प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना केंद्र सरकार की ख़ास पहल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की टॉप 500 कंपनियों से इंटर्नशिप स्कीम में भागीदारी बढ़ाने की अपील की है। केंद्रीय वित्त मंत्री दिनों PMIS APP लांच किया वहीं कोलकाता में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जुड़ी जानकारियां देने के लिए पहला सुविधा केंद्र भी शुरू हो गया है। सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत 1.25 लाख इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है. इसकी पायलट परियोजना 3 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई थी. इस योजना में 327 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और अब तक 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर अधिसूचित किए गए हैं। PM Internship Scheme के जो भी युवा फॉर्म भरकर निबंधन करना चाहते हैं मोबाइल एप्प उनके लिए मददगार साबित होगा जबकि इंटर्नशिप से जुड़ी हर जानकारी सुविधा केंद्रों में मिलेगी। केंद्र सरकार की योजना कोलकाता की ही तरह देशभर में 47 सुविधा केंद्र बनाने की है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का मौका दिया जाए। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत युवाओं को 12 महीने तक ₹5,000 प्रति माह और ₹6,000 का एकमुश्त अनुदान मिलेगा। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का ऑफिशियल पोर्टल चलाने वाली संस्था भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन जियोइंफॉर्मेटिक्स (BISAG) ने ही इस मोबाइल एप को बनाया है।
क्या है पीएम इंटर्नशिप योजना ?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को अपने बजट भाषण के दौरान युवाओं के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार ने युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के उद्देश्य से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
इस योजना के तहत इंटर्नशिप के लिए चयनित युवाओं को 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें इंटर्नशिप ज्वाइन करने पर 6000 रुपये की मदद दी जाएगी। इंटर्नशिप की अवधि 12 माह की होगी। चालू वित्त वर्ष में 1.25 लाख युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है। इस योजना पर 800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस योजना के तहत 5 साल में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने का बहरहाल लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार इंटर्नशिप प्रदान करने के लिए एक व्यापक योजना शुरू करने वाली है। इसके तहत 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को 500 शीर्ष कंपनियों में प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा। उन्हें व्यापार के अलग- अलग क्षेत्र में 12 माह तक गुर सीखने के साथ ही रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा। इसके साथ ही सभी इंटर्नों को बीमा की सुविधा भी दी जाएगी।
पहले चरण में उम्मीदवार पोर्टल पर 12 से 25 अक्टूबर के बीच अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आवेदन करने वालों को 26 अक्टूबर को फाइनल किया जाएगा। कंपनियां उम्मीदवारों का चयन 12 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच करेगी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों के पास कंपनियों की इंटर्नशिप पेशकश स्वीकार करने के लिए 8 से 15 नवंबर तक का समय दिया जाएगा। इंटर्नशिप 2 दिसंबर से शुरू होगी जो कि 12 महीने तक चलेगी।
इंटर्नशिप के लिए चयनित युवाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कंपनियां चयनित उम्मीदवारों को अतिरिक्त बीमा दुर्घटना योजना उपलब्ध करा सकती है। पायलट परियोजना का प्रथम चरण दिसंबर के प्रथम सप्ताह में पूरी होने की संभावना है। इसके बाद इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण का नियम इस योजना में भी लागू होगा।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन ?
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर दिए गए रजिस्ट्रेशन के लिंक पर क्लिक करें।
- मांगी गई डिटेल को दर्ज करें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
- एक बार फार्म जरूर क्रॉस चेक करें इसके बाद ही सबमिट करें।
आवेदन करने के लिए पात्रता:
फुल टाइम नौकरी और पढ़ाई नहीं कर रहे 21 साल से 24 साल के युवा इसके लिए पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन एजुकेशन प्रोग्राम से जुड़े उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र हैं। जिन उम्मीदवारों ने हाई स्कूल, उच्च माध्यमिक स्कूल से परीक्षा पास की है, आईटीआई का प्रमाण पत्र है, पॉलिटेक्निक संस्थान से डिप्लोमा है, या बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए, बी फार्मा जैसी डिग्री के साथ स्नातक हैं, वे इसके लिए पात्र होंगे।
कौन नहीं कर सकता है आवेदन:
इसमें जिन उम्मीदवारों के परिवार में किसी सदस्य की सालाना आय 2023-24 में 8 लाख रुपये से अधिक थी, उन्हें इस योजना से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है।
