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List of PCI approved pharmacy college in Jharkhand

List of PCI approved pharmacy colleges in Jharkhand

  • Ranchi pharmacy college list

Among the top pharmacy college list in Ranchi, JRU Ranchi offers the best B.pharma course (PCI approved pharmacy course) for students of Ranchi, Jharkhand.

B.Pharm STRIP

B.pharmacy course at JRU Ranchi tops the list among best colleges.

  • B.pharma college in Ranchi fee structure – 2024

B.Pharm fee structure at JRU Ranchi
Admission Fees 12,000
Security Deposit 5,000
For full details of semester fees check here.

For admission 2024 process and other details, please call Toll Free number – 1800-120-2546

  • PCI approved pharmacy college in Jharkhand

Bachelor of Pharmacy (B. Pharm) course offered by Jharkhand Rai University, Ranchi (JRU Ranchi) is approved by Pharmacy Council of India (PCI approved pharmacy course at JRU)

B.pharma course is a 4 year undergraduate program. It is designed to train the students to play an important role in healthcare pharmaceutical industry at various levels.

After the completion of B.pharma course, students become highly trained healthcare professionals who collaborate with patients, physicians, and other healthcare providers to optimize medication use and promote overall health.

  • Private B.pharma college in Ranchi
Click for B.Pharm Fee Structure

Jharkhand Rai University, offers Bachelor of Pharmacy (B. Pharm) course in Ranchi. JRU Ranchi is a is a private university.
The University is UGC approved and the B.pharma course is PCI approved.

  • JRU Ranchi college of pharmacy is private or government?

Bachelor of Pharmacy (B. Pharm) course offered by JRU Ranchi is approved by Pharmacy Council of India (PCI approved). Jharkhand Rai University is UGC approved.

  • Career after B.pharma

After graduation, the PCI approved Bpharma degree in Pharmacy makes students eligible to work at government and private hospitals, clinics, and medical shops.

As a registered pharmacist, students can work in various pharmaceutical organizations in specific departments like production, quality control, package marketing, and drug manufacturing.

CBSE Exam blog

सीबीएसई 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में बदलाव। 15 फ़रवरी से होगी परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 15 फरवरी 2024 से शुरू हो रही है। 10वीं की परीक्षा 13 मार्च को समाप्त होगी, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षा 2 अप्रैल 2024 को समाप्त होगी। रेगुलर और प्राइवेट छात्रों के लिए एडमिट कार्ड अलग-अलग जारी होंगे। सीबीएसई 2024 परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक है। कुछ विषयों की परीक्षाएं केवल दो घंटे की अवधि के लिए दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी।

शिक्षा में गतिशीलता और आमूलचूल परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCRF) तैयार किया है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति ने स्कूली से उच्च शिक्षा तक एक एकीकृत क्रेडिट संचय और हस्तांतरण ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत विद्यार्थियों को शैक्षणिक और कौशल विषयों में क्रेडिट दिया जाएगा। सभी राज्य बोर्ड, सीबीएसई और एनआईओएस बोर्ड के लिए दिशा निर्देश तैयार किए गए हैं।

विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में कृषि स्नातकों की महत्वपूर्ण भूमिका
https://www.jru.edu.in/programs/department-of-agriculture-2/b-sc-hons-agriculture/

शैक्षणिक सत्र 2024-25 से हुए अहम बदलाव:

  • 10वीं कक्षा में तीन भाषाएं शामिल होंगी, जिसमें दो भाषा कम से कम भारत में बोली जाने वाली होगी, वहीं सात मुख्य विषय होंगे। इसमें गणित और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और कल्याण, व्यावसायिक शिक्षा और अंत: विषय क्षेत्र शामिल हैं। विद्यार्थी को सभी 10 विषयों में उत्तीर्ण होना होगा।
  • 12वीं में अब विद्यार्थियों को एक के बजाय दो भाषाएं पढ़नी होंगी। इसमें कम से कम एक भाषा भारत में बोली जाने वाली होगी, वहीं चार मुख्य विषय और एक वैकल्पिक विषय होगा। यह सभी विद्यार्थियों को चयनित करने होंगे। एनसीएफ के तहत इन विषयों को तीन समूह में बांटा गया है। जिसमें से विद्यार्थियों को किसी दो समूह से चार विषय चयनित करने होंगे।

प्रति वर्ष 1 लाख बच्चे क्यों चुनते है बीबीए कोर्स जानिए।
https://www.jru.edu.in/programs/faculty-of-commerce-management/bba/

  • क्रेडिट के आवंटन के लिए कुल अनुमानित 1200 शिक्षण घंटे प्रति वर्ष होंगे, जिसके लिए 40 क्रेडिट दिए जाएंगे।
  • एनसीआरएफ के तहत क्रेडिट गणना के लिए 30 शिक्षण घंटों को एक क्रेडिट के रूप में गिना जाएगा।
  • विद्यार्थियों की एक सत्र में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी।
  • मुख्य परीक्षाओं में क्रेडिट, विद्यार्थियों के ग्रेड कार्ड में अंकों और ग्रेड के साथ दर्शाया जाएगा।
  • अर्जित क्रेडिट विद्यार्थी के अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जमा किया जाएगा जो डिजिलॉकर से जुड़ा होगा।
  • प्रत्येक विषय सात क्रेडिट का होगा, एक सत्र में 210 घंटे आवंटित किए गए हैं।
  • प्रत्येक अध्याय के लिए घंटे आवंटित हैं और इसे आगे सैद्धांतिक और व्यावहारिक घंटों में विभाजित किया गया है।
  • एक क्रेडिट प्रति सप्ताह एक घंटे के शिक्षण या दो घंटे के व्यावहारिक कार्य क्षेत्र कार्य के बराबर होगा। एक क्रेडिट का मतलब 15 घंटे के सिद्धांत (थ्योरी) या 30 घंटे की कार्यशाला या प्रयोगशाला कार्य के बराबर होगा।
Kumar Amrendra

प्रो. कुमार अमरेंद्र बने मास्टर ट्रेनर

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक कुमार अमरेंद्र को भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है। यूजीसी के निर्देश पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा और चरित्र निर्माण विषय को उच्च शैक्षणिक संस्थानों में एक मूल विषय के रूप शामिल किया गया है।

मास्टर ट्रेनरों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के उपरांत किया गया है। शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 फ़रवरी से 2 मार्च तक मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित किया जायेगा। कुमार अमरेंद्र के चयनित होने पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. ( डॉ.) सविता सेंगर ने अपने शुभकामना सन्देश में कहा है की कुमार अमरेंद्र विश्वविद्यालय के एक होनहार और मेहनती शिक्षक है। उन्होंने कहा है की हमारे युवाओं को भारत के प्राचीन पारंपरिक ज्ञान से अवगत कराने और इस ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति और प्रौद्योगिकियों के साथ स्पष्ट रूप से शामिल करने की आवश्यकता है।

कुलसचिव डॉ. पीयूष रंजन ने बधाई देते हुए कहा कि यूजीसी के दिशानिर्देशों के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा और चरित्र निर्माण जैसे विषयों को विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में शामिल करते हुए इनका अध्ययन अध्यापन प्रारम्भ कर दिया है। विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर एफडीपी का भी आयोजन कराया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सहायक साबित होगी जिसमें युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Kumar Amrendra, Assistant Professor selected as a Master Trainer by UGC

Kumar Amrendra, Assistant Professor selected as a Master Trainer by UGC

It is a proud moment for Jharkhand Rai University. Kumar Amrendra, Assistant Professor, Department of Computer Science and Engineering, Jharkhand Rai University, Ranchi has been selected by University Grants Commission (UGC) as a Master Trainer for training faculties in Higher Education Institutions in the lines of Indian Knowledge Systems as recommended by NEP 2020.

The National Education Policy 2020 lays special emphasis on the promotion of Indian Languages, Arts and Culture, and tries to remove this discontinuity in the flow of Indian Knowledge System by integrating IKS into curriculums at all levels of education. The success of NEP 2020 and its special component on the Indian Knowledge System relies heavily on the shoulders of the faculty of Higher Education Institutions. Despite being experts in their respective fields, majority of the faculty in UGC recognized institutions are not much familiar with IKS.

Master Trainers are selected based on written exams conducted by UGC at national level. The training program for master trainers will be held from 26 February to 2 March, 2024 in Bhopal, Madhya Pradesh.

Congratulating Prof. Kumar Amrendra, VC Dr Savita Sengar said that Prof Amrendra is a very talented faculty of our university. She further said that there is a need to make our youth aware of the vast ancient traditional knowledge in India and clearly incorporate this knowledge with modern scientific advancements and technologies.

Registrar, Dr Piyush Ranjan said that it is a moment of pride for the JRU Ranchi family. He said that JRU Ranchi has already begun its efforts towards making IKS a part of its curriculum. The University has already conducted Faculty Development Programs with respect to IKS.

In order to facilitate a seamless integration of Indian traditional knowledge with modern subjects, UGC has come up with ‘Guidelines for Training of Faculty on IKS’. The IKS aims to contribute to the second and third aspects of “PanchPran” resolutions.

JRU-Blog

झारखंड राय विश्वविद्यालय की छात्रा संतोषी ने रचा इतिहास। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का प्राप्त हुआ गौरव।

75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) से जुड़ी देश भर की 200 महिला स्वयंसेविकाओं ने कर्तव्यपथ पर मार्च किया। झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, राँची की बीसीए थर्ड सेमेस्टर की छात्रा और एनएसएस स्वयंसेविका संतोषी उरांव ने इतिहास रचते हुए विश्वविद्यालय की पहली छात्रा होने का गौरव प्राप्त किया जिसे गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्यपथ पर मार्च करने का अवसर प्राप्त हुआ । गणतंत्र दिवस परेड में चयनित होकर संतोषी ने विश्वविद्यालय का भी नाम रौशन किया है।

बीटेक के लिए सीएस बना टॉप ट्रेंड, एडमिशन लेने वालों की संख्या में 96 प्रतिशत की बढ़ोतरी
https://www.jru.edu.in/programs/btech-cse/

विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ थीम पर आधारित 75 वें गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार परेड में महिलाओं को केंद्र में रखा गया। भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की इकाई राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय निदेशालय के निर्देश पर मध्य क्षेत्र से संतोषी उरांव का चयन कर्तव्य पथ पर मार्च करने के लिए हुआ।

JRU Blog NSS events

12वीं के बाद बीसीए कोर्स युवाओं की पहली पसंद
https://www.jru.edu.in/programs/faculty-of-computer-science-it/bca/

गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह से पूर्व 24 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर से आये एनएसएस और एनसीसी के कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा की आप लोग यहां अकेली नहीं आई हैं, बल्कि अपने राज्यों की महक, संस्कृति ,रीति-रिवाजों के अनुभव और अपने समाज की समृद्ध सोच भी अपने साथ लेकर आई हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास जताया कि जब वे घर लौटेंगे तो उनके पास गणतंत्र दिवस के अनुभवों के बारे में बताने के लिए काफी कुछ होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह भारत की विशेषता है, एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने भर से ही प्रत्येक नागरिक के जीवन में नए अनुभव जुड़ने लग जाते हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सभी स्वयंसेवक अपनी ऊर्जा सही जगह पर लगा रहे हैं।

जैक बोर्ड 2024 : 12 वीं की परीक्षा 6 फ़रवरी से ,एडमिट कार्ड जारी

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने झारखंड बोर्ड के 10वीं, 12वीं की परीक्षा की तारीख़े घोषित कर दी हैं। 6 फ़रवरी से शुरू हो रही परीक्षा को लेकर बोर्ड ने एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। पंजीकृत छात्र झारखंड एकेडमिक काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परीक्षा की डेटशीट देख सकते हैं । परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

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12वीं के बाद एग्रीकल्चर में बोयें सुनहरे भविष्य के बीज
https://www.jru.edu.in/programs/department-of-agriculture-2/b-sc-hons-agriculture/
परीक्षा 6 फ़रवरी से शुरू होकर 26 फरवरी, 2024 तक चलेगी । 10 वीं की परीक्षा पहली पाली में जबकि इंटरमीडिएट फाइनल परीक्षा दूसरी पाली में (दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक) आयोजित की जाएगी। लोकसभा चुनाव के कारण बोर्ड परीक्षाएं थोड़ा पहले फरवरी माह में आयोजित की जा रही हैं। 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए पहली परीक्षा वोकेशनल विषयों की होगी।

12 वीं के बाद कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स के स्टूडेंट्स के लिए बीबीए है बेस्ट
https://www.jru.edu.in/programs/faculty-of-commerce-management/bba/
10 वीं की परीक्षा 06 फरवरी को आईआईटी और अन्य व्यावसायिक विषयों के साथ शुरू होगी, उसके बाद अगले दिन वाणिज्य और गृह विज्ञान की परीक्षा होगी। कक्षा 10वीं की झारखंड बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी, 2024 को अंग्रेजी के पेपर के साथ समाप्त होगी। जबकि 12वीं की परीक्षाएं 06 फरवरी को व्यावसायिक विषय के पेपर के साथ शुरू होंगी और 26 फरवरी, 2024 को राजनीति विज्ञान के पेपर के साथ समाप्त होंगी।

IIC ESSAY COMPETITION

IIC Essay Competition

The IIC Essay Competition is being organised by Siksha Sanskruti Utthan Nyas, New Delhi and Institution’s Innovation Council.
This essay competition is open to Class 12th students of Jharkhand and is being held online. Just write your essay and submit.

Topic – Atmanirbhar Bharat: Mission Towards Self-reliant Nation

Competition Guidelines

The following guidelines will provide key information about student eligibility and registration , as well as some general rules on submissions.

Who is eligible?

Class 12th students of Jharkhand can participate in this competition.

Where do I submit my essay?

After writing your essay, please visit this link below and complete the registration process and submit your essay.

Here is the link for submissions.

Can I submit more than one essay?

If you submit more than one essay, your first entry will be the only one considered. Please do NOT submit multiple entries.
Submissions must be the participants’ original work.

Will the winners receive prizes?

There are cash prizes for winners.
First prize – Rs 5000/-
Second prize – Rs 3000/-
Third prize – Rs 2000/-

All participants will receive Certificate of Participation.

What is the medium?

You can write the essay either in Hindi or English.

What is the Word Limit?

Between 1400 to 1800 Words only.

What is the last date for submitting essay?

Last Date for Entry – All entries must be submitted by 11.59 pm on the submission deadline: Sunday, 31st March 2024.

Writing tips for students.

Share with us your understanding of Atmanirbhar Bharat. How do you envision a self-reliant Bharat? What all factors can contribute to self-reliance in economic, technological, and strategic domains. How can youth of Bharat contribute towards making their nation self-reliant? Students are free to share their own personal vision of Bharat as an economic superpower backed by supportive policies like Atmanirbhar Bharat, also known as the Self-reliant India Mission.

jru blog nep 2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को विश्वगुरु बनाने वाली नीति है: डॉ. अतुल कोठारी

शिक्षा संस्कृती उत्थान न्यास एवं झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर नामकुम में क्षेत्रीय बैठक और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में झारखंड के अलावा बंगाल और ओडिशा से संयोजक, सह संयोजक और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल भाई कोठारी, और विशिष्ठ अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता डॉ.अतुल भाई कोठारी ने किया। बैठक के प्रथम सत्र में प्रतिनिधियों का परिचय और उनके दायित्वों से अवगत हुआ गया। इसके उपरांत न्यास के द्वारा चलाये जा रहे कार्यों से सभी को अवगत कराया गया। बैठक में सक्रिय कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी देने पर भी सहमति बनी और नए निर्देश दिए गए।

1 JRU STRIP ALL PROGRAM

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव डॉ.अतुल भाई कोठारी ने कहा कि “पंचकोश अवधारणा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल में है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय विभूतियों के कार्यों से अवगत कराने का कार्य कर रही है। बैठक के दूसरे सत्र में न्यास के कार्यों का प्रचार प्रसार , प्रकाशन, प्रवास और आगामी कार्यक्रमों की रूप रेखा को लेकर निर्देश दिया गया ।

बैठक की समाप्ति के बाद “नई शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का प्रारंभ दीप प्रज्जवलित कर ओंकार ध्वनि के साथ किया गया। अतिथियों का सम्मान पौधा और अंगवस्त्र देकर किया गया। झारखंड राय युनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. सविता सेंगर ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि “विश्वविद्यालय के प्रागण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय मूल्य परंपरा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन प्रेरणादायी है। भारत की समृद्ध विरासत और ज्ञान परंपरा का निर्वाह करने का दायित्व शैक्षणिक संस्थानों के ऊपर है। झारखंड राय विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित करवाने के लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इसे जरिये विद्यार्थी भारत की समृद्ध विरासत से परिचित होंगे।“ प्रो. सेंगर ने विश्वविद्यालय मेंराष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर उठाये गए महत्वपूर्ण क़दमों की भी चर्चा की।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल भाई कोठारी ने विस्तार पूर्वक राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत को विश्व गुरु बनाने की नीति है। शिक्षा किसी भी देश की पहचान और इस देश के चरित्र को परिदर्शित करती है। उन्होंने कहा की हमारे देश का ज्ञान परंपरा एक अमूल्य धरोहर है जिसके जरिए भारतीय समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते है। विद्यार्थियों से उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय

शिक्षा नीति विद्यार्थी केंद्रित है और इसका उद्देश्य हुनरमंद युवा शक्ति तैयार करना है। संगोष्ठी के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा को विषय के तौर पर पाठ्यक्रम में शामिल इसके प्रचार प्रसार के लिए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और झारखंड राय विश्विद्यालय एवं इकफाई विश्वविद्यालय,रांची के बीच एमओयू किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन इकफाई विश्विद्यालय के कुलपति डॉ. रमण झा ने किया। इस अवसर पर सरला बिरला विश्व विद्यालय के कुल सचिव प्रो.विजय सिंह,शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रदेश संयोजक अमरकांत झा उपस्थित थे।

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वर्ल्ड फार्मेसी डे: फार्मेसी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत कर रही है

दुनिया भर में 25 सितंबर विश्व फार्मेसी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल यह दिवस एक खास थीम पर आधारित होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन तय करता है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय फार्मासिस्ट दिवस की थीम है “फार्मेसी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत कर रही है” । पिछले वर्ष “एक स्वस्थ दुनिया के लिए कार्रवाई में फार्मेसी एकजुट” थीम इस दिवस को मानाने के लिए चुना गया था। भारत में महादेव लाल श्रॉफ को फार्मेसी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारतीय फार्मेसी का जनक माना जाता है।

हमें स्वस्थ रखने और विभिन्न बीमारियों को दूर करने में डॉक्टर्स के साथ-साथ फार्मासिस्ट का भी बड़ा रोल है। फार्मासिस्ट को ‘केमिस्ट’ भी कहा जाता है। यह एक ऐसा व्यक्ति होता है, जिसे दवाइयों के बारे में संपूर्ण जानकारी होती है।

वर्ल्ड फार्मेसी डे : फार्मेसी की पढ़ाई क्यों जरुरी है
https://www.jru.edu.in/programs/department-of-pharmacy/bachelor-in-pharmacy-b-pharm/

इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) के नेतृत्व में हर वर्ष 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है। इसके साथ ही 19 से 25 सितंबर तक विश्व फार्मेसिस्ट सप्ताह का आयोजन भी किया जाता है। 2009 से प्रतिवर्ष 25 सितंबर को स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमि‍का न‍िभाने वाले फार्मासिस्ट्स को समर्प‍ित यह दिन उन्हें सम्मान देने तथा उनके योगदानों को याद दिलाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि फार्मासिस्ट हमारे लिए कितने जरूरी हैं।

स्वस्थ जीवन का मूल सूत्र फार्मासिस्ट :
https://www.jru.edu.in/programs/department-of-pharmacy/diploma-in-pharmacy/

  • फार्मासिस्ट ना केवल दवाइयों के बारे में सलाह देते हैं बल्कि इसके साथ-साथ वे दवाइयां वितरित करने तथा टीकाकरण का काम भी करते हैं।साथ ही वे नई दवाओं का प्रशिक्षण, खोजें तथा रिसर्च भी करते हैं इसीलिए उन्हें दवा विशेषज्ञ (मेडिसिन एक्सपर्ट) भी माना जाता है। साथ ही कोई दवाई सुरक्षित और प्रभावकारी है या नहीं इसे सुनिश्चित करने का काम भी इन्हीं के कंधों पर होता है।
  • एक काबिल फार्मासिस्ट को यह भी पता होना चाहिए कि अलग-अलग दवाई एक दूसरे के साथ कैसे प्रतिक्रिया करती है।
  • हमारे स्वस्थ जीवन का मूल-सूत्र डॉक्टर्स के साथ-साथ फार्मासिस्ट भी है। इसलिए हमें डॉक्टरों के साथ ही फार्मासिस्टों का भी सम्मान करना चाहिए।

फार्मेसी की पढ़ाई समय की मांग:

  • झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची में फार्मेसी की पढ़ाई से जुड़े दो कोर्सेज संचालित होते हैं। डिप्लोमा इन फार्मेसी और बैचलर ऑफ़ फार्मेसी। डिप्लोमा इन फार्मेसी 2 वर्षीय पाठ्यक्रम है जबकि बैचलर ऑफ़ फार्मेसी 4 वर्षीय पाठ्यक्रम है। फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया एवं झारखण्ड फार्मेसी कौंसिल से मान्यता प्राप्त ये दोनों ही पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
  • फार्मेसी की पढ़ाई में व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक शर्त है। लैब आधारित ज्ञान इसका महत्वपूर्ण अंग है। झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी का डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल्स साइंस छात्रों को लैब आधारित ज्ञान देने को संकल्पित है। इसके अलावा यहाँ पढ़ने वाले छात्रों को देश की महत्वपूर्ण दवा कंपनियों में एक्सपोज़र विजिट के अलावा इंटर्नशिप करने का भी अवसर प्रदान किया जाता है।