Archives

bpharm JRU blog

झारखंड राय विश्वविद्यालय के फार्मेसी स्टूडेंट को मिला बेस्ट इंटर्न का अवार्ड

झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची के डिपार्टमेंट ऑफ़ डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मासूटिकल्स साइंसेज के बैचलर ऑफ़ फार्मेसी के फाइनल ईयर के स्टूडेंट आसिफ अनवर को बेस्ट इंटर्न का अवार्ड मिला है। हैदराबाद स्तिथ सूरा फार्मा लैब में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कर रहे आसिफ अनवर को कंपनी ने उनके बेहतर परफॉमेंस को देखते हुए बेस्ट इंटर्न घोषित किया है। सूरा फार्मा लैब एक आईएसओ सर्टिफ़िएड फार्मा लैब है।

JRU STRIP Pharma

एक महीने के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के दौरान चयनित विद्यार्थियों को गुणवत्ता नियंत्रण, गुणवत्ता आश्वासन और उत्पादन विभाग में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। सुरा फार्मा द्वारा व्यक्तिपरक आधारित मूल्यांकन प्रयोगशाला विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में सभी को प्रशिक्षित किया गया। झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची के बी फार्म के छात्र आसिफ अनवर ने प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया और सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में सम्मानित हुए। उन्होंने सर्वाधिक 87.5% अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय का फैकल्टी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज
झारखंड राय विश्ववविद्यालय रांची फार्मासूटिकल्स एंड हेल्थ साइंस में कई कोर्स संचालित करता है। डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मासूटिकल्स साइंसेज के अंतर्गत डप्लोमा इन फार्मेसी (2वर्षीय) एवं बैचलर ऑफ़ फार्मेसी (4वर्षीय) कोर्स सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है वहीं फैकल्टी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज के अन्तर्गत बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी बैचलर ऑफ़ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (BMLT) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। । बीएमएलटी मेडिकल फील्ड में योगदान देने के प्रति जुनून रखने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प है।

आसिफ ने अपनी सफलता के लिए विभाग के शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सरहना करते हुए कहा कि “संकाय शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके सहयोग के कारण मुझे यह सम्मान प्राप्त हुआ है। आसिफ ने बताया कि फार्मासूटिकल्स साइंस संकाय में पढ़ाई के दौरान प्रैक्टिकल करने के लिए लैब की सुविधा प्राप्त होती है। यह व्यावहारिक ज्ञान मुझे काफी मददगार साबित हुआ। विभाग के छात्र की इस सफलता पर सभी संकाय सदस्यों ने उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हर्ष व्यक्त किया है।

Ragging Blog

रैगिंग फ्री कैंपस : विद्यार्थी सुरक्षा एवं करियर विकास पर कार्यशाला का आयोजन

झारखंड राय विश्व विद्यालय रांची के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं जेंडर चैंपियन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में नेशनल एंटी रैगिंग सप्ताह पर शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। “रैगिंग फ्री कैंपस को प्राथमिकता : विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं करियर विकास” विषय पर आयोजित कार्यशाला के मुख्य वक्ता झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राहुल देव थे। कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया। इसके उपरांत मुख्य वक्ता को वाणिज्य और प्रबंधन विभाग की डीन डॉ० हरमीत कौर ने पौधा देकर सम्मानित किया।

ALL PROGRAMS-STRIP

कार्यशाला का संचालन लाइफ स्किल विभाग की सहायक प्राध्यापक मानुषी रॉय ने किया उन्होंने मुख्य वक्त का परिचय कराते हुए कहा की झारखंड राय विश्व विद्यालय रांची रैगिंग मुक्त कैंपस है। यहाँ एक बेहतर वातावरण में विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में रैगिंग एक चिंताजनक वास्तविकता है। इस तथ्य के बावजूद कि पिछले कुछ वर्षों में रैगिंग ने सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान ले ली है और हजारों प्रतिभाशाली छात्रों के करियर को बर्बाद कर दिया है, कई लोग अभी भी इस प्रथा को कॉलेज के युवाओं के लिए परिचय का एक माध्यम मानते हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले अन्य संगठनों/निकायों ने भी रैगिंग को परिभाषित करने का प्रयास किया है ।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय रांची रैगिंग फ्री कैंपस :

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची एक रैगिंग मुक्त कैंपस है। विश्वविद्यालय ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुए इसके रोकथाम के लिए कार्य कार्य किये हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने वाले हर विद्यार्थी को सर्वप्रथम अपना पूर्ण ब्योरा विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकाय में जमा करना होता है। विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग से सम्बंधित एक भी घटना नहीं घटे इसके लिए एंटी रैगिंग कमेटी ,एंटी रैगिंग स्क्वॉड का निर्माण किया गया है। झारखंड राय विश्वविद्यालय का मेंटरशिप प्रोग्राम भी एक बेहद कारगर उपाय साबित हुआ है जिसने शिक्षक और विद्यार्थी संवाद के जरिये इस प्रकार की किसी भी घटना को परिसर में होने से रोका है।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राहुल देव ने रैगिंग फ्री कैंपस को प्राथमिकता : विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं करियर विकास विषय पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा की रैगिंग को किसी भी अव्यवस्थित आचरण के रूप में परिभाषित किया गया है,चाहे वह बोले गए शब्दों द्वारा या लिखित रूप से या किसी कार्य द्वारा किया गया प्रभाव हो किसी नए या जूनियर छात्र को चिढ़ाना, उसके साथ व्यवहार करना या उसके साथ अभद्र व्यवहार करना। उपद्रवी या अनुशासनहीन गतिविधि में शामिल होना जो झुंझलाहट, कठिनाई, या मनोवैज्ञानिक हानि का कारण बनता है या उत्पन्न होने की संभावना है या भय या आशंका पैदा करता है। एक नए या जूनियर विद्यार्थियों से ऐसा कोई कार्य या कृत्य प्रदर्शन को कहना जिसे करने में शर्मिंदगी या शर्मिंदगी की भावना उत्पन्न होती हो रैगिंग की श्रेणी में शामिल मन जायेगा। रैगिंग किसी भी नए या कनिष्ठ छात्र के शरीर या मानस पर प्रतिकूल प्रभाव डालने का कार्य करता है ।

इसके प्रतिकूल प्रभाव के कारण विद्यार्थी अवसाद, चिंता और कभी-कभी आत्महत्या की स्थिति में पहुँच जाता है । इस प्रकार के कृत्य में दोषी पाए जाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और विधि के नियमों के अनुरूप विद्यार्थी को दंडित किया जा सकता है।

रैगिंग क्या है ?

कॉलेज या विश्व विद्यालय में अगर जूनियर या सीनियर किसी स्टूडेंट्स की जाति, धर्म, रंग, लिंग,अपीयरेंस, राज्य या आर्थिक स्थिति पर तंज कसते हैं तो उन पर एंटी रैगिंग एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाने पर उन्हें रेस्टिकेट, सस्पेंड, एडमिशन कैंसिल, फाइन, किसी भी कंपटीशन या यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेने से रोकने जैसे एक्शन लिए जा सकते हैं। यूजीसी ने रैगिंग रोकने के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने पर सख्त एक्शन लेने के आदेश दिए हैं।

यह व्यवहार रैगिंग माना जाएगा :

यूजीसी द्वारा संशोधित कानून के तहत किसी भी स्टूडेंट को उसके रंग, वंश, धर्म, जाति, नस्ल, लिंग(ट्रांसजैंडर भी), लैंगिक रुझान, रूप-रंग, राष्ट्रीयता, राज्य, भाषा, जन्म के स्थान, रहने की जगह या फिर इकोनॉमिक बैकग्राउंड के आधार पर किसी भी तरह का शारीरिक और मानसिक शोषण(डराना और बहिष्कार) करने पर सजा का प्रावधान रखा है।

  1. अगर संस्थान या हॉस्टल में किसी स्टूडेंट (छात्र या छात्रा) को उसके रंग रूप या पहनावे के आधार पर टिप्पणी की जाए और उसके स्वाभिमान को आहत किया जाए। उसे अजीबो गरीब नाम लेकर पुकारने और प्रताड़ित करने को भी रैगिंग माना जाएगा।
  2. किसी स्टूडेंट को उसकी क्षेत्रीयता , भाषा या जाति के आधार पर अपमान जनक नाम लेकर पुकारना और प्रचलित करना भी रैगिंग की श्रेणी में आएगा।
  3. स्टूडेंट की नस्ल या पारिवारिक अतीत या आर्थिक पृष्ठभूमि को लेकर उसे लज्जित करना और अपमान करना रैगिंग माना जाएगा।
  4. छात्राओं खासकर नई छात्राओं को अजीबोगरीब नियमों के तहत परेशान करना या अपमान जनक टास्क देना भी रैगिंग माना जाएगा।
  5. यूजीसी ने स्पष्ट कहा है कि यदि धर्म, जाति या क्षेत्रीयता के आधार पर किसी छात्र को मजाक से भी अपमानजनक लगता है तो उसे रैगिंग की श्रेणी में माना जाएगा।

झारखंड राय विश्व विद्यालय रांची के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से नेशनल एंटी रैगिंग सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यशाला को सफल बनाने में प्रो० ओ० पी ० सत्यम , प्रो० मानुषी रॉय, विधि संकाय की प्रो ० रजिया सैयद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में फार्मास्यूटिकल साइंस संकाय के प्रो० रणधीर गुप्ता भी उपस्थित थे।

nasha mukat Blog

झारखंड राय विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने नशा मुक्त भारत अभियान पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। भारत सरकार के संयुक्त सचिव (SD) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर देश भर में चलाये जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्रता’ थीम पर इस वर्ष देश भर में नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया इसी सिलसिले में झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के एनएसएस सेल ने विश्वविद्यालय शिक्षकों, कर्मियों और विद्यार्थियों के बीच नशा उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान सामूहिक स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। सभी कर्मियों और विद्यार्थियों ने शपथ दुहराते हुए नशा मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया और खुद भी नशे की गिरफ्त से दूर रहकर एक दूसरे को जागरूक करने का वादा किया।

ALL PROGRAMS-STRIP

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम को केंद्रीय सामाजिक मंत्री श्री डॉ. वीरेंद्र कुमार एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने ऑन लाइन संबोधित किया यह संबोधन छात्रों के लिए अपनी चिंताओं को व्यक्त करने और नशा उन्मूलन में सहयोगी बनने पर मार्गदर्शन प्राप्त करने में सफल साबित हुआ। समारोह के जरिये छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सफलतापूर्वक एक मंच पर लाकर उन्हें एक साथ कार्य करने को प्रेरित करता है। मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए एकजुट करता है। नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में विश्वविद्यालय की सक्रिय भागीदारी एवं संलग्नता आवश्यक शर्त है। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एनएसएस के स्वयंसेवकों ने देश को नशा मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया।

झारखंड राय विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य :

  • छात्रों और संकाय सदस्यों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के बारे में शिक्षित करना।
  • नशा-मुक्त जीवन शैली को बढ़ावा देना, और जागरूक बनाने के महत्व पर प्रकाश डालना।
  • विद्यार्थियों एवं शिक्षकों / कर्मचारियों के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, की गहरी समझ को बढ़ावा देना ।
  • नशीली दवाओं के उपयोग के सामाजिक प्रभावों के साथ-साथ प्रतिभागियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना
  • अपने समुदायों के भीतर नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मददगार साबित होना ।

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची एनएसएस सेल :

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार, युवा मामले और खेल मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है। यह +2 बोर्ड स्तर पर स्कूलों की 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र युवाओं और महाविद्यालय व विश्वविद्यालय स्तर पर तकनीकी संस्थानों, स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र युवाओं को सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न सामुदायिक सेवा गतिविधियों और कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्र युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य है। ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ यह एनएसएस का उद्देश्य है। वर्तमान में देश के 657 विश्वविद्यालयों 20 हजार से अधिक कॉलेज/तकनीकी संस्थान एवं लगभग 12 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एनएसएस इकाई कार्यरत है। स्थापना के बाद से 7 करोड़ से अधिक छात्र छात्राएं एनएसएस से लाभान्वित हुए हैं।

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के एनएसएस इकाई के द्वारा नामकुम प्रखंड के 5 गांव को गोद लिया गया है। इन गांव में एनएसएस स्वयंसेवकों के द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाया जाता है। नशा मुक्त भारत अभियान पर चलाये गए जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय एनएसएस समन्वयक प्रो० ओ० पी० सत्यम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Kitchen Gardening

झारखंड राय विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने दिया पोषण वाटिका निर्माण पर प्रशिक्षण

झारखंड राय विश्वविद्यालय के सहयोग से जेसीईआरटी, रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) द्वारा मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के सहयोग से जेसीईआरटी, रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के द्वारा मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न विभिन्न जिलों के 33 टीजीटी और पीजीटी शिक्षक शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्राकृतिक खेती के ढांचे में मॉडल पोषण उद्यान से संबंधित ज्ञान और कौशल के बारे में जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण के पहले दिन आदर्श पोषण वाटिका के सैद्धांतिक पहलुओं जैसे लेआउट, फसल चयन, प्रौद्योगिकी और उत्पादन के विषय के पर जानकारी देने का कार्य किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों को नर्सरी तैयार करना, बीज बोना, सब्जियों और फलों की रोपण तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया।

JRU STRIP AGRI-13

बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स ) की पढ़ाई करने दूसरे राज्यों से आते है स्टूडेंट्स

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, राँची में संचालित कृषि स्नातक प्रतिष्ठा पाठ्यक्रम (बीएससी इन एग्रीकल्चर ऑनर्स) रोजगारपरक और उद्यमिता से जुड़ा पाठ्यक्रम है। कृषि शिक्षा के प्रति युवाओं रुझान बढ़ा है । इस क्षेत्र में भरपूर संभावनाएं है। कृषि स्नातक प्रतिष्ठा पाठ्यक्रम 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है। झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, राँची का जोर गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा पर है। इसी कारण झारखण्ड के अलावा बिहार, बंगाल और ओड़िसा से भी छात्र आकर यहाँ पढ़ाई करते हैं । कृषि संकाय के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विश्ववविद्यालय परिसर के अंदर ही 20 एकड़ भूमि आवंटित है। बीएससी इन एग्रीकल्चर (ऑनर्स) पाठ्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पांचवीं डीन रिपोर्ट कि अनुसंशाओं के अनुसार तैयार कि गयी है ।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों को प्राकृतिक खेती के सैद्धांतिक पहलुओं और प्राकृतिक खेती के घटकों जैसे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई वहीं सत्र के दूसरे भाग में इन घटकों के निर्माण, तैयारी और सुरक्षा उपायों के व्यावहारिक पहलुओं का अभ्यास कराया गया।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के कृषि संकाय के डॉ. आर.पी. सिंह रतन, (डीन कृषि) और नेहा कुमारी सिंह, सहायक प्राध्यापक को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था । इसके साथ ही के वी के गढ़वा और लोहरदगा से एक-एक वैज्ञानिक भी मास्टर ट्रेनर के तौर पर उपस्थित थे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने-अपने जिलों में आदर्श पोषण वाटिका के प्राप्त प्रशिक्षण को दोहराया।

ज्ञात हो कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के मॉडल पोषण उद्यान (आदर्श पोषण वाटिका) प्रयास के परिणामस्वरूप इस वर्ष जुलाई महीने के अंत तक राज्य के के चयनित स्कूलों में 31000 से अधिक आदर्श पोषण वाटिका स्थापित की गई हैं।

आदर्श पोषण वाटिका क्या है?

पोषण वाटिका या रसोईघर बाग़ या फिर गृह वाटिका उस वाटिका को कहा जाता है, जो घर के अगल बगल में घर के आंगन में ऐसी खुली जगह पर होती हैं, जहाँ पारिवरिक श्रम से परिवार के इस्तेमाल हेतु विभिन्न मौसमों में मौसमी फल तथा विभिन्न सब्जियाँ उगाई जाती है| पोषण वाटिका न केवल बच्चों को पौष्टिक सब्जियों और फलों का ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उन्हें कृषि के महत्व को भी समझने में मदद करती है।

MDM में बच्चों को मिलेगी कैंपस में उगाई सब्जियां :

स्कूली बच्चों को मध्यान भोजन में पोषक तत्वों की बहुलता के लिए विद्यालय परिसर में ही पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। यहाँ उगाई गयी सब्जियों का इस्तेमाल मध्यान भोजन में किया जायेगा। कुपोषण राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए मध्यान भोजन में पौष्टिक तत्वों युक्त फल और सब्जियां को शामिल करना जरुरी है। पोषण वाटिका का निर्माण जैविक तरीके से किया जायेगा।

bmlt blog

BMLT पाठ्यक्रम विवरण, पूर्ण प्रपत्र, पात्रता, अवधि और स्कोप की पूरी जानकारी यहाँ मिलेगी

मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है। ३ साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में आपको मेडिकल नमूनों के विश्लेषण में एक सफल करियर के लिए तैयार किया जाता है। इस दौरान आप आवश्यक प्रयोगशाला तकनीकों में हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे चिकित्सा निदान में मदद करने के लिए नमूनों का विश्लेषण करने में निपुणता प्राप्त होगी।

JRU STRIP BMLT

कोर्स के दौरान शरीर रचना विज्ञान, शरीर विज्ञान, जैव रसायन, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी जैसे विषय पढ़ने होते हैं। सैद्धांतिक कक्षाओं, व्यावहारिक प्रयोगशाला सत्रों और नैदानिक प्रशिक्षण के माध्यम से, छात्र प्रयोगशाला तकनीकों, नमूना विश्लेषण, नैदानिक प्रक्रियाओं और प्रयोगशाला प्रबंधन में दक्षता विकसित करते हैं।

यह पाठ्यक्रम उन पेशेवरों के निर्माण में महत्वपूर्ण है जो चिकित्सा प्रयोगशालाओं को चलाने, परिष्कृत उपकरणों को संभालने और सटीक परीक्षण परिणाम सुनिश्चित करने में निपुण हैं। बीएमटीएल का महत्व स्वास्थ्य प्रणाली के अभिन्न सदस्य बनने के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने की क्षमता में निहित है, जो रोगियों के निदान और उपचार में डॉक्टरों की सहायता करता है।

12 वीं के बाद चुने पारा मेडिकल कोर्सेज। बढ़िया सैलेरी के साथ जॉब की गारंटी

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए छात्रों के पास ढेरों विकल्प हैं। मेडिकल लेबोरेटरी एक अभिन्न अंग है, जहाँ रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण, मल परीक्षण और अन्य परीक्षण होते हैं जो डॉक्टरों को बीमारी के निदान में मदद करते हैं। मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में कोर्स करने से बेहतरीन करियर के दरवाजे खुलते हैं।

बीएससी लैब टेक्नीशियन कोर्स में कैरियर स्कोप?

*बीएमएलटी पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, जो इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के लिए आशाजनक अवसर प्रदान कर रहे हैं। कुल मिलाकर बीएमटीएल की डिग्री हासिल करने से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी वेतन और वृद्धि की संभावनाओं के साथ एक लाभप्रद करियर के द्वार खुल जाते हैं।*

  • BMLT पूरा करने के बाद, आप विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, निजी और सरकारी अस्पतालों में रोजगार के अवसर पा सकता है।
  • पर्याप्त अनुभव प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपनी स्वयं की प्रयोगशाला परामर्श सेवाएं, स्वास्थ्य देखभाल केंद्र चला सकता है।
  • उच्च अध्ययन का भी है विकल्प । बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मास्टर डिग्री और फिर आगे की पढ़ाई है।
  • पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, व्यक्ति उत्पाद विकास, विपणन, बिक्री, गुणवत्ता आश्वासन, पर्यावरण स्वास्थ्य और बीमा के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकता है।
  • प्रमुख रोजगार क्षेत्र हैं- जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान प्रयोगशाला (ऊतक संवर्धन), रक्तदाता केंद्र, कॉलेज और विश्वविद्यालय, अस्पताल, सैन्य सेवाएं आदि

बीएमएलटी के लिए झारखण्ड राय विश्वविद्यालय क्यों चुनें?

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची एक सर्वश्रेष्ठ निजी विश्वविद्यालय है। यह पाठ्यक्रम सिद्धांत और व्यावहारिक का एक उत्कृष्ट मिश्रण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान, विश्वविद्यालय के उच्च योग्यता वाले शिक्षण संकाय छात्रों के समस्या-समाधान,अनुसंधान कौशल और विश्लेषणात्मक कौशल के उत्थान पर जोर देते हैं। विश्वविद्यालय शीर्ष संगठनों में इंटर्नशिप प्रदान करता है, जिससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त होता है।

BMLT में प्रवेश के लिए झारखण्ड राय विश्व विद्यालय से कैसे संपर्क करें?

प्रवेश लेने के छात्र सीधे एडमिशन कौंसलर से बात करें कॉल करें 1800 120 2546 ऑन लाईन आवेदन के लिए दिए गए लिंक का प्रयोग करें : https://jru.edu.in/OnlineApplicationForm/

Board Exam - Blog JRU

12 के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सुचना। क्लास 9 वीं से 11 वीं तक के मार्क्स जोड़ने की सिफ़ारिश

परफॉरमेंस असेसमेंट रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ‘परख’ ने सिफारिश की है कि 12वीं क्लास के फाइनल रिजल्ट में उस विद्यार्थी के 9, 10 और 11वीं के प्रदर्शन को भी जोड़ा जाए, जो उसने परीक्षा और असाइनमेंट के आधार पर अर्जित किया है । परख एक राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक है, जिसका अर्थ है “प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिये ज्ञान का विश्लेषण”.

ALL PROGRAMS-STRIP

परख को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन के एक भाग के रूप में लागू किया गया है । यह एनसीइआरटी के एक हिस्से के रूप में कार्य करेगा । इसे “नेशनल अचीवमेंट सर्वे” (NAS) और “स्टेट अचीवमेंट सर्वे” (SAS) जैसे परीक्षण आयोजित करने का भी काम सौंपा जाएगा । इसका तीन प्रमुख कार्य व्यापक मूल्यांकन, स्कूल- आधारित मूल्यांकन तथा परीक्षा सुधार है । इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में स्कूल बोर्डों में मूल्यांकन को मानकीकृत करना है ।

परख की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को यह सुझाव दिया गया है कि क्लास 9, 10 और 11वीं के नंबरों को 12वीं क्लास की रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा जाए, और उसके आधार पर ही 12वीं का फाइनल रिजल्ट तैयार किया जाए ।परख की यह रिपोर्ट सभी स्कूल बोर्डों में मूल्यांकन पद्धति को एक समान बनाने की बात करती है।

परख की ओर से एक प्रमुख सिफारिश यह है कि किसी छात्र का क्लास 12 का जो फाइनल रिपोर्ट कार्ड होगा, उसमें क्लास 9 के लिए 15 फीसद, 10 के लिए 20 फीसद, 11 के लिए 25 फीसद और क्लास 12 के लिए 40 फीसद का वेटेज होगा ।परख की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों का यह मूल्यांकन फॉर्मेटिव और समेटिव, इन दोनों तरह के आकलनों का संयोजन होगा। जहां फॉर्मेटिव (रचनात्मक आकलन) से अर्थ है – समूह परिचर्चा, प्रोजेक्ट्स और विभिन्न असाइनमेंट के जरिए किसी छात्र का लगातार वर्ग मूल्यांकन. वहीं समेटिव से तात्पर्य है – छात्र सत्र के अंत में परीक्षा के माध्यम से अंक जुटाते हैं ।

रिपोर्ट के मुताबिक, क्लास 9 में फाइनल स्कोर का 70 फीसद फॉर्मेटिव असेसमेंट से, जबकि बाकी 30 फीसद समेटिव असेसमेंट से निर्धारित किया जाएगा। इसी तरह क्लास 10 में अंतिम स्कोर 50 फीसद फॉर्मेटिव से, जबकि 50 फीसद समेटिव असेसमेंट पर आधारित होगा। क्लास 11 में फॉर्मेटिंग का वेटेज कम होकर 40 फीसद रहेगा, जबकि समेटिव 60 फीसद होगा. क्लास 12 में फॉर्मेटिव असेसमेंट का वेटेज और घटेगा, और यह 30 फीसद रह जाएगा, जबकि फाइनल स्कोर का 70 फीसद अंक समेटिव असेसमेंट पर आधारित होगा । परख की इस सिफारिश को फीडबैक के लिए सभी स्कूल बोर्ड के साथ साझा किया जाना है ।

12वीं के बाद BMLT देगा कॅरियर को नयी उड़ान

कई राज्यों ने परख की रिपोर्ट पर एक नया नजरिया पेश करते हुए कहा है कि क्लास 9, 10 और 11 के प्रदर्शन को क्लास 12 के फाइनल रिपोर्ट कार्ड में शामिल करने के बजाय, क्लास 9 के स्कोर का 40 फीसद

और क्लास 10 के स्कोर का 60 फीसद क्लास 10 के फाइनल स्कोर में जोड़ा जाए। इसी तरह, क्लास 11 के स्कोर का 40 फीसद और क्लास 12 के स्कोर का 60 फीसद क्लास 12वीं के अंतिम स्कोर में शामिल किया जाए । परख इस साल अगस्त में अब अन्य स्कूल बोर्डों के साथ चर्चा करेगा. अगर इन सभी स्कूल बोर्डों की सहमति बनती है तो इसे जल्द ही लागू किया जा सकता है ।

परख की सीईओ प्रोफेसर इंद्राणी भादुड़ी की माने तो परख बोर्ड के नतीजों की समानता पर काम कर रहा है, जिसका तात्पर्य है हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड या समग्र प्रगति कार्ड( HPC) को बोर्ड के नतीजों के साथ मिलाने की योजना। इससे छात्रों पर शैक्षणिक तनाव कम करने में मदद मिलेगी और छात्रों में परीक्षा के प्रति भय की भावना भी दूर होगी, खासकर दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को।

CUET UG 2024 नतीजे घोषित: स्कोर को लेकर आपत्ति तो आज शाम तक करा सकते हैं ऑनलाइन शिकायत दर्ज

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने आख़िरकार सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा के परिणाम ऑनलाइन घोषित कर दिए हैं। एनटीए ने 28 जुलाई को रिजल्ट जारी किया है। जो उम्मीदवार मई 2024 और 19 जुलाई 2024 को आयोजित पुन: परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।

ALL PROGRAMS-STRIP

रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को उनके रोल नंबर और जन्म तिथि का उपयोग करना होगा। इससे पहले इस साल 13.48 लाख से भी अधिक छात्र सीयूईटी यूजी परीक्षा में शामिल हुए थे। नतीजों की घोषणा के साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी।

CUET UG 2024:
इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इसमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं। कट ऑफ जारी होने के बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी । ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी।

CUET UG 2024 नतीजे घोषित:
सीयूईटी यूजी में 360 से 400 के बीच अंक पाने वाले सभी स्टूडेंट पास हैं इस परीक्षा में 480 अंक की गिनती अच्छे स्कोर में होती है. सीयूईटी यूजी रिजल्ट 2024 चेक करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन संख्या और जन्म तिथि का प्रयोग करना होगा. एनटीए ने सीयूईटी रिजल्ट 2024 के साथ ही सीयूईटी यूजी 2024 टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है. एनटीए ने 25 जुलाई को सीयूईटी यूजी का फाइनल आंसर-की जारी किया था. आंसर-की ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में हुई परीक्षा के लिए जारी किए गए थे।

सीयूईटी कट-ऑफ 2024 :
सीयूईटी परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विश्वविद्यालय अब अपनी संबंधित वेबसाइटों पर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 को जारी करेंगे. इसके बाद काउंसलिंग शुरू होगी. सीयूईटी परीक्षा 2024 पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए सीयूईटी यूजी काउंसलिंग 2024 में भाग लेना आवश्यक है. इस काउंसलिंग का आयोजन संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा किया जाएगा. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय या दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे टॉप विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवार इन विश्वविद्यालयों की संबंधित वेबसाइटों पर जाकर ऐसा कर सकते हैं. डीयू यूजी प्रवेश के लिए सीयूईटी स्कोर कम से कम 480 से 500 के बीच होना चाहिए।

सीयूईटी यूजी की मार्किंग स्कीम :
एनटीए ने सीयूईटी यूजी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में मार्किंग स्कीम की बात करें तो एक प्रश्न के सही उत्तर पर उम्मीदवार को पांच अंक जबकि गलत उत्तर देने पर एक अंक काटे हैं. हालांकि अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर के लिए कोई अंक नहीं काट गए हैं।

CUET UG रिजल्ट पर आपत्ति है तो आज शाम तक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं :
एनटीए ने सीयूटी यूजी का परिणाम जारी कर दिया है। छात्र अपना स्कोरकार्ड अच्छी तरह चेक कर लें क्योंकि एनटीए ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। अगर कोई कैंडिडेट अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है या उन्हें स्कोरकार्ड में कोई गड़बड़ी लग रही है तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. छात्र ई-मेल या फ़ोन नंबर के जरिये अप्पति दर्ज करा सकते हैं।

MANAS Blog

मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र (मानस) ड्रग तस्करी के खिलाफ राष्ट्रीय पोर्टल

मादक पदार्थों से जुड़े अपराध के लिए फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933

केंद्र सरकार ‘नशा मुक्त भारत’बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत विजन को साकार करने के लिए नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 की शुरुआत की है। जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थ से जुड़े अपराधों की सूचना दे सकेगा। यह हेल्पलाइन नंबर नागरिकों को ड्रग से संबंधित अपराधों की रिपोर्ट करने और गोपनीय रूप से सहायता प्राप्त करने की अनुमति देगा।

1 JRU STRIP ALL PROGRAM

एनसीबी द्वारा निगरानी की जाने वाली इस पहल का उद्देश्य ड्रग तस्करी, अवैध बिक्री और पुनर्वास जैसे मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल मंच बनाना है। मानस ड्रग तस्करी के खिलाफ देश की ‘शून्य सहिष्णुता नीति’ के अनुरूप तैयार किया गया है।

नशा मुक्त भारत विजन:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है। पीएम मोदी के 2047 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में यह पहल मददगार साबित होगी।

टोल फ्री नंबर 1933 जिसका नाम मानस रखा गया है का अर्थ है ‘मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र’ या मादक पदार्थ निषेध खुफिया केंद्र।इस हेल्पलाइन का उद्देश्य हर नागरिक के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल मंच स्थापित करना है, जहां वह 24×7 नशीली दवाओं से संबंधित मामलों की आसानी से रिपोर्ट कर सके। यह विशेष पोर्टल नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध बिक्री, खरीद, भंडारण, निर्माण और नशीली दवाओं या मनोदैहिक पदार्थों की अवैध खेती सहित नशीली दवाओं से संबंधित मामलों की एक श्रृंखला को संबोधित करने के लिए समर्पित है।

नो ड्रग/ प्लास्टिक फ्री कैंपस :
झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची का नामकुम कैंपस नो ड्रग और प्लास्टिक फ्री कैंपस को लेकर संकल्पित है। समय – समय पर इसके लिए विद्यार्थियों के सहयोग से जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े स्वयंसेवक कैंपस के अलावा आस पास के गांव में ग्रामीणों को इन बतरों की जानकारी भी प्रदान करते हैं।

मानस हेल्पलाइन लिंक पर नागरिकों द्वारा दी गई पहचान और सभी जानकारी गोपनीय रहेगी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पहले विवरणों को सत्यापित करेगा और भारतीय कानून की स्थापित प्रक्रियाओं और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के अनुसार उचित समझे जाने

पर कार्रवाई शुरू करेगा। नागरिक किसी भी नशीली दवाओं से संबंधित अपराध की रिपोर्ट कर सकते हैं और मानस हेल्पलाइन का उपयोग करके पुनर्वास और परामर्श के बारे में मदद मांग सकते हैं।

cuet-ug-2024 blog

CUET UG के कितने स्कोर पर किस कॉलेज में मिलेगा दाखिला जानें। कट ऑफ पार नहीं कर पाने वालों के लिए भी है ऑप्शन

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 25 जुलाई, 2024 तक सीयूईटी परिणाम 2024 की घोषणा कर सकती है। इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। CUET परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक छात्र को एन टी ए से सामान्यीकृत सीयूईटी स्कोर या परिणाम प्राप्त होंगे। अधिकार प्राप्त अंकों और अन्य प्रभावशाली कारकों के आधार पर मेरिट सूची जारी होगी ।

JRU STRIP ALL PROGRAM

सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

कट ऑफ जारी होने के बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी । ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी। काउंसलिंग सत्र के दौरान आपको अपनी सभी शैक्षणिक ट्रांसक्रिप्ट प्रस्तुत करनी होंगी अन्यथा, आपको प्रक्रिया से बाहर भी किया जा सकता है।

सीयूईटी यूजी कट ऑफ जारी होने के बाद कैसे मिलेगा एडमिशन
सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे. इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सीयूईटी रिजल्ट आने के बाद आपको अपने सीईटी पर्सेंटाइल के आधार पर यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करना होगा। हर यूनिवर्सिटी कॉलेज वाइज और कोर्स वाइज अपना अलग-अलग कट ऑफ जारी करेंगे। अगर आप उस कट ऑफ में आते हैं तो आपको एडमिशन मिलेगा। यूनिवर्सिटीज अपने स्तर पर लिस्ट तैयार करेंगी।

सीयूईटी स्कोर से कॉलेज में एडमिशन कैसे होगा?
सीयूईटी के जरिए देश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लिए जाएंगे। इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

सीयूईटी रिजल्ट आने के बाद आपको अपने सीईटी पर्सेंटाइल के आधार पर यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करना होगा। हर यूनिवर्सिटी कॉलेज वाइज और कोर्स वाइज अपना अलग-अलग कट ऑफ जारी करेंगे। अगर आप उस कट ऑफ में आते हैं तो आपको एडमिशन मिलेगा। यूनिवर्सिटीज अपने स्तर पर लिस्ट तैयार करेंगी।

सीयूईटी यूजी में कम स्कोर लेन वालों को कहां मिलेगा एडमिशन
CUET UG 2024 के परिणाम जल्द ही घोषित होने वाले हैं। विद्यार्थियों को रिजल्ट का बेसब्री से इंजार है। सीयूईटी यूजी के रिजल्ट से पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) फाइनल आंसर की जारी करेगी ।रिजल्ट के बाद स्टूडेंट्स एडमिशन की तैयारी में लग जाएंगे। कट ऑफ जारी होने के बाद बहुत सारे स्टूडेंट्स को उनकी पसंद का कॉलेज या यूनिवर्सिटी नहीं मिल पाती है ऐसे छात्रों को निराश होने की जरुरत नहीं है। देश के कई निजी और सरकारी संस्थान के द्वार आपके लिए खुले हैं। यहां आप अपनी पसंद के विषय के साथ गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूजीसी ने अपनी जानकारी में बताया है कि सीयूईटी यूजी के लिए 46 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 32 स्टेट यूनिवर्सिटी, 20 डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा 96 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 6 सरकारी संस्थानों ने भी ग्रेजुएशन में एडमिशन देने के लिए सीयूईटी यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।