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बिहार बोर्ड ने जारी की डेटशीट, जानें कब से होंगे 12 वीं के एग्जाम

बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (BSEB) ने 10वीं 12वीं की परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है। डेटशीट का इंतजार छात्र लंबे समय से कर रहे थे. आज उनका इंतजार समाप्त हो गया है. बीएसईबी की तरफ से जारी डेटशीट को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। डेट शीट के अनुसार, बिहार बोर्ड की 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी के बीच होगी । वहीं 12वीं की परीक्षा एक फरवरी से आयोजित की जाएगी ।

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डमी एडमिट कार्ड जारी:
बोर्ड ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए डमी एडमिट कार्ड पहले ही जारी कर दिया है । किसी भी तरह की सुधार के लिए छात्रों को 12 दिसंबर तक का समय दिया गया है। साथ ही बोर्ड की तरफ से 10वीं और 12वीं के सभी विषयों के मॉडल पेपर जारी कर दिए गए हैं। पिछले साल बिहार बोर्ड ने इंटर के रिजल्ट की घोषणा 23 मार्च को की थी, जिसमें 87.21% छात्र पास हुए थे। मैट्रिक का रिजल्ट 31 मार्च को घोषित किया गया था, जिसमें 82.91% छात्र पास हुए थे।

ऐसे डाउनलोड करें डेटशीट:
बिहार बोर्ड की तरफ से जारी डेट शीट को डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. यहां होमपेज पर बिहार बोर्ड 10वीं, 12वीं डेटशीट 2025 पीडीएफ लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद संबंधित पेज पर बीएसईबी डेटशीट 2025 पीडीएफ खुल जाएगा. यहां आप बिहार बोर्ड 10वीं, 12वीं परीक्षा से संबंधित डेट देख सकेंगे. साथ ही यहां से पीडीएफ डाउनलोड कर लें ।

12 वीं की परीक्षा 1 फ़रवरी से होगी प्रारंभ:
शेड्यूल के मुताबिक, 10वीं कक्षा के लिए परीक्षाएं 17 फरवरी, 2024 से शुरू होंगी। वहीं, 12वीं कक्षा के लिए एग्जाम 1 फरवरी, 2025 से शुरू होंगे। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने विषयवार डेट शीट जारी की है।

2 शिफ्ट में होगी बोर्ड परीक्षा :
बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं सुबह और दोपहर, दो शिफ्ट में होंगी. पहली शिफ्ट में परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक होगी. जबकि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी.

टॉपर्स को मिलेगा दोगुना इनाम:
इस बार टॉपर्स के लिए इनाम में भी बदलाव किया गया है. इस साल पहले स्थान पर आने वाले छात्रों को अब एक लाख की जगह दो लाख रुपये नकद, लैपटॉप और एक ई-किंडल दिया जाएगा । दूसरे स्थान पर आने वालों को डेढ़ लाख रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले छात्रों को एक लाख रुपये की इनामी राशि दी जाएगी. इसके अलावा, इंटर में चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले छात्रों को 30 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि मैट्रिक के चौथे से दसवें स्थान तक के छात्रों को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

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CUET परीक्षा 2025 हुए कई बड़े बदलाव । जानिए विकल्प वाले प्रश्न क्यों हटाए जायेंगे

CUET UG और CUET PG परीक्षा 2025 से बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2025 के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जल्द ही ड्राफ्ट फॉर्म में जारी किए जाएंगे, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से फीडबैक आमंत्रित किया जायेगा। यूजीसी ने परीक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया थे

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कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट CUET परीक्षा क्या है जानिए।
CUET जिसे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के नाम से जाना जाता है। यह परीक्षा UG (बैचलर) और PG (मास्टर्स) कार्यक्रमों के लिए आयोजित की जाती है। पहले इस परीक्षा का नाम सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) था, लेकिन इसमें संशोधन करके इसका नाम CUET रख दिया गया है। यह देश भर में केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य विश्वविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर में प्रवेश का एकमात्र जरिया है। परीक्षा का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।

CUET 2025 में होने वाले अहम बदलाव क्या हैं ?

  • CUET 2025 सीबीटी (Computer Based Test) मोड में आयोजित होगी।
  • परीक्षा के विषय की संख्या 63 से घटकर 37 कर दी गई है।
  • परीक्षा की अवधि 60 मिनट कर दी जाएगी।
  • परीक्षार्थी उन विषयों का भी चुनाव कर सकते हैं जो 12 वीं में नहीं पढ़ा है।
  • परीक्षा में ऑप्शनल प्रश्नों को समाप्त कर दिया गया है अब सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।

परीक्षा में बदलाव की जरुरत क्यों पड़ी।
2022 में पहली बार आयोजित CUET-UG परीक्षा तकनीकी खामियों से भरा था। NTA को इसके अलावा लॉजिस्टिक्स चुनातियों का भी सामना करना पड़ा था। 2024 से शुरू हुए हाइब्रिड मोड को भी परीक्षा रद्द होने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा।

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आपको विश्वास नहीं होगा ये शब्द है वर्ड ऑफ़ द ईयर 2024

ब्रेन रॉट ऐसा कोई शब्द सुना है अपने। नहीं तो फिर अब जल्द ही यह शब्द सबकी जुबान पर चढ़ने वाला है। घंटों मोबाइल फ़ोन पर मिम्स और रील देखते रहने वालों के लिए ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी प्रेस डिक्शनरी में यह शब्द उपलब्ध है। जिसका अर्थ किसी व्यक्ति की मानसिक या बौद्धिक स्थिति का कथित रूप से बिगड़ना है। ब्रेन रॉट कोई नया शब्द नहीं बल्कि इसका प्रयोग पहले भी साहित्यिक कृतियों में हो चुका है।

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Brain Rot किसे कहते हैं ?
मोबाइल पर घंटों की बेमतलब घंटों रील देखते रहने की आदत को ब्रेन रॉट कहा जाता है। इस बढ़ते ट्रेंड के कारण ऑक्स फोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रेन रॉट शब्द को वर्ड ऑफ द इयर चुना है। इस शब्द के यूज में एक साल के अंदर 230 फीसदी की वृद्धि के कारण ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रेन रॉट शब्द को वर्ष 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर घोषित किया है. यह ऐसी आदत है जिससे न केवल हमारा समय बरबाद होता है बल्कि इसका असर हमारे मेंटल एबिलटी पर और सोचने समझने की क्षमता पर भी पड़ता है।

ब्रेन रॉट शब्द का इतिहास क्या है?
पहली बार ‘ब्रेन रॉट’ का इस्तेमाल 1854 में हेनरी डेविड थोरो की किताब वॉल्डेन में हुआ था। इस किताब में थोरो ने कहा था जो इंग्लैंड आलू की सड़न (Rot) को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, क्या कोई ब्रेन रॉट को ठीक करने की कोशिश करेगा, जो इससे ज्यादा खतरनाक है?” थोरो ने इसे उस समय की माइंडसेट पर कटाक्ष के रूप में लिखा था, जब लोग अच्छे और सही विचारों को छोड़ कर आसान और सुपरफिशियल बातों की ओर आकर्षित हो रहे थे।

जेन G और जेन Z के बीच लोकप्रिय है ब्रेन रॉट
ब्रेन रॉट शब्द का दायरा काफी बड़ा है। इसके व्यापक अर्थों की बात करें तो यह शब्द सोशल मीडिया पर ऑनलाइन सामग्री को ज़्यादा देखने के परिणामों पर चिंता के रूप में है। इसका एक मतलब किसी व्यक्ति की मानसिक या बौद्धिक स्थिति का कथित रूप से बिगड़ना। इसका एक अर्थ ऑनलाइन दुनिया के लिए हमारी नाराज़गी को दर्शाने वाले शब्द के रूप में भी है जी का प्रयोग करके हम सोशल मीडिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को बयां करते हैं।

ब्रेन रॉट केवल एक शब्द नहीं है, यह एक चेतावनी भी है कि हमें अपने डिजिटल जीवन के प्रति सतर्क रहना होगा। ब्रेन रॉट के अलावा पांच अन्य शब्द शब्दों ने भी टॉप 5 में जगह बनाई है, ये शब्द है-डिम्योर, डायनेमिक प्राइसिंग, लोर, रोमांटैसी, और स्लोप।

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अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त सह विशेष न्यायाधीश पहुंचे झारखंड राय विश्वविद्यालय

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के डिपार्टमेंट ऑफ़ लीगल स्टडीज में मंगलववार को निः शुल्क विधिक सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त xv सह विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए एवं विशेष न्यायाधीश एफटीसी ( सीएडब्ल्यू ) व विशेष न्यायाधीश इलेक्ट्रिसिटी अधिनियम रांची अमित शेखर उपस्तिथ थे।उद्घाटन अवसर पर जिला विधिक सेवा के सचिव श्री कमलेश बेहरा भी उपस्थित थे।

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अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त सह विशेष न्यायाधीश ने रिबन काट कर निः शुल्क विधिक सेवा केंद्र का उद्घाटन किया।
इसअवसरपरBA LLB एवं LLB के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण एवं विधिक सेवा केंद्र के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देने का कार्य किया। माननीय न्यायाधीश ने विधि के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विधि के विभिन्न विषयों पर भी जानकारी प्राप्त किया। इस दौरान कहा की विधिक सेवा केंद्र के जरिये विधिक उपचार देने का कार्य विश्वविद्यालय परिसर से ही शुरू किया जाय। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर आम लोगों को विधि के नियमों के प्रति बहुत अधिक जानकारी नहीं होती है ऐसे लोगों को विधिक उपचार इसके माध्यम से उपलब्ध कराना है। इसके लिए आगे आना है।

कार्यक्रम में उपस्तिथ झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची की कुलपति प्रो० (डॉ०) सविता सेंगर ने मौके पर विधि के विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय में विधि शिक्षा के साथ आज विधिक सेवा केंद्र का उद्घाटन हर्ष के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति एक नया कदम भी है। शैक्षणिक संस्थान के कारण हमारी कुछ सामाजिक जिम्मेदारियां भी है। इनके निर्वहन में केंन्द्र और भी अधिक सहायक साबित होगा।

विधिक सेवा केंद्र के बारे में जाने पूरी जानकारी :
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 29 में प्रदत अधिकारों के तहत एवं धारा 4 के प्रावधानों के अनुसार विधिक सेवा केंद्र विनियमन 2011 बनाया गया है। यह केंद्र कानूनी सहायता देने के लिए हैं। इन केंद्रों का मकसद, समाज के कमज़ोर वर्गों को मुफ़्त या कम पैसे में कानूनी सहायता देना होता है। विधिक सेवा केंद्रों को ‘वन स्टॉप सेन्टर’ की तरह काम करना होता है। इन केंद्रों पर, बच्चे, महिलाएं, दिव्यांग, बंदीजन, और वंचित सभी को न्याय तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाती है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) का गठन, कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत किया गया था। हर राज्य में, NALSA की नीतियों को लागू करने के लिए राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण गठित है। झारखंड में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) विधिक सेवा सह सशक्तिकरण के लिए कार्य करती है। जिलों में भी इसका गठन किया गया है जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण DALSA कहते हैं।

विधिक सेवा केंद्रों से जुड़ी कुछ खास बातें

  • विधिक सेवा केंद्र, दीवानी और आपराधिक मामलों में कानूनी सहायता देते हैं.
  • विधिक सेवा केंद्रों में, विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाता है.
  • विधिक सेवा केंद्रों में, परामर्श और सुलह समझौता केंद्र होते हैं.
  • विधिक सेवा केंद्रों में, पंजी होता है जिसमें हर आने-जाने वाले का नाम-पता, संपर्क नंबर, उद्देश्य, और दी गई विधिक सहायता दर्ज रहती है.
  • विधिक सेवा केंद्रों में, चलंत लोक अदालत और जागरूकता वाहन का भी इस्तेमाल किया जाता है.
VISION 2025 Blog JRU

डिजिटल भुगतान की दिशा में भारत का भुगतान विजन 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपना ‘पेमेंट विजन 2025’ दस्तावेज जारी किया है जिसका लक्ष्य डिजिटल भुगतान में तीन गुना वृद्धि करना है। यह केंद्रीय बैंक डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा तथा नकदी के चलन को कम करने पर जोर देगा। इस दस्तावेज में उभरते भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए घरेलू भुगतान प्रणालियों की सुरक्षा के बारे में भी बात की गई है, जिसमें भुगतान लेनदेन के घरेलू प्रसंस्करण को अनिवार्य करने की जरूरत शामिल है। RBI ने हर उपयोगकर्ता को सुरक्षित, तीव्र, सुलभ और किफायती ई भुगतान सुविधा उपलब्ध करने के उद्देश्य से डिजिटल पेमेंट विजन 2025 प्रस्तुत किया है।

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विजन दस्तावेज का मुख्य विषय – ई-भुगतान सभी के लिए, सभी जगह, हर वक्त है। इसका समग्र उद्देश्य प्रत्येक उपयोगकर्ता को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक, सुलभ और किफायती ई-भुगतान विकल्प देना है।केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि पेमेंट विजन 2025 विभिन्न हितधारकों के सुझाव और आरबीआई की भुगतान तथा निपटान प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण बोर्ड के मार्गदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है।

भुगतान विज़न 2025 के 5 लक्ष्य निर्धारण हैं : दस्तावेज़ की समग्रता, समावेश, नवाचार, संस्थागतकरण और अंतर्राष्ट्रीयकरण ।

RBI PV 2025 4E का थीम

  • ई – पेमेंट्स फॉर एवरीवन,एवरीवेयर, एवरीटाइम
  • डिजिटल भुगतान की दिशा में भारत का भुगतान विजन 2025

भुगतान विज़न 2025 पहल का महत्व

  • सभी भुगतान अभिकर्ता के लिए एक मानदंड ।
  • भारतीय भुगतान प्रणालियों की वैश्विक पहुँच ।

इलाज से बेहतर सावधानी का सिद्धांत:

आज हमारे पास जो कानूनी उपाय हैं, वे डिजिटल लेन देन के खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

भारत एक नकदी आधारित अर्थव्यवस्था रहा है। डिजिटल मुद्रा में स्थानांतरित करने के सरकार के प्रयासों के बावजूद, आम लोग आज भी नकदी में विश्वास करते हैं। एक डेटा के अनुसार 2020 में भारत की 53% आबादी इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करती है।

2023 में देश में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को ऑनलाइन डिजिटल भुगतान के धोखाधड़ी से जुड़ी 11 लाख शिकायतें मिलीं हैं जिनमें से 47% मामले UPI से धोखाधड़ी के हैं।

Jharkhand jssc cgl exam controversy explained in 37 points

झारखंड एसएससी सीजीएल का विवाद, पूरा मामला क्या है?

Ranchi: झारखंड एसएससी सीजीएल का विवाद – पुरा विवरण 37 पॉइंट्स में

  1. JSSC CGL परिणाम आने के बाद से ही लगातार छात्र परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रहे हैं.
  2. अभ्यर्थियों ने परीक्षा के परिणाम रद्द करवाने के लिए हजारीबाग बंद करने का आवाहन किया था.
  3. हजारों छात्र सड़क पर लाठी-डंडा लेकर उतर पड़े. सड़क पर अभ्यर्थी दुकानें बंद करवाते दिखे.
  4. अभ्यर्थी की मांग थी कि JSSC CGL का परिणाम रद्द किया जाए और पुनः एग्जाम कराया जाए.
  5. इस एग्जाम को कदाचार मुक्त और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों से बचने के सरकार ने इंटरनेट भी झारखंड में बंद कर दिया था | फिर भी एग्जाम विवादों में आ ही गया.
  6. अभ्यर्थियों का कहना था कि लगातार झारखंड सरकार सरकारी नौकरी बेचने का काम कर रही है.
  7. आगे कहा कि आनन फानन में JSSC CGL का परिणाम घोषित कर दिया गया
  8. जिसमें 21 तारीख में हुए एग्जाम से महज 83 छात्रों का रिजल्ट आया हैं
  9. वहीं 22 तारीख के पेपर में 2000 से अधिक अभ्यर्थियों का रिजल्ट आया है जो साफ दिखलाता है कि दूसरे दिन का पेपर लीक हो चुका था.
  10. छात्र इस बात को लेकर अड़े हुए हैं कि सीजीएल परीक्षा हर हाल में रद्द करके फिर से परीक्षा ली जाए.
  11. जगह-जगह पर सड़कों पर टायर जलाकर इसका विरोध भी किया जा रहा है.
  12. वहीं जिला प्रशासन छात्रों से इस बात को लेकर समझा रहे हैं कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी, वे सड़क जाम समाप्त करें.

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JSSC ने CGL – 16 से 20 दिसंबर तक अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन होगा.

13. आयोग की ओर से जारी रिजल्ट में निर्धारित पद से 10 फीसदी अधिक अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है.

14. चयनित अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन 16 से 20 दिसंबर के बीच किया जाएगा.

15. आयोग ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए प्रतिदिन सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे और दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक का समय तय किया है.

16. अभ्यर्थियों को निर्धारित समय और तिथि पर प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए उपस्थित होने को कहा गया है.
17. इसके लिए उक्त तिथि के लिए अभ्यर्थियों का रोल नंबर जारी कर दिया गया है.
18. परीक्षा का विस्तृत रिजल्ट आयोग की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है.

19. गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 21 और 22 सितंबर को झारखंड स्नातक पात्रता संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा यानी सीजीएल 2023 आयोजित की थी.

20. जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत कर छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया था
21. इस परीक्षा में आयोग को 6,39,900 अभ्यर्थियों से वैध आवेदन प्राप्त हुए थे
22. जिनमें से 3,04,769 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे.
23. परीक्षा आयोजित करने के लिए जेएसएससी ने 24 जिलों में 823 परीक्षा केंद्र बनाए थे.

2015 से जारी है नियुक्ति प्रक्रिया

इन पदों के लिए अब तक पांच बार नियुक्ति विज्ञापन जारी किया जा चुका है –

पद संख्या

सहायक प्रशाखा पदाधिकारी – 863
कनीय सचिवालय सहायक – 335
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी -182
प्लानिंग असिस्टेंट – 05
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी – 195
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी – 252
अंचल निरीक्षक – 185

बैकलॉग पद

कनीय सचिवालय सहायक – 08

24. सबसे पहले 2015 में स्नातक स्तरीय पदों के लिए भर्ती जारी की गई थी.
25. लेकिन विज्ञापन में कई त्रुटियों के कारण झारखंड हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था.
26. 2019 में एक बार फिर नया विज्ञापन जारी किया गया.
27. 2015 में फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों को इसमें मौका जरूर दिया गया था.
28. लेकिन झारखंड में मैट्रिक इंटर पास अनिवार्य कर दिए जाने के कारण एक बार फिर इस पर ग्रहण लग गया और इसे रोक दिया गया.
29. 2021 में एक बार फिर नया विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट से नियोजिन नीति रद्द होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा.
30. चौथी बार जून 2023 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने यह विज्ञापन जारी किया.
31. जिसकी परीक्षा पहले 15 और 16 अक्टूबर को होनी थी
32. लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया और इसे 16-17 दिसंबर को निर्धारित किया गया.
33. लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण परीक्षा नहीं हो सकी.
34. आयोग ने फिर 28 जनवरी और 4 फरवरी को परीक्षा लेने की तैयारी की
35. लेकिन प्रश्नपत्र लीक होते ही आयोग की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं.
36. आखिरकार विवादों के बीच आयोग ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए अभ्यर्थियों की सूची जारी करने में सफलता हासिल कर ली है
37. लेकिन छात्रों के तेवर से ऐसा लग रहा है कि विवाद थमने वाला नहीं है.

 

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207 यूनिट ब्लड का संग्रह करते हुए झारखंड राय विश्वविद्यालय ने कायम किया नया रिकॉर्ड

झारखंड राय विश्वविद्यालय ने रक्त दान में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। 27 नवंबर 2024 को रिम्स रांची ब्लड सेंटर और झारखंड राय विश्वविद्यालय के एनएसएस सेल एवं हेल्थ क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए रक्त दान शिविर में विश्वविद्यालय ने 207 यूनिट रक्त संग्रह करते हुए एक बेंचमार्क स्थापित किया है। रक्त दान शिविर में उपस्तिथ रिम्स ब्लड सेंटर के सीनियर रेजिडेंट डॉ० चंद्रभूषण ने जानकारी देते हुए बताया कि 207 यूनिट रक्त संग्रह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

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रिम्स रांची ब्लड सेंटर की इंचार्ज डॉ० सुषमा कुमारी (इन ट्रांजिशन ) ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड राय विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है। पिछले 9-10 वर्षों से रिम्स रांची और झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के द्वारा निः शुल्क रक्त दान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि रिम्स ब्लड सेंटर को प्रतिदिन 120 से 180 यूनिट ब्लड और कंपोनेंट्स की जरुरत होती है। रक्त संग्रह का कार्य मुख्य रूप से दो तरीकों से किया जाता है। रिप्लेसमेंट डोनेशन और वॉलेंट्री डोनेशन। वॉलेंट्री डोनेशन में झारखंड राय विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय की इस सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० (डॉ०) सविता सेंगर ने विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, हेल्थ क्लब एवं रक्त दान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय कर्मियों की प्रसंशा की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने में पीछे नहीं है। इस सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वाहन में रिम्स ब्लोड्ड बैंक का सहयोग सदैव मिलता रहा है।

झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के कुल सचिव प्रो० (डॉ०) पीयूष रंजन ने रक्त दान शिविर में सर्वाधिक ररक्त संग्रह पर विचार देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि रक्त दान सर्वाधिक संतुष्टि प्रदान करने वाला सामाजिक कार्य है क्योंकि इससे लोगों की जान बचायी जाती है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि इस पुनीत कार्य में युवाओं को आगे आकर और लोगों को भी प्रेरित करने का कार्य करना चाहिए।

207 यूनिट रक्त संगृहीत किये जाने पर ख़ुशी विकट करते हुए डॉ० चंद्र भूषण सीनियर रेजिडेंट रिम्स ब्लड बैंक विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना उन्होंने कहा कि झारखंड राय विश्वविद्यालय रांची के द्वारा पूर्व के वर्षों में भी रक्त दान को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है जिसकी सराहना रिम्स के द्वारा की गयी है। विश्वविद्यालय में रिम्स ब्लड बैंक के सहयोग से यह आयोजित होने वाला यह 9 वां रक्त दान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में सर्वाधिक 207 यूनिट रक्त संगृहीत करने का एक नया रिकॉर्ड बनाया गया जो एक लैंडमार्क है।

रक्त दान शिविर के सफल आयोजन में प्रो० रश्मि राज एवं एनएसएस समन्वयक प्रो० ओमप्रकाश सत्यम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Jharkhand para teachers latest news details in 16 points mandey mein badhotri ka labh

पारा शिक्षकों को मानदेय बढ़ोतरी के 1000 रुपये का लाभ – पूरी जानकारी 16 पॉइंट्स में

झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए अच्छी खबर – Latest news in 16 points

  1. पारा शिक्षकों को मानदेय बढ़ोतरी के 1000 रुपये का लाभ मिलना है।
  2. जिन पारा शिक्षकों का यूएएन नंबर (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) जेनरेट कर लिया गया है उन्हें मानदेय जारी किया जाएगा और उससे ईपीएफ की पहली किस्त काटी जाएगी।
  3. बचे पारा शिक्षकों को यूएएन नंबर देने के बाद उनका मानदेय ईपीएफ कटौती के साथ जारी किया जाएगा।
  4. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग इसकी तैयारी कर रहा है।
  5. राज्य के 58,047 पारा शिक्षकों में अब तक 37,815 पारा शिक्षकों का यूएएन नंबर जेनरेट कर लिया गया है।
  6. शेष पारा शिक्षक बचे रहेंगे जिनका यूएएन नंबर जारी नहीं हो सका है, उन्हें अगले 15 दिनों में यूएएन जेनरेट के बाद ईपीएफ कटौती के साथ राशि का भुगतान किया जाएगा।
  7. झारखंड विधानसभा चुनाव की वजह से यह अभी तक नहीं मिल सका है।
  8. ऐसे में नवंबर या दिसंबर महीने के मानदेय से ही इसका भुगतान हो सकेगा।
  9. मानदेय में बढ़ोतरी का एरियर जोड़कर राशि दी जाएगी।
  10. वर्तमान में टीईटी पास पारा शिक्षकों (छठी से आठवीं) को 23,400 रुपये, टीईटी पास पारा शिक्षकों (पहली से पांचवीं) को 21,800 रुपये मिलते हैं। वहीं, सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकों (छठी से आठवीं) को 18,940 रुपये और सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकों (पहली से पांचवीं) को 17,472 रुपये मानदेय मिलता है।
  11. झारखंड के पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के नवंबर महीने के मानदेय से ही ईपीएफ की राशि कटेगी।
  12. पारा शिक्षकों के मानदेय से जहां 13 प्रतिशत राशि (1950 रुपये) कटेगी, वहीं सरकार अपनी ओर से 13 फीसदी राशि (1950 रुपये) जमा करेगी।
  13. नवंबर महीने का मानदेय जारी होने पर ईपीएफ की राशि उससे काट ली जाएगी
  14. दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पारा शिक्षकों के नवंबर के मानदेय की राशि जारी किये जाने की संभावना है।
  15. जिलों से रिपोर्ट मंगायी जा रही है। इसके आधार पर भुगतान किया जाएगा।
  16. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने जिलों को सभी पारा शिक्षकों का यूएएन नंबर जेनरेट करके रिपोर्ट देने को कहा  है |

 

बीकॉम क्यों करें? बीकॉम कोर्स से जुड़ी हर जानकारी

बीकॉम क्यों करें? बीकॉम कोर्स से जुड़ी हर जानकारी, बीकॉम क्या होता है

बीकॉम पर हिंदी में ब्लॉग: 

Bcom करने के फायदे, बीकॉम क्या होता है, Bcom विषय, करियर, सैलरी और बेस्ट स्पेशलाइजेशन

क्या 2026 में बी.कॉम करने के फायदे हैं?

2026 में बी.कॉम करने के कई फायदे हैं। यह कोर्स छात्रों को व्यापार, वित्त और अकाउंटिंग की मजबूत नींव देता है। बी.कॉम करने के बाद बैंकिंग, बीमा, अकाउंटिंग फर्म्स और कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी के अवसर बढ़े हैं। डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप कल्चर के कारण कॉमर्स ग्रेजुएट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।

बी.कॉम छात्रों को एम.कॉम, एमबीए, सीए, सीएस जैसे उच्च शिक्षा विकल्पों के लिए भी तैयार करता है। यह कोर्स तीन साल में पूरा होता है और कम लागत में अच्छे करियर अवसर देता है। संक्षेप में, बी.कॉम 2026 में स्थिर और लाभकारी करियर की दिशा में एक समझदारी भरा कदम है।

बीकॉम का फुल फॉर्म (B.Com Full Form)

बीकॉम का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ कॉमर्स (Bachelor of Commerce) है। यह एक अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है, जो छात्रों को वाणिज्य (Commerce) और व्यापार (Business) से जुड़ी बुनियादी और व्यावसायिक जानकारी प्रदान करता है।

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बीकॉम क्या होता है? (B.Com Kya Hota Hai)

बीकॉम एक लोकप्रिय कोर्स है जिसे 12वीं पास करने के बाद किया जा सकता है। बीकॉम एक ऐसा कोर्स है जो छात्रों को लेखांकन (Accounting), वित्तीय प्रबंधन (Financial Management), और व्यापारिक कानून (Business Law) जैसी विषयों में निपुणता प्रदान करता है। इस कोर्स के जरिए छात्र कॉर्पोरेट जगत, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, और सरकारी नौकरियों के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।

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बीकॉम कितने साल का होता है? (B.Com Kitne Saal Ka Hota Hai)

बीकॉम कोर्स की अवधि तीन वर्ष होती है। यह छह सेमेस्टर में बंटा होता है, और प्रत्येक सेमेस्टर में विभिन्न विषय पढ़ाए जाते हैं।

बीकॉम सब्जेक्ट्स (B.Com Subjects)

बीकॉम में पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:

  1. लेखांकन (Accounting)
  2. व्यापार कानून (Business Law)
  3. वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)
  4. अर्थशास्त्र (Economics)
  5. आयकर (Income Tax)
  6. बैंकिंग और बीमा (Banking and Insurance)
  7. सांख्यिकी (Statistics)
  8. ई-कॉमर्स (E-Commerce)
  9. प्रबंधन सिद्धांत (Principles of Management)
  10. कंप्यूटर एप्लिकेशन (Computer Applications)

बीकॉम फ्रेशर्स को कितनी सैलरी मिलती है? (B.Com Freshers Ko Kitna Salary Milta Hai)

बीकॉम फ्रेशर्स की सैलरी नौकरी की प्रोफाइल और कंपनी पर निर्भर करती है। औसतन एक फ्रेशर को ₹2,50,000 से ₹4,00,000 प्रति वर्ष तक सैलरी मिलती है। कुछ प्रमुख पद और उनकी औसत सैलरी:

बीकॉम के बाद आप इन 10 नौकरियों को कर सकते हैं:

  1. अकाउंटेंट (Accountant)
    कार्य: वित्तीय रिकॉर्ड का प्रबंधन, बजट बनाना और टैक्स रिटर्न तैयार करना।
    औसत सैलरी: ₹2.5-4 लाख/वर्ष।
  2. ऑडिटर (Auditor)
    कार्य: कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट और जांच करना।
    औसत सैलरी: ₹3-6 लाख/वर्ष।
  3. बैंकिंग प्रोफेशनल (Banking Professional)
    कार्य: बैंक क्लर्क, प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO), और रिलेशनशिप मैनेजर जैसे पद।
    औसत सैलरी: ₹3-8 लाख/वर्ष।
  4. फाइनेंशियल एनालिस्ट (Financial Analyst)
    कार्य: वित्तीय डेटा का विश्लेषण और निवेश की सलाह देना।
    औसत सैलरी: ₹4-8 लाख/वर्ष।
  5. कर सलाहकार (Tax Consultant)
    कार्य: टैक्स प्लानिंग और टैक्स फाइलिंग में सहायता करना।
    औसत सैलरी: ₹3-6 लाख/वर्ष।
  6. सेल्स और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव (Sales & Marketing Executive)
    कार्य: उत्पादों और सेवाओं की बिक्री और मार्केटिंग रणनीतियों पर काम करना।
    औसत सैलरी: ₹2.5-5 लाख/वर्ष।
  7. बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव (Business Development Executive)
    कार्य: नए क्लाइंट्स को जोड़ना और व्यापार के अवसरों को बढ़ाना।
    औसत सैलरी: ₹3-6 लाख/वर्ष।
  8. इंश्योरेंस एडवाइजर (Insurance Advisor)
    कार्य: बीमा पॉलिसी बेचने और ग्राहकों को सही पॉलिसी चुनने में मदद करना।
    औसत सैलरी: ₹3-5 लाख/वर्ष।
  9. ह्यूमन रिसोर्स एग्जीक्यूटिव (HR Executive)
    कार्य: कर्मचारियों की भर्ती, प्रशिक्षण और प्रबंधन।
    औसत सैलरी: ₹3-6 लाख/वर्ष।
  10. स्टॉक मार्केट ट्रेडर/एनालिस्ट (Stock Market Trader/Analyst)
    कार्य: शेयर बाजार का विश्लेषण और निवेश की रणनीति तैयार करना।
    औसत सैलरी: ₹4-8 लाख/वर्ष।

बीकॉम एक ऐसा कोर्स है जो छात्रों को वाणिज्य और व्यापार की दुनिया में एक मजबूत नींव प्रदान करता है। यह कोर्स करियर के लिए कई रास्ते खोलता है, चाहे आप नौकरी करना चाहें या उच्च शिक्षा जैसे एमबीए या सीए की ओर बढ़ना चाहें।

क्या आप बीकॉम से जुड़ी कोई और जानकारी चाहते हैं? Chat with us on – 7033095920

बीकॉम के बाद कौन सा कोर्स करें?

  1. चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) – यह फाइनेंस और अकाउंटिंग के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित कोर्स है। अगर आपकी रुचि अकाउंटिंग, टैक्सेशन और ऑडिटिंग में है तो आप ये कोर्स कर सकते हैं।
  2. मास्टर ऑफ कॉमर्स (M.Com) – यह बीकॉम का अगला चरण है, जिसमें अकाउंटिंग और फाइनेंस पर गहराई से पढ़ाई होती है। अगर आप शिक्षण या रिसर्च में करियर बनाना चाहते हैं तोह एमकॉम आपके लिए सही होगा।
  3. मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) – यह प्रबंधन और नेतृत्व कौशल पर केंद्रित कोर्स है। अगर आप मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस या एचआर में करियर बनाना चाहते हैं तो बीकॉम और एमबीए के बाद आपको अच्छे कॉरपोरेट्स में नौकरी मिल जाएगी।
  4. कंपनी सेक्रेटरी (CS) – अगर आपकी रुचि कंपनी के कानूनी मामलों और प्रशासन में है, तो यह कोर्स कॉर्पोरेट लॉ और गवर्नेंस पर केंद्रित है और आपके लिए सही होगा ।
  5. सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) – अगर आपकी रुचि कोर फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाना है, तो यह कोर्स मैनेजमेंट अकाउंटिंग और स्ट्रेटेजिक प्लानिंग पर फोकस करता है। क्या आप कोर्स करने के बाद हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंस में काम कर सकते हैं।
  6. डिजिटल मार्केटिंग कोर्स – इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके मार्केटिंग के कौशल सिखाए जाते हैं। ये स्पेशल कोर्स आप कर सकते हैं अगर आपकी रुचि ऑनलाइन मार्केटिंग, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स में है।
  7. बैंकिंग और फाइनेंस डिप्लोमा -अगर आप बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो यह कोर्स बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े कौशल सिखाता है।
  8. डेटा एनालिटिक्स और बिजनेस एनालिटिक्स – ये आज कल का नवीनतम कोर्स है | इसमें डेटा के माध्यम से बिजनेस निर्णय लेने की प्रक्रिया सिखाई जाती है। अगर आपकी रुचि डेटा और तकनीकी क्षेत्र में है तो ये कोर्स एपी जरूर करें।

 

बीकॉम में सबसे अच्छा स्पेशलाइजेशन कौन सा है? बीकॉम टैक्सेशन सबसे अच्छा कोर्स और स्पेशलाइज़ेशन क्यों है?

बीकॉम टैक्सेशन वाणिज्य के क्षेत्र में एक लोकप्रिय और व्यावहारिक स्पेशलाइज़ेशन है। यह उन छात्रों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो वित्तीय प्रबंधन, कराधान (Taxation), और लेखा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
भारत में कराधान और लेखा से जुड़े पेशेवरों की हमेशा मांग रहती है। जीएसटी और अन्य कर सुधारों के बाद, टैक्सेशन एक्सपर्ट्स की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

टैक्सेशन स्पेशलाइज़ेशन के तहत, आप निम्नलिखित विषयों पर ज्ञान प्राप्त करते हैं:

  • इनकम टैक्स (Income Tax)
  • जीएसटी (GST)
  • कॉरपोरेट टैक्सेशन (Corporate Taxation)
  • टैक्स प्लानिंग और टैक्स फाइलिंग

बीकॉम टैक्सेशन कोर्स करने के बाद, आप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर सकते हैं:

  • टैक्स कंसल्टेंसी (Tax Consultancy)
  • अकाउंटिंग और फाइनेंस
  • टैक्स एडवाइजरी फर्म्स
  • इनकम टैक्स विभाग और जीएसटी क्षेत्र

यहां जानें कि बीकॉम टैक्सेशन क्यों एक बेहतरीन विकल्प है?

  • टैक्सेशन का ज्ञान आपको खुद का टैक्स कंसल्टेंसी फर्म शुरू करने का अवसर देता है। यह करियर आपको स्वतंत्र रूप से काम करने का विकल्प देता है।
  • इस कोर्स के बाद सरकारी क्षेत्रों जैसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, कस्टम्स और एक्साइज में काम करने के अवसर मिलते हैं। इसके अलावा, निजी कंपनियों और एमएनसी में भी इनकी मांग है।
  • टैक्सेशन स्पेशलाइजेशन वाले फ्रेशर्स को औसतन ₹3-6 लाख प्रति वर्ष तक का पैकेज मिलता है। अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी ₹10 लाख या उससे अधिक हो सकती है।
  • टैक्सेशन विशेषज्ञों को कर सुधारों, अंतरराष्ट्रीय कराधान और कॉर्पोरेट टैक्स से जुड़े नए नियमों के अनुसार खुद को अपडेट करना पड़ता है। इससे उनका करियर हमेशा प्रासंगिक बना रहता है।

List of jobs after B.com – अधिक जानकारी के लिए इसे पढ़ें

बीकॉम टैक्सेशन करने के बाद, आप इन कोर्सेस में भी आगे बढ़ सकते हैं:

  • चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA): टैक्सेशन विशेषज्ञों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प।
  • कंपनी सेक्रेटरी (CS): कॉर्पोरेट टैक्स और गवर्नेंस में करियर के लिए।
  • मास्टर ऑफ कॉमर्स (M.Com): टैक्सेशन और अकाउंटिंग पर गहन अध्ययन के लिए।
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बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स कैसे करे? जाने पूरी जानकारी

रेडियोलॉजी चिकित्सा की एक शाखा है जो रोग के निदान और उपचार के लिए विकिरण और इमेजिंग तकनीक का उपयोग करती है। पिछले 20 वर्षों में रेडियोलॉजी का उपयोग और महत्व नाटकीय रूप से और लगातार बढ़ा है। हाल के वर्षों में, रेडियोलॉजिकल प्रक्रियाओं की बढ़ती जटिलता ने मेडिकल रेडियोलॉजी और इमेजिंग तकनीक को एक अत्यधिक विशिष्ट और परिष्कृत विज्ञान बना दिया है।

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रेडियो इमेजिंग तकनीक मानव शरीर के हिस्सों और अंगों की अंदरूनी तस्वीरें प्राप्त करने के लिए उपयोग की जाने वाली विधियों और प्रक्रियाओं का अध्ययन करती है। यह शरीर की सामान्य संरचना के अनुसंधान जैसे चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी 3 साल का अंडर ग्रेजुएट कोर्स है जिसे 6 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है। इस कोर्स को करने वाले छात्रों को चिकित्सा के क्षेत्र में रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी के ज्ञान से परिचित कराया जाता है।

बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स क्या है?
बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी तीन साल का कोर्स है जहां समस्त कोर्स को लगभग 6 सेमेस्टर में बांटा गया है। रेडियोलॉजी एक पैरामेडिकल कोर्स है जो उन छात्रों द्वारा किया जाता है जो विकिरण विधियों का उपयोग करके चिकित्सा उपचार में क्लीनिकल परीक्षणों का अभ्यास करना चाहते हैं। रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी एक पैरामेडिकल क्षेत्र है जो मनुष्य के आंतरिक अंगों को प्रभावित करने वाले रोगों के उपचार से संबंधित है। उम्मीदवार इस कोर्स में उपचार के दौरान एक्स-रे का उपयोग करते हैं।

BSc Radiography & Imaging Technology कोर्स क्यों करना चाहिए?
रेडियोलॉजी क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा की दुनिया में सबसे विकसित क्षेत्रों में से एक माना जाता है। चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध हैं और आगे भी तेजी से रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। रेडियोलॉजी कोर्स में बीएससी करने के बाद उम्मीदवार अपना क्लिनिक शुरू कर सकते हैं। हालाँकि, उन्हें यह जानना सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक इमेजिंग उपकरण महंगे आते हैं इसलिए, अपना स्वयं का क्लिनिक खोलने के लिए महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता होगी। 2019 तक, भारत में लगभग 10,000 रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट थे। करीब 136.6 करोड़ की आबादी वाले देश में यह संख्या बहुत कम है। इसलिए, रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी में बीएससी पूरा करने वाले उम्मीदवारों की अधिक संख्या में आवश्यकता है।

बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी में करियर बनाने की बात आती है तो एक और दिलचस्प लाभ में निश्चित काम के घंटे भी शामिल हैं। इस प्रोफेशन पूरे दिन लगे रहने की जरूरत नहीं है।

बीएससी रेडियोलॉजी के लिए न्यूनतम योग्यता :
उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से 12 वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए।

भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित या जीव विज्ञान के अनिवार्य विषयों के साथ 12वी स्तर पर न्यूनतम 40 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने चाहिए।

बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स में अवसर:

  • रेडियोलॉजी में बीएससी करने के बाद, आप अस्पतालों, डायग्नोस्टिक केंद्रों, या विशेष इमेजिंग क्लीनिकों में काम कर सकते हैं. बीएससी रेडियोलॉजी करने के बाद कई करियर विकल्प हैं। जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं :
  • रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट:
  • रेडियोलॉजिस्ट:
  • एमआरआई तकनीशियन:
  • सीटी स्कैन टेक्नोलॉजिस्ट:
  • अल्ट्रासाउंड तकनीशियन:
  • एक्स-रे तकनीशियन: