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CUET UG: 25 जुलाई को आएगा रिजल्ट । कट ऑफ के आधार पर होगा एडमिशन

सीयूईटी यूजी परीक्षा के सफल आयोजन के बाद, अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 25 जुलाई, 2024 तक सीयूईटी परिणाम 2024 की घोषणा कर सकती है। पहले नतीजे 30 जून को आने वाले थे लेकिन दोबारा परीक्षा आयोजित होने के कारण नतीजे आने में देरी हुई। एक बार परिणाम आने के बाद, सभी उम्मीदवार आधिकारिक परिणाम पोर्टल पर लॉग इन करके उन्हें जांच और डाउनलोड कर सकेंगे।

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इस वर्ष, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUETUG) 2024 हाइब्रिड मोड (पेन-पेपर और सीबीटी मोड) में आयोजित किया गया था। परीक्षा भारत भर के 379 विभिन्न शहरों और भारत के बाहर 26 शहरों में आयोजित की गई थी। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी 2024 के लिए लगभग 13.48 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए। इसके अलावा, लगभग 1 लाख 58,000 हजार उम्मीदवार 29 मई को आयोजित सीयूईटी यूजी परीक्षा 2024 में उपस्थित हुए।

CUET 2024 कट ऑफ क्या है ?

“कट ऑफ” शब्द किसी परीक्षा में न्यूनतम स्कोर या रैंकिंग का वर्णन करता है जिसे प्रवेश के लिए आवेदन चुनते समय ध्यान में रखा जाता है। कट-ऑफ वह पैरामीटर है जो सीयूईटी प्रवेश के लिए सबसे अधिक भिन्न होता है। फिर भी, यह परीक्षा आपके लिए पसंदीदा कॉलेजों की सूची में सीयूईटी विश्वविद्यालयों में से कई में प्रवेश करना आसान बना देगी।

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सीयूईटी कट ऑफ 2024 कैसे होगा तैयार ?

CUET परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक छात्र को एन टी ए से सामान्यीकृत सीयूईटी स्कोर या परिणाम प्राप्त होंगे। अधिकारी प्राप्त अंकों और अन्य प्रभावशाली कारकों के आधार पर मेरिट सूची जारी होगी ।

  • सीयूईटी 2024 देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या
  • उस विशेष विश्वविद्यालय में कुल कितनी सीटें उपलब्ध हैं?
  • विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित छात्र श्रेणी और संबंधित आरक्षण आवश्यकताएँ।
  • छात्रों का वह सम्पूर्ण समूह जो प्रवेश परीक्षा देने के लिए पात्र था।
  • अभ्यर्थियों का प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन।
  • पिछले कट-ऑफ पैटर्न ।

विश्वविद्यालयों द्वारा जारी CUET 2024 कट-ऑफ की जांच कैसे करें?

  • संबंधित सीयूईटी कॉलेज की आधिकारिक वेबपेज पर जाएं।
  • होम पेज पर अधिसूचना टैब से “CUET कट-ऑफ” लिंक पर क्लिक करें।
  • आपकी स्क्रीन पर एक नया लॉगिन पेज खुलेगा।
  • अब आपको पंजीकरण के समय बनाया गया आवेदन क्रमांक और पासवर्ड दर्ज करना होगा।
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • यह स्क्रीन पर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 पीडीएफ दिखाएगा।
  • फ़ाइल को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसे अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में सेव कर लें।

सीयूईटी 2024 कट-ऑफ काउंसलिंग :
परिणाम घोषित होने के बाद भाग लेने वाले विश्वविद्यालय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि आपका स्कोर सीयूईटी कट-ऑफ 2024 से अधिक है, तो आप काउंसलिंग के लिए योग्य हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के समापन के बाद सीयूईटी 2024 सीट आवंटन की जानकारी एनटीए द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी ।

सीयूईटी काउंसलिंग 2024 प्रक्रिया के लिए अपने साथ निम्नलिखित कागज़ात साथ लेकर आएं।

  • कक्षा 10वीं का प्रमाण पत्र
  • कक्षा 12वीं का प्रमाण पत्र
  • आचरण प्रमाण पत्र
  • स्थानांतरण प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • आरक्षण प्रमाणपत्र

ध्यान रखें कि काउंसलिंग के लिए आपकी नियुक्ति मेरिट सूची के आधार पर होगी। काउंसलिंग सत्र के दौरान आपको अपनी सभी शैक्षणिक ट्रांसक्रिप्ट प्रस्तुत करनी होंगी अन्यथा, आपको प्रक्रिया से बाहर किए जाने का जोखिम है।

अगर आप कानून की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम ने विधि की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए लॉ में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए क्लैट परीक्षा आयोजन की घोषणा कर दी है। क्लैट का फुल फॉर्म है- कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज का कंसोर्टियम ( NLU) क्लैट एग्जाम का आयोजन करता है। क्लैट 2025 का फॉर्म ऑनलाइन आ चुका है।

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15 जुलाई से क्लैट 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू हो गई है। आप 15 अक्टूबर 2024 तक इस परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। क्लैट परीक्षा (2025) 1 दिसंबर 2024 को आयोजित होनी है। इस दिन दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक परीक्षा होगी। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का समय शाम 4:40 बजे तक रहेगा।

कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों की पहली प्राथमिकता कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट ( क्लैट ) में सफलता हासिल करना। अगर आप भी लॉ के पांच वर्षीय पाठ्यक्रम बीए एलएलबी में एडमिशन लेना कहते हैं तो समय आ चूका है। क्लैट परीक्षा के लिए खुद को करें तैयार।

आ गई CLAT 2025 एग्जाम की डेट

अगर आप भी वकील बनने का सपना देखते हैं और आप 12वीं पास हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है. देश के 24 राष्ट्रीय लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर कानून की बारीकियों को सीखने का बेहतरीन मौका मिलने जा रहा है. इसके लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2025 की परीक्षा पास करना होगी. इस प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी उम्मीदवारों को देश के 24 एनएलयू में प्रवेश मिलता है ।

क्लैट परीक्षा पात्रता :

5 वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए:
उम्मीदवारों को न्यूनतम 45 % अंकों के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सामान्य, ओबीसी, विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी), के उम्मीदवारों के लिए 40% या इसके समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है।

क्लैट 2025 आवेदन शुल्क :
CLAT परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के छात्रों को 4,000 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा , जबकि एससी, एसटी और बीपीएल श्रेणियों के छात्रों को 3,500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा।

क्लैट परीक्षा पाठ्यक्रम :
CLAT 2024 2 घंटे की परीक्षा होगी जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा, तथा प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक का नकारात्मक अंकन होगा। परीक्षा में शामिल पांच क्षेत्र हैं – अंग्रेजी भाषा, जीके (सामान्य ज्ञान) सहित करंट अफेयर्स, कानूनी तर्क, तार्किक तर्क, मात्रात्मक तकनीक।

  • अंग्रेजी भाषा और पठन समझ- 28 से 32 प्रश्न
  • कानूनी जागरूकता – 28 से 32 प्रश्न
  • तार्किक तर्क (आलोचनात्मक तर्क पर ध्यान केन्द्रित करना)- 30प्रश्न
  • मात्रात्मक योग्यता / तकनीक – डेटा व्याख्या -30 प्रश्न
  • जीके और करंट अफेयर्स | पैसेज आधारित – 30 प्रश्न

BA LLB के बाद विधि क्षेत्र में अवसर:

न्यायाधीश :
न्यायधीश होना भारत की सबसे ज्यादा सम्मानित नौकरियों में से एक है। इसके लिए उम्मीदवारों को न्यायपालिका परीक्षा में शामिल होना होता है। परीक्षा पास करने के साथ ही उच्च न्यायालय में बतौर वकील 7 से 10 साल के अनुभव के बाद आप जज के पोस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कानूनी सलाहकार :
कानूनी सलाहकार का काम बड़े निगम या संगठन के साथ ही ग्राहक को कानूनी सलाह देना है। सलाहकार की जिम्मेदारी एग्रीमेंट्स तैयार करना, बातचीत करना, कॉर्पोरेट कानूनों का पालन करना और कर्मचारियों के साथ ही मैनेजमेंट से जुड़े विवादों में सलाह देना होता है। एक कानूनी सलाहकार बनने के लिए, उम्मीदवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ के साथ एक योग्य वकील होना चाहिए। और उस क्षेत्र विषय में कुछ अनुभव भी जरुरी होता है।

कंपनी सचिव :
कंपनी सचिवों को कंपनी चलाने के अहम पहलुओं के साथ-साथ कानूनी मामलों की अच्छी समझ होनी चाहिए। इसलिए बीए एलएलबी जैसी लॉ की डिग्री वाले छात्रों के पास कंपनी सेक्रेटरी बनने का बेहतरीन विकल्प होते हैं।

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GPAT 2024 में झारखंड राय विश्वविद्यालय के 5 विद्यार्थियों को सफलता

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने सोमवार को आधिकारिक वेबसाइट GPAT के नतीजे जारी कर दिया है। ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) परीक्षा 2024 में झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के 5 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त किया है। सफल होने वाले छात्रों का नाम रवि शंकर गुप्ता ( रैंक 413 ), आदित्य कुमार (रैंक 939). सुनील कुमार (रैंक 1423), शिबू कुमार (रैंक 1553) शशि कुमार (रैंक 2933) शामिल हैं।

GPAT और फार्मेसी कोर्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए क्लिक करें :

राष्ट्रीय स्तर के ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) की परीक्षा का आयोजन नैशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA करती है। पहले इसका आयोजन ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) द्वारा कराया जाता था। परीक्षा में सफल छात्रों को एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों, यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिला मिलता है।

क्या है GPAT परीक्षा ?
ग्रैजुएट फार्मेसी ऐप्टिट्यूड टेस्ट यानी जीपैट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश पर हर साल किया जाता है। इसके आधार पर उपयुक्त फार्मेसी ग्रैजुएट्स का चुनाव किया जाता है जिनका मास्टर प्रोग्रामों यानी एम फार्मा कोर्स में दाखिला होता है। जीपैट तीन घंटे का ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा है। परीक्षा का आयोजन एक ही सत्र में होता है।

GPAT स्कोर पर दाखिला :
जीपैट परीक्षा में प्राप्त स्कोर को एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त सभी संस्थानों/यूनिवर्सिटी के विभागों/यूनिवर्सिटी के कॉलेजों या उससे संबद्ध कॉलेजों में स्वीकार किया जाता है। जीपैट परीक्षा में अच्छा स्कोर करने वालों को स्कॉलरशिप और अन्य वित्तीय सहायता भी जीपैट के स्कोर के आधार पर मुहैया कराई जाती है।

जीपैट परीक्षा में बैठने के लिए परीक्षार्थी के पास चार साल का बी.फार्मा या समकक्ष फार्मेसी बैचलर डिग्री कोर्स होना चाहिए। फाइनल ईयर वाले स्टूडेंट्स भी परीक्षा फॉर्म भर कर अप्लाई कर सकते हैं। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद आपको M. Pharma में एडमिशन मिलता है। जीपैट परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई एज लिमिट नहीं है।

GPAT की तैयारी कैसे करें:

  • जीपैट एग्जाम की तैयारी के लिए आप सबसे पहले अपने कमजोर विषयों की लिस्ट बनाकर उनसे संबंधित टॉपिक के नोट्स बनाएं।
  • जो भी विषय या टॉपिक आपका कमजोर है उसके महत्वपूर्ण टॉपिक्स को पढ़ने और समझने में ज्यादा समय दें।
  • पिछले साल के प्रश्नपत्रों को अधिक से अधिक हल कर इसका अभ्यास करें। आप ऑनलाइन मॉक टेस्ट देकर GPAT परीक्षा के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करते हैं।
  • आप इसके अलावा बाज़ार में उपलब्ध प्रतियोगी परीक्षा पुस्तकों की सहायता से एवं मॉडल प्रश्न पत्रों को हल करके GPAT एग्जाम की अच्छी तैयारी कर सकते हैं।
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बीकॉम करना है ? नहीं मिला अब तक एडमिशन। निराश न हों ,ये हैं विकल्प

B.COM करना चाहते हैं और अब तक आपको अपनी पसंद के विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिला है, तो निराश महसूस होने की जरुरत नहीं है। लेकिन यह दुनिया का अंत नहीं है। आपके लिए अभी भी कई विकल्प उपलब्ध हैं । कॉमर्स से 12 वीं करने वाले स्टूडेंट्स की ख्वाहिश होती है कि वह किसी अच्छे कॉलेजों से बीकॉम की पढ़ाई करें। लेकिन, कई कारणों से पसंद की कॉलेज में एडमिशन मिलना संभव नहीं हो पाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है और आपको भी बीकॉम करना है तो देर मर करिये और दूसरे कॉलजों को विकल्प के रूप में देखना शुरू कर दीजिये।

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बीकॉम करना है तो निराश मत हो मिलेगा पसंद का कॉलेज ये हैं आपके विकल्प:

1. दूसरे कॉलेजों पर विचार करें :
एडमिशन का दौर शुरू हो चूका है। कॉमर्स के छात्रों के बीच बीकॉम को लेकर एक अलग क्रेज दीखता है। यह एक रोजगार परक कोर्स है इसी कारण सभी स्टूडेंट्स बेस्ट कॉलेज में ही एडमिशन लेना चाहते हैं। इस भाग दौड़ में सभी को पसंद का कोर्स और कॉलेज मिलना संभव नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि ऑप्शन बचे नहीं है। उन कॉलेजों के बारे में रिसर्च करें और देखें कि क्या वे आपके लिए फिट बैठते हैं। अगर आप पढ़ाई में दिलचस्पी रखते हैं और मेहनत करते हैं तो छोटे से छोटे कॉलेज से भी पढ़ाई करके अपना सपना पूरा कर सकते हैं।

2. विश्वविद्यालयों वेबसाईट चेक करें :
पसंद के कॉलेज में एडमिशन का मन बना चुके स्टूडेंट्स को एडमिशन से पहले तक एक्टिव रहना जरुरी है। आखिरी समय में गाला काट प्रतियोगिता के कारण आपके पसंद का कॉलेज आपके हाथ से निकल सकता है। एडमिशन नहीं मिला तो आप का पूरा साल बर्बाद हो जायेगा इसलिए आपको दूसरे कॉलजों को विकल्प के रूप में देखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप विश्वविद्यालयों की वेबसाइट रेगुलर चेक करें। इससे आपको पता चलेगा की दूसरे कॉलेज में बीकॉम विषय लेने पर आपको क्या अडवांटेज मिलने वाला है।

3. B.COM स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी प्राप्त करें :
आज उच्च शिक्षा पहले से कहीं अधिक महंगी है जिससे छात्रों को अपने पसंद के पाठ्यक्रम और कॉलेजों को वहन करना कठिन हो रहा है। इसे देखते हुए कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के द्वारा बीकॉम कोर्स करने के लिए छात्रवृति दी जाती है। छात्रवृत्ति कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के छात्रों एवं मेधावी छात्रों को प्रदान की जाती है। लेकिन इससे पहले जरुरी है जानना की यह जाननी जरूरी है कि छात्रवृत्ति पाने के लिए कहां सर्च करें? कौन कौन से कॉलेज या विश्वविद्यालय बीकॉम में स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। तो इसके लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें, टॉल फ्री नंबर पर कॉल करें इससे व आपको स्कॉलरशिप के बारे में विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।

4. B.COM कोर्स करना क्यों जरूरी है ?
बी कॉम का पूरा नाम बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है। यह एक अंडर ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है। बीकॉम 12वीं पास करने के बाद किया जा सकता है। बीकॉम में आपको एकाउंटिंग कोर्स, बैंकिंग,फाइनेंस तथा इनकम, टैक्स, बिजनेस संबंधित पाठ पढ़ाया जाता है बीकॉम एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है। यह 3 साल और 6 सेमेस्टर में विभाजित होता है। बीकॉम एक प्रोफेशनल कोर्स है नौकरी के बाजार में इसकी डिमांड बहुत ज्यादा है। सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जल्दी नौकरी दिलाने में यह मददगार साबित होगा।

5. काउंसलर से बात करें :
पसंद के कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला तो ऑप्शन बंद नहीं हुआ है। एक्सपर्ट की सलाह लें कॉउंसलर से बात करें। टॉल फ्री नंबर से अपने पसंद के कोर्स बीकॉम के बारे में जानकारी प्राप्त करें। कोर्स की जानकारी प्राप्त करने के दौरान अपना बजट, शैक्षणिक प्रदर्शन, रुचि और कौशल के बारे में जानकारी देकर सर्वोत्तम विकल्प प्राप्त कर सकते हैं।

6. अंतिम विचार: हार मत मानो :
पसंद का कॉलेज नहीं मिला तो इसके चक्कर में सब्जेक्ट ही बदल लिया और फिर पूरी जिंदगी पछताते रहे. यह गलती अधिकांश स्टूडेंट करते है। पसंद के कॉलेज पाने के लोभ में पसंदीदा सब्जेक्ट को छोड़ने की गलती कभी मत दुहराएं। प्लान B पर काम करें। बेहतर ऑप्शन ढूंढे और सबसे जरूरी बात हिम्मत नहीं हारें। अपने लक्ष्य को लेकर केंद्रित रहें। कभी यह मत सोचें कि इंसान से ज्यादा बड़ा कॉलेज होता है।

bba ya bcom, kaun sa career ke liye acha

यदि ये 8 विशेषताएँ आपके व्यक्तित्व से मेल खाती हैं, तो बी.कॉम डिग्री आपके के लिए उपयुक्त है

BBA or B.Com, which has more scope?

बैचलर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम) की डिग्री उन व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है जिनकी रुचि व्यवसाय, वित्त, लेखांकन और अर्थशास्त्र में है।

यहां कुछ विशिष्ट लक्षण और रुचियां हैं जो बी.कॉम डिग्री के लिए उपयुक्त संकेत दे सकती हैं:

  • व्यवसाय और अर्थशास्त्र में रुचि: यदि आप व्यवसाय कैसे संचालित होते हैं, बाजार की गतिशीलता और आर्थिक सिद्धांतों के बारे में उत्सुक हैं, तो बी.कॉम आपको एक ठोस आधार प्रदान कर सकता है। इन क्षेत्रों में।
  • विश्लेषणात्मक कौशल: पाठ्यक्रम में अक्सर महत्वपूर्ण मात्रा में डेटा विश्लेषण, वित्तीय मॉडलिंग और समस्या-समाधान शामिल होता है। यदि आपको संख्याओं के साथ काम करने और डेटा का विश्लेषण करने में आनंद आता है, तो यह आपके लिए उपयुक्त हो सकता है।
  • वित्त या लेखांकन में करियर: यदि आप वित्त, बैंकिंग, लेखांकन या ऑडिटिंग में काम करने की इच्छा रखते हैं, तो बी.कॉम एक मजबूत प्रारंभिक बिंदु है। डिग्री में अक्सर वित्तीय लेखांकन, प्रबंधन लेखांकन और कराधान जैसे आवश्यक विषय शामिल होते हैं।
  • उद्यमशीलता की आकांक्षाएं: यदि आप अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो बी.कॉम डिग्री से प्राप्त ज्ञान आपको व्यवसाय चलाने के वित्तीय और परिचालन पहलुओं को समझने में मदद कर सकता है।

कैसे मिलेगी लाखों-करोड़ों की सैलरी, बी कॉम कोर्स करना क्यों जरूरी है ?

B.Com STRIP

  • प्रबंधन और नेतृत्व: विभिन्न क्षेत्रों में प्रबंधन भूमिकाओं में रुचि रखने वालों के लिए बी.कॉम फायदेमंद हो सकता है। डिग्री में अक्सर प्रबंधन सिद्धांत, संगठनात्मक व्यवहार और व्यवसाय रणनीति में पाठ्यक्रम शामिल होते हैं।
  • विवरण पर ध्यान दें: बी.कॉम डिग्री से उत्पन्न होने वाले पेशे, जैसे लेखांकन या ऑडिटिंग, के लिए उच्च स्तर की सटीकता और विवरण पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
  • संचार कौशल: व्यावसायिक पेशेवरों को अक्सर जटिल विचारों को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने की आवश्यकता होती है। यदि आपके पास मजबूत संचार कौशल हैं या आप उन्हें सुधारना चाहते हैं, तो बी.कॉम कार्यक्रम फायदेमंद हो सकता है।
  • लचीलापन और बहुमुखी प्रतिभा: बी.कॉम की डिग्री विभिन्न उद्योगों में विभिन्न करियर पथों की ओर ले जा सकती है, जो करियर विकल्पों में लचीलापन और बहुमुखी प्रतिभा प्रदान करती है।

बीकॉम में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी क्लिक करें – स्कॉलरशिप स्कीम का ले सकेंगे लाभ।100% स्कॉलरशिप के बारे में पूरी जानकारी

यदि ये विशेषताएँ और रुचियाँ आपके लक्ष्यों और व्यक्तित्व से मेल खाती हैं, बैचलर ऑफ कॉमर्स के लिए अध्ययन करना आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

If you want to study Bachelor of Business Administration (BBA), consider these factors

Are you confused about whether to study BBA or BCom? Consider these factors, including your career goals, interests, and the opportunities available in your region.

But before you make that decision, here are some key points when deciding if BBA is the right path for you:

Should you study BBA?

Foundation in Business: A BBA provides a strong foundation in business principles, including management, marketing, finance, accounting, and human resources.

BBA STRIP

Versatility: The skills and knowledge gained from a BBA are applicable to many industries, making it a versatile degree.
Career Opportunities: Graduates can pursue various roles such as business analyst, marketing manager, financial analyst, HR manager, and more.
Networking: BBA programs often provide networking opportunities through internships, group projects, and interactions with industry professionals.
Further Studies: A BBA is a good stepping stone for higher education, such as an MBA, which can further enhance career prospects.
No, you should not study BBA (Cons of a BBA Degree):
Competition: The business field can be highly competitive, and a BBA alone may not always be sufficient for high-level positions without further specialization or experience.
Market Saturation: In some regions, there may be a high number of BBA graduates, which can lead to increased competition for jobs.
Specialization: For certain careers, additional qualifications or certifications may be necessary to stand out.
Personal Interests: Ensure you have a genuine interest in business and management. Passion for the field can significantly impact your success and satisfaction.
Career Goals: Consider your long-term career goals and whether a BBA aligns with them. Research potential career paths and the qualifications required.
Institution Quality: The reputation and resources of the institution offering the BBA program can impact the quality of education and networking opportunities.

Location: Job opportunities and the demand for BBA graduates can vary by region. Research the job market in your area or where you plan to work.

Points to consider before you decide –

A BBA can be a good career choice if you are interested in business and management and are willing to take advantage of the opportunities it provides. It’s important to have a clear plan for your career path, seek internships and practical experiences during your studies, and consider further education or specialization if necessary.

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BMLT कोर्स करने के शीर्ष 21 कारण, कैरियर के अवसरऔर संभावनाएं

बैचलर ऑफ़ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (BMLT) में स्नातक की डिग्री स्वास्थ्य देखभाल पेशे का प्रवेश द्वार है। यह कोर्स नौकरी की अनिश्चितता को कम करके और मेडिकल फील्ड में योगदान देने के प्रति जुनून रखने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प के रूप में उभरता करियर है। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में स्नातक की डिग्री हासिल करने का निर्णय दूरदर्शिता और सेवा के वादे से भरा क्षेत्र है।

BPT & BMLT

भारत में मेडिकल लैब प्रौद्योगिकी में स्नातक की डिग्री के फायदों से अवगत करता यह ब्लॉग इक्कीस आकर्षक कारणों को उजागर करता है कि क्यों आपको बैचलर ऑफ़ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी कोर्स क्यों करना चाहिए।

बीएमएलटी कोर्स करने के शीर्ष 21 कारण :

  • बढ़ती स्वास्थ्य सेवा मांग: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की निरंतर मांग बीएमएलटी पाठ्यक्रम को एक बेहतर विकल्प बनाती है।
  • स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में अभिन्न भूमिका: बीएमएलटी स्नातक पाठ्यक्रम स्वास्थ्य देखभाल इकोसिस्टम में उपचार निदान और रोगी देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
  • विविध अवसर: अस्पताल से लेकर अनुसंधान तक, बीएमएलटी स्नातकों को स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में भरपूर अवसर मिलते हैं।
  • व्यवहारिक शिक्षा: बीएमएलटी कोर्स व्यावहारिक कौशल पर जोर देता है, यह सुनिश्चित करता है कि स्नातक नौकरी के लिए तैयार हों।
  • डाइग्नोस्टिक एक्सपर्ट : बीएमएलटी स्नातक सटीक बीमारी का पता लगाने में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, जो प्रभावी उपचार की आधारशिला है।
  • विज्ञान और चिकित्सा के बीच पुल: बीएमएलटी पेशेवर वैज्ञानिक विश्लेषण और चिकित्सा अभ्यास के बीच अंतर को पाटने का कार्य भी करते हैं ।
  • अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी: बीएमएलटी की पढ़ाई के दौरान उन्नत प्रयोगशाला, उपकरण और प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी का एक्सपोजर छात्रों को चिकित्सा विज्ञान में सबसे आगे रखता है।
  • इंडस्ट्री रेस्पेक्ट : मेडिकल फील्ड में बीएमएलटी पेशेवरों के अमूल्य योगदान के लिए उनका सहकर्मियों के बीच विशेष सम्मान हैं।
  • हैंड्स ऑन लर्निंग : बीएमएलटी स्नातक सटीक बीमारी का पता लगाने में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, जो प्रभावी उपचार की आधारशिला है।
  • अनुसंधान झुकाव: यह पाठ्यक्रम अनुसंधान-संचालित मानसिकता का पोषण करता है, निदान में नवाचार को प्रोत्साहित करता है।
  • तीव्र कैरियर विकास: अनुभव के साथ, बीएमएलटी पेशेवर तेजी से कैरियर की सीढ़ी चढ़ सकते हैं।
  • वैश्विक प्रासंगिकता: बीएमएलटी पाठ्यक्रम के माध्यम से हासिल किए गए कौशल की दुनिया भर में मांग है। यह कोर्स वैश्विक अवसर प्रदान करता हैं।
  • स्वास्थ्य देखभाल में योगदान: बीएमएलटी पेशेवर सटीक निदान सुनिश्चित करके रोगी के परिणामों पर सीधे प्रभाव डालते हैं।
  • बहुमुखी भूमिका: बीएमएलटी स्नातक पढ़ाई के दौरान सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव रसायन और रुधिर विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करते हैं।
  • निरंतर सीखना: चिकित्सा विज्ञान विकसित हो रहा है, यह सुनिश्चित करते हुए कि बीएमएलटी पेशेवर लगातार अपने ज्ञान को अद्यतन कर सकते हैं ।
  • आवश्यक सहायता: बीएमएलटी पेशेवर डॉक्टरों और विशेषज्ञों को आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्रदान करते हैं।
  • नौकरी की सुरक्षा: बीएमएलटी पेशेवरों की मांग आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौरान भी नौकरी की स्थिरता की गारंटी देती है।
  • विविध कार्य में दक्षता : बीएमएलटी पेशेवर लैब, क्लीनिक, अस्पताल सभी जगह कार्य करने में समर्थ हैं।
  • मरीज के साथ संवाद : प्रत्यक्ष रूप से मरीज की देखभाल न करते हुए, बीएमएलटी पेशेवर अप्रत्यक्ष रूप से रोगी की भलाई पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
  • यूनिक स्किल : बीएमएलटी स्नातकों के पास विशेष कौशल होता है जो उन्हें इस फील्ड के अन्य प्रोफेशनल से अलग करता है।
  • विज्ञान और चिकित्सा के बीच पुल: बीएमएलटी पेशेवर विज्ञान और चिकित्सा क्षेत्र के अंतर को पाटते हुए एक पुल का काम भी करते हैं।

BMLT पाठ्यक्रम विज्ञान और सेवा दोनों के प्रति जुनून रखने वालों के लिए एक उभरता हुआ करियर विकल्प है। जैसे-जैसे चिकित्सा विज्ञान आगे बढ़ रहा है, बीएमएलटी पेशेवरों की भूमिका तेजी से अपरिहार्य होती जा रही है। टेलीमेडिसिन और दूरस्थ रोगी देखभाल में वृद्धि के कारन विश्वभर में बीएमएलटी पेशेवर अपना योगदान दे रहे हैं।

DIPLOMA CSE

अब बिना इंजीनियरिंग के भी बना सकेंगे IT में करियर

10वीं और 12 वीं के बाद कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। डिप्लोमा कंप्यूटर इंजीनियरिंग एक रोमांचक और भविष्यवादी क्षेत्र है। डिप्लोमा कार्यक्रम आपको कंप्यूटर विज्ञान में मूलभूत ज्ञान प्राप्त करने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञ के तौर पर स्थापित होकर बड़े औद्योगिक घरानों में काम करने का मौका प्रदान करता है। कुशल और योग्य पेशेवर के तौर पर आईटी इंडस्ट्री में स्थापित कर सकता है। डिप्लोमा कंप्यूटर साइंस कार्यक्रम विविध उद्योगों में विभिन्न प्रकार के करियर विकल्प खोल सकता है।

Diploma CSE

आईटी कंपनियों में डिप्लोमा होल्डर्स की सबसे अधिक मांग। यह तकनीकी रूप से सबसे आकर्षक कोर्स है जहां आप सबसे अच्छा पैसा कमाते हैं।

कैरियर के अच्छे अवसर :
कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में डिप्लोमा निश्चित तौर पर बेहतरीन करियर अवसर का मार्ग प्रशस्त करता है। वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में योग्य लोगों की भारी कमी है। इसलिए यदि आप डिप्लोमा कार्यक्रम को अपनाते हैं, तो जॉब प्राप्त करने में अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़े हो सकते हैं। हालाँकि,कई बार बेहतर अवसरों के लिए डिप्लोमा करने के बाद बीटेक डिग्री प्राप्त करने पर जोर दिया जाता है अगर डिप्लोमा के बाद आईटी इंडस्ट्री में कुछ वर्षों का नुभव आपके पास है तो आप किसी भी इंजीनियरिंग स्टूडेंट की तुलना में ज्यादा दक्ष और अनुभवी साबित होंगे। आपकी यह योग्यता प्रसिद्ध वैश्विक ब्रांडों में आपका करियर सुलभ बना सकता है।

विविध उद्योगों में अवसर :
आज कंप्यूटर और प्रौद्योगिकी पर हमारी निर्भरता बहुत अधिक है। विभिन्न उद्योगों की कंपनियां भी कुशल परिचालन के लिए कंप्यूटर से संबंधित प्रौद्योगिकियों पर भरोसा करती हैं। एक समय था जब कंप्यूटर इंजीनियरिंग करने वाले केवल आईटी कंपनियों में भर्ती करती थीं। अब बैंकिंग और वित्त, यात्रा, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, ई-कॉमर्स और विभिन्न सरकारी उद्योगों की कंपनियां काम करने के लिए प्रतिभाशाली कंप्यूटर इंजीनियरों की भर्ती कर रही हैं।

डिप्लोमा कंप्यूटर साइंस के बारे में अधिक जानकारी के लिए दिए गए बटन को क्लिक करें

लचीली और हाइब्रिड कार्य पद्धति :
कंप्यूटर इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है जो पेशेवरों को बहुत अधिक लचीलापन प्रदान करता है। इस क्षेत्र में प्रभावशाली पेशेवरों की भर्ती करने लिए कंपनियां बेताब हैं। आप अपने जॉब के साथ अपने जीवन में संतुलन बनाए रख सकते हैं। वर्क फ्रॉम होम भी इस सेक्टर को अन्य उद्योगों से अलग खड़ा करता है। रिमोट और डिस्टेंस वर्क कांसेप्ट का लाभ उठाकर आप अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं। कंप्यूटर उद्योग में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने कौशल को अद्यतन करते रहने की हमेशा सलाह दी जाती है।

आकर्षक वेतन :
अच्छा वेतन कौन नहीं कमाना चाहता? कंप्यूटर विज्ञान संभावनाओं से भरा एक विशिष्ट योग्यता है। यह योग्यता और अनुभव के आधार पर बेहतर वेतन पैकेज प्रदान करता है। कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा कोर्स आपके करियर को सही आधार दे सकता है इसकी बुनियाद पर आप अच्छे वेतन के साथ एक आकर्षक करियर गढ़ सकते हैं।

भविष्य आईटी पेशेवरों का है :
आईटी, प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, संचार और मीडिया उच्चतम शुद्ध रोजगार संभावनाओं भरा क्षेत्र हैं। प्रतिभा को आकर्षित करना और बनाए रखना प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए अनिवार्य है। भविष्य आईटी पेशेवरों का है। आईटी इंडस्ट्री में आज सबसे ज्यादा जॉब्स हैं। फ्रेशर्स की डिमांड और भी ज्यादा है। यदि आप झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची से डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग करते हुए सही योग्यता हासिल कर लेते हैं तो आपके लिए आगे बहुत संभावनाएं होंगी। पढ़ाई के दौरान बेहतर लैब सुविधा के साथ आपको वहां एक अच्छा अनुभव मिलेगा। आईटी पेशेवर महत्वाकांक्षा के साथ व्यक्तिगत विकास को संतुलित करते हैं।

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बीकॉम में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी स्कॉलरशिप स्कीम का ले सकेंगे लाभ।100% स्कॉलरशिप के बारे में पूरी जानकारी

B.com Hons. (वाणिज्य स्नातक प्रतिष्ठा) की डिग्री हासिल करने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। महँगी होती जा रही उच्च शिक्षा के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में कई वित्तीय बाधाओं का सामना करना पड़ता है। असुविधा को देखते हुए योग्य छात्रों की सहायता के लिए एक नई B.Com छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम छात्रों को उनकी शैक्षणिक यात्रा में आर्थिक सहायता प्रदान करने उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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उच्च शिक्षा की ओर एक कदम!
बारहवीं के बाद स्टूडेंट्स अलग-अलग क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए विभिन्न कोर्सेस का चयन करते हैं। हर स्टूडेंट का सपना होता है कि उसे पसंद का कॉलेज और कोर्स मिले। लेकिन पसंदीदा कॉलेज में मन पसंद कोर्स के साथ एडमिशन मिल पाना आसान नहीं होता है। आज उच्च शिक्षा पहले से कहीं अधिक महंगी है जिससे छात्रों को अपने पसंद के पाठ्यक्रम और कॉलेजों को वहन करना कठिन हो रहा है। छात्रवृत्ति सुविधा प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता का प्रमुख आधार है। छात्रवृत्ति कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के छात्रों के लिए शिक्षा की पहुंच और अवसरों के माध्यम से सशक्तिकरण के लिए पूरे समाज के दृष्टिकोण का प्रतीक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच के अवसरों में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।

कहां और कैसे ढूंढें बीकॉम छात्रवृत्ति :
छात्रवृति आपके सपनों को नयी उड़ान देता है। इसकी सहायता लेकर शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा कर सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। सबसे पहली बात आपको यह जाननी जरूरी है कि छात्रवृत्ति पाने के लिए कहां सर्च करें? तो सबसे पहले अपने द्वारा द्वारा चुनी गई विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें, वहां आपको अपने विषय से सम्बंधित स्कॉलरशिप के बारे में विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।

नामांकन से पहले करें तैयारी:
यदि आप जानते हैं कि विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए आपको स्कॉलरशिप की आवश्यकता होगी, तो यथासंभव अग्रिम तैयारी शुरू करें। कुछ विश्वविद्यालय विशेष समय में ‘छात्रवृत्ति’ सुविधा की घोषणा करते हैं। कहीं मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप सुविधा उपलब्ध है। कई बार किसी खास विषय की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को यह सुविधा प्रदान की जाती है।

बीकॉम स्कॉलरशिप के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए क्लिक करें :

छात्रवृत्ति न केवल आपके ट्यूशन शुल्क के एक बड़े हिस्से को कवर करने में सहायक साबित होती है , बल्कि छात्रों को उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी लाभप्रद है।

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छात्रवृत्ति क्या होती है? यह किसे मिल सकती है।
छात्रवृत्ति या स्कॉलरशिप एक प्रकार की आर्थिक सहायता हैं, जिसे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रोत्साहन हेतु प्रदान की जाती है। यह मुख्य रूप से मेधावी अथवा निर्धन विद्यार्थियों को प्राप्त होती है। मेधावी छात्र जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी है, वे अपनी पढ़ाई किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में करें एवं ऐसे छात्र जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं, उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं हो इस आधार पर दी जाती है।

छात्रवृति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता मापदंड

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • न्यूनतम अंकों की आवश्यकता होगी (विशिष्ट अंक घोषित होने वाली अधिसूचना में निर्दिष्ट किए जाएंगे)।
  • छात्रवृति योजना का लाभ बैचलर ऑफ कॉमर्स ऑनर्स लेने वाले विद्यार्थियों को ही प्राप्त होगा।
  • मेधावी, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित छात्रों को वरीयता के आधार पर स्कॉलरशिप दिया जायेगा।

बीकॉम छात्रवृत्ति सुविधा
झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों के लिए बीकॉम पाठ्यक्रम में छात्रवृति सुविधा उपलब्ध करा रहा है । 12वीं के बाद वैसे विद्यार्थी जो आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं वह छात्रवृति सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बीकॉम ( ऑनर्स ) एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है। किसी भी स्ट्रीम से 12 वीं पास छात्र इस कोर्स को कर सकता है। बीकॉम के बाद फाइनेंशियल मार्केट, बैंकिंग क्षेत्र, एकाउंटिंग फर्म आदि में नौकरी के अवसर उपलब्ध है। इसके अलावा कर सलाहकार, कर वकील विशेषज्ञ, कर नीति विश्लेषक, कर सलाहकार, लेखा सहायक, लागत लेखाकार, ऑडिटिंग क्लर्क, आदि पदों पर कार्य कर सकते हैं ।

बीकॉम क्यों जरूरी है ?
कॉमर्स स्ट्रीम सबसे आकर्षक और विशाल क्षेत्रों में से एक है। इसमें बिजनेस स्टडीज, अकाउंटिंग, मैनेजमेंट, मार्केटिंग एनालिसिस, मैथ्स, इकोनॉमिक्स, स्टैटिस्टिक्स आदि जैसे कई कोर्स शामिल हैं। 12वीं के बाद बीकॉम एक आकर्षक विकल्प है।

हाई सैलरी पैकेज:

बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद, ग्रेजुएट्स अपनी स्किल्स के आधार पर एक हाई सैलरी पैकेज पर काम कर सकते हैं।

एंटरप्रेन्योरशिप का विकल्प:

बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद, व्यक्तियों के पास अपनी डिग्री और अर्जित कौशल का उपयोग स्वतंत्र रूप से अभ्यास करने और अपना खुद का व्यवसाय या फर्म शुरू करने का विकल्प भी होता है।

बीकॉम टैक्सेशन के बाद जॉब के अवसर :

  • चार्टेड अकाउंटेंट (CA)
  • इंस्टिट्यूट और कॉस्ट एंड वर्कस अकाउंटेंट इन इंडिया (ICWA)
  • कंपनी सेक्रेटरी (CS)
  • सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंट(CMA)
  • एसोसिएशन ऑफ़ चार्टेड सर्टिफाइड अकाउंटेंट (ACCA)
  • सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (CPA)
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जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सकारात्मक सोच और योग का महत्व : सन्यासी ब्रह्मचारी सौम्यानंद

विश्व योग दिवस के अवसर पर झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची में “योग एंड पॉजिटिव साइकोलॉजी फॉर मैनेजिंग कैरियर एंड लाइफ” विषय पर एक प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के सन्यासी ब्रह्मचारी सौम्यानंद ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।

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योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया की स्थापना 1917 में भारत के महान आध्यात्मिक नेता परमहंस योगानंद ने की थी, उन्होंने पश्चिम में योग का संदेश फैलाया था। योगानंद द्वारा गढ़ा गया, सोसायटी का नाम संस्कृत से लिया गया है, जिसमें योगोदा मूल शब्द, योग, जिसका अर्थ है “संघ” और दा, जिसका अर्थ है “वह जो प्रदान करता है” से लिया गया है। सत्संग मूल शब्दों से बना है, सत, जिसका अर्थ है “सत्य,” और संग, जिसका अर्थ है “संगति”।

ब्रह्मचारी सौम्यानंद ने अपने व्याख्यान में योग और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में भी मददगार हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सकारात्मक सोच कैसे जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने में सहायक हो सकती है, खासकर करियर और जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में।

कार्यक्रम की विधिवत शुरुवात दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर झारखण्ड राय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 (डॉ०) सविता सेंगर एवं कुलसचिव डॉ० पीयूष रंजन उपस्थित थे। कुलपति प्रो० सेंगर ने अतिथियों का सम्मान पौधा देकर किया। इस अवसर पर योग्दा सत्संग के गौरव जी भी उपस्थित थे।

ब्रह्मचारी सौम्यानंद ने अपने व्याख्यान के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • योग और सकारात्मक सोच का महत्व।
  • योगासन और प्राणायाम का अभ्यास।
  • तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच विकसित करना।
  • करियर और जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करना।

व्याख्यान समापन पर सन्यासी ब्रह्मचारी सौम्यानंद ने प्रश्न उत्तर सत्र के दौरान विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देकर मन की शंका शांत किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने ब्रह्मचारी सौम्यानंद के व्याख्यान को सराहा और उनसे प्रेरणा ली।

कृषि संकाय के छात्र अंशुल ने सन्यासी ब्रह्मचारी सौम्यानंद से प्रश्न करते हुए पूछा कि जन्म और मृत्यु का रहस्य क्या है ? वहीं छात्र देवयांग सारंगी ने जीवन काल में मोह और सांसारिक माया से जुड़ा सवाल पूछा ।

कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य विश्व योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को योग के महत्त्व से अवगत कराते हुए उन्हें सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार करना था। विश्व योग दिवस के महत्व को बढ़ावा देने और लोगों को योग अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने में कार्यक्रम सफल साबित हुआ।

कार्यक्रम का संचालन प्रबंधन संकाय की प्रो0 मानुषी राय ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन झारखण्ड राय विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक प्रो0 ओम प्रकाश सत्यम ने किया।

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झारखंड राय विश्वविद्यालय में बीकॉम पाठ्यक्रम में 100 % छात्रवृत्ति सुविधा

बीकॉम पाठ्यक्रम में 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति सुविधा का लाभ उठायें।

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों के लिए बीकॉम पाठ्यक्रम में छात्रवृति सुविधा उपलब्ध करा रहा है । 12वीं के बाद वैसे विद्यार्थी जो आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं वह छात्रवृति सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) कोर्स के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने एवं छात्रवृति सुविधा के सम्बन्ध में अधिक जानने के लिए विश्वविद्यालय के टॉल फ्री नंबर 1800 120 2546 पर कॉल करें।

अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के ऑफिसियल वेबसाइट www.jru.edu.in/b.com में भी सर्च कर सकते हैं।

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बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है। कॉमर्स, लॉ और मैनेजमेंट बैकग्राउंड के छात्र जो एमकॉम ,सीए, सीएस, आईसीडब्ल्यूए करने के इच्छुक है उनके लिए यह पाठ्यक्रम एक मजबूत आधार प्रदान करता है। बीकॉम 3 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम है। किसी भी स्ट्रीम से 12 वीं पास छात्र इस कोर्स को कर सकता है। इसे पूरा करने के बाद लेखा परीक्षक, आयकर अधिकारी, लागत लेखाकार, कर सलाहकार, बजट विश्लेषक, वित्त प्रबंधक, सहायक लेखाकार आदि पदों पर कार्य करने का अवसर मिलता है । बीकॉम करने के दौरान एकाउंटिंग कोर्स, बैंकिंग,फाइनेंस तथा इनकम, टैक्स, बिजनेस संबंधित पाठ पढ़ाया जाता है।

बीकॉम क्यों करें? कैसे बनाएं करियर

देश की आर्थिक तरक्की में कॉमर्स टैक्सेशन का महत्वपूर्ण योगदान है। शानदार करियर निर्माण में बीकॉम कोर्स एक बेहतर ऑप्शन है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नई जीएसटी कर व्यवस्था ने 1.3 मिलियन विशेषज्ञों की मांग पैदा की है। यह कर विशेषज्ञों की लगातार बढ़ती आवश्यकता को इंगित करता है। गहन कर ज्ञान और मजबूत विश्लेषणात्मक कौशल वाले स्नातकों की इस क्षेत्र में उच्च मांग है।

करियर की चिंता किसे नहीं होती छात्र हमेशा बेस्ट ऑप्शन की तलाश होती हैं। सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए वह दिन रात मेहनत करते हैं, पर जानकारी के अभाव में उन्हें सफलता नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं कि B.com करना क्यों जरुरी है। वर्तमान समय में क्यों बी कॉम कोर्स देता है सफलता की गारंटी ?

बीकॉम के बाद करियर विकल्प के बारे में जानने के लिए क्लिक करें।

यह कोर्स विश्लेषणात्मक और प्रबंधकीय क्षमताओं से लैस होने, वित्त और कराधान पर ध्यान देने के साथ वाणिज्य के सभी प्रासंगिक क्षेत्रों में कौशल विकसित करने का मौका देता है। इसे करने के बाद रोजगार कर विशेषज्ञ, कर सलाहकार, कर वकील विशेषज्ञ, कर नीति विश्लेषक, कर सलाहकार, लेखा सहायक, लागत लेखाकार, ऑडिटिंग क्लर्क, आदि पदों पर कार्य कर सकते हैं ।

बीकॉम के बाद जॉब के अवसर :बी कॉम करने के बाद कोई भी विद्यार्थी आसानी से प्राइवेट और सरकारी सेक्टर में जॉब कर सकता है। बीकॉम करने के बाद निम्नलिखित पदों पर नौकरी कर सकते हैं :

  • बिजनेस कंसलटेंट
  • अकाउंटेंट
  • जूनियर अकाउंटेंट
  • अकाउंट मैनेजर
  • अकाउंट एग्जीक्यूटिव
  • कंसलटेंट
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर
  • चार्टेड अकाउंटेंट (CA)
  • इंस्टिट्यूट और कॉस्ट एंड वर्कस अकाउंटेंट इन इंडिया (ICWA)
  • कंपनी सेक्रेटरी (CS)
  • सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंट(CMA)
  • एसोसिएशन ऑफ़ चार्टेड सर्टिफाइड अकाउंटेंट (ACCA)
  • सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (CPA)