न्यायपालिका परीक्षा में शामिल होना होता है। परीक्षा पास करने के साथ ही उच्च न्यायालय में बतौर वकील 7 से 10 साल के अनुभव के बाद आप जज के पोस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कानूनी सलाहकार :
कानूनी सलाहकार का काम बड़े निगम या संगठन के साथ ही ग्राहक को कानूनी सलाह देना है। सलाहकार की जिम्मेदारी एग्रीमेंट्स तैयार करना, बातचीत करना, कॉर्पोरेट कानूनों का पालन करना और कर्मचारियों के साथ ही मैनेजमेंट से जुड़े विवादों में सलाह देना होता है। एक कानूनी सलाहकार बनने के लिए, उम्मीदवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ के साथ एक योग्य वकील होना चाहिए। और उस क्षेत्र विषय में कुछ अनुभव भी जरुरी होता है।

कंपनी सचिव :
कंपनी सचिवों को कंपनी चलाने के अहम पहलुओं के साथ-साथ कानूनी मामलों की अच्छी समझ होनी चाहिए। इसलिए बीए एलएलबी जैसी लॉ की डिग्री वाले छात्रों के पास कंपनी सेक्रेटरी बनने का बेहतरीन विकल्प होते हैं।

GPAT Exam Blog Img

GPAT 2024 में झारखंड राय विश्वविद्यालय के 5 विद्यार्थियों को सफलता

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने सोमवार को आधिकारिक वेबसाइट GPAT के नतीजे जारी कर दिया है। ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) परीक्षा 2024 में झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के 5 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त किया है। सफल होने वाले छात्रों का नाम रवि शंकर गुप्ता ( रैंक 413 ), आदित्य कुमार (रैंक 939). सुनील कुमार (रैंक 1423), शिबू कुमार (रैंक 1553) शशि कुमार (रैंक 2933) शामिल हैं।

GPAT और फार्मेसी कोर्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए क्लिक करें :

राष्ट्रीय स्तर के ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) की परीक्षा का आयोजन नैशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA करती है। पहले इसका आयोजन ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) द्वारा कराया जाता था। परीक्षा में सफल छात्रों को एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों, यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिला मिलता है।

क्या है GPAT परीक्षा ?
ग्रैजुएट फार्मेसी ऐप्टिट्यूड टेस्ट यानी जीपैट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश पर हर साल किया जाता है। इसके आधार पर उपयुक्त फार्मेसी ग्रैजुएट्स का चुनाव किया जाता है जिनका मास्टर प्रोग्रामों यानी एम फार्मा कोर्स में दाखिला होता है। जीपैट तीन घंटे का ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा है। परीक्षा का आयोजन एक ही सत्र में होता है।

GPAT स्कोर पर दाखिला :
जीपैट परीक्षा में प्राप्त स्कोर को एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त सभी संस्थानों/यूनिवर्सिटी के विभागों/यूनिवर्सिटी के कॉलेजों या उससे संबद्ध कॉलेजों में स्वीकार किया जाता है। जीपैट परीक्षा में अच्छा स्कोर करने वालों को स्कॉलरशिप और अन्य वित्तीय सहायता भी जीपैट के स्कोर के आधार पर मुहैया कराई जाती है।

जीपैट परीक्षा में बैठने के लिए परीक्षार्थी के पास चार साल का बी.फार्मा या समकक्ष फार्मेसी बैचलर डिग्री कोर्स होना चाहिए। फाइनल ईयर वाले स्टूडेंट्स भी परीक्षा फॉर्म भर कर अप्लाई कर सकते हैं। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद आपको M. Pharma में एडमिशन मिलता है। जीपैट परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई एज लिमिट नहीं है।

GPAT की तैयारी कैसे करें:

  • जीपैट एग्जाम की तैयारी के लिए आप सबसे पहले अपने कमजोर विषयों की लिस्ट बनाकर उनसे संबंधित टॉपिक के नोट्स बनाएं।
  • जो भी विषय या टॉपिक आपका कमजोर है उसके महत्वपूर्ण टॉपिक्स को पढ़ने और समझने में ज्यादा समय दें।
  • पिछले साल के प्रश्नपत्रों को अधिक से अधिक हल कर इसका अभ्यास करें। आप ऑनलाइन मॉक टेस्ट देकर GPAT परीक्षा के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करते हैं।
  • आप इसके अलावा बाज़ार में उपलब्ध प्रतियोगी परीक्षा पुस्तकों की सहायता से एवं मॉडल प्रश्न पत्रों को हल करके GPAT एग्जाम की अच्छी तैयारी कर सकते हैं।