बीएससी एग्रीकल्चर स्टूडेंट्स ने किया राम कृष्ण मिशन आश्रम का शैक्षणिक भ्रमण

झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी, रांची नामकुम कैंपस के बीएससी एग्रीकल्चर के 4th सेमेस्टर के स्टूडेंट्स ने 28 जनवरी को रांची मोरहाबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का भ्रमण किया। आध्यात्मिक जागरण के साथ रामकृष्ण मिशन आश्रम रांची समेत पूरे झारखंड में लोगों के सर्वांगीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। 1927 से ही यह आश्रम योग, संस्कृति, परंपरा वैदिक और आध्यात्मिक ज्ञान से लोगों को रूबरु करा रहा है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के दिव्य ज्ञान, संदेश और विचारों से बिहार व झारखंड के लोगों को अवगत कराने के लिए इस आश्रम की स्थापना की गई थी।

रांची जिले में आश्रम के तीन केंद्र संचालित होते है जिनमें रांची के अनगड़ा प्रखंड के गेतलसूद में दिव्यायन नाम से रामकृष्ण मिशन आश्रम के द्वारा एग्रीकल्चर डिमोंस्ट्रेशन सेंटर चलाया जा रहा है। यहां आधुनिक तरीके से खेती कर आसपास के ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय काम किए जा रहे हैं। किसानों को गोबर और केंचुआ खाद बनाने से लेकर उन्नत तरीके से खेती, मछली पालन, कुक्कुट पालन, रेशम कीट पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन आदि का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है। वहीं तुपुदाना सेनीटोरियम में आश्रम की ओर से डेयरी में दूध उत्पादन कर लोगों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराया जाता है। डेयरी के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार से भी जोड़ा गया है।

मोरहाबादी स्थित आश्रम प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र के रूप में कार्य करता है। कृषि की नवीनतम तकनीक और प्रशिक्षण के साथ यह केंद्र किसानों और युवाओं को जीवन कौशल से भी परिचित करने का कार्य करता है। बीएससी एग्रीकल्चर के स्टूडेंट्स ने आश्रम भ्रमण के दौरान कृषि, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन और नवीनतम तकनीक के जरिये किसानो को मिलने वाले व्यवहारिक ज्ञान का अनुभव प्राप्त किया। 37 सदस्यों के दल का नेतृत्व प्रो. हेमलता और प्रो. सुषमा प्रिया ने किया।