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CUET परीक्षा 2025 हुए कई बड़े बदलाव । जानिए विकल्प वाले प्रश्न क्यों हटाए जायेंगे

CUET UG और CUET PG परीक्षा 2025 से बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2025 के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जल्द ही ड्राफ्ट फॉर्म में जारी किए जाएंगे, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से फीडबैक आमंत्रित किया जायेगा। यूजीसी ने परीक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया थे

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कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट CUET परीक्षा क्या है जानिए।
CUET जिसे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के नाम से जाना जाता है। यह परीक्षा UG (बैचलर) और PG (मास्टर्स) कार्यक्रमों के लिए आयोजित की जाती है। पहले इस परीक्षा का नाम सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) था, लेकिन इसमें संशोधन करके इसका नाम CUET रख दिया गया है। यह देश भर में केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य विश्वविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर में प्रवेश का एकमात्र जरिया है। परीक्षा का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।

CUET 2025 में होने वाले अहम बदलाव क्या हैं ?

  • CUET 2025 सीबीटी (Computer Based Test) मोड में आयोजित होगी।
  • परीक्षा के विषय की संख्या 63 से घटकर 37 कर दी गई है।
  • परीक्षा की अवधि 60 मिनट कर दी जाएगी।
  • परीक्षार्थी उन विषयों का भी चुनाव कर सकते हैं जो 12 वीं में नहीं पढ़ा है।
  • परीक्षा में ऑप्शनल प्रश्नों को समाप्त कर दिया गया है अब सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।

परीक्षा में बदलाव की जरुरत क्यों पड़ी।
2022 में पहली बार आयोजित CUET-UG परीक्षा तकनीकी खामियों से भरा था। NTA को इसके अलावा लॉजिस्टिक्स चुनातियों का भी सामना करना पड़ा था। 2024 से शुरू हुए हाइब्रिड मोड को भी परीक्षा रद्द होने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा।

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आपको विश्वास नहीं होगा ये शब्द है वर्ड ऑफ़ द ईयर 2024

ब्रेन रॉट ऐसा कोई शब्द सुना है अपने। नहीं तो फिर अब जल्द ही यह शब्द सबकी जुबान पर चढ़ने वाला है। घंटों मोबाइल फ़ोन पर मिम्स और रील देखते रहने वालों के लिए ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी प्रेस डिक्शनरी में यह शब्द उपलब्ध है। जिसका अर्थ किसी व्यक्ति की मानसिक या बौद्धिक स्थिति का कथित रूप से बिगड़ना है। ब्रेन रॉट कोई नया शब्द नहीं बल्कि इसका प्रयोग पहले भी साहित्यिक कृतियों में हो चुका है।

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Brain Rot किसे कहते हैं ?
मोबाइल पर घंटों की बेमतलब घंटों रील देखते रहने की आदत को ब्रेन रॉट कहा जाता है। इस बढ़ते ट्रेंड के कारण ऑक्स फोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रेन रॉट शब्द को वर्ड ऑफ द इयर चुना है। इस शब्द के यूज में एक साल के अंदर 230 फीसदी की वृद्धि के कारण ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रेन रॉट शब्द को वर्ष 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर घोषित किया है. यह ऐसी आदत है जिससे न केवल हमारा समय बरबाद होता है बल्कि इसका असर हमारे मेंटल एबिलटी पर और सोचने समझने की क्षमता पर भी पड़ता है।

ब्रेन रॉट शब्द का इतिहास क्या है?
पहली बार ‘ब्रेन रॉट’ का इस्तेमाल 1854 में हेनरी डेविड थोरो की किताब वॉल्डेन में हुआ था। इस किताब में थोरो ने कहा था जो इंग्लैंड आलू की सड़न (Rot) को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, क्या कोई ब्रेन रॉट को ठीक करने की कोशिश करेगा, जो इससे ज्यादा खतरनाक है?” थोरो ने इसे उस समय की माइंडसेट पर कटाक्ष के रूप में लिखा था, जब लोग अच्छे और सही विचारों को छोड़ कर आसान और सुपरफिशियल बातों की ओर आकर्षित हो रहे थे।

जेन G और जेन Z के बीच लोकप्रिय है ब्रेन रॉट
ब्रेन रॉट शब्द का दायरा काफी बड़ा है। इसके व्यापक अर्थों की बात करें तो यह शब्द सोशल मीडिया पर ऑनलाइन सामग्री को ज़्यादा देखने के परिणामों पर चिंता के रूप में है। इसका एक मतलब किसी व्यक्ति की मानसिक या बौद्धिक स्थिति का कथित रूप से बिगड़ना। इसका एक अर्थ ऑनलाइन दुनिया के लिए हमारी नाराज़गी को दर्शाने वाले शब्द के रूप में भी है जी का प्रयोग करके हम सोशल मीडिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को बयां करते हैं।

ब्रेन रॉट केवल एक शब्द नहीं है, यह एक चेतावनी भी है कि हमें अपने डिजिटल जीवन के प्रति सतर्क रहना होगा। ब्रेन रॉट के अलावा पांच अन्य शब्द शब्दों ने भी टॉप 5 में जगह बनाई है, ये शब्द है-डिम्योर, डायनेमिक प्राइसिंग, लोर, रोमांटैसी, और स्लोप।

VISION 2025 Blog JRU

डिजिटल भुगतान की दिशा में भारत का भुगतान विजन 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपना ‘पेमेंट विजन 2025’ दस्तावेज जारी किया है जिसका लक्ष्य डिजिटल भुगतान में तीन गुना वृद्धि करना है। यह केंद्रीय बैंक डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा तथा नकदी के चलन को कम करने पर जोर देगा। इस दस्तावेज में उभरते भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए घरेलू भुगतान प्रणालियों की सुरक्षा के बारे में भी बात की गई है, जिसमें भुगतान लेनदेन के घरेलू प्रसंस्करण को अनिवार्य करने की जरूरत शामिल है। RBI ने हर उपयोगकर्ता को सुरक्षित, तीव्र, सुलभ और किफायती ई भुगतान सुविधा उपलब्ध करने के उद्देश्य से डिजिटल पेमेंट विजन 2025 प्रस्तुत किया है।

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विजन दस्तावेज का मुख्य विषय – ई-भुगतान सभी के लिए, सभी जगह, हर वक्त है। इसका समग्र उद्देश्य प्रत्येक उपयोगकर्ता को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक, सुलभ और किफायती ई-भुगतान विकल्प देना है।केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि पेमेंट विजन 2025 विभिन्न हितधारकों के सुझाव और आरबीआई की भुगतान तथा निपटान प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण बोर्ड के मार्गदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है।

भुगतान विज़न 2025 के 5 लक्ष्य निर्धारण हैं : दस्तावेज़ की समग्रता, समावेश, नवाचार, संस्थागतकरण और अंतर्राष्ट्रीयकरण ।

RBI PV 2025 4E का थीम

  • ई – पेमेंट्स फॉर एवरीवन,एवरीवेयर, एवरीटाइम
  • डिजिटल भुगतान की दिशा में भारत का भुगतान विजन 2025

भुगतान विज़न 2025 पहल का महत्व

  • सभी भुगतान अभिकर्ता के लिए एक मानदंड ।
  • भारतीय भुगतान प्रणालियों की वैश्विक पहुँच ।

इलाज से बेहतर सावधानी का सिद्धांत:

आज हमारे पास जो कानूनी उपाय हैं, वे डिजिटल लेन देन के खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

भारत एक नकदी आधारित अर्थव्यवस्था रहा है। डिजिटल मुद्रा में स्थानांतरित करने के सरकार के प्रयासों के बावजूद, आम लोग आज भी नकदी में विश्वास करते हैं। एक डेटा के अनुसार 2020 में भारत की 53% आबादी इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करती है।

2023 में देश में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को ऑनलाइन डिजिटल भुगतान के धोखाधड़ी से जुड़ी 11 लाख शिकायतें मिलीं हैं जिनमें से 47% मामले UPI से धोखाधड़ी के हैं।

Jharkhand jssc cgl exam controversy explained in 37 points

झारखंड एसएससी सीजीएल का विवाद, पूरा मामला क्या है?

Ranchi: झारखंड एसएससी सीजीएल का विवाद – पुरा विवरण 37 पॉइंट्स में

  1. JSSC CGL परिणाम आने के बाद से ही लगातार छात्र परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रहे हैं.
  2. अभ्यर्थियों ने परीक्षा के परिणाम रद्द करवाने के लिए हजारीबाग बंद करने का आवाहन किया था.
  3. हजारों छात्र सड़क पर लाठी-डंडा लेकर उतर पड़े. सड़क पर अभ्यर्थी दुकानें बंद करवाते दिखे.
  4. अभ्यर्थी की मांग थी कि JSSC CGL का परिणाम रद्द किया जाए और पुनः एग्जाम कराया जाए.
  5. इस एग्जाम को कदाचार मुक्त और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों से बचने के सरकार ने इंटरनेट भी झारखंड में बंद कर दिया था | फिर भी एग्जाम विवादों में आ ही गया.
  6. अभ्यर्थियों का कहना था कि लगातार झारखंड सरकार सरकारी नौकरी बेचने का काम कर रही है.
  7. आगे कहा कि आनन फानन में JSSC CGL का परिणाम घोषित कर दिया गया
  8. जिसमें 21 तारीख में हुए एग्जाम से महज 83 छात्रों का रिजल्ट आया हैं
  9. वहीं 22 तारीख के पेपर में 2000 से अधिक अभ्यर्थियों का रिजल्ट आया है जो साफ दिखलाता है कि दूसरे दिन का पेपर लीक हो चुका था.
  10. छात्र इस बात को लेकर अड़े हुए हैं कि सीजीएल परीक्षा हर हाल में रद्द करके फिर से परीक्षा ली जाए.
  11. जगह-जगह पर सड़कों पर टायर जलाकर इसका विरोध भी किया जा रहा है.
  12. वहीं जिला प्रशासन छात्रों से इस बात को लेकर समझा रहे हैं कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी, वे सड़क जाम समाप्त करें.

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JSSC ने CGL – 16 से 20 दिसंबर तक अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन होगा.

13. आयोग की ओर से जारी रिजल्ट में निर्धारित पद से 10 फीसदी अधिक अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है.

14. चयनित अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन 16 से 20 दिसंबर के बीच किया जाएगा.

15. आयोग ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए प्रतिदिन सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे और दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक का समय तय किया है.

16. अभ्यर्थियों को निर्धारित समय और तिथि पर प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए उपस्थित होने को कहा गया है.
17. इसके लिए उक्त तिथि के लिए अभ्यर्थियों का रोल नंबर जारी कर दिया गया है.
18. परीक्षा का विस्तृत रिजल्ट आयोग की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है.

19. गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 21 और 22 सितंबर को झारखंड स्नातक पात्रता संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा यानी सीजीएल 2023 आयोजित की थी.

20. जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत कर छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया था
21. इस परीक्षा में आयोग को 6,39,900 अभ्यर्थियों से वैध आवेदन प्राप्त हुए थे
22. जिनमें से 3,04,769 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे.
23. परीक्षा आयोजित करने के लिए जेएसएससी ने 24 जिलों में 823 परीक्षा केंद्र बनाए थे.

2015 से जारी है नियुक्ति प्रक्रिया

इन पदों के लिए अब तक पांच बार नियुक्ति विज्ञापन जारी किया जा चुका है –

पद संख्या

सहायक प्रशाखा पदाधिकारी – 863
कनीय सचिवालय सहायक – 335
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी -182
प्लानिंग असिस्टेंट – 05
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी – 195
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी – 252
अंचल निरीक्षक – 185

बैकलॉग पद

कनीय सचिवालय सहायक – 08

24. सबसे पहले 2015 में स्नातक स्तरीय पदों के लिए भर्ती जारी की गई थी.
25. लेकिन विज्ञापन में कई त्रुटियों के कारण झारखंड हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था.
26. 2019 में एक बार फिर नया विज्ञापन जारी किया गया.
27. 2015 में फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों को इसमें मौका जरूर दिया गया था.
28. लेकिन झारखंड में मैट्रिक इंटर पास अनिवार्य कर दिए जाने के कारण एक बार फिर इस पर ग्रहण लग गया और इसे रोक दिया गया.
29. 2021 में एक बार फिर नया विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट से नियोजिन नीति रद्द होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा.
30. चौथी बार जून 2023 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने यह विज्ञापन जारी किया.
31. जिसकी परीक्षा पहले 15 और 16 अक्टूबर को होनी थी
32. लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया और इसे 16-17 दिसंबर को निर्धारित किया गया.
33. लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण परीक्षा नहीं हो सकी.
34. आयोग ने फिर 28 जनवरी और 4 फरवरी को परीक्षा लेने की तैयारी की
35. लेकिन प्रश्नपत्र लीक होते ही आयोग की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं.
36. आखिरकार विवादों के बीच आयोग ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए अभ्यर्थियों की सूची जारी करने में सफलता हासिल कर ली है
37. लेकिन छात्रों के तेवर से ऐसा लग रहा है कि विवाद थमने वाला नहीं है.