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कोविड मरीजों के इलाज दौरान आया बीपीटी करने का विचार : शयन हाजरा

शयन हाजरा एक प्रोफेशनल डिप्लोमा होल्डर फिजिओथेरेपिस्ट है। पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले में अपनी प्रैक्टिस करते हुए उन्होंने कोविड 19 आपदा का दौर बेहद नजदीक से देखा है। कोविड मरीजों और ह्रदय के मरीजों को उपचार के लिए फिजिओथेरेपी करते समय उन्हें यह विचार आया की इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा लेकर मरीजों का भला किया जा सकता है।

शयन के अनुसार ” कोविड के लॉक डाउन के कारण ज्यादा समय मुझे अपनी क्लिनिक और नर्सिंग होम में बिताना पड़ता था। नर्सिंग होम में ज्यादा पेसेंट कोविड पेसेंट होते थे। इसी दौरान मैंने फिजिओथेरेपी में उच्च शिक्षा लेने का मन बनाया और इंटरनेट की मदद से अच्छे कॉलेज को सर्च करने लगा। इस दौरान मुझे झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची का पता चला जो रांची शहर में है और मेरे गृह जिले के पास भी है। मैंने तुरंत फ़ोन लगाकर इस कोर्स और इसके फी स्ट्रक्चर की जानकारी प्राप्त किया। आज मैं बैचलर ऑफ़ फिजिओथेरेपी स्टूडेंट के रूप में इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा हूँ। मेरा मानना है की इसके जरिये मुझे और ज्यादा इस फील्ड की जानकारी प्राप्त होगी और मुझे और ज्यादा लोगों की सेवा करने का मौका मिलेगा।“

पेंटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई दोनों है मेरी पहली पसंद : बीबीए स्टूडेंट अंजलि।

कला और प्रबंधन का अन्योन्याश्रय संबंध वर्तमान दौर में सफलता की गारंटी है। कुछ यही फ़लसफ़ा अंजलि के साथ भी जुड़ा है। पेंटिंग के क्षेत्र में कुछ करने की ललक और मैनेजमेंट की पढ़ाई कर बड़े पद की चाहत उन्हें झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी ले आयी। अंजलि बताती है ” अपने घर से नजदीक एक बेहतर कॉलेज की तलाश रांची आकर पूरी हुयी। मोबाइल पर मैनेजमेंट की पढ़ाई केलिए किसी अच्छे कॉलेज की तलाश करते हुए मुझे यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की गतिविधियों के बारे में पता चला। इन बातों ने मुझे आकर्षित किया और मैंने यहाँ पढ़ने का मन बना लिया।“

बीबीए में नामांकन लेने वाली अंजलि से जब यह पूछ गया की पेंटिंग को वह अपनी दिनचर्या में क्या स्थान रखता है तो उन्होंने बताया ” जब भी समय मिलता है तो मुझे चित्र बनाना अच्छा लगता है। मैंने कोई प्रशिक्षण तो नहीं प्राप्त किया है लेकिन स्कूल के समय से ही मुझे यह करना अच्छा लगता है और मैं यह नियमित करती रहती हूँ।“

अंजलि रामगढ़ जिले के भुरकुंडा की रहने वाली है। इनके पिता सीसीएल में कार्यरत है और खुद अंजलि भी अपनी पढ़ाई पूरी कर एक बड़ी कंपनी में कार्य करने का सपना रखती है। उन्हें ऐसा लगता है की बीबीए की पढ़ाई करने पर उनका यह सपना पूरा होगा।

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JAC 12वीं के संशोधित सिलेबस को मंजूरी। परीक्षा और मूल्यांकन में बदलाव

झारखंड सरकार ने 12वीं तक के संशोधित सिलेबस को मंजूरी दे दी है। सिलेबस में 40 फ़ीसदी की कटौती की गई है। इसके अलावा परीक्षा और मूल्यांकन में भी बदलाव किया गया है। प्लस टू स्कूल के सिलेबस में 40 फीसदी तक की कटौती की गई है। भाषा सब्जेक्ट में जहां चैप्टर बढ़ाये गए हैं वही गणित विज्ञान में चैप्टर हटाए गए हैं।

वेटेज ऑफ मार्क्स :
संशोधित पाठ्यक्रम के साथ विभाग मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के लिए वेटेज ऑफ मार्क्स भी जारी करेगा। सीबीएसई की तर्ज पर वेटेज ऑफ मार्क्स जारी होगा। संशोधित सिलेबस में परीक्षार्थियों को पता चल सकेगा कि किस चैप्टर और टॉपिक से कितने नंबर के प्रश्न आएंगे। इससे मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी करने में परीक्षार्थियों को सहूलियत होगी।

वेटेज ऑफ मार्क्स ( इंटरमीडिएट) :-
हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी, अंतरप्राइनियोरशिप और बिजनेस मैथमेटिक्स में प्रश्नों के प्रकार और अंक प्रणाली ।

  • ऑब्जेक्टिव या वेरी शॉर्ट आंसर : 40 प्रतिशत
  • वेरी शॉर्ट टाइप प्रश्न : 20 प्रतिशत
  • शॉर्ट आंसर : 20 प्रतिशत
  • लॉन्ग आंसर : 20 प्रतिशत

सिंगल फार्मूला विधि से गणित की परीक्षा :
संशोधित सिलेबस के आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी एक फार्मूले के आधार पर ही परीक्षा दे सकेंगे। परीक्षा में विलोपन विधि से प्रश्न पूछे जायेंगे। गणित में वैसे चैप्टर को हटाया गया है जिन्हें घर पर पढ़ना संभव नहीं है।

मॉडल पेपर होगा जारी :
मैट्रिक और इंटरमीडिएट के सिलेबस संशोधित होने के साथ ही मॉडल प्रश्न पत्र भी जारी होंगे। जैक की ओर से संशोधित सिलेबस के आधार पर मॉडल प्रश्न पत्र तैयार किया जायेगा । इसमें सभी संशोधित चैप्टर से प्रश्न पूछे जाएंगे।

टेस्ट के जरिए होगी तैयारी :
सिलेबस संशोधित होने के बाद जैक के द्वारा जारी होने वाले मॉडल प्रश्नपत्र के आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्र -छात्राओं का टेस्ट लिया जा सकेगा। उन्हें उसे बना कर शिक्षकों को दिखाने के लिए कहां जाएगा, जो भी गलती होगी उसे पकड़ा जा सके।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में 20 फीसदी बढ़ोतरी :
इंटरमीडिएट की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या 25 फ़ीसदी तक रहती है। इस आधार पर 2021 की इंटरमीडिएट में ऑब्जेक्टिव प्रश्न में 10 से 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।

राज्य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से स्कूल नहीं खुलने और पढ़ाई बाधित होने के बाद 40 फ़ीसदी सिलेबस में कटौती की थी। इसी आधार पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट की 2021 की परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय लिया था। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि “कोविड-19 की वजह से स्कूलों में क्लास नहीं चल रहे हैं। इससे क्लास में छात्रों की उपस्थिति नहीं है। ऐसे में स्कूलों को मैट्रिक की परीक्षा में इंटरनल एसेसमेंट में उपस्थिति के आधार पर अंक देने में कठिनाई होगी। 12 वीं की परीक्षा संभवतः 2022 के मई महीने में होगी।

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8 सितंबर : विश्व फिजियोथेरेपी दिवस

लोग समझते हैं कि दवा की गोली खा लेने से दर्द छू मंतर हो जाएगा। पर ऐसा होता नहीं है। कुछ देर की राहत के बाद फिर दवा पर निर्भरता की स्थिति बन जाती है, जोकि हमारे शरीर के लिए सही नहीं है। दरअसल हमारे शरीर की क्षमता में ही शरीर का इलाज छुपा है। इसे फिजियोथेरेपी पद्धति ने पहचाना और लोगों का इलाज बिना दवा-गोली के होना शुरू हुआ। हर वर्ष 8 सितम्बर को पूरे विश्व में ‘वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे’ मनाया जाता है। इस वर्ष इसका थीम है “क्रोनिक पेन “।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची में बैचलर ऑफ़ फिजियोथेरेपी का कोर्स संचिलत है। इसकी अवधी 4 वर्ष होती है और कोई विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं पास विद्यार्थी इसमें नामांकन ले सकता है।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में फिजियोथेरेपी चिकित्सा की अपनी अलग पहचान है। मौजूदा समय में अधिकांश लोग फिजियोथेरेपी की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि यह न केवल कम खर्चीला होता है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव भी नहीं है।

फीजिओथेरेपी मेडिकल साइंस की ऐसी प्रणाली है, जिसकी सहायता से जटिल रोगों का इलाज आसानी से किया जाता है। हालांकि, भारत में बहुत कम ही लोग इसके प्रति जागरूक हैं, जिस वजह से वो इसका लाभ कम ही उठा पाते हैं। फीजिओथेरेपी के जरिए ऑस्टिओअर्थराइटिस, स्पाइनल इंजरी जैसी जटिल बीमारियों का इलाज संभव है। इसका कोई साइड एफेक्ट भी नहीं होता है।

फिजियोथेरेपी यानी शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों, हडि्डयों-नसों के दर्द या तकलीफ वाले हिस्से की वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक मशीनों, एक्सरसाइज, मोबिलाइजेशन ,टेपिंग , के माध्यम से मरीज को आराम पहुंचाना। हालांकि अधिकतर लोग मानते हैं कि केवल योगा और कुछ कसरतें ही फिजियोथैरेपी होती हैं लेकिन ऎसा नहीं है। फिजियोथैरेपी में विशेषज्ञ कई तरह के व्यायाम और नई तकनीक वाली मशीनों की मदद से इलाज करते हैं।

फिजियोथेरेपी के कुछ फायदे :

  • ये आपको चोट से बचने में मददगार साबित होता है ।
  • सदमा या घाव से उबरे में मदद करता है ।
  • स्ट्रोक और पैरालिसिस से ठीक करने में मददगार है।
  • आयु संबंधी मेडिकल समस्या होने पर बेहतर प्रबंधन में फायदेमंद है।
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NEET प्रवेश परीक्षा 2021: एडमिट कार्ड यहाँ से करें डाउनलोड

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2021 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एनटीए 12 सितंबर को नीट परीक्षा आयोजित करेगा। परीक्षार्थी एडमिट कार्ड पर अपना नाम, परीक्षा केंद्र, समय, तारीख और दिशानिर्देश अच्छे से पढ़ लें। एनटीए ने इससे पहले नीट परीक्षा की एग्जाम सिटी की लिस्ट जारी की थी। लिस्ट में उम्मीदवार द्वारा दी गई वरीयता के आधार पर परीक्षा केंद्र आबंटित किए गए हैं ।

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ऐसे करें डाउनलोड एडमिट कार्ड :
स्टेप 1: सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट पर दिए गए एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड सबमिट कर लॉग इन करें।
स्टेप 4: आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।
स्टेप 5: अब इसे डाउनलोड कर लें।

नीट एडमिट कार्ड डायरेक्ट लिंक : https://ntaneet.nic.in/ntaneet/AdmitCard/AdmitCard.html

नीट परीक्षा के जरिए छात्र देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस समेत विभिन्न कोर्सेज में एडमिशन ले सकेंगे। पिछले वर्ष राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 में संशोधन के बाद से 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पुडुचेरी में स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षाएं भी नीट से माध्यम से ली जा रही हैं। नीट परीक्षा 13 भाषाओं – अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू में होगी।

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पिछले वर्ष राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 में संशोधन के बाद से 13 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पुडुचेरी में स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षाएं भी नीट से माध्यम से लिया जा रहा है।

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12 सितंबर को होगी NEET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की छात्रों की अर्जी

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 2021 को स्थगित करने की मांग को लेकर दायर याचिका को रद्द कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 12 सितंबर 2021 को ही होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों को कहा कि वे इस संबंध में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से ऑप्ट आउट विकल्प देने के संबंध में गुजारिश कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिए कि वह छात्रों की चिंता का उचित समाधान करे।

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CBSE एग्जाम में कम्पार्टमेंट लाने वाले और जिन्होंने इम्पूवमेंट के लिए अप्लाई किया हुआ था, उन छात्रों की मांग थी कि नीट परीक्षा की तारीख में बदलाव किया जाय। इस तरह सीबीएसई और नीट परीक्षाओं की तारीखों में टकराव को देखते हुए नीट एग्जाम टालने की मुहिम को सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही मिली है।

नीट एग्जाम पैटर्न :
नीट प्रवेश परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों को पूछा जाता है, इसमें कुल 180 प्रश्न होते है, बॉटनी से 45 प्रश्न, फिजिक्स से 45 प्रश्न, केमिस्ट्री से 45 प्रश्न और जूलॉजी से 45 पूछे जाते है | प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक प्रदान किये जाते है, तथा गलत उत्तर देने पर एक अंक काट लिया जाता है | इस परीक्षा की समय अवधि तीन घंटे होती है |

नीट परीक्षा में इस वर्ष 16 लाख से अधिक छात्र हिस्सा लेने वाले हैं। आपको बता दें, पहले नीट की परीक्षा का आयोजन अप्रैल महीने में किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया।

12 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर बताया था, नीट परीक्षा का आयोजन 12 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा था, कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी।

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13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी परीक्षा:
पहली बार NEET(UG) परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी ।पहली बार पंजाबी और मलयाली को परीक्षा के माध्यम के रूप में जोड़ा गया है । वहीं कुवैत में एक नया परीक्षा केंद्र बनाया गया है। नीट की परीक्षा अब हिंदी, पंजाबी, असमी, बंगाली, ओड़िया, गुजराती, मराठी, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, तमिल, उर्दू और अंग्रेजी में आयोजित होगी।

कोरोना महामारी के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म्स का पालन करने के लिए NEET परीक्षा को आयोजित करने वाले शहरों की संख्या 155 से बढ़ाकर 198 कर दी गयी है।

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बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग : हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का लिंग्विस्टिक

इन दिनों बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) भारत में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स और यंग इंजीनियर्स के बीच सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में से एक है। इसमें कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नेटवर्किंग के बेसिक एलिमेंट्स के बारे में अध्ययन किया जाता है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के संबंध में इनफॉर्मेशन सिस्टम की डिजाइनिंग, इम्प्लीमेंटेशन और मैनेजमेंट के बारे में भी पढ़ाया जाता है। उन्हें कम्प्यूटेशन और कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स के डिज़ाइन की थ्योरी के बारे में भी पढ़ाया जाता है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का संबंध इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स और लिंग्विस्टिक्स से भी है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग को हम एक गठजोड़ कह सकते है। यह गठजोड़ कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल साइंस के साथ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर नॉलेज को एक साथ जोड़ते हुए कंप्यूटिंग टाइप्स पर काम करता है।

वो यह देख पाते है की कैसे माइक्रोप्रोसेसर काम करता है। कैसे उनका डिजाईन किया जाता है और कैसे डेटा ट्रांसफर होता है, कैसे सॉफ्टवेयर लिखा जाता है और किस तरह कम्पाईल्ड किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो एक कंप्यूटर इंजीनियर जिम्मेदार होता है सॉफ्टवेयर को रन करने के उन तमाम कार्यों के लिए जिसका इजाद कंप्यूटर साइंटिस्ट करते है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची में बीटेक इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। चार वर्षों के इस नियमित पाठ्यक्रम में नामांकन लेने के लिए विज्ञान विषयों के साथ 12 वीं पास छात्र आवेदन कर सकते है। बीटेक कंप्यूटर साइंस (इंजीनियरिंग) की पढ़ाई में आप अपने स्पेशलाइजेशन के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साईबर सिक्यूरिटी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वेब एंड मोबाईल एप्लीकेशन विषय का चयन कर सकते है।

पढ़ाई के दौरान आप इंजीनियरिंग नॉलेज,प्रॉब्लम एनालिसिस, डिजाइन एंड डेवलपमेंट ऑफ़ सलूशन, काम्प्लेक्स प्रॉब्लम सलूशन, मॉडर्न टूल यूजेज,इंजीनियरिंग सोसायटी, एन्वॉयरन्मेंट और सस्टेनब्लिटी, कम्युनिकेशन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड फाइनेंस के साथ सीखते है लाइफ लॉन्ग लर्निंग का यादगार पाठ।

पढ़ाई के बाद अपने फील्ड में सफल होने के लिए चाहिए प्रोफेशन स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स और इंटरप्रेन्योर स्किल्स और यह सब आप को सिखाते है कंप्यूटर साइंस इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल।

कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने के लिए होने चाहिए ये स्किल्स :

  1. टीम वर्क एबिलिटी
  2. प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स डेटर्मिनेशन,
  3. लॉजिकल एंड सिस्टेमेटिक माइंड सेट
  4. पेसेंस।

इस कोर्स को करने के बाद करियर ऑप्शन्स के तौर पर टीचिंग के अलावा कंप्यूटर प्रोग्रामर, सिस्टम डिज़ाइनर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर डेवलपर, सॉफ्टवेयर टेस्टर, मोबाइल ऐप डेवलपर, आईटी एडमिनिस्ट्रेटर, ई-कॉमर्स स्पेशलिस्ट, डाटा वेयरहाउस एनालिस्ट के पद देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में प्राप्त कर सकते है।

DOWNLOAD NEET 2021 ADMIT CARD RANCHI JHARKHAND

NEET 2021 ADMIT CARD | DOWNLOAD HALL TICKETS HERE

If you are wondering how to download your NEET 2021 ADMIT CARD, just follow the easy steps mentioned below –

HOW TO DOWNLOAD NEET ADMIT CARD?

  • Visit the official website of NTA NEET here — neet.nta.nic.in
  • You will land on the homepage. Scroll down to see the ‘Download Admit Card New’.
  • Click on the admit card download link
  • A login page will appear on the screen
  • Login with Application Number, Date of Birth and other details
  • Your NEET 2021 NEET-UG 2021 Admit Card will be displayed on the screen
  • Download the NEET admit card 2021
  • Take a printout for future reference

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WILL THE ADMIT CARD BE SENT BY POST?

DOWNLOAD NEET 2021 ADMIT CARD RANCHI JHARKHAND

Students will have to download the admit card from the website addressed mentioned above. Admit Cards will not be sent by post. National Eligibility cum Entrance Test (UG) 2021 (NEET) aspirants must note that the Admit Card will not be sent by post. In case of difficulty, students can contact on 011-40759000 or e-mail at neet@nta.ac.in.

NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST

NEET (UG) – 2021 will be conducted by National Testing Agency (NTA) on Sunday, 12 September 2021 in Pen and Paper mode in 13 languages, as a uniform entrance examination for admission to MBBS/BDS/BAMS/BSMS/BUMS/BHMS and other undergraduate medical courses in approved/recognized Medical/Dental /AYUSH and other Colleges/ Deemed Universities /Institutes (AIIMS & JIPMER) in India, as per Section 14 of The National Medical Commission (NMC) Act, 2019 and relevant Graduate Medical Education Regulations (GMER) 1997, as amended from time to time.

LANGUAGES FOR NEET EXAM 2021

The languages in which the NEET (UG) 2021 would be conducted are : English, Hindi, Assamese, Bengali, Gujarati, Kannada, Malayalam, Marathi, Odia, Punjabi, Tamil, Telugu, and Urdu.

MORE EXAM CENTRES FOR NEET EXAM 2021, STRICT COVID-19 PROTOCOLS

The entrance test for over 16 lakh registered students was earlier deferred due to an unprecedented surge in COVID-19 cases during the second wave. The entrance test will now be conducted on September 12.  Due the covid19 pandemic, the number of cities where the examination will be conducted has been increased from 155 to 198. The number of examination centres will also be increased.

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कोल इंडिया और अनुसांगिक इकाईयां प्रतिवर्ष 20 हजार अप्रेंटिस का चयन करती है : पीवीएआर राव

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संचालित बोर्ड ऑफ़ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (बीओपीटी ) पूर्वी क्षेत्र एवं झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची के सहयोग से आयोजित वर्चुअल जॉब फेयर(अप्रेंटिशिप ट्रेनिंग) का प्रारंभ 9 अगस्त से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डायरेक्टर पर्सनल, सीसीएल पी.वी.ए.आर. मल्लिकार्जुन राव, मुख्य वक्ता डायरेक्टर बीओपीटी (पूर्वी क्षेत्र ) एस. एम. एजाज अहमद उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र का प्रारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची की कुलपति प्रो. (डॉ.) सविता सेंगर ने कहा ” बीओपीटी के सहयोग से पाँचवी बार जॉब फेयर का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस में किया जा रहा है। कोविड 19 महामारी और सरकार के निर्देशों को देखते हुए यूनिवर्सिटी द्वारा पहली बार इसका आयोजन वर्चुअल किया जा रहा है।

डॉ. सेंगर ने ज्ञान आधारित समाज का जिक्र करते हुए कहा की “आज नॉलेज बेस्ट सोसायटी का दौर है। समाज तेजी से बदल रहा है। हमें अपने कार्यों के प्रति खुद जिम्मेदार बनेबनने की जरुरत है। किसी भी बात पर सरकार या दूसरों को दोष देने की आदत सफलता में सबसे बड़ी बाधक साबित होती है। उन्होंने कौशल और जीवन विकास के लिए लाइफ स्किल्स की जरुरत पर बल देते हुए कहा की ‘लाइफ स्किल्स केवल जीवन में दक्षता प्राप्त करने का नाम नहीं है बल्कि सही मायनों में ह्यूमन बिंग बन कर समाज में अनुशासन के साथ जीवन निर्वाहन की कला है। नई शिक्षा नीति 2020 की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया की ‘ यह नीति स्टूडेंट सेंट्रिक अप्रोच और नॉलेज, ऐटिटयूड और स्किल्स को शिक्षा से जोड़ने वाला है।

डॉ. सेंगर ने झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी द्वारा आउट कम बेस्ड एजुकेशन की भी चर्चा की जो इनसाइड क्लास रूम मेजरिंग, लर्निंग, फैकल्टी परफॉर्मेंस पर आधारित है। उन्होंने अपनी जानकारी में बताया की यूनिवर्सिटी जल्द ही दो स्किल्ड बेस्ड कोर्स भी प्रारम्भ करने वाली है।

डायरेक्टर बीओपीटी (पूर्वी क्षेत्र) एस एम् एजाज अहमद ने अपने सम्बोधन के दौरान कहा की ” कोरोना महामारी के कारण उतपन्न परिस्थितियों से कई लोगों ने अपना रोजगार खोया है। झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के साथ यह पांचवा वर्ष है जब अप्रेंटिशिप ट्रेनिंग के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।

अप्रेंटिशिप ट्रेनिंग को रोजगार मेला का नाम देने पर अपना विचार देते हुए उन्होंने बताया की 1 वर्ष का यह प्रशिक्षण युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र में उनकी दक्षता के अनुसार तैयार करता है। अप्रेंटिशिप एक्ट 1961 का हवाला देते हुए उन्होंने बताया की आज भी 1200 से ज्यादा कंपनियां इसे लेकर सक्रिय नहीं है। भारत के युवाओं को इस आपदा की घडी में ज्यादा से जयदा रोजगार की जरुरत है और इसमें अप्रेंटिशिप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने अप्रेंटिशिप का महत्व बताते हुए कहा की विदेशों में यह एक प्रतिष्ठित कार्य की तरह है। यह छात्रों के लिए बहुत लाभदायक भी है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से एक दिन का अप्रेंटिसशीप डे मानाने का भी अनुरोध करते हुए कहा की इस प्रकार के कार्यों को सक्रियता से करने वाले संस्थानों को आने वाले समय में पुरस्कृत भी किया जायेगा। “

मुख्य अतिथि डायरेक्टर पर्सनल सीसीएल पीवीएआर राव ने अपने सम्बोधन के दौरान कहा की “कोल् इंडिया और उसकी 8 अनुसांगिक इकाइयां अप्रेंटिशिप को महत्वपूर्ण मानते हुए प्रतिवर्ष 20 हजार से ज्यादा प्रशिक्क्षु लिया करते है। शिक्षा प्राप्त करने का मूल उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं होता बल्कि इसके अलावा स्टार्टअप्स, खुद का बिजनेस और कौशल से जुड़े हजारों कार्य है जिन्हें अपनाकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से क्षेत्र और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्किल बेस्ड कोर्सेज प्रारंभ करने की सलाह देते हुए कहा की ” भारत में हर राज्य में अलग अलग संभावना है इसका ध्यान रखते हुए कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम चलाये। पीवीएआर राव ने ड्रीम, प्लानिंग और एग्जीक्यूसन ( DPE ) की चर्चा करते हुए बताया की यह तभी सफल हो सकते है जब इनके साथ लगन और अथक परिश्रम भी किया जाय। उन्होंने 9 अगस्त के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामना देते हुए जॉब फेयर में शामिल युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना किया।

उद्घाटन सत्र के समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) पियूष रंजन ने अगले पांच दिनों तक चलने वाले स्टूडेंट- इंडस्ट्री डिस्कशन के लिए सभी प्रतिभाओं को अपनी शुभकामना देते हुए कहा की” ये पांच दिन स्किल और कम्युनिकेशन को प्रमाणित करने का अवसर है। प्रत्येक वर्ष बीओपीटी के सहयोग से मेले का आयोजन होता रहा है जिसमें सीसीएल की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इस वर्ष भी 2000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए है जो नैड में भी पजीकृत है।रोजगार मेला 9 से 13 अगस्त 2021 तक आयोजित किया जायेगा। इस वर्ष इसमें प्रतिष्ठित 24 कंपनियां शामिल हो रही है जिनके पास 777 रिक्तियॉं है।

Job Mela Poster

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में 9 अगस्त से वर्चुअल जॉब मेला का आयोजन

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संचालित बोर्ड ऑफ़ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (बीओपीटी ) पूर्वी क्षेत्र द्वारा झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची के सहयोग से जॉब फेयर (रोजगार मेला ) अप्रेंटिशिप ट्रेनिंग का आयोजन 9 से 13 अगस्त 2021 के बीच किया जा रहा है। रोजगार मेले का आयोजन वर्चुअल मोड में किया जा रहा है। इसमें डिप्लोमा और बीटेक / बीई पास आउट स्टूडेंट शामिल हो सकते है। वर्ष 2018,2019 और 2020 के पास आउट स्टूडेंट ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर शामिल हो सकते है। जॉब मेले में देश की प्रतिष्ठित 24 कंपनियां शामिल हो रही है जिनके पास 777 रिक्तियॉं है।

रोजगार मेला के आयोजन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो डॉ पियूष रंजन ने बताया की ” यह जॉब फेयर अपने आप में बेहद खास है क्योकि यह ऑनलाइन आयोजित किया जायेगा। कोरोना संक्रमण काल में युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार की भी जरुरत है। इस टेक्नो टैलेंट्स फेयर में झारखण्ड और बिहार के अलावा असम, सिक्किम ,त्रिपुरा, नागालैंड , मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश के डिप्लोमा और बीटेक पास अभियार्थी शामिल हो सकते है। वर्चुअल मोड में आयोजित यह जॉब मेला सभी को एक ही प्लेटफार्म पर लेकर रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास है।“

रोजगार मेले में शामिल होने वाली प्रतिष्ठित कंपनियों में सीसीएल, आईसीएआर,आरसीईआर पटना, आल इंडिया रेडियो, अगरतल्ला, टाटा मोटर्स, सीटीसी, आरुष, जीएस इंटरनेशनल, मैस्कॉट इलेक्ट्रोमेक प्राइवेट लिमिटेड, इट्रीनोम, जमना ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एसइएम, टेक्नोलॉजी,अपैक्स ऑटो लिमिटेड,यौगिक टेक्नोलॉजीज, स्काईप्रो टेक्नोलॉजी, यजाकि पावर डेटा डिस्प्ले जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल है। रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तारीख 7 अगस्त है।

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