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BBA – AI डिजिटल मार्केटिंग के दौर में भरोसेमंद डिग्री

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन 2026 का सबसे बेस्ट डिसीजन साबित हो सकता है अगर आप 12 वीं पूरी करने के बाद इसे प्राथमिकता देने की सोच रहे है। AI डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और सस्टेनेबिलिटी के इस दौर में यह कोर्स न केवल प्रबंधन कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देता है, बल्कि मार्केटिंग, फाइनेंस और HR में बेहतर करियर के साथ शुरुआती वेतन और उच्च शिक्षा (MBA) के लिए मजबूत नींव भी प्रदान करता है।

STRIP Updated 2026-26

2026 में BBA करना क्यों है फायदेमंद:

बहुमुखी करियर विकल्प :
बीबीए की डिग्री व्यवसाय के सिद्धांतों में एक मजबूत आधार प्रदान करती है, जिससे छात्र लचीले और सक्षम कर्मचारी बनते हैं। यह कार्यक्रम सिद्धांत और व्यवहार का संयोजन प्रदान करता है, जिससे छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक कौशल प्राप्त होते हैं। BBA वित्त, विपणन, मानव संसाधन, संचालन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में करियर के द्वार खोलता है। यह सामान्य डिग्री आपको अपनी पसंद और नौकरी बाजार की जरूरतों के अनुसार आसानी से करियर बदलने में सक्षम बनाती है।

रोजगार की उच्च मांग :
विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां बीबीए स्नातकों को प्रबंधन प्रशिक्षुओं के रूप में भर्ती कर रही हैं। नियोक्ता आपके संचार और विश्लेषण कौशल को महत्व देते हैं, और आपकी नौकरी सुरक्षित है।

उच्च शिक्षा का प्रवेश द्वार :
बीबीए एमबीए और अन्य स्नातकोत्तर डिग्रियों के लिए एक उत्कृष्ट प्रारंभिक बिंदु है। अधिकांश सफल व्यावसायिक नेताओं और उद्यमियों ने कार्यकारी पदों पर आसीन होने से पहले बीबीए की डिग्री प्राप्त की थी।बीबीए पाठ्यक्रम वित्त से लेकर रचनात्मक डिजिटल मार्केटिंग तक, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। सफलता विशेषज्ञता के व्यक्तिगत चयन, उचित अनुभव प्राप्ति और प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर कौशल विकास पर निर्भर करती है। बीबीए स्नातक भारत के बदलते कारोबारी परिदृश्य में तुरंत रोजगार प्राप्त करके या आगे की शिक्षा प्राप्त करके सफलता हासिल कर सकते हैं। उचित योजना और कौशल विकास बीबीए डिग्री को सफल करियर के लिए एक विश्वसनीय आधार बनाते हैं।

BBA करने के ये फायदे आपको पता है क्या?

बहुमुखी डिग्री :
बीबीए की डिग्री प्राप्त करना केवल मनचाहा करियर पाने के लिए आवश्यक शिक्षा प्राप्त करने से कहीं अधिक है। जबकि अधिकांश डिग्रियां, विशेष रूप से स्नातक स्तर की, मुख्य रूप से सिद्धांत पर केंद्रित होती हैं, बीबीए की डिग्री सिद्धांत को व्यावहारिक ज्ञान के अनुप्रयोग और व्यक्तित्व विकास के साथ जोड़ती है। इसके अलावा, आप कई तरह की क्षमताओं को हासिल करने का विकल्प चुनते हैं जो आपको पेशेवर रूप से सफल होने और एक सर्वांगीण व्यक्तित्व बनने में मदद कर सकती हैं।

करियर की शीघ्र शुरुआत:
बीबीए की डिग्री प्राप्त करने के बाद, आप तुरंत नौकरी की तलाश शुरू कर सकते हैं। अन्य पाठ्यक्रमों के स्नातकों की तुलना में, बीबीए स्नातकों को आमतौर पर जल्दी नौकरी मिल जाती है। बीबीए डिग्री धारक कई प्रारंभिक स्तर के प्रबंधकीय पदों के लिए योग्य होते हैं। इसके अलावा, उन्हें आकर्षक वेतन पैकेज भी मिलते हैं। इसलिए, भर्ती कर्ता उम्मीदवारों को नियुक्त करने के लिए बीबीए धारकों को प्राथमिकता देते हैं।

आकर्षक वेतन:
अधिकांश पेशेवरों का एक प्रमुख उद्देश्य उच्च वेतन और बेहतरीन सुविधाओं का लाभ उठाना होता है। बीबीए की डिग्री इसे संभव बनाती है। इस डिग्री के साथ, आप उच्चतम वेतन और सुविधाओं वाले सर्वश्रेष्ठ प्रबंधकीय और प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, आपको पदोन्नति भी काफी तेजी से मिलती है।

नेटवर्किंग:
बेहतर अवसर हमेशा नेटवर्किंग का ही परिणाम होते हैं। बीबीए एक पेशेवर डिग्री है और स्नातक होने वाले अधिकांश छात्र कॉर्पोरेट जगत में काम करना शुरू कर देते हैं, इसलिए आपके पास विभिन्न कंपनियों में काम करने वाले लोगों का एक शानदार नेटवर्क होगा। ये लोग आपको बेहतर रोजगार और अतिरिक्त नेटवर्किंग संपर्कों के कई अवसर प्रदान कर सकते हैं।

AI और स्टार्टअप कल्चर वाली डिग्री:

बीबीए की डिग्री आपको बाजार की गतिशीलता और रणनीतिक निर्णय लेने की विशेषज्ञता के बारे में बहुत कुछ सिखाती है। ये कौशल आपको नियोक्ताओं की नजरों में विशिष्ट स्थान प्राप्त करने की संभावना को काफी बढ़ा देंगे और आपको एक सफल करियर बनाने के लिए व्यापक अवसर प्रदान करेंगे।

बीबीए (BBA) व्यावसायिक क्षेत्र में व्यावहारिक और मूल्यों पर आधारित मार्ग प्रदान करता है। यह पाठ्यक्रम, मार्गदर्शन और अनुभव प्रदान करता है जो आपको पेशेवर रूप से विकसित होने और अपने समुदाय की सेवा करने में मदद करते हैं।

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B. Com जैसा पारंपरिक कोर्स 2026 में कैसे बना Gen Z की पहली पसंद

बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) दशकों से भारतीय शिक्षा प्रणाली का मुख्य पारंपरिक विषय बना हुआ है। लेकिन 2026 में बीकॉम एक पारंपरिक डिग्री नहीं बल्कि Gen Z का सबसे “हॉट कोर्स” बन चुका है। यह एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है, जो छात्रों को वाणिज्य और व्यापार से जुड़ी बुनियादी और व्यावसायिक जानकारी प्रदान करता है।

B.Com Program Strip

12 वीं के बाद किया जाने वाला यह पाठ्यक्रम लेखांकन वित्तीय प्रबंधन और व्यापारिक कानून जैसी विषयों में निपुणता प्रदान करता है। इस कोर्स के जरिए छात्र कॉर्पोरेट जगत, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, और सरकारी नौकरियों के लिए खुद को तैयार करते हैं। बीकॉम कोर्स की अवधि तीन वर्ष होती है। यह छह सेमेस्टर में बंटा होता है, और प्रत्येक सेमेस्टर में विभिन्न विषय पढ़ाए जाते हैं।

B. Com 2026 का सबसे हॉट कोर्स:

बीकॉम सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए करियर की मजबूत नींव है. यह कोर्स फाइनेंस, अकाउंटिंग, बिजनेस मैनेजमेंट और इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में गहरी समझ देता है। बीकॉम से छात्र बैंकिंग, CA, मार्केटिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर में बेहतरीन अवसरों के लिए तैयार होते हैं. यह कोर्स न सिर्फ स्किल्स बढ़ाता है, बल्कि आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी निखारता है।

बीकॉम (B.Com) कोर्स न केवल एक पारंपरिक डिग्री है, बल्कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में एक बेहद जरूरी और भविष्य-सुरक्षित विकल्प है।

2026 में इसका लोकप्रिय होने का मुख्य कारण हैं:

  • विशेषज्ञता का बढ़ता चलन :
  • आर्थिक सुधार और नए टैक्स स्ट्रक्चर:
  • करियर में बहुमुखी प्रतिभा :
  • सरकारी और निजी क्षेत्रों में मांग
  • उद्यमिता को बढ़ावा:
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभाव :
  • डिजिटल इकोनॉमी और फिनटेक का उदय:

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2026 तक ₹23 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस बदलाव ने फिनटेक, डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में कॉमर्स विशेषज्ञों की मांग को बढ़ा दिया है।

बीकॉम न केवल आपको फाइनेंशियल स्किल्स सिखाता है, बल्कि आपके कॉन्फिडेंस और डिसीजन मेकिंग एबिलिटी को भी निखारता है। 2026 में अगर आप अपने भविष्य को एक सफल और स्थिर करियर के साथ जोड़ना चाहते हैं, तो बीकॉम आपके लिए सबसे बेहतरीन चॉइस है।

बीकॉम के बाद शीर्ष प्रबंधन पद :

बीकॉम डिग्री प्राप्त करने का एक मुख्य लाभ यह है कि स्नातकों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होते हैं। कार्यक्रम के दौरान अर्जित कौशल और ज्ञान बीकॉम स्नातकों को विभिन्न उद्योगों की कंपनियों के लिए अत्यंत मूल्यवान बनाते हैं।

  • वित्तीय विश्लेषक
  • मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव
  • मानव संसाधन प्रबंधक
  • लेखाकार
  • बैंकिंग पेशेवर
  • कर सलाहकार
  • वित्तीय प्रबंधक
  • लेखा कार्यकारी
  • लेखा प्रबंधक
  • आंतरिक लेखा परीक्षक
  • उद्यमी और अन्य कई।

बीकॉम करने के इच्छुक छात्रों के लिए झारखंड राय विश्वविद्यालय , रांची एक बेहतरीन विकल्प है। अनुभवी शिक्षकों, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत प्लेसमेंट सहायता के साथ, यह संस्थान छात्रों को वाणिज्य और प्रबंधन के क्षेत्र में सफल करियर के लिए तैयार करता है।

CUET Blog JRU 2026

12 वीं की परीक्षा के साथ कैसे करें CUET की तैयारी

CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी हो गए हैं। इनके जारी होते ही उन स्टूडेंट्स का काम बढ़ गया है, जो इन दिनों 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे ।एक तरफ़ बोर्ड परीक्षा की तैयारी करनी है, दूसरी तरफ़ सीयूईटी का भी ख़्याल रखना है, ऐसे में क्या पढ़ें, कैसे पढ़ें और किसे ज़्यादा प्राथमिकता दें? यह सवाल परेशान कर सकते हैं लेकिन बोर्ड परीक्षा के बाद जो स्टूडेंट्स को आगे ले जाएगा, वो है सीयूईटी ।

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सीयूईटी है क्या? कैसा होता है इसका पैटर्न कैसे ला सकते हैं अच्छा स्कोर?

देश भर के अलग-अलग केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य की, प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले के लिए जो एंट्रेंस टेस्ट होता है, उसे सीयूईटी कहते हैं. इसे हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित करती है ।देश की 48 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 36 स्टेट यूनिवर्सिटी, 26 डीम्ड यूनिवर्सिटी और 113 प्राइवेट यूनिवर्सिटी इसका हिस्सा हैं ।

सीयूईटी को लेकर एनटीए की ओर से जो इंफ़ोर्मेशन बुलेटिन जारी किया गया है, उसके मुताबिक इस परीक्षा को देने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है । कोई भी कैंडिडेट जिसने 12वीं पास की हो, वो ये परीक्षा दे सकता है । हालांकि, कैंडिडेट जिस यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट में दाखिला चाहते हैं, वहां अगर कोई उम्र की सीमा तय है, तो एडमिशन उसी के हिसाब से होगा ।

फिलहाल एनटीए ने कहा है कि ये परीक्षा इस साल 11 से 31 मई के बीच हो सकती है ।फॉर्म भरने की आख़िरी तारीख़ 30 जनवरी है ।जो स्टूडेंट तीन विषयों के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे उन्हें एक हज़ार रुपए फ़ीस देनी होगी. तीन विषय के बाद एडिशनल सब्जेक्ट एड करने पर प्रति विषय चार-चार सौ रुपये अतिरिक्त देने होंगे. आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए ये राशि कम है, जिसकी पूरी जानकारी सीयूईटी के इंफॉर्मेशन बुलेटिन में उपलब्ध है ।

एग्ज़ाम का पैटर्न?

सीयूईटी 2025 के लिए देशभर में कुल 13 लाख 54 हज़ार 699 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और इनमें से 10 लाख 71 हज़ार 735 स्टूडेंट परीक्षा में बैठे थे ।ये पेपर 13 अलग-अलग भाषाओं में हुआ, जिसमें अंग्रेज़ी, हिन्दी, असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू थीं ।

सीयूईटी परीक्षा के 3 सेक्शन :

पहला सेक्शन लैंग्वेज:

यह लैंग्वेज सेक्शन है, जिसमें 13 भाषाएं होती हैं. इसमें इंग्लिश, हिंदी, गुजराती, पंजाबी, उर्दू, असमिया जैसी भाषाएं हैं। अधिकांश यूनिवर्सिटी में लैंग्वेज का पेपर अनिवार्य होता है ।

कुछ यूनिवर्सिटी हैं, जहां ये आवश्यक नहीं होता है, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसी टॉप सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ये ज़रूरी है। कुछ कोर्स हैं, जैसे बीए इंग्लिश ऑनर्स, उसके लिए इंग्लिश लेना ज़रूरी है लेकिन आम तौर पर अधिकांश कोर्स में स्टूडेंट्स इन 13 में से कोई भी लैंग्वेज चुन सकते हैं।

दूसरे सेक्शन डोमेन सब्जेक्ट्स:
इनमें जो विषय 12वीं में स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, वो ले सकते हैं, जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इकोनॉमिक्स, अकाउंटेंसी वगैरह ।

“तीसरे सेक्शन जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट है:

GAT यानी जनरल नॉलेज, रीजनिंग, गणित से जुड़ा पेपर, मगर ये पेपर अनिवार्य नहीं है। हां, स्टेट यूनिवर्सिटी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने या फिर स्कोर को बेहतर बनाने के लिए स्टूडेंट्स को इसे देने की सिफारिश की जाती है।

हर विषय में 50-50 सवाल पूछे जाएंगे. हर सही जवाब के लिए 5 नंबर मिलेंगे और गलत के लिए एक नंबर कट जाएगा। वहीं, सवाल छोड़ने पर कुछ नहीं मिलेगा, न ही अंक कटेंगे।

कुल पांच पेपर होते हैं, तो 250 मार्क्स का पेपर होता है. हर विषय के पेपर को सॉल्व करने के लिए 60 मिनट मिलते हैं। स्टूडेंट्स को ये सारे यानी 37 पेपर नहीं देने होते हैं ।एनटीए कहता है कि कोई स्टूडेंट अधिकतम लैंग्वेज और GAT मिलाकर पांच पेपर दे सकता है।

CUET की तैयारी कैसे करें:

  • परीक्षा के दो महीने पहले से सीयूईटी की तैयारी करनी शुरू कर दें, लेकिन पूरा ध्यान बोर्ड परीक्षा पर रखें।
  • बिना कोचिंग के भी सीयूईटी में अच्छा स्कोर लाया जा सकता है।
  • एनसीईआरटी का सिलेबस ध्यान से पढ़ें। इसकी इतनी प्रैक्टिस कर लें कि कोई संदेह न बचे।
  • नियमित रूप से मॉक टेस्ट देते रहें।
  • पिछले साल के प्रश्नपत्र का बराबर अभ्यास करें।
  • टाइम मैनेजमेंट सबसे अहम है. क्योंकि बोर्ड की परीक्षा तीन घंटे की होती है और सीयूईटी एक घंटे की।
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झारखंड राय विश्वविद्यालय और IBM के बीच करार। B. Tech (AI & ML) प्रारंभ

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची एवं IBM के बीच आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस AI से जुड़े कोर्स संचालित करने को लेकर एक MOU हुआ है। समझौता ज्ञापन अत्याधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है जिसमें आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का विशेष पाठ्यक्रम संचालित किया जाना है। MOU में उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और करियर, कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रमों के विकास पर जोर देने की बात कही गयी है।

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झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों BCA, B.TECH एवं MCA में (AI / ML) की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय एवं IBM के सहयोग से B.Tech (AI & ML) कोर्स प्रारंभ:

झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है। विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग से जुड़े कई कोर्स सफलता पूर्वक संचालित हो रहे हैं। यूजी पाठ्यक्रम में BCA एवं B.Tech CSE पीजी कोर्सेज में MCA के अलावे डिप्लोमा Diploma in computer science कोर्स भी संचालित किया जाता है ।

झारखंड राय विश्वविद्यालय से (AI & ML) कोर्स क्यों करें ?

  • झारखंड राय विश्वविद्यालय एवं IBM के सहयोग से संचालित B.Tech (Artificial Intelligence & Machine Learning) प्रोग्राम छात्रों को एक उद्योग-केंद्रित शिक्षा प्रदान करता है, जो उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
  • B. Tech (AI & ML) का पाठ्यक्रम वर्तमान समय की सबसे आधुनिक तकनीक को शामिल किये हुए है जो दुनिया भर की कंपनियों में मान्य हैं और प्रोफ़ाइल बेहतर बनाते हैं।
  • विद्यार्थियों को लाइव प्रोजेक्ट्स और केस स्टडीज से जुड़ने का मौका मिलता है जिनका मूल्यांकन स्वयं IBM के पेशेवरों द्वारा किया जा सकता है।
  • IBM के साथ जुड़े होने से छात्रों को शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में प्लेसमेंट के बेहतर मौके मिलते हैं।
  • तकनीकी कौशल के अलावा, छात्रों को Design Thinking और Agile जैसी कार्यप्रणालियों में प्रशिक्षित किया जाता है, जो कॉर्पोरेट जगत में बहुत महत्वपूर्ण हैं।

B.Tech (AI & ML) वर्ष 2026 का सबसे डिमांडिंग कोर्स:

2026 में AI इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह आईटी बैंकिंग, हेल्थ केयर, एजुकेशन, बिज़नेस—में तेजी से नौकरियों को बदल रहा है और नई हाई-पेड स्किल्स पैदा कर रहा है।आज AI हर इंडस्ट्री की रीढ़ बन चुका है। स्टूडेंट, जॉब-सीकर और प्रोफेशनल के लिए आवश्यक हो गया है।

दुनिया तेजी से AI-फर्स्ट इकॉनमी बन रही है जहां हर काम—लेखन, कोडिंग, मार्केटिंग, डिजाइन, कस्टमर सपोर्ट—AI से तेज़ और बेहतर हो रहा है। B.Tech (Artificial Intelligence & Machine Learning) एक 4 साल का अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम है। 2026 में इस कोर्स को दुनिया के सबसे अधिक मांग वाले करियर विकल्पों में से एक माना जा रहा है। इस पाठ्यक्रम में मुख्य विषय के तौर पर डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिदम, पायथन, न्यूरल नेटवर्क, डीप लर्निंग, बिग डेटा एनालिटिक्स और रोबोटिक्स की पढ़ाई होती है। B. Tech (AI ML) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आर्टिफिशियल इंजीनियर , डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर, बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर जैसे पदों पर सेवा देने का मौका मिलता है।

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झारखंड के स्टूडेंट्स अब राँची में कर सकेंगे AI की पढाई

झारखंड राय विश्वविद्यालय में AI से जुड़े कोर्स प्रारंभ

झारखंड के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 12वीं के बाद कंप्यूटर साइंस की पढाई करने AI और मशीन लर्निंग और उससे जुड़े कोर्स करने के लिए उन्हें दूसरे राज्यों (जैसे बेंगलुरु या हैदराबाद) नहीं जाना पड़ेगा ।

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झारखंड राय विश्वविद्यालय ने AI शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाया है. विश्वविद्यालय ने पहले चरण में अपने B. Tech CSE एवं MCA के पाठ्यक्रमों में AI और मशीन लर्निंग जैसे विषयों को शामिल किया वहीँ अब स्वतंत्र कोर्स के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स को स्टूडेंट्स के लिए प्रारंभ किया है।

AI के महत्व और भविष्य में उसकी उपयोगिता को देखते हुए केंद्र एवं राज्य की सरकारों ने भी विद्यालय स्तर पर छात्रों के बीच इसे प्रोत्साहित करने के लिए ज्ञानोदय योजना जिसमें झारखंड कैबिनेट ने 2024-25 से 2029-30 के बीच सरकारी मिडिल स्कूलों में कंप्यूटर-आधारित शिक्षा और AI-सक्षम टूल पेश करने के लिए ₹94.95 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है।

केंद्र सरकार के सहयोग से SOAR कार्यक्रम के तहत कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को 15-घंटे के मॉड्यूल के माध्यम से AI और मशीन लर्निंग के बुनियादी सिद्धांतों की ट्रेनिंग दी जा रही है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय का B. Tech (AI & ML) कोर्स

B.Tech (Artificial Intelligence & Machine Learning) एक 4 साल का अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम है। 2026 में इस कोर्स को दुनिया के सबसे अधिक मांग वाले करियर विकल्पों में से एक माना जा रहा है। इस पाठ्यक्रम में मुख्य विषय के तौर पर डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिदम, पायथन, न्यूरल नेटवर्क, डीप लर्निंग, बिग डेटा एनालिटिक्स और रोबोटिक्स की पढ़ाई होती है। B.Tech (AI ML) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आर्टिफिशियल इंजीनियर , डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर, बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर जैसे पदों पर सेवा देने का मौका मिलता है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय से (AI & ML) कोर्स करने के फायदे :

उच्च मांग और करियर अवसर: वर्तमान समय कोई भी क्षेत्र AI से अछूता नहीं है। स्वास्थ्य, वित्त, ऑटोमोबाइल, ई-कॉमर्स इसके प्रयायी बन चुके हैं। बेहतर जॉब और मौकों के लिए नॉलेज के साथ-साथ अच्छी स्किल्स भी जरूरी होती है. इसमें बेहतर चुनाव के लिए AI के क्षेत्र में एडवांस क्वालिफिकेशन होना आपकी काफी मदद कर सकता है।

आकर्षक सैलरी पैकेज :

AI और ML विशेषज्ञों को अन्य सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तुलना में काफी बेहतर शुरुआती सैलरी मिलती है। अनुभव के साथ यह बढ़ता जाता है।

बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा :

AI डिग्री के साथ आप केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहते। बैंकिंग, गेमिंग, कृषि और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्र में भी काम करने के भरपूर मौके उपलब्ध हैं।

इनोवेशन का मौका :

कोर्स आपको नई तकनीक विकसित करने और जटिल समस्याओं का स्मार्ट समाधान खोजने का अवसर देता है। झारखंड राय विश्वविद्यालय का इनोवेशन इंस्टीटूशन कौंसिल (IIC) मदद करता है।

स्थायी करियर विकल्प:

IT इंडस्ट्री में AI से जुड़े पाठ्यक्रम डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर, AI आर्किटेक्ट या बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर के रूप में काम करने का मौका प्रदान करते हैं।

B.Trch AI & ML at JRU

झारखंड राय यूनिवर्सिटी , रांची में AI की पढ़ाई प्रारंभ। कोर्स से जुड़ी जानकारियों के लिए ब्लॉग पढ़ें

AI पढ़ाई आज के दौर में करियर के सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है। AI तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। यदि आप इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं तो AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से जुड़े कोर्स आप के कैरियर को नयी बुलंदियों पर ले जा सकते हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता” शब्द का आविष्कार जॉन मैकार्थी ने किया था, जो एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और संज्ञानात्मक वैज्ञानिक थे, जिन्होंने इस क्षेत्र की स्थापना में आधारभूत भूमिका निभाई।

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झारखंड राय यूनिवर्सिटी, रांची में AI की पढ़ाई:

झारखंड राय यूनिवर्सिटी , रांची उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है . विश्व विद्यालय में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग से जुड़े कई कोर्स सफलता पूर्वक संचालित हो रहे हैं । यूजी पाठ्यक्रम में BCA एवं B. Tech CSE पीजी कोर्सेज में MCA के अलावे डिप्लोमा Diploma in computer science कोर्स भी संचालित किया जा रहा है ।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करते हुए विश्वविद्यालय अब CS& IT से जुड़े पाठ्यक्रमों में पारंपरिक कोर्सेज के साथ AI आधारित कोर्सेज भी प्रारंभ कर रहा है । AI से जुड़े कोर्सेज और इसमें नामांकन की जानकारी के लिए आप विश्विद्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

AI अकादमिक क्षेत्र के लिए कितना जरुरी हैं?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वभर के उद्योगों का एक प्रमुख हिस्सा बनती जा रही है, जिसके चलते अधिक से अधिक लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि एआई पाठ्यक्रम लेना सार्थक है या नहीं ? उच्चतर शिक्षा में इसकी उपयोगिता कितनी है।

एआई पाठ्यक्रम किसी व्यक्ति के करियर लक्ष्यों के आधार पर काफी मूल्यवान साबित हो सकते हैं। रोजमर्रा के कामों में एआई टूल्स का उपयोग बढ़ने के साथ, इनका प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखने से आपको तेजी से बदलते बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिल सकती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्या है?

AI मशीनों की उन कार्यों को करने की क्षमता को संदर्भित करता है जिनके लिये आमतौर पर मानवीय बुद्धि की आवश्यकता होती है, जिसमें सीखना, निर्णय लेना और भाषा समझना शामिल है।

AI के भीतर, मशीन लर्निंग एक ऐसा उपसमूह है जो सिस्टम को डेटा से सीखने की अनुमति देता है। डीप लर्निंग तकनीकें टेक्स्ट, इमेज और वीडियो सहित बड़ी मात्रा में असंरचित डेटा के विश्लेषण को सक्षम करके इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाती हैं।

AI सीखने के मुख्य चरण :

प्रोग्रामिंग भाषाएँ: सबसे पहले Python सीखें क्योंकि यह AI के लिए सबसे लोकप्रिय भाषा है। इसके बाद आप Java भी देख सकते हैं।
गणित और डेटा: कैलकुलस, स्टेटिस्टिक्स और प्रोबेबिलिटी की बुनियादी समझ जरूरी है।
मशीन लर्निंग : यह AI का एक हिस्सा है जहाँ मशीनें डेटा से सीखती हैं।

डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क: जटिल समस्याओं को हल करने के लिए इनकी पढ़ाई की जाती है।

2026 में AI में करियर के अवसर : AI की पढ़ाई के बाद आप निम्नलिखित पदों पर काम कर सकते हैं:

  • AI इंजीनियर: नए AI मॉडल विकसित करना।
  • डेटा साइंटिस्ट: डेटा का विश्लेषण कर व्यावसायिक निर्णय लेना।
  • NLP स्पेशलिस्ट: मशीनों को इंसानी भाषा समझाने वाली तकनीक पर काम करना।
  • AI एथिक्स एक्सपर्ट: यह सुनिश्चित करना कि AI का उपयोग सुरक्षित और नैतिक हो।
Understanding B.Tech in AI & ML

Understanding B.Tech in AI & ML

What is this course B.Tech AI & ML about?

The B.Tech in Artificial Intelligence & Machine Learning is a four‑year undergraduate program that focuses on building intelligent systems capable of learning, adapting, and solving complex problems. It combines computer science, mathematics, data science, and engineering principles to prepare students for careers in cutting‑edge technology fields.

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What is the meaning of B.Tech AI & ML?

B.Tech stands for Bachelor of Technology.

AI (Artificial Intelligence): The science of creating machines that can think and act like humans.

ML (Machine Learning): A subset of AI where systems learn from data and improve over time without explicit programming.
Together, B.Tech AI & ML means a degree program that trains students to design, develop, and deploy intelligent systems using advanced algorithms and data.

What subjects are taught in B.Tech AI & ML?

Students study a mix of core engineering and specialized AI/ML subjects, such as:

  • Programming (Python, Java, C++)
  • Data Structures & Algorithms
  • Probability & Statistics
  • Artificial Intelligence Fundamentals
  • Machine Learning & Deep Learning
  • Natural Language Processing (NLP)
  • Computer Vision
  • Robotics & Automation
  • Big Data Analytics
  • Cloud Computing & IoT
  • Ethics in AI

What career opportunities are available after this course?

Graduates can pursue roles such as:

  • Data Scientist
  • Machine Learning Engineer
  • AI Research Scientist
  • Robotics Engineer
  • Business Intelligence Analyst
  • Software Developer (AI/ML focus)
  • AI Product Manager

Industries like healthcare, finance, e‑commerce, automotive, and cybersecurity are actively hiring AI/ML professionals.

What kind of industry requirements are there in the AI field?

  • Strong programming skills (Python, R, Java).
  • Mathematical foundation in statistics, linear algebra, and calculus.
  • Hands‑on experience with ML frameworks (TensorFlow, PyTorch, Keras).
  • Data handling skills (SQL, big data tools).
  • Problem‑solving mindset to apply AI in real‑world scenarios.
  • Soft skills like communication and teamwork for cross‑disciplinary projects.

How is the AI & ML field growing?

The global AI market is projected to reach USD 1.8 trillion by 2030.

AI adoption is expanding in healthcare (diagnostics), finance (fraud detection), retail (recommendation systems), and automotive (self‑driving cars).

In India, AI is a national priority, with government and private sector investments driving rapid growth.

Demand for AI professionals is expected to outpace supply, making it a high‑opportunity career path.

Why should a student take admission in B.Tech AI & ML?

Future‑proof career: AI is one of the fastest‑growing fields globally.

High demand: Companies across industries are actively hiring AI/ML talent.

Innovation opportunities: Work on cutting‑edge projects like robotics, autonomous systems, and smart healthcare.

Global relevance: Skills are transferable worldwide.

Entrepreneurship potential: AI startups are booming, offering chances to innovate and lead.

Choosing B.Tech in AI & ML means stepping into a career that blends technology, creativity, and problem‑solving. It’s not just about coding — it’s about shaping the future with intelligent solutions.

Student FAQs on B.Tech AI & ML

Is math important for this course?

Yes. Mathematics (especially statistics, linear algebra, and calculus) is the backbone of AI & ML. Don’t worry — it’s taught step by step during the program.

Do I need coding skills before joining?

Basic coding knowledge helps, but it’s not mandatory. You’ll learn programming languages like Python, C++, and Java during the course.

Can I get a job abroad after completing B.Tech AI & ML?

Absolutely. AI & ML skills are in demand worldwide. With the right projects, internships, and certifications, you can pursue global opportunities.

What is the difference between AI and ML?

AI is about making machines “think” smartly, while ML is about teaching machines to “learn” from data. ML is a subset of AI.

Is this course only about computers?

Not at all. It combines computer science with mathematics, data science, robotics, and even ethics to build well‑rounded professionals.

What kind of salary can I expect after graduation?

Entry‑level AI/ML engineers in India often start with ₹6–10 LPA, and experienced professionals can earn much higher, especially in global companies.

Is AI really the future?

Yes. AI is already transforming healthcare, finance, education, and entertainment. The demand for AI talent is growing every year.

Why should I choose AI & ML over other engineering branches?

Because it’s future‑oriented, offers diverse career paths, and gives you the chance to work on cutting‑edge innovations that impact the world.

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2026 में AI की पढ़ाई है जरुरी। चमकेगी किस्मत, ट्रेंड में हैं पांच बेस्ट कोर्स

टेक्नोलॉजी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रही है. टेक्नोलॉजी सेक्टर में इस वक्त सबसे ज्यादा AI (Artificial Intelligence) का बोलबाला है. हर देश में एआई के बारे में पढ़ाया जा रहा है. स्कूल से लेकर कॉलेज और ऑफिस तक एआई एजुकेशन अपने पैर पसार रही है. कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ समय के अंदर एआई अनिवार्य विषय बनने वाला है. इसलिए एआई को समझने और अपनी पढ़ाई व ऑफिस में इस्तेमाल करने के लिए इसकी तैयारी में जुट जाने का यही समय है।

AI वह तकनीक है जिसमें कंप्यूटर इंसानी दिमाग जैसी क्षमता से सोचते, सीखते और निर्णय लेते हैं। 2026 में AI इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह आईटी बैंकिंग, हेल्थकेयर, एजुकेशन, बिज़नेस—में तेजी से नौकरियों को बदल रहा है और नई हाई-पेड स्किल्स पैदा कर रहा है।आज AI हर इंडस्ट्री की रीढ़ बन चुका है। स्टूडेंट, जॉब-सीकर और प्रोफेशनल के लिए आवश्यक हो गया है।

STRIP BTech AI ML

2026 में AI सीखना क्यों जरूरी है?

दुनिया तेजी से AI-फर्स्ट इकॉनमी बन रही है जहां हर काम—लेखन, कोडिंग, मार्केटिंग, डिजाइन, कस्टमर सपोर्ट—AI से तेज़ और बेहतर हो रहा है।

AI अकादमिक क्षेत्र के लिए कितना जरुरी हैं ?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वभर के उद्योगों का एक प्रमुख हिस्सा बनती जा रही है, जिसके चलते अधिक से अधिक लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि एआई पाठ्यक्रम लेना सार्थक है या नहीं ? उच्चतर शिक्षा में इसकी उपयोगिता कितनी है।

एआई पाठ्यक्रम किसी व्यक्ति के करियर लक्ष्यों के आधार पर काफी मूल्यवान साबित हो सकते हैं। रोजमर्रा के कामों में एआई टूल्स का उपयोग बढ़ने के साथ, इनका प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखने से आपको तेजी से बदलते बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिल सकती है।

कार्यस्थल पर प्रासंगिक बने रहने के लिए एआई कोर्स करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। टास्कर के अनुसार, ये कोर्स सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं सिखाते, बल्कि इससे कहीं अधिक जानकारी प्रदान करते हैं।

12वीं के बाद चुने ये 5 एआई कोर्स :

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में डिप्लोमा :
    एआई के डिप्लोमा कोर्स में आपको एआई के बेसिक, पायथन प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग कॉन्सेप्ट और डेटा प्रोसेसिंग के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी. इसमें एआई टूल्स को हैंडलिंग करना भी सिखाया जाता है।
  • बी.टेक इन AI एंड डेटा साइंस :
    बी.टेक इन AI एंड डेटा साइंस रोजगार परक पाठ्यक्रम है। यह एक अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स है, जिसमें छात्रों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डेटा और प्रोग्रामिंग लैंग्वेंज सीखने को मिलेंगी। यह कोर्स करने के बाद एआई एक्सपर्ट, डेटा साइंटिस्ट बन सकते हैं, जो हेल्थ और फाइनेंस सेक्टर में नौकरी के बड़े अवसर देता है।
  • बी.सी.ए इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस :
    साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों के बीच BCA in AI कोर्स खासा लोकप्रिय है। यह एक ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है, जिसमें कंप्यूटर एप्लीकेशन के साथ एआई व मशीन लर्निंग के कॉन्सेप्ट को सिखाया जाता है. इसमें आपको डेटा एनालिसिस, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, एल्गोरिदम डिजाइन और एआई के बारे में पढ़ाया जाता है।
  • बीएससी एआई एंड डेटा साइंस :
    BSC in AI & Data Science 3 साल का अंडर ग्रेजुएट कोर्स है. इसमें आपको मशीनों को सोचने, सीखने और डेटा साइंस, जिसमें प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग, सांख्यिकी, डेटा माइनिंग और विजुअलाइजेशन जैसे विषय सीखने को मिलेंगे।
  • रोबोटिक्स एंड एआई डिप्लोमा :
    अगर आप हार्डवेयर और मशीनों के साथ काम करने के इच्छुक हैं, तो इसके लिए रोबोटिक्स एंड एआई डिप्लोमा बेस्ट है. इसमें आपको रोबोटिक्स साइंस और मशीनरी प्रैक्टिकल अभ्यास करने का मौका मिलेगा. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस भी सीखने को मिलेगी।
  • 3 AI स्किल करेंगे करियर की राह आसान :
    बारहवीं करने के बाद अगर स्टूडेंट्स तीन एआई स्किल को सीख लेंगे तो उनके करियर की राह आसान हो सकती है। यह स्किल उनके हुनर को थोड़ा और शार्प करके प्रोफेशनल तरक्की में मदद कर सकते हैं।

बेसिक प्रोग्रामिंग :

साइंस स्टूडेंट को बेसिक प्रोग्रामिंग आनी ही चाहिए। आजकल के समय में पायथन ऐसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जो एआई और डेटा साइंस में खूब इस्तेमाल की जाती है। इसकी मांग बाकियों के मुकाबले ज्यादा भी है। इसलिए इस स्किल को सीख लें।

डेटा हैंडलिंग :

डेटा हैंडलिंग माने डेटा सेट को कलेक्ट करके साफ और ऑर्गेनाइज करें। ऐसा करने के लिए पांडास और NumPy आपके काम आ सकते हैं।

नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग :

ह्यूमन लैंग्वेज के साथ एआई कैसे काम करता है इसे समझना महत्वपूर्ण है। जैसे : चैटबॉट्स, ट्रांसलेशन और सेंटिमेंट ऐनालिसिस।

JAC Board Exam Blog - JRU

JAC 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षा 3 फ़रवरी से, टाइम टेबल जारी

झारखंड 10वीं और 12वीं क्लास के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। जेएसी ने बोर्ड एग्जाम की डेटशीट जारी कर दी है। माध्यमिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। झारखंड बोर्ड द्वारा जारी डेटशीट के अनुसार, 10वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम 03 फरवरी 2026 से शुरू होंगे और 17 फरवरी 2026 तक चलेंगे। सभी परीक्षाएं सिंगल शिफ्ट में सुबह 9:45 बजे से दोपहल 1:00 बजे तक होंगी। हालांकि 3 फरवरी को आईटी और अन्य वोकेशनल सब्जेक्ट्स के पेपर सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक चलेंगे। झारखंड बोर्ड 12वीं परीक्षा दूसरी पाली (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे) में होगी और 23 फरवरी तक चलेगी।

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10वीं परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड 16 जनवरी से 17 जनवरी तक डाउनलोड कर पाएंगे. 10वीं, 12वीं की लिखित परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल परीक्षाए और इंटरनल मूल्यांकन का आयोजन किया जाएगा. प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असिसमेंट 24 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी. इंटरनल परीक्षाओं का नंबर 25 फरवरी से 9 मार्च कर अपलोड किया जाएगा. जैक ने कहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अनुपस्थित होंगे तो उन्हें परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया जाएगा।

छात्रों की जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड बोर्ड की ओर से कक्षा 10वीं की परीक्षाओं का आयोजन सुबह की शिफ्ट में प्रातः 9:45 से लेकर दोपहर 1 बजे तक करवाया जायेगा वहीं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन दूसरी शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5:15 तक करवाया जायेगा।

JAC 10th 12th Time Table 2026

परीक्षा की तिथि कक्षा 10वीं/विषय कक्षा 12वीं/विषय
3 फरवरी 2026 IIT एवं अन्य वोकेशनल विषय वोकेशनल सब्जेक्ट
4 फरवरी 2026 हिन्दी-ए, हिन्दी-बी अर्थशास्त्र (साइंस-कॉमर्स), मानवशास्त्र
5 फरवरी 2026 कॉमर्स, गृह विज्ञान गणित/ सांख्यिकी
6 फरवरी 2026 उर्दू, बांग्ला, उड़िया अर्थशास्त्र (आर्ट्स), एकाउंटेंसी
7 फरवरी 2026 सामाजिक विज्ञान भौतिक विज्ञान
9 फरवरी 2026 विज्ञान बायोलॉजी (बॉटनी+जूलॉजी), बिजनेस स्टडीज, समाजशास्त्र
10 फरवरी 2026 संगीत जियोलॉजी, बिजनेस गणित, भूगोल
11 फरवरी 2026 गणित एंटरप्रेन्योरशिप, होम साइंस
13 फरवरी 2026 अंग्रेजी फिलॉसफी, केमिस्ट्री
14 फरवरी 2026 खड़िया खोरठा, कुरमाली, नागपुरी पंचपरगनि इतिहास
16 फरवरी 2026 संस्कृत राजनीतिक विज्ञान
17 फरवरी 2026 अरबी, फारसी, हो, मुंडारी मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस
18 फरवरी 2026 हिन्दी-ए, अंग्रीज-ए (कला)
20 फरवरी 2026 हिन्दी-ए, अंग्रेजी-ए, संगीत
21 फरवरी 2026 वैकल्पिक विषय, अतिरिक्त विषय
23 फरवरी 2026 हिन्दी-बी और मातृभाषा
CBSE 2026 Board Exam final date sheet

सीबीएसई ने जारी की कक्षा दसवीं और बारहवीं की फाइनल डेटशीट, यहां देखें पूरी जानकारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है। सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 मार्च तक और कक्षा 12 की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक चलेगी । सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से 12:30 या 1:30 बजे तक होंगी, विषय के अनुसार समय तय किया गया है।

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जारी डेटशीट के अनुसार, सभी विद्यालयों द्वारा अपनी वार्षिक परीक्षाओं की सूची (एग्जामिनेशन) जमा कर दी गई है। विद्यालयों में लगभग 4,00,000 से अधिक शिक्षण संस्थानों को ध्यान में रखते हुए यह डेट शीट तैयार की गई है।

दो बार होगी 10वीं की बोर्ड परीक्षा :
सीबीएसई ने बताया कि सत्र 2026 से कक्षा 10वीं के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी, जैसा कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) में सुझाव दिया गया है. बोर्ड ने पहली बार 24 सितंबर 2025 को टेंटेटिव डेट शीट जारी की थी ताकि छात्र और स्कूल पहले से तैयारी कर सकें। अब जब सभी स्कूलों ने अपने विषय संयोजन का डेटा भेज दिया है, तो फाइनल डेटशीट परीक्षा से 110 दिन पहले जारी की गई है।

एक शिफ्ट में होगी परीक्षा :
सीबीएसई की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा केवल एक शिफ्ट सुबह 10.30 बजे से लेकर दोपहर 1.30 बजे तक आयोजित कराई जाएगी।

एग्जाम कैलेंडर में हुआ बदलाव :
सीबीएसई की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए फाइनल डेटशीट जारी कर दी गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वह अपने एग्जाम कैलेंडर को अपटेड कर लें, क्योंकि कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं।

ऐसे चेक करें डेटशीट :
सीबीएसई के छात्र बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डेटशीट चेक कर सकते हैं और यहीं से PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं. इस बार कक्षा 10वीं के लिए दो बार बोर्ड परीक्षा का आयोजन होगा । नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ये परीक्षा ली जाएगी. इससे पहले बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं की टेंटेटिव डेटशीट जारी की गई थी। अब छात्रों के लिए फाइनल डेटशीट जारी की गई है।

सीबीएसई का कथन :
सीबीएसई की तरफ से बताया गया है कि डेटशीट इस बार 110 दिन पहले जारी कर दी गई है। साथ ही दोनों कक्षाओं में दो विषयों के लिए बीच का अंतराल दिया गया है। डेट शीट इस तरह से तैयार की गई है कि प्रस्तावित दो विषयों की परीक्षा एक तारीख पर न हो । बोर्ड परीक्षाओं को प्रवेश परीक्षाओं से काफी पहले खत्म करने की कोशिश की गई है, जिससे छात्रों को आसानी होगी ।

बोर्ड की तरफ से नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मूल्यांकन के दौरान सभी विषयों के शिक्षक एक साथ और लंबे समय तक अपने विद्यालय से दूर नहीं रहेंगे। डेट शीट तैयार करते समय 40 हजार से ज्यादा विषय संयोजनों को ध्यान में रखते हुए डेटशीट तैयार की गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत होगी परीक्षा :

सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं की परीक्षा तिथियां जारी कर दी हैं। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की सिफारिशों के तहत किया जा रहा है।