CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी हो गए हैं। इनके जारी होते ही उन स्टूडेंट्स का काम बढ़ गया है, जो इन दिनों 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे ।एक तरफ़ बोर्ड परीक्षा की तैयारी करनी है, दूसरी तरफ़ सीयूईटी का भी ख़्याल रखना है, ऐसे में क्या पढ़ें, कैसे पढ़ें और किसे ज़्यादा प्राथमिकता दें? यह सवाल परेशान कर सकते हैं लेकिन बोर्ड परीक्षा के बाद जो स्टूडेंट्स को आगे ले जाएगा, वो है सीयूईटी ।
सीयूईटी है क्या? कैसा होता है इसका पैटर्न कैसे ला सकते हैं अच्छा स्कोर?
देश भर के अलग-अलग केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य की, प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले के लिए जो एंट्रेंस टेस्ट होता है, उसे सीयूईटी कहते हैं. इसे हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित करती है ।देश की 48 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 36 स्टेट यूनिवर्सिटी, 26 डीम्ड यूनिवर्सिटी और 113 प्राइवेट यूनिवर्सिटी इसका हिस्सा हैं ।
सीयूईटी को लेकर एनटीए की ओर से जो इंफ़ोर्मेशन बुलेटिन जारी किया गया है, उसके मुताबिक इस परीक्षा को देने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है । कोई भी कैंडिडेट जिसने 12वीं पास की हो, वो ये परीक्षा दे सकता है । हालांकि, कैंडिडेट जिस यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट में दाखिला चाहते हैं, वहां अगर कोई उम्र की सीमा तय है, तो एडमिशन उसी के हिसाब से होगा ।
फिलहाल एनटीए ने कहा है कि ये परीक्षा इस साल 11 से 31 मई के बीच हो सकती है ।फॉर्म भरने की आख़िरी तारीख़ 30 जनवरी है ।जो स्टूडेंट तीन विषयों के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे उन्हें एक हज़ार रुपए फ़ीस देनी होगी. तीन विषय के बाद एडिशनल सब्जेक्ट एड करने पर प्रति विषय चार-चार सौ रुपये अतिरिक्त देने होंगे. आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए ये राशि कम है, जिसकी पूरी जानकारी सीयूईटी के इंफॉर्मेशन बुलेटिन में उपलब्ध है ।
एग्ज़ाम का पैटर्न?
सीयूईटी 2025 के लिए देशभर में कुल 13 लाख 54 हज़ार 699 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और इनमें से 10 लाख 71 हज़ार 735 स्टूडेंट परीक्षा में बैठे थे ।ये पेपर 13 अलग-अलग भाषाओं में हुआ, जिसमें अंग्रेज़ी, हिन्दी, असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू थीं ।
सीयूईटी परीक्षा के 3 सेक्शन :
पहला सेक्शन लैंग्वेज:
यह लैंग्वेज सेक्शन है, जिसमें 13 भाषाएं होती हैं. इसमें इंग्लिश, हिंदी, गुजराती, पंजाबी, उर्दू, असमिया जैसी भाषाएं हैं। अधिकांश यूनिवर्सिटी में लैंग्वेज का पेपर अनिवार्य होता है ।
कुछ यूनिवर्सिटी हैं, जहां ये आवश्यक नहीं होता है, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसी टॉप सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ये ज़रूरी है। कुछ कोर्स हैं, जैसे बीए इंग्लिश ऑनर्स, उसके लिए इंग्लिश लेना ज़रूरी है लेकिन आम तौर पर अधिकांश कोर्स में स्टूडेंट्स इन 13 में से कोई भी लैंग्वेज चुन सकते हैं।
दूसरे सेक्शन डोमेन सब्जेक्ट्स:
इनमें जो विषय 12वीं में स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, वो ले सकते हैं, जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इकोनॉमिक्स, अकाउंटेंसी वगैरह ।
“तीसरे सेक्शन जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट है:
GAT यानी जनरल नॉलेज, रीजनिंग, गणित से जुड़ा पेपर, मगर ये पेपर अनिवार्य नहीं है। हां, स्टेट यूनिवर्सिटी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने या फिर स्कोर को बेहतर बनाने के लिए स्टूडेंट्स को इसे देने की सिफारिश की जाती है।
हर विषय में 50-50 सवाल पूछे जाएंगे. हर सही जवाब के लिए 5 नंबर मिलेंगे और गलत के लिए एक नंबर कट जाएगा। वहीं, सवाल छोड़ने पर कुछ नहीं मिलेगा, न ही अंक कटेंगे।
कुल पांच पेपर होते हैं, तो 250 मार्क्स का पेपर होता है. हर विषय के पेपर को सॉल्व करने के लिए 60 मिनट मिलते हैं। स्टूडेंट्स को ये सारे यानी 37 पेपर नहीं देने होते हैं ।एनटीए कहता है कि कोई स्टूडेंट अधिकतम लैंग्वेज और GAT मिलाकर पांच पेपर दे सकता है।
CUET की तैयारी कैसे करें:
- परीक्षा के दो महीने पहले से सीयूईटी की तैयारी करनी शुरू कर दें, लेकिन पूरा ध्यान बोर्ड परीक्षा पर रखें।
- बिना कोचिंग के भी सीयूईटी में अच्छा स्कोर लाया जा सकता है।
- एनसीईआरटी का सिलेबस ध्यान से पढ़ें। इसकी इतनी प्रैक्टिस कर लें कि कोई संदेह न बचे।
- नियमित रूप से मॉक टेस्ट देते रहें।
- पिछले साल के प्रश्नपत्र का बराबर अभ्यास करें।
- टाइम मैनेजमेंट सबसे अहम है. क्योंकि बोर्ड की परीक्षा तीन घंटे की होती है और सीयूईटी एक घंटे की।
