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जेआरयू, रांची कैंपस में प्रधानमंत्री के तकनिकी सलाहकार दीपक वोहरा का व्याख्यान

न्यूज़ सोर्स : जेआरयू डिजिटल सेल

पोलैंड में भारत के राजदूत रहे पूर्व राजनीतिज्ञ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेसोथो, गूईएना- बिसाउ और लद्दाख़ ऑटोनोमस हिल डेवलपमेंट कौंसिल लेह और कारगिल पर सलाहकार डॉ. दीपक वोहरा ने बुधवार (15 जनवरी) को झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी रांची, कमड़े कैंपस में व्याख्यान दिया। भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव स्तर के अधिकारी डॉ. वोहरा कई देशों में भारत के राजदूत और विदेशी सरकारों के सलाहकार रह चुके है। इन्होनें दूरदर्शन के कई कार्यक्रमों में एंकरिंग किया है।

अपनी विदेश सेवा के दौरान आप फ्रांस, टुनिशिया, यूनाइटेड स्टेट, चैड, कैमरून, पापुआ न्यू गिनी, स्पेन, अर्मेनिया और सूडान, में अपनी सेवा दी है। मलेशिया में डिप्टी हाई कमिश्नर भी रह चुके है। डॉ. वोहरा एक मुखर वक्ता होने के साथ वर्तमान में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी, प्रधानमंत्री के तकनिकी सलाहकार के तौर कार्यरत है।

डॉ. वोहरा विकासशील देशों में विकास और राजनितिक यांत्रिकी के जाकर है। इन्हें अफ़्रीकी देशों के राजनितिक मामलों की बेहतर समझ को लेकर ख्याति प्राप्त है। स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली और नेशनल डिफेंस कॉलेज से पास आउट डॉ.वोहरा ने राय यूनिवर्सिटी, रांची कैंपस में अपने संबोधन के दौरान बदलते भारत की तस्वीर पेश करते हुये कहा “भारत युवा शक्ति, आर्थिक और तकनिकी प्रगति की राह पर है। भारत की आबादी युवा जोश से भरी है,बदलते भारत की शक्ति को विश्व के देश भी पहचानते है, इसलिए भारत की चर्चा पुरे विश्व में है।“

चर्चा के दौरान उन्होंने बताया की “भारत की सेना विश्व की चौथी बड़ी ताकत है और 2028 तक हर भारतीय के लोगों के पास दो गुना धन होगा।“उन्होंने भारत के बदलते तस्वीर पर बोलते हुए कहा की ” भारत में कानून का राज है। कानून अपना काम बेहद ईमानदारी से कर रहा है। उन्होंने एलिसा आइरस की प्रसिद्ध पुस्तक ” आवर टाइम हैज कम” (OUR TIME HAS COME)की चर्चा करते हुए विश्व के बड़े देशों के समूहों में भारत के बढ़ते धमक को नए युग की शुरुवात बताया। उन्होंने कहा आज भारत यूएन में अपनी अहमियत रखता है. रूस जैसे महाशक्ति को लाइन ऑफ़ क्रेडिट के तहत ऋण की राशि देता है, बड़ी आपदाओं के होने पर खुद अपने को साबित करने की क्षमता से विश्व को आकर्षित कर रहा है। डॉ. वोहरा ने अपने कारगिल और नार्थ ईस्ट इलाकों में किये गये कार्यों और यादगार लम्हों को याद करते हुए बताया की ‘आपाती वार मेमोरियल’ कारगिल की लड़ाई की याद में बनायीं गयी है। सीमा सड़क संगठन की क्षमता और कार्य करने के तरीकों को अतुलनीय और सराहनीय कार्यों में शामिल किये जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा की इनके किये गए सड़क निर्माण कार्य अपने आप में भारत को नया आयाम देते है।

व्याख्यान कार्यक्रम समाप्त होने पर राय यूनिवर्सिटी, रांची के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने डॉ. दीपक वोहरा को पौधा और शॉल देकर सम्मानित किया।

जेआरयू स्टॉफ क्रिकेट 2020

जेआरयू फैकल्टी इलेवन की 7 विकेटों से रोमांचक जीत

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची स्टॉफ क्रिकेट मैच 2020 का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस नामकुम में शनिवार 11 जनवरी को किया गया। यूनिवर्सिटी स्टॉफ क्रिकेट मैच में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टॉफ की टीमें शामिल हुयी। टॉस टीचिंग स्टॉफ टीम के कैप्टन कुमार अमरेंद्र और नॉन टीचिंग टीम के कैप्टन अमित कुशवाहा के बीच हुआ जिसमे टीचिंग इलेवन ने टॉस जीत का पहले फील्डिंग करने का फैसला किया।

नॉन टीचिंग एलेवेन की तरफ से पहले बल्लेबाजी करने उतरे मिलन प्रामाणिक और रविंद्र सिंह ने ताबतोड़ बल्लेबाजी करते हुए पहले ओवर में ही 27 रन बना डाले। रविंद्र सिंह ने 9 छक्के और 2 चौकों के साथ तबातोड़ 63 रन जबकि साथी बल्लेबाज मिलन प्रामाणिक ने 23 रनो का योगदान दिया। 5 ओवरों में ही टीम का स्कोर 90 रनो को पार कर गया था लेकिन इसके बाद मिडिल आर्डर के बल्लेबाज कोई करिश्मा नहीं दिखा सके और विकेट का गिरना लगातार जारी रहा, कैप्टेन अमित कुशवाहा ने 23 रन बनाये और तीसरे बड़े स्कोरर साबित हुए, इसके बाद पूरी टीम 140 रनों पर ऑल आउट हो गयी।

टीचिंग स्टॉफ की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज कुमार अमरेंद्र रहे जिन्होंने 7 विकेट झटके।साथी गेंदबाज प्रो. बिनोद महतो ने 1 और प्रो.राजीव नयन ने 2 विकेट चटकाये।

JRU Winner Team

JRU Winner Team

141 रनो का पीछा करने उतरी टीचिंग इलेवन की टीम के ओपनर बल्लेबाज प्रो. प्रकाश कुमार और प्रो. रघुवंश सिंह ने तेज शुरुवात करते हुए रनों की गति को आगे बढ़ने का काम किया। टीम को पहला झटका प्रकाश कुमार कुमार के रूप में लगा जो 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे उसके बाद दूसरा झटका रघुवंश के आउट होने पर लगा जो 15 रन बनाकर आउट हुए।

इसके बाद टीम को जीत की ओर ले जाने का भार यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन ने संभाला जिनका साथ कुमार अमरेंद्र ने दिया। दोनों की लम्बी साझेदारी ने टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया था लेकिन , 51 रन बनाकर कुमार अमरेंद्र की पारी का अंत हुआ। डॉ. रंजन ने 38 रन बनाये जिसमे 6 चौके और 1 छक्का शामिल था। 3 विकेट खोकर टीम ने मैच 141 रन बनाते हुए 7 विकेटों से जीत लिया ।

JRU Runner Team

JRU Runner Team

मैन ऑफ़ दी मैच का ख़िताब कुमार अमरेंद्र को उनके आल राउंड प्रदर्शन ( 51 रन और 7 विकेट ) को देखते हुए प्रदान किया गया।

मैच के दौरान अंपायर की भूमिका प्रो. सब्यसाची चक्रवर्ती और यूनिवर्सिटी फिजिकल इंस्ट्रक्टर सचिन सिंह ने निभायी। मैच का आँखों देखा हाल प्रो. राजन तिवारी ने जबकि स्कोर बोर्ड अपडेट किया प्रो. रौशन ने । मैच के दौरान यूनिवर्सिटी फैकल्टी स्टॉफ ने दोनों टीमों का हौसला बढ़ाया। विजेता और उपविजेता टीम को प्रो. सब्यसाची चक्रवर्ती ने ट्राफी देकर सम्मानित किया ।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के विशेष दीक्षांत समारोह में चर्चित हस्तियों को मिली मानद उपाधि

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची द्वारा नई दिल्ली में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह में देश विदेश की कई चर्चित हस्तियों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस दौरान कला, संगीत उद्योग, फिल्म, सैन्य और उद्यमिता क्षेत्र की जानी मानी हस्तियां उपस्थित रही। राय विश्वविद्यालय, रांची द्वारा आयोजित यह दूसरा विशेष दीक्षांत समारोह था। डॉ. की मानद उपाधि प्राप्त करने वालों में देश विदेश की कई चर्चित हस्तियां शामिल रही जिन्होंने अपने- अपने क्षेत्र में लिक से हटकर कार्य किया और अपनी अलग पहचान बनायीं है। दीक्षांत समारोह के दौरान राय यूनिवर्सिटी की चेयरपर्सन,वीमेन इकोनॉमिक फोरम और ऑल लेडीज लीग की ग्लोबल चेयरपर्सन डॉ. हार्बिन अरोड़ा एवं झारखण्ड राय युनिवर्सिटी, रांची की वॉइस चांसलर डॉ. सविता सेंगर उपस्थित थी ।डॉ. अरोड़ा विमेंस इंडियन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की संथापक एवं बायोआयुर्वेदा लिमिटेड की संस्थापक रही है। रेपुटेशन पोल 2019 के अनुसार इन्हें अर्थ की महत्वपूर्ण 100 शख्सियतों में शामिल किया गया है।

विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान उपाधि प्राप्त करने वाले विभूतियों का संछिप्त परिचय :

वनेसा सेरानो: दसामी और जेरतु जैसे ब्रांड की संस्थापक और ग्रूपो टीएमएम की पहली वाइस प्रेजिडेंट वनेसा सेरानो शामिल थी. वनेसा सेरानो मैक्ससिको की रहने वाली है. ग्रूपो टीएमएम कंपनी मैक्सिको की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक और ट्रांसपोटिंग कंपनी है.

आशीष भसीन: डेन्ट्सू एजिस नेटवर्क साउथ एशिया के चैयरमैन और सीईओ आशीष भसीन एशिया पैसिफिक में विज्ञापन और मिडिया उद्योग का पिछले 30 वर्षों से जाना पहचाना नाम है । वर्ष 2018 के मीडिया हेड अवार्ड के लिए भी इन्हे चयनित किया गया है।

कुलमीत बावा: सीओओ और जपैक रसूलट्रिक्स के प्रेजिडेंट कुलमीत बावा इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस और इंडियन डिफेन्स अकादमी से स्नातक कुलमीत बावा है। 12 वर्षो तक भारतीय सेना में अपनी सेवा देने के बाद कॉर्पोरेट वर्ल्ड में डेटा ड्राइव के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए अलग पहचान बनायीं है। कुलमीत बावा एडोब साउथ एशिया के वॉइस प्रेजिडेंट भी रह चुके है।

भुवन लाल: फिल्म प्रोडूसर, लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर भुवन लाल सुभाष चंद्र बोस पर लिखी किताब ” दी मैन इंडिया मिस्ड द मोस्ट” के लेखक होने के साथ अवार्ड विनिंग फिल्म मेकर, इंटरनेशनल एंटरप्रेनर और फिल्म जर्नलिस्ट रहे है। ड्रीम फैक्ट्री कंपनी के संस्थापक और इंडियन ब्राडकास्टिंग फाउंडेशन के डायरेक्टर रह चुके भुवन लाल वर्तमान में लाल एंटरटेनमेंट के चैयरमैन है। इस कंपनी ने कान फिल्म फेस्टिवल २००३ का आयोजन किया था।

एस. पी गणेशन: क्लीन इफ़इंटेक प्राइवेट लिमिटेड और सीईएफ ग्रुप कंपनीज के बोर्ड मेंबर और डायरेक्टर है। ये कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, परंपरागत ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत है. अपने ३४ वर्षो के अनुभव के साथ एस. पी गणेशन नवीकरणीय ऊर्जा, परंपरागत ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे है।

मीनू बक्शी: कविता, संगीत, भाषा विज्ञान के अलावा लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।जेएनयू दिल्ली में स्पेनिश भाषा की प्रोफेसर होने के साथ ही हिंदुस्तानी क्लासिक म्यूजिक में भी इनकी पहचान है. प्रो. मीनू बक्शी भारत सरकार के लिए स्पेनिश भाषा में दुभाषिया के तौर पर भी कार्य करती है इसके साथ सामाजिक कार्यो के लिए कई सारे एनजीओ से जुडी है। यूके फिल्म फेस्टिवल लंदन का चेयरपर्सन रहने का गौरव भी इन्हें प्राप्त है।

कमांडर अभिलाष टोमी: भारतीय नौ सेना में कमांडर टोमी पहले भारतीय है जिन्होंने बिना रुके संसार जलयात्रा को पूरा किया है। इन्होने अबतक 52 हजार माइल्स की जल यात्रा की है। 2018 में आयोजित गोल्डन ग्लोब प्रतियोगिता के दौरान विषम परिस्थियों में इन्होने अपनी क्षमता साबित किया। कृति चक्र, तेनजिंग नोर्गे और मैक ग्रेगोर पुरस्कार भी इनकी बहादुरी और साहस भरे कार्यों चलते दिया जा चूका है।

ELITE CERTIFICATE WITH SILVER BADGE – JHARKHAND RAI UNIVERSITY RANCHI

Jharkhand Rai University, Ranchi has incorporated SWAYAM courses in final year courses as open elective. A large number of students of our University have already registered in numerous courses of SWAYAM and have taken the examination for course certification. For the Fall Semester, 2019, 152 students have cleared their paper. After producing the certificate by the students, the respective student’s mark sheets will reflect the subject and credit earned through MOOC’s.

Following students have achieved ‘Elite Certificate’ recently –

Heartiest Congratulations to KUMAR SHUBHAM, student of Department of Computer Science & Information Technology, Jharkhand Rai University Ranchi for achieving Elite certificate with Silver Badge in Digital Signal Processing course of MOOCs(SWAYAM-NPTEL) exam held in November 2019. He is also the topper of the course all over India.

Heartiest Congratulations to EKTA KUMARI GUPTA, student of Department of Computer Science & Information Technology, Jharkhand Rai University Ranchi for achieving Elite certificate with Silver Badge in Fundamental of Artificial Intelligence course of MOOCs (SWAYAM-NPTEL) exam held in November 2019. Good luck for the future.

Heartiest Congratulations to JITENDRA KUSHWAHA, student of Department of Civil Engineering, Jharkhand Rai University Ranchi for achieving Elite certificate with Silver Badge in Reinforced Concrete Road bridges course of MOOCs (SWAYAM-NPTEL) exam held in November 2019.

Congratulations to the following students for achieving ELITE Certificate in MOOCs (SWAYAM-NPTEL) exam held in November 2019. All the best for the future endeavor.

(In each semester the University offers one subject from MOOCs platform focusing on the subjects suitable for credit transfer. For each MOOCs courses, doubt classes are scheduled by the department.)

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, नामकुम कैंपस में मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, नामकुम कैंपस में मतदाता जागरूकता पर व्यख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर व्यख्यान देने के लिए नामकुम प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) देवदत्त पाठक उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन विधान सभा चुनावों में युवा मदताताओं और पहली बार अपने मत का प्रयोग करने वालों को मतदान प्रक्रिया से अवगत करना था। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया की कोई भी मतदाता मतदान की प्रक्रिया से वंचित न रहें।

श्री पाठक ने अपने संबोधन में कहा की “इसमें कोई दो राय नहीं है कि हम एक लोकतांत्रिक देश के स्वतंत्र नागरिक है। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जितने अधिकार नागरिकों को मिलते हैं, उनमें सबसे बड़ा अधिकार है वोट देने का अधिकार। 2011 में भारत सरकार ने चुनावों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने व जागरूकता लाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के गठन दिवस को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस घोषित करने का निर्णय लेते हुए इस दिवस को प्रतिवर्ष मनाने का ऐलान किया।भारत जैसा युवा देश जिसकी 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम है। उस देश के युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो अशिक्षित लोगों को वोट का महत्व बताकर उनको वोट देने के लिए बाध्य करे। लेकिन यह विडंबना है कि हमारे देश में वोट देने के दिन लोगों को जरूरी काम याद आने लग जाते हैं।“इस दौरान स्टूडेंट्स को चुनाव प्रक्रिया, वीवीपैड, मतदान प्रक्रिया और भागीदारी, जागरूकता कार्यक्रम और युवाओं की भूमिका से भी परिचित करवाया गया।

मतदान जागरूकता में अपनी भागीदारी सुनिचत करते हुए राय यूनिवर्सिटी नामकुम कैंपस के स्टूडेंट्स ने बुधवार कोस्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत मददाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली का आयोजन किया। जागरूकता रैली नामकुम कैंपस ने निकलकर जोड़ा मंदिर मोड़ तक आयोजित की गयी. इस दौरान आस पास के गांव के ग्रामीणों को मतदान के प्रति जागरूक करने और मतदान के दिन सभी कामों को छोड़कर मतदान करने के लिए स्टूडेंट्स ने उन्हें जागरूक किया। रैली में स्टूडेंट्स ने “एक वोट भी कीमती है” और “मतदान जरुरी है” जैसे नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।

जागरूकता रैली के दौरान स्टूडेंट्स ग्रुप का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर के प्रोफेसर डॉ. अलोक कुमार, डॉ. धनंजय और प्रो. वकील कुमार ने किया। इस दौरान एलइओ रेनू कुमारी, राधेश्याम, गंशु मुंज, जेएसएस अमर सिंह भी उपस्थित थे।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी में इंटरयूनिवर्सिटी प्रतियोगिता बिज़ स्प्री 2019 संपन्न

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची, कमड़े कैंपस में शनिवार (23 नवंबर) को बिज़ स्प्री का आयोजन किया गया। डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रबंधन से जुड़े स्किल का प्रदर्शन किया जाता है। राय विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के द्वारा इसका आयोजन वर्ष में एक बार किया जाता है। जिसमे मैनेजमेंट से जुड़े स्टूडेंट्स अपने संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते है। इस वर्ष बिज़ स्प्री में 10 टीमों ने अपनी भागीदारी निभाई जो रांची के प्रतिष्ठित संस्थानों से आये थे। इनमे योगदा सत्संग कॉलेज, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज, रांची विश्वविद्यालय, रांची ,डोरंडा कॉलेज, सरला बिरला यूनिवर्सिटी, रांची, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, रांची आई सी एफ ए आई , रांची और झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी की टीमें शामिल हुयी। इन 10 टीमों का नाम कनक्वेरोस , अचीवर्स, वारियर्स, ग्लैडिएटर,नाइटस, चैलेंजर्स रखा गया था। बिज़ स्प्री की विधिवत सुरुवात रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंग राउंड के साथ किया गया इसके बाद उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया जिसमे राय यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन उपस्थित थे। उन्होंने दीप प्रजवल्लित कर इसका विधिवत उद्घाटन किया और प्रतियोगी टीमों का उत्साहवर्धन किया। बिज़ स्प्री 2019 की विजेता उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, रांची बनी। दूसरा स्थान झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची और तीसरा स्थान डोरंडा कॉलेज की टीम को मिला।

प्रतियोगिता में जज की भूमिका मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर डॉ. अशफाक आलम और प्रो. सब्यसाची चक्रवर्ती ने निभाई। इन्होने स्टूडेंट्स से उनके प्रोडक्ट, प्रोजेक्ट और प्रेजेंटेशन से जुड़े विषयों पर सुझाव भी दिया।

10 टीमों में से 6 टीमों का चयन प्रतियोगिता के पहले चरणके लिए किया गया जिसमे ऐड मैड शो का आयोजन किया गया इसमें टीमों को प्रोडक्ट सेलिंग स्किल का प्रदर्शन करना था। जिसमे सॉइल ऑफ़ लैंड ऑन मून, ब्लैक हैंडसम क्रीम, ब्लैक ब्यूटी क्रीम, रिलैक्सिंग टैक्सी, सस्टनैबल डेवलोपमेन्ट, चिपकू गम का प्रदर्शन किया गया। फाइनल राउंड जिसका नाम केस स्टडी राउंड रखा गया था, इसमें फाइनल मुकाबले के लिए चयनित 4 टीमों को केस स्टडी दी गयी थी जिसे उन्हें डेवेलोप करना था और फिर उसका लाइव प्रदर्शन करना था। इस पूरी प्रक्रिया में बेहतर करने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया जिसमे यूएमयू रांची की टीम का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को ट्राफी और सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। कार्यक्रम के कन्वेनर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के एच.ओ.डी डॉ. रौशन कुमार और डॉ. अभिषेक प्रताप थे।

कार्यक्रम के दौरान विभाग की फैकल्टी, डॉ. खालिदा रहमान प्रो. अमृता मजूमदार, प्रो. रश्मि और स्टूडेंट्स उपस्थित थे।

VOLLEYBALL CHAMPIONSHIP, RANCHI – ORGANISED BY JRU RANCHI, UNIVERSITY SPORTS CLUB

Sports is an integral part of campus life at Jharkhand Rai University, Ranchi. The University Sports Club recently organised an inter-department volley ball championship. The 2 days event saw 10 teams contesting for the final trophy.

The final nail-biting match was played between Department of Mining Engineering and Department of Computer Science-Information Technology.
Students gathered at the sports ground to cheer their respective teams. The final match started around 4pm in the evening, with both the teams competing to ace the game and win the trophy. It was played in two sets, where during the first round Mining Team scored points of 15 – 5, while the IT team scored 16 – 4.

BEST VOLLEYBALL TEAM RANCHI

In the second round the Mining Team scored 15-9 points to win the championship powered by knockout performance that upped their game. The crucial role of referee was performed by National Referee, Volleyball, Ajay Kumar.

BEST VOLLEYBALL TEAM RANCHI
Both the teams were applauded and encouraged by the audience. After the match, Registrar, Dr Piyush Ranjan gave away the trophies to the winning team and the runner-up team. He congratulated both the teams for their performance and said that games as a part of the University curriculum is necessary for all-round development of students. The University’s physical trainer Sachin Singh, JRU sports club convener Prof Vinod Mahato, Prof Amarendra together contributed to make this championship a success.

जेआरयू: प्रैक्टिकल एजुकेशन पर है ज्यादा जोर

“सीइंग इज बिलिविंग” अंगेजी की इस कहावत का अर्थ है। “जो दिखाई पड़ता है विश्वास भी उसी पर होता है ” एजुकेशन सिस्टम भी अब अपनी पारंपरिक तकनीक को पीछे छोड़ते हुए इस कांसेप्ट पर काम कर रही है। पारंपरिक तौर पर इस प्रकार के एजुकेशन को प्रैक्टिकल एजुकेशन कहा जाता है। इस तकनीक में स्टूडेंट्स किसी भी स्ट्रीम का हो उसे अपने सब्जेक्ट से कनेक्ट करने के लिए वास्तविकता से अवगत कराया जाता है। यह धरातल कॉलेज का लैब- कंप्यूटर रूम या फिर किसी कला सम्बन्धी विषय का परिचय कराने के लिए किसी जगह का भ्रमण और उसका अध्ययनहो सकता है। एजुकेशनल टूर, विजिट, गेस्ट लेक्चर, वर्कशॉप, सेमिनार, इन्वाइटेड टॉक, सीम्पोसियम ये सारे माध्यम ऐसे है जिनके जरिये स्टूडेंट्स और फैकल्टी सब्जेक्ट के साथ डायरेक्ट इंटरैक्ट करते है। इस पुरे प्रोसेस में टीचर मीड- कम्युनिकेशन (मध्यस्थ ) की प्रक्रिया को निभाता है। वहीँ स्टूडेंट्स डायरेक्ट सब्जेक्ट के साथ इंटरैक्ट करते हुए एजुकेशन प्राप्त करता है। किताबों की तुलना में किसी भी टॉपिक का खुली आँखों से परिचय प्राप्त करना एक अलग ही संसार का अनुभव देता है।

लर्निंग बियॉन्ड द क्लासरूम इम्पोर्टेन्ट फॉर स्टूडेंट

लर्निंग बियॉंड द क्लासरूम और लर्निंग आउटसाइड द क्लास रूम वह प्रक्रिया है जिसमे क्लास रूम से बाहर निकल कर जाकर स्टूडेंट्स को वास्तविक जमीनी अनुभव, मुश्किलें, अलग अनुभव और रोमांच से रूबरू कराया जाता है।

हायर एजुकेशन में इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्सेज और डायरेक्ट इंटरफ़ेस की अवधारणा ने पाठ्क्रमों में बड़े बदलाव किये है। युवाओं को स्किलड बेस्ड एजुकेशन और इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार तैयार करना भी इसका प्रमुख काम रहा है। पिछले कुछ वर्षों में प्रोजेक्ट वर्क-फील्ड सर्वे, इंटर्नशिप, पेड इंटर्नशिप और अप्रेंटिशिप की भूमिका बढ़ी है। इन सभी का मकसद युवा हाथों में हुनर प्रदान करना और उन्हें इंडस्ट्री के माहौल में ढालना है।

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी ने टेक्निकल और प्रोफेशनल कोर्सेज के अपने करिकुलम को हमेशा अपडेट किया है। इन कोर्सेज के साथ अकादमिया और इंडस्ट्री के बीच के गैप को भरते हुए उसे मार्केट के डिमांड के अनुरूप तैयार किया गया है । टेक्निकल एजुकेशन में बदलावों और इंडस्ट्री की डिमांड को समझते हुए राय यूनिवर्सिटी ने अपने करिकुलम में दोनों का मिश्रण रखा है।

तकनीक के बढ़ते प्रभाव ने इ-लर्निंग को एक बड़े प्लेटफार्म के रूप में पेश किया है। इसके कारण स्टूडेंट्स की विजुअलाइजेशन कैपेसिटी में बड़ी वृद्धि देखि जा रही है। किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट को अपने सब्जेक्ट को देखने और समझने का एक नया नजरिया मिला है। इसी कड़ी में लैब टू लैंड की अवधारणा ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। वैसे विषय जिनका संबंध अर्थ- फार्म से जुड़ा हुआ है उन्हें लैब्रोटरी से बाहर ले जाकर डायरेक्ट जमीन पर होने वाले बदलावों से अवगत करना है। इन बदलावों को समझते हुए ही सही मायनों में बदलाव लाये जा सकते है।एग्रीकल्चर, केमेस्ट्री, फार्मेसी से जुड़े अध्ययन को धरातल पर उतरना संभव हो पाया है।

जेआरयू कैंपस कनेक्ट: चेंज योर लाइफ – चेंज योर माइंड

किसी भी संस्थान की गतिविधियों का प्रचारक उस संस्था की गृह पत्रिका होती है। आज के दौर में भी इसका अपना महत्व है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन और व्यापक प्रभावों से इंकार नहीं किया जा सकता जिसमे कोई भी जानकारी तुरंत सभी कर्मियों और सम्बंधित व्यक्तियों तक पहुँच जाया करती है।

लेकिन आज भी कॉलेज/ विश्वविद्यालय/ उद्योग जगत और सरकारी कार्यालयों के कार्यों और उपलब्धियों से अवगत करने का सबसे सटीक और विश्वासी माध्यम गृह पत्रिका है। आम बोलचाल की भाषा में इसे हाउस जर्नल कहा जाता है। प्रकाशन के आधार पर इसके कई प्रकार है जैसे वार्षिक – अर्द्ध वार्षिक – त्रैमासिक – मासिक और साप्ताहिक गृह पत्रिका। एजुकेशनल इंस्टीच्यूशन और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आज भी इसके महत्व को समझा जाता है और वार्षिक या अर्द्ध वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है। एजुकेशनल इंस्टीच्यूशन ने तो शोध पत्रिकाओं का भी प्रकाशन अपने स्तर से प्रारंभ किया है जिसका उद्देश्य नए विषयों और गुणवत्ता आधारित शोधों को बढ़ावा दिया जा सके।

झारखण्ड राय विश्वविद्यालय, रांची के द्वारा युथ एक्टिविटी बेस्ड अर्ध वार्षिक bi-anuual) हाउस जर्नल “कैंपस कनेक्ट” प्रकाशित किया जाता है। पत्रिका का प्रकाशन संपादक मंडल के सहयोग से किया जाता है। इस संपादक मंडल का मार्गदर्शन यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. पियूष रंजन द्वारा किया जाता है। डॉ.रंजन के अनुसार ” कैंपस कनेक्ट बायीं एनुअल हाउस जर्नल है जिसका उद्देश्य यूनिवर्सिटी की ऐकडेमिक और नॉन ऐकडेमिक एक्टिविटीज को प्रमोट करना है। डिपार्टमेंटल एक्टिविटी और फैकल्टी अचीवमेंट को प्रमोट करने के लिए यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट वाइज जर्नल के प्रकाशन को बढ़ावा दे रहा है। इस कड़ी में फैकल्टी ऑफ़ एग्रीकल्चर का प्रयास अंकुरण सराहनीय है जो डिपार्टमेंट के फैकल्टी के लिखे रिसर्च पेपर और स्टूडेंट्स एक्टिविटी का संकलन है”।

यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ माइनिंग इंजीनियरिंग की पत्रिका “खनन” और डिपार्टमेंट ऑफ़ मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पत्रिका “मैकेनाइज़्ड” अपने प्रथम अंक के साथ प्रकाशित हो चुकी है. खनन पत्रिका के ग्रुप ऑफ़ एडिटर प्रो. डी. पी. पांडेय और प्रो. सुमीत किशोर है, वहीँ मैकेनाइज़्ड में प्रो. श्रीपाल मिश्रा और प्रो. ओमप्रकाश सत्यम का मार्गदर्शन प्राप्त है।

EHTESHAM ANSARI

जेआरयू एलुमनी मो. एहतेशाम ने विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट मो. एहतेशाम अंसारी ने मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए  यूनिवर्सिटी का नाम रौशन किया है। एहतेशाम ने बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग (2014-2018 बैच ) झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची से किया है। झारखण्ड के चतरा जिले के रहमत नगर मोहल्ले के रहने वाले मो. महताब अंसारी के 22 वर्षीय बेटे रहमत ने अपनी सफलता से यूनिवर्सिटी के साथ अपने शहर का भी मान बढ़ाया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में अभय प्रसाद इंडोर स्टेडियम में 21 सितंबर को आयोजित मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उन्होंने राजस्थान के खिलाडी शिव विक्रम को हराया। एहतेशाम ने प्रतियोगिता में विजयी होने के बाद कहा की “उनका अगला पड़ाव भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खेलना है इसके लिए वे कड़ी मेहनत कर रहे है।” इससे पहले मुंबई में आयोजित एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने ख़िताब अपने नाम किया था। एहतेशाम ने अबतक 12 फाइट (मुकाबले ) में हिस्सा लिया है जिनमे से 9 में वे विजेता रहे है। अपनी सफलता के पीछे अपने दादा मो. शम्सुद्दीन अंसारी के मार्गदर्शन और प्रयास की भूमिका पर बोलते हुए एहतशाम ने कहा की ” उनके बताये हुए मार्ग पर चलने और उनके प्रसाय से मुझे ये मुकाम मिला है। कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास करते हुए मैंने अपनी मंजिल तय की है।

एहतेशाम अंसारी ने अपनी स्कूली शिक्षा राज्य सम्पोषित उच्च विद्यालय चतरा से पूरी करने के बाद रांची आकर झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। बीटेक करने के दौरान(2016) ही उन्होंने पहलवानी सीखना शुरू किया। 2018 में मिक्स मार्सल आर्ट की ट्रेनिंग लेने के लिए वे दिल्ली चले गए। ट्रेनिंग के दौरान ही इस फील्ड में कैरियर बनाने की धुन सवार हुयी और सिलसिला चल पड़ा। इसके बाद कई फाइट में हिस्सा लिया और सफल भी हुए। अभी दिल्ली में रहकर प्रोफेशनल मुकाबलों में हिस्सा लेते है और प्रतियोगिता में पेड रेसलर के रूप में पार्टिसिपेट करते है। एहतेशाम की सफलता पर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और स्टॉफ ने हर्ष व्यक्त किया है।

(Story written by Prof. Prashant Jaiwardhan)